अनूपपुर का एकमात्र बड़ा लाडली लक्ष्मी पार्क, जो सैकड़ों बच्चों के खेलकूद और मनोरंजन का केंद्र है, अब असुरक्षा का गढ़ बनता जा रहा है। इसकी मुख्य वजह पार्क में खुलेआम घूमते हुए शिकारी और आक्रामक नस्ल के कुत्ते हैं, जिन पर नगर पालिका का कोई नियंत्रण या सख्ती नहीं दिख रही है। शाम ढलते ही जब बच्चे और परिवार पार्क में जुटते हैं, तो कुछ लोग खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना जंजीर और सुरक्षा बेल्ट के घुमाते नजर आते हैं, जिससे छोटे बच्चों के साथ किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि यह पार्क अब बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित नहीं रहा और वे हर समय भय में रहते हैं, हालांकि अभी तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है, लेकिन हालात लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं। लोगों में नगर पालिका की इस उदासीनता पर भारी नाराजगी है, क्योंकि पार्क में न तो सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं और न ही ऐसे कुत्तों के प्रवेश को लेकर कोई स्पष्ट नियम लागू किए गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका केवल सौंदर्यीकरण और दिखावे पर ध्यान दे रही है, जबकि बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल पार्क में सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, आक्रामक नस्ल के कुत्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, पार्क में चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की भी जोरदार मांग उठ रही है। शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो कोई भी अप्रिय घटना पूरे शहर को झकझोर सकती है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा अब आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुका है, और सबकी निगाहें नगर पालिका पर टिकी हैं कि वह कब तक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस गंभीर स्थिति पर ठोस कार्रवाई करती है।
अनूपपुर का एकमात्र बड़ा लाडली लक्ष्मी पार्क, जो सैकड़ों बच्चों के खेलकूद और मनोरंजन का केंद्र है, अब असुरक्षा का गढ़ बनता जा रहा है। इसकी मुख्य वजह पार्क में खुलेआम घूमते हुए शिकारी और आक्रामक नस्ल के कुत्ते हैं, जिन पर नगर पालिका का कोई नियंत्रण या सख्ती नहीं दिख रही है। शाम ढलते ही जब बच्चे और परिवार पार्क में जुटते हैं, तो कुछ लोग खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना जंजीर और सुरक्षा बेल्ट के घुमाते नजर आते हैं, जिससे छोटे बच्चों के साथ किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि यह पार्क अब बच्चों के खेलने के
लिए सुरक्षित नहीं रहा और वे हर समय भय में रहते हैं, हालांकि अभी तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है, लेकिन हालात लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं। लोगों में नगर पालिका की इस उदासीनता पर भारी नाराजगी है, क्योंकि पार्क में न तो सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं और न ही ऐसे कुत्तों के प्रवेश को लेकर कोई स्पष्ट नियम लागू किए गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका केवल सौंदर्यीकरण और दिखावे पर ध्यान दे रही है, जबकि बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल पार्क में सुरक्षा व्यवस्था
लागू करने, आक्रामक नस्ल के कुत्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, पार्क में चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की भी जोरदार मांग उठ रही है। शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो कोई भी अप्रिय घटना पूरे शहर को झकझोर सकती है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा अब आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुका है, और सबकी निगाहें नगर पालिका पर टिकी हैं कि वह कब तक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस गंभीर स्थिति पर ठोस कार्रवाई करती है।
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा वन परिक्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मानपुर ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन वन विभाग के संयुक्त संचालक योहान कटारा को देते हुए प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा मृतक परिवारों के आश्रितों के लिए अतिरिक्त राहत पैकेज की मांग की गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मानपुर के अध्यक्ष एडवोकेट उमाशंकर पटेल और इंदवार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गौरीशंकर मिश्रा के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में बताया गया है कि पनपथा वन परिक्षेत्र के कुंदरी और आसपास के गाँवों में लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएँ। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को रोजगार मुहैया कराने, संवेदनशील क्षेत्रों में तार फेंसिंग और निगरानी को सुदृढ़ करने तथा वन विभाग एवं ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की भी मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा प्रसाद गौतम, महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष अनीता सिंह, मानपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी तिलकराज सिंह, जिला उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश पटेल, युवा नेता विजय गौतम, जिला उपाध्यक्ष रामगोपाल दहिया, जिला सचिव रामकिंकर पाल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए शासन और वन विभाग जल्द ही आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके और ग्रामीणों में सुरक्षा का विश्वास बढ़े।4
- करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सनी सिंह का 12 जून को ब्यौहारी नगर परिषद क्षेत्र में भव्य आगमन हुआ, जहाँ उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। यह स्वागत मृगेंद्र सिंह सिंह गुड्डू और क्षत्रिय समाज के साथी कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर अनेक समाजबंधु और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के आगमन पर काफी उत्साह दिखाया।4
- एक लड़की के अचानक कुएं में गिर जाने के बाद उसकी जान पर बन आई, लेकिन स्थानीय लोगों और बचाव दल की तत्परता से उसे बचा लिया गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे समय पर किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन ने उसकी जिंदगी बचा ली। ईश्वर की कृपा और बचावकर्ताओं की कड़ी मेहनत से एक बड़ा हादसा टल गया। बताया गया है कि लड़की की जान बाल-बाल बची, क्योंकि बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया था। यह घटना सभी के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा संदेश देती है कि खुले कुओं और अन्य खतरनाक स्थानों के आसपास हमेशा अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। यह हादसा सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर ज़ोर देता है।1
- बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व में एक विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखी गई है। जैन ने जनधन, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला और पीएम किसान जैसी कई योजनाओं को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री पहल और मजबूत विदेश नीति के कारण भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।1
- बिलासपुर शहर के प्रमुख और व्यस्ततम महाराणा प्रताप चौक पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को सार्वजनिक शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल और स्थायी ऑटो पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या से स्थानीय व्यापारियों को भी जूझना पड़ रहा है, क्योंकि यात्रियों को लघु एवं दीर्घ शंका के लिए भटकना पड़ता है और तेज धूप या बारिश में खुले में खड़े रहना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, पेयजल और ऑटो पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने से दुकानदार भी प्रभावित हैं। इन्हीं समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर समाजसेवी अलीम अंसारी की अध्यक्षता में अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन और महाराणा प्रताप चौक व्यापारी संघ ने संयुक्त रूप से नगर निगम आयुक्त को शांतिपूर्ण ढंग से एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले चौक पर एकत्रित संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों और यात्रियों से चर्चा की गई, साथ ही मौके पर स्थिति का अवलोकन भी किया गया, जिसमें सुविधाओं का अभाव स्पष्ट रूप से सामने आया। गौरतलब है कि समाजसेवी अलीम अंसारी की संस्था अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन ने महाराणा प्रताप चौक पर अस्थायी रूप से एक प्याऊ घर की व्यवस्था की है, जहां यात्रियों को शीतल पेयजल मिलता है और यह स्थान धूप से राहत पाने के लिए एक अस्थायी प्रतीक्षालय के रूप में भी उपयोगी साबित हो रहा है। ज्ञापन प्राप्त होने के बाद नगर निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे स्वयं स्थल का निरीक्षण कर उपयुक्त स्थान का चयन करेंगे और सार्वजनिक शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधा तथा स्थायी ऑटो पार्किंग की व्यवस्था के लिए आवश्यक एवं उचित कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर समाजसेवी अलीम अंसारी, महाराणा प्रताप चौक व्यापारी संघ के अध्यक्ष विंकु भाटिया, अधिवक्ता दिनेश लहरे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, संस्था के पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अब शहरवासियों एवं यात्रियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनहित से जुड़ी इन मांगों पर अमल कब तक होता है और महाराणा प्रताप चौक को आवश्यक सुविधाएं कब तक उपलब्ध हो पाती हैं।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां और भ्रामक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की शिकायत के बाद लखनऊ, कानपुर और संतकबीर नगर समेत कई जिलों के साइबर थानों में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर कुछ अकाउंट्स द्वारा अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई थी। इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग परिवार और बेटियों के सम्मान को नहीं समझते, वे समाज की भावनाओं को भी नहीं समझ सकते। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बिलासपुर की सकरी पुलिस ने चोरी के एक मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज कुछ घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद कर लिए, जिसमें डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की अहम भूमिका रही। साईं नगर उस्लापुर निवासी नीता बघेल ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 जून की रात ड्यूटी पर जाने से पहले उन्होंने अपने घर में ताला लगाया था। अगली सुबह लौटने पर उन्हें घर का मुख्य ताला टूटा मिला और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी गायब थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 60 हजार रुपये बताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। घटनास्थल पर एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिन्होंने वैज्ञानिक तरीके से जांच की। पुलिस के डॉग ने घटनास्थल से मिले सुरागों को सूंघा और सीधे साईं नगर स्थित संदिग्धों के घर तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने विकास चतुर्वेदी (24 वर्ष) और अमन टंडन (20 वर्ष) से पूछताछ की। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक जोड़ी चांदी की पायल, दो नग चांदी के कमरबंद, एक जोड़ी सोने के कान के जेवर और एक सोने की फुल्ली सहित लगभग 60 हजार रुपये का सारा सामान बरामद कर लिया। सकरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम के बीच बेहतर समन्वय के चलते अपराध दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 570/2026 के तहत धारा 331(4) एवं 305(ए) बीएनएस के अंतर्गत कार्रवाई की है।1
- नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक बड़ी चर्चा तेजी से फैल रही है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) का कांग्रेस में विलय हो सकता है। सूत्रों के हवाले से किए जा रहे दावों के अनुसार, यदि यह विलय होता है तो लोकसभा में कांग्रेस सांसदों की संख्या 99 से बढ़कर लगभग 136 तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कांग्रेस, टीएमसी या एनसीपी (एसपी) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, और इन दावों को फिलहाल राजनीतिक अटकलों और चर्चाओं के रूप में ही देखा जा रहा है। इसी बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान भी चर्चा में है। गहलोत ने कहा है कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कभी कांग्रेस से अलग होकर बने क्षेत्रीय दलों को अब "घर वापसी" कर कांग्रेस के साथ आना चाहिए और राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के भीतर संभावित असंतोष और विपक्षी एकता की रणनीति को देखते हुए इस तरह की चर्चाओं को बल मिल रहा है। फिर भी, सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या टीएमसी और एनसीपी (एसपी) वास्तव में कांग्रेस में शामिल होने जा रही हैं, या फिर यह केवल राजनीतिक अफवाह है। इसका जवाब आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगा। यह समाचार विभिन्न सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित है, और संबंधित दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।1
- एक युवक की जेल में हुई मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया है। परिजनों द्वारा इस घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए यह जानने की मांग की जा रही है कि आखिर उनकी मौत किस तरह हुई।1