संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।
संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद,
महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।
- संतकबीरनगर जनपद में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की ₹50,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में जनपदभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना महुली के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन पुत्र अतहर हुसैन ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ले लिए थे। भुगतान के बावजूद न तो कोयला मिला और न ही रकम वापस की गई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। शिकायत मिलने के बाद, थाना महुली पुलिस और साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और बैंकिंग व तकनीकी माध्यमों से जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ठगी गई पूरी ₹50,000 की धनराशि वापस कराई गई। अपनी रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, कांस्टेबल सोनू यादव, कांस्टेबल मनोज यादव और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी शामिल रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने 'सावधानी ही सुरक्षा है' का संदेश देते हुए नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।2
- संतकबीरनगर जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से हाल ही में हुई एक चेन स्नैचिंग की घटना का खुलासा हुआ है, साथ ही आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और उनके पुराने अपराधों की परतें भी सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को मेंहदावल थाना क्षेत्र के अगिया गाँव में एक महिला अपने घर पर थी, तभी दो युवक पानी मांगने के बहाने उसके घर पहुँचे। जैसे ही महिला पानी देने लगी, एक युवक ने उसके गले से सोने की चेन झपट ली और दोनों मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, मेंहदावल पुलिस और सर्विलांस टीम को इस मामले की जाँच सौंपी गई। लगातार की गई जाँच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे की लत और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी, लूट और चेन स्नैचिंग जैसी वारदातें करते थे। उन्होंने यह भी कबूल किया कि चेन झपटने के बाद उन्होंने उसे बेच दिया था और प्राप्त अधिकांश पैसा खर्च कर दिया था। पुलिस जाँच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी कई गंभीर आपराधिक मामलों में पहले से वांछित थे। उनके खिलाफ चोरी, लूट, मारपीट और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध गांजा, मोबाइल फोन, नकदी, चोरी की मोटरसाइकिल और अन्य सामान भी बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश जारी है। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता की सराहना की है।1
- भारतीय क्रिकेट में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से तूफान मचा दिया है। राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस खिलाड़ी ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं, जिससे गेंदबाज बेबस नज़र आ रहे हैं और उनकी टीम इंडिया में एंट्री की मांग लगातार तेज़ होती जा रही है। फैन्स के साथ-साथ कई दिग्गज क्रिकेटर भी वैभव की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। इस 'वंडर बॉय' को लेकर अब 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी बड़ी बात कही है। ईएसपीएन क्रिकइंफो अवॉर्ड्स के दौरान सचिन ने वैभव को सलाह देते हुए कहा कि सबसे ज़रूरी चीज़ यह है कि वह खुद को बिल्कुल न बदलें और जैसे हैं, वैसे ही बने रहें। सचिन ने स्पष्ट किया कि वैभव की नैचुरल बल्लेबाजी से छेड़छाड़ करना गलत होगा, क्योंकि उन्हें खुद पर पूरा भरोसा है और वह अच्छी तरह जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। तेंदुलकर ने जोर दिया कि उनकी नैचुरल इंस्टिंक्ट्स के साथ बिल्कुल छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि अगर उनके दिमाग में बहुत सारी बातें डाल दी गईं और लगातार निर्देश दिए गए, तो वहीं असली समस्या शुरू होगी। उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट में उम्र और अनुभव के साथ वह अलग-अलग चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। सचिन तेंदुलकर ने वैभव की बल्लेबाजी देखने के बाद बताया कि सिर्फ गेंद को ज़ोर से मारने की क्षमता ही नहीं, बल्कि उनके रिस्टवर्क ने उन्हें सबसे ज़्यादा प्रभावित किया। सचिन के अनुसार, मैदान के हर हिस्से में शॉट खेलने के लिए शानदार रिस्टवर्क ज़रूरी होता है, और वैभव सिर्फ गेंद को स्लॉग नहीं करते, बल्कि वह बाकी बल्लेबाजों से पहले लाइन और लेंथ पढ़ लेते हैं और आराम से गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा देते हैं। सचिन ही नहीं, दुनिया के कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स भी वैभव की बल्लेबाजी तकनीक के दीवाने हो चुके हैं।2
