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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी की उसके प्रेमी से लव मैरिज करवाने के महज 10 दिन बाद ही खूनी हमला कर दिया। यह घटना गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल डुमरी नंबर-दो (संझाई टोला) में हुई। पति ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर प्रेमी युवक और उसके परिजनों पर बीच सड़क पर कुल्हाड़ी (टांगी) से हमला किया।
Pooja sharma
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी की उसके प्रेमी से लव मैरिज करवाने के महज 10 दिन बाद ही खूनी हमला कर दिया। यह घटना गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल डुमरी नंबर-दो (संझाई टोला) में हुई। पति ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर प्रेमी युवक और उसके परिजनों पर बीच सड़क पर कुल्हाड़ी (टांगी) से हमला किया।
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- संतकबीरनगर जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से हाल ही में हुई एक चेन स्नैचिंग की घटना का खुलासा हुआ है, साथ ही आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और उनके पुराने अपराधों की परतें भी सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को मेंहदावल थाना क्षेत्र के अगिया गाँव में एक महिला अपने घर पर थी, तभी दो युवक पानी मांगने के बहाने उसके घर पहुँचे। जैसे ही महिला पानी देने लगी, एक युवक ने उसके गले से सोने की चेन झपट ली और दोनों मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, मेंहदावल पुलिस और सर्विलांस टीम को इस मामले की जाँच सौंपी गई। लगातार की गई जाँच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे की लत और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी, लूट और चेन स्नैचिंग जैसी वारदातें करते थे। उन्होंने यह भी कबूल किया कि चेन झपटने के बाद उन्होंने उसे बेच दिया था और प्राप्त अधिकांश पैसा खर्च कर दिया था। पुलिस जाँच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी कई गंभीर आपराधिक मामलों में पहले से वांछित थे। उनके खिलाफ चोरी, लूट, मारपीट और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध गांजा, मोबाइल फोन, नकदी, चोरी की मोटरसाइकिल और अन्य सामान भी बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश जारी है। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता की सराहना की है।1
- संतकबीरनगर के नगर क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर 4 सरैया में रविवार को सभासद दिलीप निराला के नेतृत्व में एक साइकिल वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर साइकिलें उपलब्ध कराई गईं, जहाँ लगभग 100 लाभार्थियों को साइकिलें वितरित की गईं। सभासद दिलीप निराला ने बताया कि बाजार में 5,500 से 6,000 रुपये में मिलने वाली साइकिलें जरूरतमंदों को मात्र 2,600 रुपये की सहयोग राशि पर प्रदान की जा रही हैं। दिलीप निराला के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत प्रदान करना और उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता करना है। उन्होंने देश में व्याप्त डीजल-पेट्रोल संकट का भी जिक्र किया और कहा कि यह पहल देश हित में कुछ योगदान कर सकती है, जिससे उन्हें अत्यधिक प्रसन्नता है। इस पहल से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और साइकिल प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने सभासद दिलीप निराला, उनके भतीजे विजय निराला और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जबकि क्षेत्र में इस जनहितकारी प्रयास की व्यापक चर्चा हो रही है और इसे सराहनीय पहल बताया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पूर्व सभासद टी एन गुप्ता और गोरख शर्मा ने भी सहयोग किया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों के लाभार्थियों तक साइकिलें पहुँचाने की व्यवस्था की। गोरख शर्मा ने जनता के उत्साह और विश्वास को देखकर भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्य जारी रखने की प्रेरणा लेने की बात कही। दिलीप निराला ने बताया कि जिन लोगों ने पहले ही फोन या व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कराया था, उन्हें प्राथमिकता दी गई है, और आगामी दो-चार दिनों के भीतर एक और साइकिल वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा ताकि शेष पंजीकृत लाभार्थियों को लाभ मिल सके। उन्होंने भविष्य में घरेलू उपयोग की अन्य आवश्यक वस्तुओं को भी कम लागत पर उपलब्ध कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। सभासद ने नागरिकों से अपील की है कि जिन्हें साइकिल की आवश्यकता है, वे मोबाइल नंबर 7905505731 और 9569553710 पर संपर्क कर पूर्व में पंजीकरण अवश्य करा लें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। यह पूरी पहल जनसेवा और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।3
- पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के आदेश के क्रम में संतकबीरनगर जनपद के थाना महुली में कम्युनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान ग्राम प्रहरियों से उनके-अपने गांवों की वर्तमान स्थिति, कानून एवं शांति व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं, वृद्ध एवं असहाय व्यक्तियों की स्थिति, दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं, और पुलिस या प्रशासनिक स्तर पर सहायता की आवश्यकता वाले व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। ग्राम प्रहरियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे अपने गांवों में अकेले रह रहे वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, निराश्रितों और जरूरतमंद व्यक्तियों की जानकारी नियमित रूप से पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि