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कलेक्टर टीकमगढ़ (म.प्र.) श्री विवेक श्रोत्रिय ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है, जिसमें अब खाद प्राप्त करने के लिए e-Vikas पोर्टल पर पंजीकरण एवं बुकिंग कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों को पहले Farmer Registry पर अपना पंजीयन कराना होगा, तत्पश्चात e-Vikas पोर्टल पर पंजीकरण करके ऑनलाइन खाद बुकिंग सुनिश्चित करनी होगी। यह प्रक्रिया समय पर पंजीयन एवं बुकिंग के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही है।
MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
कलेक्टर टीकमगढ़ (म.प्र.) श्री विवेक श्रोत्रिय ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है, जिसमें अब खाद प्राप्त करने के लिए e-Vikas पोर्टल पर पंजीकरण एवं बुकिंग कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों को पहले Farmer Registry पर अपना पंजीयन कराना होगा, तत्पश्चात e-Vikas पोर्टल पर पंजीकरण करके ऑनलाइन खाद बुकिंग सुनिश्चित करनी होगी। यह प्रक्रिया समय पर पंजीयन एवं बुकिंग के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही है।
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- मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन जी ने महत्वपूर्ण ऑन द स्पॉट फैसले लिए हैं, जिनके परिणामस्वरूप हर गरीब और असहाय व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आई है। इन त्वरित निर्णयों से जनता में सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है, जिससे उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान हो सका है।1
- छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आज, 6 जून को सुबह करीब 11:30 बजे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों की प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दिशा में, ग्राम पंचायत सरसेड़ में खेत तालाब का कार्य शुरू न होने के कारण सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और सरपंच के विरुद्ध धारा 40 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। नौगांव के उपयंत्री अमित तिवारी का तीन दिन का वेतन काटने तथा तत्कालीन उपयंत्री आकांक्षा तिवारी पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उपयंत्रियों की संविदा अवधि का विस्तार अब उनके कार्य प्रदर्शन और प्रगति रिपोर्ट के आधार पर ही किया जाएगा। बैठक के दौरान पीएम आवास योजना, लखपति दीदी अभियान, स्व-सहायता समूहों के बैंक खाते, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। साथ ही, कमजोर प्रगति वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।1
- छतरपुर जिले में तंजीम अताए मुस्तफा कमेटी ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक ज्ञापन सौंपा है। समिति ने इस ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात और मांगे पुलिस प्रशासन तक पहुंचाई हैं।1
- छतरपुर के ऊजरा गांव में नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य के दौरान ब्रिज नहीं दिए जाने से नाराज ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि ब्रिज के अभाव में उन्हें आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और यातायात को रोक दिया। इस प्रदर्शन के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे घंटों तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक ब्रिज निर्माण को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- टीकमगढ़ में एक पॉलिटेक्निक छात्र को निर्वस्त्र कर बंधक बनाने, मारपीट करने और रुपये मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन पीड़ित छात्र के पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। छात्र के पिता का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को जो आवेदन दिया था, उसमें कई गंभीर आरोप शामिल थे, लेकिन पुलिस ने अपनी प्राथमिकी में उन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल नहीं किया। वहीं, टीकमगढ़ पुलिस कोतवाली के प्रभारी रवि भूषण पाठक का कहना है कि घटना में जो तथ्य पाए गए हैं, उसी के हिसाब से मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे प्रकरण के बाद अब पुलिस की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में आ गई है।2
