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कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों पर लगातार दूसरे दिन हुए कथित हमलों ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक दिन पहले TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित धक्का-मुक्की और विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं, वहीं अगले दिन पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को भी विरोध और कथित हमले का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और लोकतंत्र में असहमति की अभिव्यक्ति के तरीकों पर गंभीर बहस छिड़ गई है। प्राप्त वीडियो और तस्वीरों में सांसदों के चारों ओर भीड़, नारेबाजी और तनावपूर्ण स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। TMC नेताओं का आरोप है कि ये घटनाएं सुनियोजित तरीके से विपक्षी आवाजों को दबाने और डराने के लिए की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। पार्टी ने दोनों घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि निर्वाचित सांसद भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। TMC ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की भी मांग की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में विचारों का टकराव स्वाभाविक है, लेकिन यदि यह हिंसा, धमकी या शारीरिक हमलों तक पहुंचे तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। वहीं, संवैधानिक और राजनीतिक मामलों के जानकारों ने तर्क दिया है कि लोकतंत्र की असली शक्ति विरोधी विचारों को सुनने और तर्क एवं संवाद से जवाब देने में है। इन घटनाओं के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जहाँ कुछ नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है तो अन्य ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हाल के वर्षों में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर चिंता व्यक्त की जाती रही है, और लगातार दो दिनों में दो सांसदों से जुड़े इन विवादों ने इस बहस को और तेज़ कर दिया है कि क्या लोकतांत्रिक संवाद की जगह टकराव और आक्रामक राजनीति ले रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि असहमति को दबाने के लिए हिंसा, घेराव या डराने-धमकाने की प्रवृत्ति बढ़ती है, तो यह स्वतंत्र अभिव्यक्ति और राजनीतिक सहभागिता, जो लोकतंत्र की बुनियादी भावनाएं हैं, उनके लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। (नोट: यह खबर सार्वजनिक रूप से सामने आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और दावों पर आधारित है; किसी भी हमले या आरोप की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही मानी जाएगी।)

2 hrs ago
user_SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
Teacher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों पर लगातार दूसरे दिन हुए कथित हमलों ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक दिन पहले TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित धक्का-मुक्की और विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं, वहीं अगले दिन पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को भी विरोध और कथित हमले का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और लोकतंत्र में असहमति की अभिव्यक्ति के तरीकों पर गंभीर बहस छिड़ गई है। प्राप्त वीडियो और तस्वीरों में सांसदों के चारों ओर भीड़, नारेबाजी और तनावपूर्ण स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। TMC नेताओं का आरोप है कि ये घटनाएं सुनियोजित तरीके से विपक्षी आवाजों को दबाने और डराने के लिए की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। पार्टी ने दोनों घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि निर्वाचित सांसद भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। TMC ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की भी मांग की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में विचारों का टकराव स्वाभाविक है, लेकिन यदि यह हिंसा, धमकी या शारीरिक

हमलों तक पहुंचे तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। वहीं, संवैधानिक और राजनीतिक मामलों के जानकारों ने तर्क दिया है कि लोकतंत्र की असली शक्ति विरोधी विचारों को सुनने और तर्क एवं संवाद से जवाब देने में है। इन घटनाओं के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जहाँ कुछ नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है तो अन्य ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हाल के वर्षों में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर चिंता व्यक्त की जाती रही है, और लगातार दो दिनों में दो सांसदों से जुड़े इन विवादों ने इस बहस को और तेज़ कर दिया है कि क्या लोकतांत्रिक संवाद की जगह टकराव और आक्रामक राजनीति ले रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि असहमति को दबाने के लिए हिंसा, घेराव या डराने-धमकाने की प्रवृत्ति बढ़ती है, तो यह स्वतंत्र अभिव्यक्ति और राजनीतिक सहभागिता, जो लोकतंत्र की बुनियादी भावनाएं हैं, उनके लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। (नोट: यह खबर सार्वजनिक रूप से सामने आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और दावों पर आधारित है; किसी भी हमले या आरोप की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही मानी जाएगी।)