उनकी आवश्यकतानुसार सहायता सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्हें गांवों में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि, बाहरी व्यक्तियों के आगमन, आपसी विवादों, महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी मामलों और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली किसी भी सूचना से तत्काल पुलिस को अवगत कराने के लिए भी प्रेरित किया गया। बैठक में ग्राम प्रहरियों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना गया, जिस दौरान पुलिस और ग्रामीण समुदाय के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। उपस्थित ग्राम प्रहरियों को यह भी बताया गया कि जनसहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान से अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। थाना महुली पुलिस द्वारा इस अवसर पर क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का आश्वासन दिया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से जनता और पुलिस के बीच विश्वास एवं सहयोग को निरंतर मजबूत किया जाएगा।4
- संतकबीरनगर जिले में सोशल मीडिया पर एक युवक द्वारा युवती से छेड़खानी किए जाने का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद, पुलिस ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और त्वरित विधिक कार्यवाही की। इस संबंध में, अपर पुलिस अधीक्षक, संतकबीरनगर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को संज्ञान में लेकर संबंधित थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर, आरोपी युवक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी तरह की छेड़खानी, उत्पीड़न या महिला अपराध से जुड़े मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ, आमजन से यह भी अपील की गई है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- कुशीनगर जिले के मथौली में अब गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी। यहां बिना किसी पैसे के शुद्ध आरओ पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को गर्मी से निपटने में मदद मिलेगी।1
- दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की धुंआधार पारी के मुरीद हो गए हैं, जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स के आईपीएल 2026 सफर के समाप्त होने के बावजूद क्रिकेट प्रेमियों को एक शानदार ट्रीट दी। राजस्थान रॉयल्स शुक्रवार (29 मई) रात क्वालिफायर 2 में गुजरात टाइटन्स से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई, जिससे टीम की आईपीएल खिताब जीतने की उम्मीदें खत्म हो गईं। इस हार के बाद गुजरात टाइटन्स फाइनल में पहुंच गई है, जहां उसका मुकाबला रविवार (31 मई) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा। मैच खत्म होने के तुरंत बाद, अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस युवा क्रिकेटर की प्रतिभा की प्रशंसा की। इतनी कम उम्र में सूर्यवंशी के टैलेंट की तारीफ करते हुए एक्टर ने हिंदी में लिखा, "सूर्यवंशी कमाल का 15 साल का सूर्या। उस उम्र में तो मैं ठीक से कंचे या गिल्ली-डंडा भी नहीं खेल पाता था!" उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी जोड़ा, "Sooryavanshi - १५ साल की उम्र का अद्भुत सूर्या । इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे !!" यह पोस्ट देखते ही देखते प्रशंसकों के बीच वायरल हो गई और कई लोगों ने बच्चन की बात से सहमति जताई। एक यूजर ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए लिखा कि आईपीएल का बहुत बड़ा प्रशंसक न होने के बावजूद, राजस्थान रॉयल्स के हारने का बस एक ही दुख है कि अब उन्हें वैभव सूर्यवंशी की एक और पारी देखने को नहीं मिलेगी। टीम की हार के बावजूद, सूर्यवंशी के प्रदर्शन को प्रशंसकों और क्रिकेट प्रेमियों से खूब तारीफ मिली है।1
- संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रहा अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है, जिसने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को सपा कार्यकर्ता बताने वाला एक व्यक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष अब्दुल कलाम पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तस्वीर को एक पोस्टर से हटाता हुआ दिख रहा है। यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि स्वयं पार्टी के ही एक कार्यकर्ता ने लगाए हैं। इसके चलते यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या समाजवादी पार्टी संगठन के भीतर सब कुछ ठीक चल रहा है, और क्या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में गुटबाजी बढ़ रही है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और न ही जिला अध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। वीडियो में सामने आए आरोप संबंधित व्यक्ति के निजी बयान मात्र हैं। बावजूद इसके, वायरल वीडियो ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि सपा के अंदर असंतोष की चर्चा अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है।1
