सिद्धार्थनगर जिले की शोहरतगढ़ विधानसभा के विधायक विनय वर्मा ने सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। विधायक ने मांग की है कि जांच प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर अधोमानक निर्माण कार्य कराने और तथ्यों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। विधायक का कहना है कि वे लंबे समय से सिंचाई विभाग के कुछ कार्यों में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को प्रशासन के संज्ञान में ला रहे हैं और इस संबंध में कई बार साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यों का भुगतान और पूर्णता प्रमाणित किए जाने से पहले प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण कराया जाना चाहिए। विधायक ने अपने पत्र में यह भी बताया कि सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह ने हाल ही में जिले में विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया था, जिसकी कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं थी। बाद में जानकारी मिलने पर विधायक ने दूरभाष पर मुख्य अभियंता से बात की और उन्हें संबंधित शिकायतों तथा तथ्यों से अवगत कराया। विधायक ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि मुख्य अभियंता के दौरे, समीक्षा और निरीक्षण की जानकारी जिला प्रशासन या गठित जांच समिति के संज्ञान में है या नहीं, और जनहित, पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। विधायक ने जोर दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर गुमराह करने वाली जानकारी या नियमविरुद्ध कार्यों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने विकास योजनाओं की समीक्षा प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक सिंचाई विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी।
सिद्धार्थनगर जिले की शोहरतगढ़ विधानसभा के विधायक विनय वर्मा ने सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। विधायक ने मांग की है कि जांच प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर अधोमानक निर्माण कार्य कराने और तथ्यों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। विधायक का कहना है कि वे लंबे समय से सिंचाई विभाग के कुछ कार्यों में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को प्रशासन के संज्ञान में ला रहे हैं और इस संबंध में कई बार साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यों का भुगतान और पूर्णता प्रमाणित किए जाने से पहले प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण कराया जाना चाहिए। विधायक ने अपने पत्र में यह भी बताया कि सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह ने हाल ही में जिले में विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया था, जिसकी कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं थी। बाद में जानकारी मिलने पर विधायक ने दूरभाष पर मुख्य अभियंता से बात की और उन्हें संबंधित शिकायतों तथा तथ्यों से अवगत कराया। विधायक ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि मुख्य अभियंता के दौरे, समीक्षा और निरीक्षण की जानकारी जिला प्रशासन या गठित जांच समिति के संज्ञान में है या नहीं, और जनहित, पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। विधायक ने जोर दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर गुमराह करने वाली जानकारी या नियमविरुद्ध कार्यों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने विकास योजनाओं की समीक्षा प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक सिंचाई विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी।
- सिद्धार्थनगर जिले के ग्रामीण इलाकों में भयंकर आंधी-तूफान और बारिश का मंजर देखने को मिला है, जिसके चलते क्षेत्र के गाँवों में बिजली आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इस प्रचंड तूफान और बारिश के कारण इन इलाकों में बिजली गुल हो गई है।1
- सिद्धार्थ नगर के जोगिया ग्राम पंचायत उदयपुर जोगिया स्थित पंचायत भवन में खुलेआम ई-रिक्शा चार्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इन ई-रिक्शा का इस्तेमाल सवारी ढोने जैसे व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जाता है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन की बिजली का मुफ्त में उपयोग करके ई-रिक्शा चार्ज किए जाते हैं, और फिर उनसे सड़क पर किराया कमाया जाता है। ग्राम पंचायत के पैसे का इस तरह दुरुपयोग पंचायत सचिव और प्रधान प्रशासक की देखरेख में 'लूट' का सीधा मामला है। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा ग्राम पंचायत के विकास के लिए भेजा गया पैसा इस तरह ई-रिक्शा चार्ज करने और उनसे सवारी ढोने में इस्तेमाल हो रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम पंचायत को ई-रिक्शा चार्ज का बिजली बिल भरना पड़ रहा है, जिसमें पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान प्रशासक की 'मिलीभगत की बू' आ रही है।1
- गाँव सेमरियाओ बड़ा गाँव में गंदगी एक गंभीर समस्या बन गई है, जहाँ नालियों में कचरा भरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, एक कर्मचारी नाली से कचरा निकालकर ऊपर रख देता है, लेकिन वह कचरा फिर से नाली में ही गिर जाता है। इस स्थिति के कारण पूरे गाँव में अत्यधिक गंदगी फैली हुई है, जिससे स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल गाँव की सफाई कराने की अपील की है।1
