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गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में एक बाइक और कार की मामूली टक्कर के बाद हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। आरोप है कि कार सवार युवकों ने कहासुनी के बाद युवक की पिटाई कर दी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं।
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गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में एक बाइक और कार की मामूली टक्कर के बाद हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। आरोप है कि कार सवार युवकों ने कहासुनी के बाद युवक की पिटाई कर दी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं।
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- गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में एक बाइक और कार की मामूली टक्कर के बाद हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। आरोप है कि कार सवार युवकों ने कहासुनी के बाद युवक की पिटाई कर दी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं।2
- कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र में रात्रि लगभग 12:30 बजे गोली चलने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ व्यक्तियों ने आपसी कहासुनी के चलते फायरिंग की थी। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया है। घायल व्यक्ति का उपचार हैलेट अस्पताल में चल रहा है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। पुलिस ने घटना के संबंध में आरोपियों को चिन्हित करने के लिए एक टीम गठित की है और कुछ लोगों से पूछताछ भी चल रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी, और इस संबंध में डीसीपी सेंट्रल महोदय का बयान भी सामने आया है।1
- कानपुर सेंट्रल से नई दिल्ली जा रही गाड़ी संख्या 12033 शताब्दी एक्सप्रेस में 29 जून को आरपीएफ की सतर्कता के कारण एक फर्जी टीटी पकड़ा गया। यह व्यक्ति एक फर्जी पहचान पत्र के सहारे खुद को रेलवे का टीटी बताकर यात्रियों के बीच घूम रहा था। आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल के हेड कांस्टेबल लीलाधर और कांस्टेबल मनोज कुमार-2 इस ट्रेन में अनुरक्षण ड्यूटी पर तैनात थे। यात्रा के दौरान, अलीगढ़ स्टेशन से एक व्यक्ति कोच सी-11 में चढ़ा और स्वयं को टीटी बताने लगा। उसके हाव-भाव पर संदेह होने पर, आरपीएफ कर्मियों ने इस मामले में सक्रियता दिखाई। संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ करने के लिए, आरपीएफ कर्मियों ने ट्रेन के टीएस जितेंद्र सिंह यादव और कोच टीटी अनुज कुमार के साथ मिलकर कार्यवाही की।2
- बच्चों को अक्षर जोड़कर नए शब्द बनाना सिखाया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को बेहतर बनाना है, जिससे वे भाषा पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकें।1
- कानपुर में दिनदहाड़े गुंडा अनुज ठाकुर ने एक प्रार्थी को उसी के प्लॉट पर खड़े होकर उसकी 'औकात' बताने की खुलेआम धमकी दी है। जिला रिपोर्टर अनूप कुमार निषाद ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कानपुर पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि पुलिस इस 'गुंडे' पर अब भी कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो इसे 'घोर पाप' माना जाएगा और यह लांछन भी लगेगा कि पुलिस ने इस मामले में दूसरे पक्ष से पैसे ले लिए हैं। पोस्ट में हनुमंत विहार पुलिस की भूमिका पर भी तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि अनुज ठाकुर की 'गुंडई को नमन' किया जाए, जो पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाता है। साथ ही, कमिश्नर को आगाह किया गया है कि यदि प्लॉट मालिक के साथ भविष्य में कोई अनहोनी होती है, तो अभी से इस बात की जिम्मेदारी तय कर ली जाए कि किसकी जवाबदेही होगी।1
- कानपुर में पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। साढ़ थाना क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटान लगातार जारी है, जिसमें स्थानीय पुलिस और वन विभाग की कथित मिलीभगत सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, सागौन और आम जैसे हरे-भरे पेड़ों को खुलेआम काटा जा रहा है। बिरहर गाँव में जहाँ केवल दस पेड़ों की कटान की अनुमति थी, वहाँ दर्जनों पेड़ काटे जाने की सूचना है। इसके अतिरिक्त, कुडनी क्षेत्र के कीसाखेड़ा में भी हरे-भरे आम के पेड़ों पर अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग करके कटाई की जा रही है। यह मामला कानपुर कमिश्नरेट के सांढ़ थाना क्षेत्र का है, जो दर्शाता है कि पर्यावरण बचाने के सरकारी प्रयास ज़मीनी स्तर पर पूरी तरह विफल हो चुके हैं।2
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र में कथित अवैध खनन और डंपरों के बेलगाम संचालन को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार शिकायतें दर्ज कराने और सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में दौड़ने वाले डंपर तेज रफ्तार से चलते हैं और कई बार बिना तिरपाल के ही मिट्टी व खनन सामग्री का परिवहन करते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा को लगातार खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और अब किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध खनन को संरक्षण मिल रहा है और अनियमितताओं पर कार्रवाई न होने के कारण खनन गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं। ग्रामीण अब यह सवाल उठा रहे हैं कि जब लगातार शिकायतें और वीडियो सामने आ रहे हैं, तो जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आखिर किस स्तर पर अटकी हुई है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, अवैध खनन और परिवहन से जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाए और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।1
- कानपुर से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, शहर में एक फॉर्च्यूनर कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद कार सवारों ने बाइक चला रहे युवक के साथ मारपीट भी की।1