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने दावा किया है कि शीर्ष प्रबंधन के एकतरफा और अव्यावहारिक फैसलों ने राज्य की बिजली व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है। राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में उपभोक्ता बिजली संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि बिजली कर्मी अत्यधिक कार्यभार, संसाधनों की कमी और उत्पीड़नात्मक नीतियों के बीच काम करने को विवश हैं। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि पहले संबंधित जेई या एसडीओ किसी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था के लिए सीधे जवाबदेह होते थे, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान त्वरित होता था। हालांकि, वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद कार्यों को विभिन्न विंगों में बांट दिया गया है, जिससे जवाबदेही लगभग खत्म हो गई है। उपभोक्ता अब यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि उनकी समस्या के लिए कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है। नई व्यवस्था ने शिकायत निस्तारण को केवल 1912 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टलों तक सीमित कर दिया है, जहाँ शिकायतें तो दर्ज होती हैं लेकिन उनका समयबद्ध समाधान नहीं हो पाता। गलत बिलिंग, मीटर संबंधी समस्याएं, लंबे विद्युत अवरोध और तकनीकी खामियों के कारण आम जनता को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। समिति के पदाधिकारी ई0 राम करण ने बताया कि ग्राउंड लेवल पर समन्वय पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिससे छोटे-छोटे कार्यों के लिए उपभोक्ताओं को कई स्तरों पर भटकना पड़ता है। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि शीर्ष प्रबंधन जमीनी वास्तविकताओं से पूरी तरह कटा हुआ है और कर्मचारियों तथा अभियंताओं के अनुभवों एवं सुझावों की उपेक्षा करते हुए 'तुगलकी निर्णय' थोप रहा है। वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने के साथ-साथ 20-25 वर्षों का अनुभव रखने वाले संविदा कर्मियों को भी काम से बाहर कर दिया गया है, जिसके दुष्परिणाम अब विद्युत व्यवस्था और उपभोक्ताओं दोनों को भुगतने पड़ रहे हैं। समिति के पदाधिकारी संजय यादव ने बताया कि भीषण गर्मी में उत्तर प्रदेश की विद्युत मांग देश में सर्वाधिक स्तर पर पहुँच चुकी है। ऐसे में प्रदेश के बिजली कर्मचारी और अभियंता माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशों के अनुसार उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ दिन-रात कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन कर्मचारियों और अभियंताओं से संवाद करने को भी तैयार नहीं है। समिति के पदाधिकारी संतोष गुप्ता ने कहा कि बिजली व्यवस्था में सुधार हेतु कर्मचारियों एवं अभियंताओं द्वारा दिए गए व्यावहारिक और सकारात्मक सुझावों पर विचार करने के बजाय प्रबंधन लगातार उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ कर रहा है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और विद्युत व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग की विफल व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कर उसे वापस लिया जाए। साथ ही, अनुभवी संविदा कर्मियों की सेवाएँ पुनः बहाल की जाएँ, सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ समाप्त की जाएँ, और कर्मचारियों एवं अभियंताओं को विश्वास में लेकर एक व्यावहारिक व जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए। इसी क्रम में, आज संत कबीर नगर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में ई0 राम करण, ई0 भागीरथी प्रसाद, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, नारायण चंद्र चौरसिया, संजय यादव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार समेत कई अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।1
- कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों पर लगातार दूसरे दिन हुए कथित हमलों ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक दिन पहले TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित धक्का-मुक्की और विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं, वहीं अगले दिन पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को भी विरोध और कथित हमले का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और लोकतंत्र में असहमति की अभिव्यक्ति के तरीकों पर गंभीर बहस छिड़ गई है। प्राप्त वीडियो और तस्वीरों में सांसदों के चारों ओर भीड़, नारेबाजी और तनावपूर्ण स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। TMC नेताओं का आरोप है कि ये घटनाएं सुनियोजित तरीके से विपक्षी आवाजों को दबाने और डराने के लिए की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। पार्टी ने दोनों घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि निर्वाचित सांसद भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। TMC ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की भी मांग की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में विचारों का टकराव स्वाभाविक है, लेकिन यदि यह हिंसा, धमकी या शारीरिक हमलों तक पहुंचे तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। वहीं, संवैधानिक और राजनीतिक मामलों के जानकारों ने तर्क दिया है कि लोकतंत्र की असली शक्ति विरोधी विचारों को सुनने और तर्क एवं संवाद से जवाब देने में है। इन घटनाओं के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जहाँ कुछ नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है तो अन्य ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हाल के वर्षों में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर चिंता व्यक्त की जाती रही है, और लगातार दो दिनों में दो सांसदों से जुड़े इन विवादों ने इस बहस को और तेज़ कर दिया है कि क्या लोकतांत्रिक संवाद की जगह टकराव और आक्रामक राजनीति ले रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि असहमति को दबाने के लिए हिंसा, घेराव या डराने-धमकाने की प्रवृत्ति बढ़ती है, तो यह स्वतंत्र अभिव्यक्ति और राजनीतिक सहभागिता, जो लोकतंत्र की बुनियादी भावनाएं हैं, उनके लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। (नोट: यह खबर सार्वजनिक रूप से सामने आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और दावों पर आधारित है; किसी भी हमले या आरोप की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही मानी जाएगी।)2