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इतिहास मिटाया जा सकता है, पर जनता के मन का सच नहीं मिटाया जा सकता है। कांदिवली लोखंडवाला से ठाकुर विलेज रोड का भूमिपूजन साल 2017 में कांग्रेस नगरसेविका अजंता यादव के प्रयासों से संपन्न हुआ था। आज भले ही सत्ताधारियों में इस काम का श्रेय लेने की होड़ मची हो और इसका मूल पट्टिका भी गायब कर दी गई हो, फिर भी इस कार्य से जुड़े फोटो सच बता रहे हैं। मैडम अजंता यादव ने यह काम शुरू किया था और आज कोई भी आकर इसका श्रेय ले रहा है; लेकिन पोस्ट में कहा गया है कि उन्हें कोई परवाह नहीं है, क्योंकि राजनीति से ज़्यादा उन्हें काम पूरा होने और जनता को राहत मिलने की खुशी है।
Abhishek ranjan C E O
इतिहास मिटाया जा सकता है, पर जनता के मन का सच नहीं मिटाया जा सकता है। कांदिवली लोखंडवाला से ठाकुर विलेज रोड का भूमिपूजन साल 2017 में कांग्रेस नगरसेविका अजंता यादव के प्रयासों से संपन्न हुआ था। आज भले ही सत्ताधारियों में इस काम का श्रेय लेने की होड़ मची हो और इसका मूल पट्टिका भी गायब कर दी गई हो, फिर भी इस कार्य से जुड़े फोटो सच बता रहे हैं। मैडम अजंता यादव ने यह काम शुरू किया था और आज कोई भी आकर इसका श्रेय ले रहा है; लेकिन पोस्ट में कहा गया है कि उन्हें कोई परवाह नहीं है, क्योंकि राजनीति से ज़्यादा उन्हें काम पूरा होने और जनता को राहत मिलने की खुशी है।
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- एफआईआर (FIR) का नाम सुनते ही, खान सर की छात्राएं पुलिसकर्मियों के सामने एकत्र हो गईं और उन पर जोरदार तरीके से उमड़ पड़ीं। इस दौरान छात्राओं ने अपनी तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की।1
- भागलपुर और आसपास के लाखों लोगों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर निर्मित बेली ब्रिज का शनिवार को विधिवत उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही पुल पर वाहनों की आवाजाही बहाल हो गई। लंबे समय बाद सेतु पर आवागमन की रफ्तार लौटने से क्षेत्र के लोगों ने गहरी राहत महसूस की है। इससे पहले, विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी, जिससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि पुल पर सामान्य यातायात कब बहाल होगा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया। निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद शनिवार को इसका उद्घाटन किया गया, जिसके फलस्वरूप वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो सका। पुल के फिर से चालू होते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और कोसी क्षेत्र के निवासियों को अब आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। यातायात व्यवस्था सुचारू होने से उनका समय और दूरी, दोनों की बचत होगी। यह बेली ब्रिज का उद्घाटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है और उम्मीद है कि इससे लंबे समय से चली आ रही यातायात की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।1
- भागलपुर में गंगा नदी पर बने पुल का आज एक मंत्री ने उद्घाटन किया, जिसके बाद यह आवाजाही के लिए शुरू हो गया है। इस पुल के चालू होने से अब सभी यात्री आराम से आ-जा सकेंगे। हालांकि, यात्रा में थोड़ी कठिनाई भी महसूस की जा रही है।1
- आज से बेली ब्रिज को जनता के लिए खोल दिया गया है। इसके खुलने से अब लोगों का सफर आसान हो जाएगा और क्षेत्र में विकास की गति तेज़ होने की उम्मीद है।1
- भागलपुर के लोगों के लिए लंबे इंतजार के बाद एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है, क्योंकि विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर आवागमन बहाल हो गया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी। बॉर्डर रोड संगठन (बीआरओ) द्वारा सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर एक बेली ब्रिज का निर्माण किया गया, जिसका उद्घाटन आज बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने किया। इस अवसर पर, मंत्री ने बेली ब्रिज के निर्माण में दिन-रात मेहनत करने वाले बीआरओ के टीएम अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उद्घाटन के तुरंत बाद, सेतु पर वाहनों का परिचालन शुरू हो गया है। करीब एक महीने बाद विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बहाल होने से भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों ने राहत की साँस ली है, जिससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों और आम लोगों को अब काफी सुविधा मिलेगी। इस उद्घाटन के मौके पर प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र और पथ निर्माण सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने भी इस अवसर पर अपनी बात रखी।1
- इतिहास मिटाया जा सकता है, पर जनता के मन का सच नहीं मिटाया जा सकता है। कांदिवली लोखंडवाला से ठाकुर विलेज रोड का भूमिपूजन साल 2017 में कांग्रेस नगरसेविका अजंता यादव के प्रयासों से संपन्न हुआ था। आज भले ही सत्ताधारियों में इस काम का श्रेय लेने की होड़ मची हो और इसका मूल पट्टिका भी गायब कर दी गई हो, फिर भी इस कार्य से जुड़े फोटो सच बता रहे हैं। मैडम अजंता यादव ने यह काम शुरू किया था और आज कोई भी आकर इसका श्रेय ले रहा है; लेकिन पोस्ट में कहा गया है कि उन्हें कोई परवाह नहीं है, क्योंकि राजनीति से ज़्यादा उन्हें काम पूरा होने और जनता को राहत मिलने की खुशी है।1
- खान सर के कोचिंग संस्थान की छात्राओं ने उनके समर्थन में बेबाक अंदाज में अपनी आवाज बुलंद की है। इन लड़कियों ने चुनौती भरे लहजे में कहा है कि वे देखना चाहती हैं कि ‘आप’ एक शिक्षक को कैसे गिरफ्तार करते हैं।1
- भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बने बेली ब्रिज का 7 जून को विधिवत उद्घाटन कर दिया गया। इस उद्घाटन के साथ ही पूर्वांचल और सिर्माचल के लोगों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है, और पुल पर वाहनों की आवाजाही एक बार फिर शुरू हो गई है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद हजारों लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, और उनकी नजरें इस बात पर टिकी थीं कि आखिर कब पुल पर आवागमन सामान्य होगा। बॉर्डर रोड संगठन (BRO) ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कम समय में बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर दिखाया। खास बात यह रही कि BRO की टीम ने जिला प्रशासन को जो समय सीमा दी थी, उसी के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर पुल को तैयार कर दिया। दिन-रात की मेहनत और तकनीकी दक्षता का परिणाम आज लोगों के सामने दिखाई दिया, जब उद्घाटन के साथ ही पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। पुल के शुरू होने से यातायात व्यवस्था पहले की तरह सुचारू हो सकेगी। बेली ब्रिज का यह उद्घाटन न सिर्फ एक निर्माण कार्य की सफलता है, बल्कि यह लोगों की उम्मीदों और भरोसे पर BRO टीम के खरा उतरने का प्रतीक भी है। उद्घाटन के अवसर पर जिलाधिकारी भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर प्रमोद कुमार यादव और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के अधीक्षण अभियंता बिपिन चंद्र कुमार भी मौजूद थे।1
- Post by Dulal Kumar1