- बकरा ईद के दिन एक अत्यंत गंभीर और निंदनीय घटना सामने आई है, जहाँ हिंदू लड़कों को बकरे की कुर्बानी का झांसा देकर धोखे से बुलाया गया। इसके बाद उन लड़कों पर चाकू से कई वार किए गए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी निर्मम हत्या कर दी गई।1
- संतकबीरनगर जनपद में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच, शहर के एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता आलोक श्रीवास्तव के बंद पड़े आवास पर चोरों ने धावा बोल दिया। इस वारदात में लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई, जिससे एक बार फिर कानून-व्यवस्था और रात्रिकालीन गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, आलोक श्रीवास्तव बीते 10 अप्रैल 2026 से अपने पिता के स्वास्थ्य उपचार के लिए नोएडा में रह रहे थे, जिसके चलते उनका घर बंद था। शनिवार देर रात पड़ोसियों ने घर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं और आलोक श्रीवास्तव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर जब घर की स्थिति का जायजा लिया गया, तो चोरी की बड़ी घटना का खुलासा हुआ। आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति रात करीब 11:30 बजे से 1:50 बजे के बीच घर की रेकी करते और चोरी की घटना को अंजाम देते साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, चोरों ने सोने के आभूषणों में दो अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, एक लॉकेट और एक नथिया सहित लगभग ₹2 लाख मूल्य के जेवरात उड़ा लिए। इसके अतिरिक्त, चांदी के आभूषणों में पाजेब, कमर करधनी, कई जोड़ी पायल, बच्चों के आभूषण और चांदी के सिक्के शामिल थे, जिनकी कुल कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है। चोरों ने घर में रखी ₹5 से ₹6 हजार की नकदी भी अपने साथ ले ली। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सभासद प्रतिनिधि मुन्ना पांडे द्वारा पुलिस प्रशासन को मामले की जानकारी दिए जाने के बाद, एसओजी टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सके। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।2
- उत्तर प्रदेश के जनपद संत कबीर नगर में वृद्धा पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी को संबोधित एक शिकायत पत्र में बताया गया है कि समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की जा रही इस धांधली के कारण अधिकांश बुजुर्गों का पेंशन रोक दिया गया है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि उनका आधार या मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, जबकि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार उनके आधार नंबर और बैंक खाते सभी आवश्यक दस्तावेजों और मोबाइल से पूरी तरह लिंक हैं। शिकायत में एक विशिष्ट आधार नंबर 4822 3894 2546 का हवाला देते हुए पूछा गया है कि बैंक रिकॉर्ड के बावजूद इस उपभोक्ता का पेंशन क्यों रोका गया है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जिन लोगों का वृद्धा पेंशन रोका गया है, उनके पैसे आखिर कहाँ जा रहे हैं और कौन इन पैसों को हड़प रहा है। इसे एक गंभीर समस्या बताते हुए, पत्र में इसकी गहनता से जांच की मांग की गई है। बढ़ती कीमतों, गैस और सीएनजी के दामों में उछाल के कारण जनता पहले से ही त्राहि-त्राहि कर रही है और हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में वृद्धा पेंशन का रुक जाना जनता के लिए और भी विकट समस्या बन गया है। शासन-प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने और सभी लोगों का रोका हुआ पेंशन शीघ्र अति शीघ्र उनके बैंक खातों में जारी करने की अपील की गई है। यह जनता की प्रमुख मांग है।1
- शोहरतगढ़ थाना पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में हुई एक चोरी की घटना का त्वरित और सफल अनावरण करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई एक सोने की चेन, चांदी के दो जोड़ी पायल, दस बिछिया और ₹5,000 नकद बरामद किए हैं। विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। यह कार्रवाई जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अभिषेक महाजन के आदेशों, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के कुशल पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी (CO) शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के कुशल निर्देशन में सम्पन्न हुई। थाना शोहरतगढ़ के प्रभारी निरीक्षक (SHO) नवीन कुमार सिंह और सर्विलांस टीम की संयुक्त रणनीति इस सफलता का आधार बनी। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और सर्विलांस सेल की मदद से जाल बिछाकर, थाना शोहरतगढ़ पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 89/2026 (धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस) से संबंधित शातिर चोर को गनचौरा तालाब के पास से घेराबंदी कर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद, कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी अरमान जावेद पुत्र इजहार हुसैन निवासी वार्ड नंबर-14 (मां भारतीनगर), थाना व कस्बा शोहरतगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर की निशानदेही पर चोरी का सारा माल बरामद कर लिया गया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह, उप-निरीक्षक संतोष कुमार यादव, मुख्य आरक्षी जनार्दन प्रजापति (सर्विलांस सेल, सिद्धार्थनगर) तथा मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार यादव व प्रभाकर यादव (थाना शोहरतगढ़) शामिल रहे। इस त्वरित कार्रवाई और चोरी की घटना के खुलासे पर स्थानीय नागरिकों ने शोहरतगढ़ पुलिस और सर्विलांस टीम की जमकर सराहना की है।4