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  • कुशीनगर जिले के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव में एक युवक की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक युवक की पहचान संदीप यादव के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। उसका शव गांव के बाहर बने मोबाइल टावर के पास फेंका हुआ मिला, जिसके बाद सुबह के समय हड़कंप मच गया। परिजनों के अनुसार, संदीप रात लगभग 11 बजे घर से निकला था और उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और कई अहम सुराग जुटाए। पुलिस इस मामले की विभिन्न पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है। इकलौते बेटे की हत्या से परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है और गांव में शोक का माहौल है।
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    कुशीनगर जिले के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव में एक युवक की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक युवक की पहचान संदीप यादव के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। उसका शव गांव के बाहर बने मोबाइल टावर के पास फेंका हुआ मिला, जिसके बाद सुबह के समय हड़कंप मच गया।

परिजनों के अनुसार, संदीप रात लगभग 11 बजे घर से निकला था और उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इस सनसनीखेज हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और कई अहम सुराग जुटाए। पुलिस इस मामले की विभिन्न पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है। इकलौते बेटे की हत्या से परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है और गांव में शोक का माहौल है।
    user_Abulaish Ansari Kushinagr News
    Abulaish Ansari Kushinagr News
    Youth Social Services Organisation पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ देवरिया जिले की बरहज विधानसभा के बरहज देवरिया मार्ग पर थाली बजाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से बिजली बिल में दस प्रतिशत सरचार्ज बढ़ाने और बेलगाम महंगाई के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने भाजपा सरकार पर जनता को महंगाई की आग में झोंकने और उन्हें ठगने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, महंगाई आसमान छू रही है, और उत्तर प्रदेश में बिजली 10% और महंगी हो गई है। रावत ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि बिजली कटौती अलग और महंगा बिल अलग, यही भाजपा का "डबल इंजन मॉडल" है। विजय रावत ने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों से प्रदेश और केंद्र दोनों में भाजपा की सरकार है, लेकिन महंगाई कम करने के बजाय जनता को लगातार महंगाई के दलदल में धकेला जा रहा है और उन्हें धोखा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने महंगाई कम करने का वादा कर सरकार बनाई थी, पर सत्ता में आने के बाद महंगाई को आसमान पर पहुंचा दिया है, जिससे प्रदेश और देश की जनता खुद को भाजपा को वोट देकर ठगा हुआ महसूस कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य सजीव तिवारी, राहुल सिंह, पवन पांडेय, अजीत सिंह, अमित प्रधान, प्रदीप सिंह, विरेंद्र चौधरी, विजय यादव समेत कई अन्य सपा नेता उपस्थित रहे। श्री रावत ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई कम नहीं हुई और बिजली बिल में बढ़ा हुआ सरचार्ज वापस नहीं लिया गया, तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जन जागरूकता अभियान चलाकर पूरे जनपद के गांवों में धरना देंगे और जन आंदोलन छेड़ेंगे।
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    समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ देवरिया जिले की बरहज विधानसभा के बरहज देवरिया मार्ग पर थाली बजाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से बिजली बिल में दस प्रतिशत सरचार्ज बढ़ाने और बेलगाम महंगाई के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने भाजपा सरकार पर जनता को महंगाई की आग में झोंकने और उन्हें ठगने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, महंगाई आसमान छू रही है, और उत्तर प्रदेश में बिजली 10% और महंगी हो गई है। रावत ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि बिजली कटौती अलग और महंगा बिल अलग, यही भाजपा का "डबल इंजन मॉडल" है।

विजय रावत ने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों से प्रदेश और केंद्र दोनों में भाजपा की सरकार है, लेकिन महंगाई कम करने के बजाय जनता को लगातार महंगाई के दलदल में धकेला जा रहा है और उन्हें धोखा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने महंगाई कम करने का वादा कर सरकार बनाई थी, पर सत्ता में आने के बाद महंगाई को आसमान पर पहुंचा दिया है, जिससे प्रदेश और देश की जनता खुद को भाजपा को वोट देकर ठगा हुआ महसूस कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य सजीव तिवारी, राहुल सिंह, पवन पांडेय, अजीत सिंह, अमित प्रधान, प्रदीप सिंह, विरेंद्र चौधरी, विजय यादव समेत कई अन्य सपा नेता उपस्थित रहे।