- टीकमगढ़ जिले में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार जारी है, जिसके चलते अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के नेतृत्व में लागू 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने अवैध खनन कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। एक समय अवैध रेत खनन के लिए चर्चा में रहने वाला टीकमगढ़ जिला अब प्रशासन की सख्ती का गवाह बन रहा है, जहाँ यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जहां भी अवैध खनन की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है; जिन क्षेत्रों में कभी दिन-रात अवैध खनन का खेल चलता था, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है और कार्रवाई के डर से कई अवैध कारोबारियों ने अपने वाहन तथा मशीनें तक बंद कर दी हैं। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने दोहराया है कि "जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।" प्रशासन का कहना है कि यह मुहिम केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अवैध खनन करने वालों के लिए अब टीकमगढ़ में कोई जगह नहीं बची है और प्रशासन का यह अभियान लगातार जारी रहेगा, जिसमें आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होने के संकेत हैं।4
- छतरपुर जिले को अपराध अनुसंधान के लिए एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने आज, 6 जून को दोपहर करीब 4:00 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय से इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य संकलन की सुविधा उपलब्ध कराएगी, जिससे अपराधों के खुलासे और दोषसिद्धि दर में सुधार की उम्मीद है। इस आधुनिक वैन में डीएसएलआर कैमरा, फिंगरप्रिंट किट, डीएनए सैंपल कलेक्शन किट, थर्मल प्रिंटर, बॉडी-वॉर्न कैमरा, विस्फोटक एवं मादक पदार्थ पहचान किट सहित कई उन्नत उपकरण लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह नई सुविधा जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनाएगी।1
- दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' को जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है। पार्टी के मुखिया अभिजीत दिप्के के अमेरिका से दिल्ली पहुंचने पर, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर ही उनसे मुलाकात की। अधिकारियों ने अभिजीत को वहीं सूचित किया कि धरने की अनुमति दे दी गई है और वे सीधे जंतर मंतर जा सकते हैं, पुलिस थाने जाने की आवश्यकता नहीं है। यह अनुमति ऐसे समय में मिली है जब दिल्ली पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में जंतर मंतर पर कई अन्य समूहों को धरने की इजाजत नहीं दी थी। इनमें विपक्ष, महिला पहलवान, किसान और बलात्कार पीड़ित शामिल रहे हैं। किसानों को रोकने के लिए सड़कों पर कंटीले तार और सीमेंट के अवरोधक लगाए गए थे, और महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटने जैसी कार्रवाई भी की गई थी, जिसकी याद दिलाई गई है। फिलहाल जंतर मंतर पर युवाओं का पहुंचना जारी है। एक वीडियो भी सामने आया है जो अभिजीत दिप्के के दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचने के अवसर का है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील के बम्हौरी कला थाना क्षेत्र के नगरी गाँव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गाँव के पास खेतों में पिछले दो दिनों से 11 हजार केवी की बिजली लाइन का तार टूटा पड़ा था, जिसकी चपेट में आने से किसान बृजेश प्रजापति की तीन दुधारू गायों सहित कई पशुओं की मौत हो गई। मृतकों में एक कुत्ता और एक जंगली जानवर भी शामिल हैं, वहीं ग्रामीणों का दावा है कि कुल दो कुत्तों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि नगरी-पहाड़ी मार्ग के पास करीब दो दिन पहले 11 हजार केवी बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। उन्होंने तुरंत बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन समय रहते न तो लाइन बंद की गई और न ही तार की मरम्मत कराई गई। इसी लापरवाही के चलते खेतों की ओर जा रहे पशु करंट की चपेट में आ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, और गाँव में शोक व गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जनपद सदस्य सुनील रजक ने मामले की जानकारी विधायक हरिशंकर खटीक को दी, जिसके बाद विधायक के हस्तक्षेप से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जतारा के कार्यपालन यंत्री राहुल श्रीवास्तव को अवगत कराया गया। इसके उपरांत बिजली कर्मचारी मौके पर पहुँचे और लाइन की मरम्मत की गई। पुलिस प्रशासन को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पीड़ित किसान ने शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने तथा पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तार को समय पर ठीक कर दिया जाता तो बेजुबान पशुओं की जान बचाई जा सकती थी, और यह भी चिंता व्यक्त की कि यदि यह तार आबादी वाले क्षेत्र में गिरता तो कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1