मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील के बम्हौरी कला थाना क्षेत्र के नगरी गाँव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गाँव के पास खेतों में पिछले दो दिनों से 11 हजार केवी की बिजली लाइन का तार टूटा पड़ा था, जिसकी चपेट में आने से किसान बृजेश प्रजापति की तीन दुधारू गायों सहित कई पशुओं की मौत हो गई। मृतकों में एक कुत्ता और एक जंगली जानवर भी शामिल हैं, वहीं ग्रामीणों का दावा है कि कुल दो कुत्तों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि नगरी-पहाड़ी मार्ग के पास करीब दो दिन पहले 11 हजार केवी बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। उन्होंने तुरंत बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन समय रहते न तो लाइन बंद की गई और न ही तार की मरम्मत कराई गई। इसी लापरवाही के चलते खेतों की ओर जा रहे पशु करंट की चपेट में आ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, और गाँव में शोक व गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जनपद सदस्य सुनील रजक ने मामले की जानकारी विधायक हरिशंकर खटीक को दी, जिसके बाद विधायक के हस्तक्षेप से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जतारा के कार्यपालन यंत्री राहुल श्रीवास्तव को अवगत कराया गया। इसके उपरांत बिजली कर्मचारी मौके पर पहुँचे और लाइन की मरम्मत की गई। पुलिस प्रशासन को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पीड़ित किसान ने शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने तथा पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तार को समय पर ठीक कर दिया जाता तो बेजुबान पशुओं की जान बचाई जा सकती थी, और यह भी चिंता व्यक्त की कि यदि यह तार आबादी वाले क्षेत्र में गिरता तो कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील के बम्हौरी कला थाना क्षेत्र के नगरी गाँव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गाँव के पास खेतों में पिछले दो दिनों से 11 हजार केवी की बिजली लाइन का तार टूटा पड़ा था, जिसकी चपेट में आने से किसान बृजेश प्रजापति की तीन दुधारू गायों सहित कई पशुओं की मौत हो गई। मृतकों में एक कुत्ता और एक जंगली जानवर भी शामिल हैं, वहीं ग्रामीणों का दावा है कि कुल दो कुत्तों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि नगरी-पहाड़ी मार्ग के पास करीब दो दिन पहले 11 हजार केवी बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। उन्होंने तुरंत बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन समय रहते न तो लाइन बंद की गई और न ही तार की मरम्मत कराई गई। इसी लापरवाही के चलते खेतों की ओर जा रहे पशु करंट की चपेट में आ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, और गाँव में शोक व गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जनपद सदस्य सुनील रजक ने मामले की जानकारी विधायक हरिशंकर खटीक को दी, जिसके बाद विधायक के हस्तक्षेप से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जतारा के कार्यपालन यंत्री राहुल श्रीवास्तव को अवगत कराया गया। इसके उपरांत बिजली कर्मचारी मौके पर पहुँचे और लाइन की मरम्मत की गई। पुलिस प्रशासन को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पीड़ित किसान ने शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने तथा पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तार को समय पर ठीक कर दिया जाता तो बेजुबान पशुओं की जान बचाई जा सकती थी, और यह भी चिंता व्यक्त की कि यदि यह तार आबादी वाले क्षेत्र में गिरता तो कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जतारा के शासकीय नेता जी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रावास के अधिकारियों, कर्मचारियों, मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश सचिव रामरतन दीक्षित, विधायक प्रतिनिधि नाथूराम घोष और स्थानीय नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। सभी उपस्थित जनों ने मिलकर पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस दौरान, सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया। मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश सचिव रामरतन दीक्षित ने इस अवसर पर कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, प्रदूषण को कम करने और भविष्य की पीढ़ियों को एक स्वच्छ वातावरण प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण करने और प्रकृति संरक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के समापन पर बृजेश खरे ने पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का संदेश देते हुए सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के दृढ़ संकल्प के साथ संपन्न हुआ।4
- टीकमगढ़ जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ तहसीलदार ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, अवैध खनन में लिप्त रेत माफिया मौके से भाग निकले। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पांचवी पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया है। कार्रवाई के बाद, जब्त की गई पोकलेन मशीन के मालिकों को सामने लाने के लिए इश्तिहार (सार्वजनिक सूचना) भी जारी किया गया। हालांकि, इन इश्तिहारों के बावजूद अभी तक कोई भी मालिक सामने नहीं आया है।1