श्री रावत ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई कम नहीं हुई और बिजली बिल में बढ़ा हुआ सरचार्ज वापस नहीं लिया गया, तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जन जागरूकता अभियान चलाकर पूरे जनपद के गांवों में धरना देंगे और जन आंदोलन छेड़ेंगे।
    user_Sunil kumar sharma
    Sunil kumar sharma
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सकरापर गाँव के वार्ड नंबर 8 में स्थित शिव जी के मंदिर में 31 मई 2026 को एक शिव चर्चा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक चर्चा इसी निर्धारित तिथि पर शिव मंदिर परिसर में संपन्न होगी।
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    सकरापर गाँव के वार्ड नंबर 8 में स्थित शिव जी के मंदिर में 31 मई 2026 को एक शिव चर्चा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक चर्चा इसी निर्धारित तिथि पर शिव मंदिर परिसर में संपन्न होगी।
    user_Vinod
    Vinod
    देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • पीड़ित पति मनीष कुमार ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से अपनी पत्नी और बच्चे को वापस भिजवाने की गुहार लगाई है। मनीष कुमार के अनुसार, उनकी शादी सोनल से 2022 में हुई थी और उनका दाम्पत्य जीवन काफी खुशहाल चल रहा था, जिसके बाद उन्हें एक लड़का भी हुआ। उनका आरोप है कि समय बीतने के साथ उनकी पत्नी के मायके वाले लगातार उनसे संपर्क करते रहे, जिसके कारण उनकी पत्नी बच्चे को लेकर अपने माता-पिता के पास चली गई। मनीष कुमार का कहना है कि काफी मान-मनौव्वल के बाद भी उनकी पत्नी वापस नहीं आ रही हैं, और वह तथा उनका परिवार पत्नी व बच्चे के लिए तड़प रहा है।
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    पीड़ित पति मनीष कुमार ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से अपनी पत्नी और बच्चे को वापस भिजवाने की गुहार लगाई है। मनीष कुमार के अनुसार, उनकी शादी सोनल से 2022 में हुई थी और उनका दाम्पत्य जीवन काफी खुशहाल चल रहा था, जिसके बाद उन्हें एक लड़का भी हुआ। उनका आरोप है कि समय बीतने के साथ उनकी पत्नी के मायके वाले लगातार उनसे संपर्क करते रहे, जिसके कारण उनकी पत्नी बच्चे को लेकर अपने माता-पिता के पास चली गई। मनीष कुमार का कहना है कि काफी मान-मनौव्वल के बाद भी उनकी पत्नी वापस नहीं आ रही हैं, और वह तथा उनका परिवार पत्नी व बच्चे के लिए तड़प रहा है।
    user_Pradeep srivastv
    Pradeep srivastv
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बुद्ध इंटर कॉलेज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच B.Ed प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सैकड़ों अभ्यर्थी पहुंचे।
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    बुद्ध इंटर कॉलेज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच B.Ed प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सैकड़ों अभ्यर्थी पहुंचे।
    user_MANOJ KUMAR YADAV
    MANOJ KUMAR YADAV
    Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • देवरिया जिले में धनगर समाज के लोगों ने अहिल्याबाई होल्कर की जयंती मनाई। इस अवसर पर, समाज के सदस्यों ने डोल नगारों के साथ एक पैदल यात्रा निकाली। यह यात्रा जिला कलेक्ट्रेट पहुँची, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।
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    देवरिया जिले में धनगर समाज के लोगों ने अहिल्याबाई होल्कर की जयंती मनाई। इस अवसर पर, समाज के सदस्यों ने डोल नगारों के साथ एक पैदल यात्रा निकाली। यह यात्रा जिला कलेक्ट्रेट पहुँची, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।
    user_Sunil kumar sharma
    Sunil kumar sharma
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बकरीद के दिन हिंदू लड़के सूर्या चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी मोहम्मद असद को उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। इस कार्रवाई पर लोगों ने 'नो जेल नो बेल सीधे अल्लाह से मेल' जैसे नारे के साथ संतुष्टि व्यक्त की है, जो इस मामले को लेकर व्याप्त जन आक्रोश को दर्शाता है।
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    बकरीद के दिन हिंदू लड़के सूर्या चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी मोहम्मद असद को उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। इस कार्रवाई पर लोगों ने 'नो जेल नो बेल सीधे अल्लाह से मेल' जैसे नारे के साथ संतुष्टि व्यक्त की है, जो इस मामले को लेकर व्याप्त जन आक्रोश को दर्शाता है।
    user_Times of Uttar Pradesh
    Times of Uttar Pradesh
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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