- संतकबीरनगर के नगर क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर 4 सरैया में रविवार को सभासद दिलीप निराला के नेतृत्व में एक साइकिल वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर साइकिलें उपलब्ध कराई गईं, जहाँ लगभग 100 लाभार्थियों को साइकिलें वितरित की गईं। सभासद दिलीप निराला ने बताया कि बाजार में 5,500 से 6,000 रुपये में मिलने वाली साइकिलें जरूरतमंदों को मात्र 2,600 रुपये की सहयोग राशि पर प्रदान की जा रही हैं। दिलीप निराला के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत प्रदान करना और उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता करना है। उन्होंने देश में व्याप्त डीजल-पेट्रोल संकट का भी जिक्र किया और कहा कि यह पहल देश हित में कुछ योगदान कर सकती है, जिससे उन्हें अत्यधिक प्रसन्नता है। इस पहल से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और साइकिल प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने सभासद दिलीप निराला, उनके भतीजे विजय निराला और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जबकि क्षेत्र में इस जनहितकारी प्रयास की व्यापक चर्चा हो रही है और इसे सराहनीय पहल बताया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पूर्व सभासद टी एन गुप्ता और गोरख शर्मा ने भी सहयोग किया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों के लाभार्थियों तक साइकिलें पहुँचाने की व्यवस्था की। गोरख शर्मा ने जनता के उत्साह और विश्वास को देखकर भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्य जारी रखने की प्रेरणा लेने की बात कही। दिलीप निराला ने बताया कि जिन लोगों ने पहले ही फोन या व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कराया था, उन्हें प्राथमिकता दी गई है, और आगामी दो-चार दिनों के भीतर एक और साइकिल वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा ताकि शेष पंजीकृत लाभार्थियों को लाभ मिल सके। उन्होंने भविष्य में घरेलू उपयोग की अन्य आवश्यक वस्तुओं को भी कम लागत पर उपलब्ध कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। सभासद ने नागरिकों से अपील की है कि जिन्हें साइकिल की आवश्यकता है, वे मोबाइल नंबर 7905505731 और 9569553710 पर संपर्क कर पूर्व में पंजीकरण अवश्य करा लें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। यह पूरी पहल जनसेवा और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।3
- पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के आदेश के क्रम में संतकबीरनगर जनपद के थाना महुली में कम्युनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान ग्राम प्रहरियों से उनके-अपने गांवों की वर्तमान स्थिति, कानून एवं शांति व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं, वृद्ध एवं असहाय व्यक्तियों की स्थिति, दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं, और पुलिस या प्रशासनिक स्तर पर सहायता की आवश्यकता वाले व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। ग्राम प्रहरियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे अपने गांवों में अकेले रह रहे वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, निराश्रितों और जरूरतमंद व्यक्तियों की जानकारी नियमित रूप से पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि उनकी आवश्यकतानुसार सहायता सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्हें गांवों में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि, बाहरी व्यक्तियों के आगमन, आपसी विवादों, महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी मामलों और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली किसी भी सूचना से तत्काल पुलिस को अवगत कराने के लिए भी प्रेरित किया गया। बैठक में ग्राम प्रहरियों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना गया, जिस दौरान पुलिस और ग्रामीण समुदाय के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। उपस्थित ग्राम प्रहरियों को यह भी बताया गया कि जनसहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान से अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। थाना महुली पुलिस द्वारा इस अवसर पर क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का आश्वासन दिया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से जनता और पुलिस के बीच विश्वास एवं सहयोग को निरंतर मजबूत किया जाएगा।4
- संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रहा अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है, जिसने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को सपा कार्यकर्ता बताने वाला एक व्यक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष अब्दुल कलाम पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तस्वीर को एक पोस्टर से हटाता हुआ दिख रहा है। यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि स्वयं पार्टी के ही एक कार्यकर्ता ने लगाए हैं। इसके चलते यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या समाजवादी पार्टी संगठन के भीतर सब कुछ ठीक चल रहा है, और क्या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में गुटबाजी बढ़ रही है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और न ही जिला अध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। वीडियो में सामने आए आरोप संबंधित व्यक्ति के निजी बयान मात्र हैं। बावजूद इसके, वायरल वीडियो ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि सपा के अंदर असंतोष की चर्चा अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी की उसके प्रेमी से लव मैरिज करवाने के महज 10 दिन बाद ही खूनी हमला कर दिया। यह घटना गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल डुमरी नंबर-दो (संझाई टोला) में हुई। पति ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर प्रेमी युवक और उसके परिजनों पर बीच सड़क पर कुल्हाड़ी (टांगी) से हमला किया।1