- कलेक्टर टीकमगढ़ (म.प्र.) श्री विवेक श्रोत्रिय ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है, जिसमें अब खाद प्राप्त करने के लिए e-Vikas पोर्टल पर पंजीकरण एवं बुकिंग कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों को पहले Farmer Registry पर अपना पंजीयन कराना होगा, तत्पश्चात e-Vikas पोर्टल पर पंजीकरण करके ऑनलाइन खाद बुकिंग सुनिश्चित करनी होगी। यह प्रक्रिया समय पर पंजीयन एवं बुकिंग के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अब किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। सरकार द्वारा ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिसके तहत किसान अपनी पसंद के किसी भी स्थान से खाद बिना लाइन लगाए आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।1
- मथुरा के बरसाना थाने में आधी रात को जमकर हंगामा हुआ, जहाँ मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के प्रतिनिधि नरदेव और थाना प्रभारी अश्वनी कुमार के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान, मंत्री के प्रतिनिधि नरदेव ने थाना प्रभारी को मंत्री को बुलाने की धमकी दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा नेता नरदेव को कथित तौर पर सत्ता के नशे में चूर बताया गया है, जो थाना प्रभारी को मंत्री का डर दिखा रहे थे। इस वायरल वीडियो के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सत्ता की ताकत है या फिर पुलिस की कमजोरी। पोस्ट के अनुसार, अगर कोई आम आदमी ऐसा करता तो उसका 'इलाज' उसी थाने में हो जाता। सवाल यह भी है कि सीनियर अधिकारी भी इस पूरी घटना के दौरान मूक दर्शक क्यों बने रहे। यह स्थिति इस पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है कि जब जनता के थानों में नेताओं का राज चलता हो, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा और जो थाना प्रभारी आम जनता पर रौब झाड़ने वाला है, वह इस स्थिति में बेबस क्यों नजर आया।1
- टीकमगढ़ में एक पॉलिटेक्निक छात्र को निर्वस्त्र कर बंधक बनाने, मारपीट करने और रुपये मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन पीड़ित छात्र के पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। छात्र के पिता का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को जो आवेदन दिया था, उसमें कई गंभीर आरोप शामिल थे, लेकिन पुलिस ने अपनी प्राथमिकी में उन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल नहीं किया। वहीं, टीकमगढ़ पुलिस कोतवाली के प्रभारी रवि भूषण पाठक का कहना है कि घटना में जो तथ्य पाए गए हैं, उसी के हिसाब से मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे प्रकरण के बाद अब पुलिस की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में आ गई है।2
- जतारा बिजली कार्यालय में हुई मारपीट की घटना के संबंध में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस मामले में कुल 9 नामजद व्यक्तियों और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई बिजली विभाग द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद अमल में लाई गई है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील के बम्हौरी कला थाना क्षेत्र के नगरी गाँव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गाँव के पास खेतों में पिछले दो दिनों से 11 हजार केवी की बिजली लाइन का तार टूटा पड़ा था, जिसकी चपेट में आने से किसान बृजेश प्रजापति की तीन दुधारू गायों सहित कई पशुओं की मौत हो गई। मृतकों में एक कुत्ता और एक जंगली जानवर भी शामिल हैं, वहीं ग्रामीणों का दावा है कि कुल दो कुत्तों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि नगरी-पहाड़ी मार्ग के पास करीब दो दिन पहले 11 हजार केवी बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। उन्होंने तुरंत बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन समय रहते न तो लाइन बंद की गई और न ही तार की मरम्मत कराई गई। इसी लापरवाही के चलते खेतों की ओर जा रहे पशु करंट की चपेट में आ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, और गाँव में शोक व गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जनपद सदस्य सुनील रजक ने मामले की जानकारी विधायक हरिशंकर खटीक को दी, जिसके बाद विधायक के हस्तक्षेप से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जतारा के कार्यपालन यंत्री राहुल श्रीवास्तव को अवगत कराया गया। इसके उपरांत बिजली कर्मचारी मौके पर पहुँचे और लाइन की मरम्मत की गई। पुलिस प्रशासन को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पीड़ित किसान ने शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने तथा पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तार को समय पर ठीक कर दिया जाता तो बेजुबान पशुओं की जान बचाई जा सकती थी, और यह भी चिंता व्यक्त की कि यदि यह तार आबादी वाले क्षेत्र में गिरता तो कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1