भीलवाड़ा महानगर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा देशव्यापी 'सेवा सप्ताह' के अंतर्गत रविवार को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत महानगर के सातों प्रखंडों में 21 स्थानों पर छायादार एवं फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने लगाए गए इन पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का जिम्मा भी खुद उठाया है ताकि भविष्य में ये लोगों को छाया और स्वच्छ ऑक्सीजन दे सकें। इस अभियान को लेकर प्रचार-प्रसार प्रमुख विराट सोनी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे देश में सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसके तहत भीलवाड़ा महानगर को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए यह वृक्षारोपण किया गया। बजरंग दल महानगर संयोजक मुकेश प्रजापत ने कहा कि उनका संगठन केवल धर्म और संस्कृति की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों के प्रति भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। इस दौरान पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आम जनता से भी अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। इस विशेष अवसर पर चित्तौड़ प्रांत सह संयोजक अखिलेश व्यास, प्रांत धर्माचार्य कार्यकारिणी सदस्य बालमुकुंद शर्मा, विभाग मंत्री विजय ओझा, महानगर अध्यक्ष रामप्रकाश बेहड़िया, उपाध्यक्ष भारत गैंगट, मंत्री ओमप्रकाश लड्ढा, सह मंत्री सौम्य मेहता, सुशील सुवालाका, राजकुमार माली, सह संयोजक हितेश नाथ, पवन ठाकुर, दिनेश सालवी, नीलेश सोनी, अभिषेक शर्मा सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, सातों प्रखंडों के अध्यक्ष, मंत्री, संयोजक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भीलवाड़ा महानगर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा देशव्यापी 'सेवा सप्ताह' के अंतर्गत रविवार को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत महानगर के सातों प्रखंडों में 21 स्थानों पर छायादार एवं फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने लगाए गए इन पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का जिम्मा भी खुद उठाया है ताकि भविष्य में ये लोगों को छाया और स्वच्छ ऑक्सीजन दे सकें। इस अभियान को लेकर प्रचार-प्रसार प्रमुख विराट सोनी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे देश में सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसके तहत भीलवाड़ा महानगर को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए यह वृक्षारोपण किया गया। बजरंग दल महानगर संयोजक मुकेश
प्रजापत ने कहा कि उनका संगठन केवल धर्म और संस्कृति की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों के प्रति भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। इस दौरान पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आम जनता से भी अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। इस विशेष अवसर पर चित्तौड़ प्रांत सह संयोजक अखिलेश व्यास, प्रांत धर्माचार्य कार्यकारिणी सदस्य बालमुकुंद शर्मा, विभाग मंत्री विजय ओझा, महानगर अध्यक्ष रामप्रकाश बेहड़िया, उपाध्यक्ष भारत गैंगट, मंत्री ओमप्रकाश लड्ढा, सह मंत्री सौम्य मेहता, सुशील सुवालाका, राजकुमार माली, सह संयोजक हितेश नाथ, पवन ठाकुर, दिनेश सालवी, नीलेश सोनी, अभिषेक शर्मा सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, सातों प्रखंडों के अध्यक्ष, मंत्री, संयोजक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत होने के मामले को लेकर एक जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति अस्पताल में हुई प्रसूता मौतों के मामले की जांच करेगी।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा का सबसे बड़ा महात्मा गांधी अस्पताल इस समय प्रसूताओं की लगातार मौतों को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। इस अस्पताल में पिछले महज एक सप्ताह के भीतर ही 5 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बीच, अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की सैम्पलिंग रिपोर्ट में खतरनाक बैक्टीरिया पॉजिटिव पाया गया है, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। ओटी में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने के बाद अब अस्पताल प्रशासन की संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और साफ-सफाई पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि विभाग द्वारा स्टरलाइजेशन और डिसइंफेक्शन में बरती गई लापरवाही ही इन प्रसूताओं के लिए जानलेवा साबित हुई है। फिलहाल, प्रसूताओं की हुई मौतों और ओटी में मिले बैक्टीरिया के बीच सीधे संबंध की जांच की जा रही है।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ मार्ग की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। शाहपुरा से चलानिया तक के रास्ते में जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं और सड़क की साइडें भी खराब हो चुकी हैं। इस वजह से यहां दूर-दराज से दर्शन और पेशी के लिए आने वाले यात्रियों को, विशेषकर शनिवार और रविवार को, भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां आने-जाने के लिए पर्याप्त परिवहन साधनों की भी भारी कमी है। शनिवार की रात और रविवार की सुबह केवल गिने-चुने ऑटो रिक्शा ही चलते हैं। सवारी मिलने पर ये ऑटो चालक रास्ते में आने वाले एक-दो गांवों का किराया भी चलानिया के हिसाब से ही वसूलते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है। चलानिया भैरुनाथ के पास सड़क के किनारों पर पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वाहनों को मोड़ने और साइड लेने में बेहद दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।4
- राजस्थान में सरकारी रिकॉर्ड से 'दलित' शब्द को हटाने के आदेश पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस सरकारी फैसले को लेकर राज्य में लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस आदेश पर इतना बवाल क्यों मचा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस कार्रवाई की भी बात सामने आ रही है, जिसने इस विवाद को और अधिक हवा दे दी है।1
- चित्तौड़गढ़ के धनेतकलां में सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए निःशुल्क आयुर्वेदिक दवा उपलब्ध है। इस दवा को प्राप्त करने के लिए मरीज के परिवार का कोई भी सदस्य केवल आवश्यक सामग्री अपने साथ लेकर धनेतकलां पहुंच सकता है और दवा प्राप्त कर सकता है।1
- भीलवाड़ा के आसींद कस्बे में अखिल भारतीय जैन तेरापंथ महिला मंडल के तत्वाधान में स्थानीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा दो दिवसीय 'श्री उत्सव प्रदर्शनी' का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से जिले भर से आईं समाज की महिलाओं ने विभिन्न प्रकार की स्टॉल लगाईं। इन स्टॉल के जरिए महिलाओं ने 'उन्नत भारत विकसित भारत' की राह पर आगे बढ़ते हुए महिला आत्मनिर्भरता का एक बेहद मजबूत और सकारात्मक संदेश दिया है।4
- चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के तहत आने वाली बढ़वाई पंचायत के चकतिया बावजी गांव में 24 फीट का स्वीकृत रास्ता बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और उनकी आवाज को पूरी तरह से अनसुना किया जा रहा है।2
- चित्तौड़गढ़ के ग्राम नाल में खेत की रखवाली कर रहे किसान के पास 12 फीट लंबा अजगर पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बस्सी अभयारण्य में छोड़ दिया।1