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पीड़ित पति मनीष कुमार ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से अपनी पत्नी और बच्चे को वापस भिजवाने की गुहार लगाई है। मनीष कुमार के अनुसार, उनकी शादी सोनल से 2022 में हुई थी और उनका दाम्पत्य जीवन काफी खुशहाल चल रहा था, जिसके बाद उन्हें एक लड़का भी हुआ। उनका आरोप है कि समय बीतने के साथ उनकी पत्नी के मायके वाले लगातार उनसे संपर्क करते रहे, जिसके कारण उनकी पत्नी बच्चे को लेकर अपने माता-पिता के पास चली गई। मनीष कुमार का कहना है कि काफी मान-मनौव्वल के बाद भी उनकी पत्नी वापस नहीं आ रही हैं, और वह तथा उनका परिवार पत्नी व बच्चे के लिए तड़प रहा है।
Pradeep srivastv
पीड़ित पति मनीष कुमार ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से अपनी पत्नी और बच्चे को वापस भिजवाने की गुहार लगाई है। मनीष कुमार के अनुसार, उनकी शादी सोनल से 2022 में हुई थी और उनका दाम्पत्य जीवन काफी खुशहाल चल रहा था, जिसके बाद उन्हें एक लड़का भी हुआ। उनका आरोप है कि समय बीतने के साथ उनकी पत्नी के मायके वाले लगातार उनसे संपर्क करते रहे, जिसके कारण उनकी पत्नी बच्चे को लेकर अपने माता-पिता के पास चली गई। मनीष कुमार का कहना है कि काफी मान-मनौव्वल के बाद भी उनकी पत्नी वापस नहीं आ रही हैं, और वह तथा उनका परिवार पत्नी व बच्चे के लिए तड़प रहा है।
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- सकरापर गाँव के वार्ड नंबर 8 में स्थित शिव जी के मंदिर में 31 मई 2026 को एक शिव चर्चा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक चर्चा इसी निर्धारित तिथि पर शिव मंदिर परिसर में संपन्न होगी।1
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- Post by विजय कुमार1
- देवरिया के डीएम ने तीन कटानरोधी कार्य परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।1
- जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को जनपद में संचालित तीन महत्वपूर्ण कटानरोधी कार्य परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध के किमी 0.825 से किमी 1.140 के मध्य चल रही कटानरोधी परियोजना से हुई। लगभग ₹584.22 लाख लागत की इस परियोजना के तहत हो रहे कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि कटानरोधी कार्य हर हाल में समय से पहले पूरे होने चाहिए, और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके बाद, उन्होंने सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर भागलपुर कस्बे की सुरक्षा के लिए संचालित कटानरोधी कार्य का निरीक्षण किया। लगभग ₹679.09 लाख की लागत से 330 मीटर लंबाई में कराए जा रहे इस कार्य को तेजी से और बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के बाएं तट पर निर्मित तुर्तीपार-चुरिया तटबंध की सुरक्षा हेतु कराए जा रहे पीचिंग और कटानरोधी कार्यों का भी जायजा लिया। लगभग ₹753.19 लाख लागत वाली इस परियोजना के तहत तटबंध के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर जारी कार्यों की समीक्षा करते हुए, उन्हें समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कटानरोधी परियोजनाएं जनहित और नदी तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, राहुल चौधरी, विवेक कुमार और सोनू कुमार जूनियर इंजीनियर सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- देवरिया जनपद के बोरडीह ग्राम में 1931 को जन्मे पूर्व विधान परिषद सदस्य, शिक्षाविद और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय पंडित परशुराम मणि त्रिपाठी की आदमकद प्रतिमा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देवरिया के भुजौली तिराहे पर स्थापित की गई है। पूरे प्रदेश में उनकी ख्याति एक योग्य शिक्षाविद के रूप में थी, और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक श्रेष्ठ कार्यकर्ता भी थे। पंडित त्रिपाठी ने 1953 के कश्मीर आंदोलन से लेकर इमरजेंसी और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे 1992 में भारतीय जनता पार्टी के स्नातक क्षेत्र से प्रथम एमएलसी चुने गए, जहाँ उन्होंने शिक्षक संघ के एक बड़े चेहरे पंचानन राय को हराकर यह सीट जीती थी। उच्च सदन के सदस्य के रूप में, उन्होंने विधान परिषद में प्रभावी भूमिका निभाई तथा समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। वे विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सभापति भी रहे। भाजपा और संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता, शालीनता और समाज सेवा को सदैव सराहा। उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक पूरी निष्ठा के साथ भाजपा और संघ की रीति-नीति में विश्वास करते हुए अनेक आंदोलनों और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए यह प्रतिमा स्थापित की। इस प्रतिमा के अनावरण समारोह की खास विशेषता यह रही कि इसमें सभी दलों के नेता, जिनमें जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी, देवी प्रसाद सिंह, मोहन सिंह और एमएलसी श्याम सुंदर दास शामिल थे, सम्मिलित रहे।1
- Post by विजय कुमार1
- देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र के कैथवलिया गांव में एक युवती ने अपने प्रेमी से शादी करने की जिद में विद्युत टावर पर चढ़कर करीब दो घंटे तक 'हाई वोल्टेज ड्रामा' किया। युवती लगातार अपने प्रेमी से शादी कराने की मांग पर अड़ी रही। पुलिस और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। घटना के बाद, पुलिस ने युवती के परिजनों और प्रेमी पक्ष को तरकुलवा थाने बुलाया और उनसे पूछताछ की।1