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आगरा में मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ सुभाष बाजार स्थित एक कपड़े की दुकान भरभराकर गिर गई। थाना मंटोला क्षेत्र के सुभाष बाजार में हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस हादसे के बाद कई लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है, जिसमें एक महिला सहित 4 से 5 लोगों के फंसे होने की बात सामने आई है। बारिश को इस आफत की वजह बताया जा रहा है और यह आशंका भी जताई जा रही है कि नाले के ऊपर बनी यह दुकान ही हादसे का कारण हो सकती है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं। राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है।
Ramnaresh vishwkarma
आगरा में मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ सुभाष बाजार स्थित एक कपड़े की दुकान भरभराकर गिर गई। थाना मंटोला क्षेत्र के सुभाष बाजार में हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस हादसे के बाद कई लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है, जिसमें एक महिला सहित 4 से 5 लोगों के फंसे होने की बात सामने आई है। बारिश को इस आफत की वजह बताया जा रहा है और यह आशंका भी जताई जा रही है कि नाले के ऊपर बनी यह दुकान ही हादसे का कारण हो सकती है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं। राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है।
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- इटावा में हुई तेज बारिश के कारण मैनपुरी फाटक अंडरपास में भारी पानी भर गया। इस जलभराव के चलते इटावा-मैनपुरी मार्ग पर चल रही एक प्राइवेट बस अंडरपास में फंस गई। काफी देर तक बस के फंसे रहने के बाद, बस चालक ने सक्रियता दिखाते हुए उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकालने में मदद की।1
- बुधवार को मौ स्थित MDM होटल में दैनिक पुष्पांजलि टुडे के पत्रकार बेताल सिंह गौड़ का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में केक काटकर मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारीगण, पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी, मीडिया जगत के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सभी समाजों के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित सभी अतिथियों ने पत्रकार बेताल सिंह गौड़ को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने गौड़ के पत्रकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी कार्यों की सराहना की और उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएं दीं। यह जन्मदिन समारोह आत्मीयता, सौहार्द और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें सभी ने केक काटकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकार साथियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता निभाकर इस अवसर को यादगार बनाया, जहाँ आपसी प्रेम, सम्मान और सामाजिक एकता की भावना प्रमुखता से देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में, पत्रकार बेताल सिंह गौड़ ने समारोह में पधारे सभी अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, मीडिया प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, मित्रों एवं अन्य अतिथियों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका स्नेह, प्रेम और आशीर्वाद उनके लिए अमूल्य है, और विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी निष्पक्ष एवं जनहित की पत्रकारिता करते हुए समाज की आवाज़ को प्रमुखता से उठाते रहेंगे। यह जन्मदिन समारोह आत्मीयता, सामाजिक सद्भाव एवं सम्मान का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सभी के लिए यादगार रहा।1
- जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम पहचान में अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) के आदेश पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने भूमि संबंधी एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद का निपटारा किया। इस कार्रवाई के तहत, टीम ने एक सह-खातेदार का कब्जा हटवाकर दूसरे सह-खातेदार को विधिवत भूमि का दखल दिलाया। यह मामला ग्राम पहचान स्थित विवादित भूमि पर दो सह-खातेदारों के बीच पिछले कई महीनों से कब्जे को लेकर चल रहा था। मामले की सुनवाई अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) न्यायालय में लंबित थी, जिसने अंततः कब्जा दखल (कुड़ाबंदी) का आदेश पारित किया। न्यायालय ने तहसील प्रशासन को इस आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में तहसीलदार अभिजीत गौरव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की एक विशेष टीम तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य राजस्व एवं पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। टीम ने न्यायालय के आदेशानुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं, जिसके बाद एक सह-खातेदार का कब्जा हटाया गया और दूसरे को भूमि का विधिवत कब्जा सौंपा गया। पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुरूप शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, और भूमि से जुड़े सभी मामलों में कानून के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- आगरा के थाना मंटोला क्षेत्र के सुभाष बाजार में भारी बारिश के चलते एक कपड़े की दुकान अचानक गिर गई। इस घटना में एक महिला सहित चार से पाँच लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दुकान के नीचे एक नाला बह रहा था, जिसे इस हादसे का एक कारण माना जा रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है और अब तक तीन लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शेष लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।3
- सोशल मीडिया पर एक पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें एक ऑन-ड्यूटी पुलिसवाला शराब पीकर अपना फर्ज निभाते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि जब एक सज्जन ने इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिसकर्मी को गुस्सा आ गया। इसके बाद उसने गाली-गलौज करनी शुरू कर दी और मोबाइल पर झपट्टा मारकर उसे गिरा दिया। फिलहाल, यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह वायरल वीडियो किस जगह और किस थाने का है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब मानो "मौसम ने अपना मिजाज बदल लिया है" और ऐसे "रुझान आने शुरू हो गए हैं"।1
- झांसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन संगठन ने एक चौकी प्रभारी और एक सिपाही को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक मारपीट के मुकदमे से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बड़ागांव गेट निवासी संजीव राय ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि चौकी प्रभारी ने उनके बेटों का नाम मारपीट के मुकदमे से हटाने के लिए पहले ही ₹60,000 ले लिए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद चौकी प्रभारी ने ₹10,000 की अतिरिक्त रिश्वत मांगी और पैसे न देने पर कार्रवाई की धमकी भी दी। शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने चौकी प्रभारी को ₹10,000 दिए और चौकी प्रभारी ने वह रकम सिपाही शांक को थमाई, मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने दोनों को तुरंत दबोच लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस रिश्वतखोरी में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट तलब कर आगे की विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।1
- इटावा जिले के मैनपुरी फाटक अंडरपास में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। लोग इस अंडरपास में भरे पानी की स्थिति को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।1
- मध्यप्रदेश के इंदौर और महू के बीच चलने वाली एक मेमो ट्रेन के लोको पायलट को समोसों से अपनी मुहब्बत के कारण मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। लोको पायलट की यह आदत है कि वह बिना स्टेशन के ही एक समोसे की दुकान के पास ट्रेन रोक देते हैं, क्योंकि उन्हें उस दुकान के समोसे बेहद पसंद हैं। आज जब लोको पायलट समोसा लेने के लिए ट्रेन रोककर उतरे और वापस इंजन में चढ़ने लगे, तो लोगों ने उनका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि लोको पायलट की इस आदत के चलते ट्रेन अक्सर 10 मिनट तक लेट हो जाती है, क्योंकि वह समोसा खाने के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ाते हैं। इस वायरल वीडियो पर रेलवे ने संज्ञान लिया है, लेकिन पोस्ट में यह भी कहा गया है कि समोसे के प्रेम की वजह से किसी की नौकरी नहीं जानी चाहिए।1
- राम मंदिर चढ़ावा और चंदा घोटाले के आरोपों को लेकर आगरा में कांग्रेस के एक प्रदर्शन को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। यह प्रदर्शन आगरा के जैन मंदिर से मनकामेश्वर मंदिर तक प्रस्तावित एक पैदल मार्च के रूप में था, जिसे शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर रोक दिया। इस रोक-टोक के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में, कांग्रेस कार्यकर्ता जैन मंदिर पर धरने पर बैठ गए, जहां उनकी पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, जब पुलिस हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को वापस लाई, तब जाकर धरना समाप्त हुआ। इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा और चंदा मामले की सीबीआई जांच की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया। वहीं, पुलिस ने अपनी कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि यह जुलूस बिना किसी अनुमति के निकाला जा रहा था।2