जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम पहचान में अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) के आदेश पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने भूमि संबंधी एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद का निपटारा किया। इस कार्रवाई के तहत, टीम ने एक सह-खातेदार का कब्जा हटवाकर दूसरे सह-खातेदार को विधिवत भूमि का दखल दिलाया। यह मामला ग्राम पहचान स्थित विवादित भूमि पर दो सह-खातेदारों के बीच पिछले कई महीनों से कब्जे को लेकर चल रहा था। मामले की सुनवाई अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) न्यायालय में लंबित थी, जिसने अंततः कब्जा दखल (कुड़ाबंदी) का आदेश पारित किया। न्यायालय ने तहसील प्रशासन को इस आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में तहसीलदार अभिजीत गौरव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की एक विशेष टीम तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य राजस्व एवं पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। टीम ने न्यायालय के आदेशानुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं, जिसके बाद एक सह-खातेदार का कब्जा हटाया गया और दूसरे को भूमि का विधिवत कब्जा सौंपा गया। पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुरूप शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, और भूमि से जुड़े सभी मामलों में कानून के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम पहचान में अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) के आदेश पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने भूमि संबंधी एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद का निपटारा किया। इस कार्रवाई के तहत, टीम ने एक सह-खातेदार का कब्जा हटवाकर दूसरे सह-खातेदार को विधिवत भूमि का दखल दिलाया। यह मामला ग्राम पहचान स्थित विवादित भूमि पर दो सह-खातेदारों के बीच पिछले कई महीनों से कब्जे को लेकर चल रहा था। मामले की सुनवाई अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) न्यायालय में लंबित थी, जिसने अंततः कब्जा दखल (कुड़ाबंदी) का आदेश पारित किया। न्यायालय ने तहसील प्रशासन को इस आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में तहसीलदार अभिजीत गौरव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की एक विशेष टीम तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य राजस्व एवं पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। टीम ने न्यायालय के आदेशानुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं, जिसके बाद एक सह-खातेदार का कब्जा हटाया गया और दूसरे को भूमि का विधिवत कब्जा सौंपा गया। पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुरूप शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, और भूमि से जुड़े सभी मामलों में कानून के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम पहचान में अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) के आदेश पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने भूमि संबंधी एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद का निपटारा किया। इस कार्रवाई के तहत, टीम ने एक सह-खातेदार का कब्जा हटवाकर दूसरे सह-खातेदार को विधिवत भूमि का दखल दिलाया। यह मामला ग्राम पहचान स्थित विवादित भूमि पर दो सह-खातेदारों के बीच पिछले कई महीनों से कब्जे को लेकर चल रहा था। मामले की सुनवाई अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) न्यायालय में लंबित थी, जिसने अंततः कब्जा दखल (कुड़ाबंदी) का आदेश पारित किया। न्यायालय ने तहसील प्रशासन को इस आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में तहसीलदार अभिजीत गौरव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की एक विशेष टीम तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य राजस्व एवं पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। टीम ने न्यायालय के आदेशानुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं, जिसके बाद एक सह-खातेदार का कब्जा हटाया गया और दूसरे को भूमि का विधिवत कब्जा सौंपा गया। पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुरूप शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, और भूमि से जुड़े सभी मामलों में कानून के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- ग्राम पंचायत खजुरारा इज़्ज़तपुर में सड़कें कई दिनों से खराब पड़ी हैं, जिससे स्थानीय निवासी खासे परेशान हैं। एक ग्रामीण का आरोप है कि पिछले 10 साल से ग्राम प्रधान के पद पर बैठे रामसरन यादव उनकी शिकायतें नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने प्रधान से सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार बात की है, लेकिन उनकी गुहार को लगातार अनसुना किया जा रहा है।1
- इटावा नगर पालिका क्षेत्र के मैनपुरी फाटक अंडरपास में जलभराव की समस्या के चलते सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग लगा दी गई है। राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया है, और जलभराव के कारण इस मार्ग पर यातायात को भी डायवर्ट कर दिया गया है।1
- आजमगढ़ की सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। शासन की मंशा के विपरीत, फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके त्वरित व स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के बजाय, कई अधिकारी मोबाइल फोन पर रील देखते हुए पाए गए, जिससे इस पूरी व्यवस्था पर संदेह पैदा हो रहा है। सोमवार को यूपीटीईटी परीक्षा के कारण आयोजित इस समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे। इस दौरान एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर अपनी टोपी की आड़ में मोबाइल छिपाकर चोरी-छिपे रील देखते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि जैसे ही कैमरा उनकी ओर बढ़ता है, कुछ अन्य अधिकारी और कर्मचारी अचानक सतर्क हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस व चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसका कोई खास असर दिखाई नहीं दिया है। इस मामले पर एसडीएम ने कहा है कि यदि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत या वीडियो सामने आता है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। यह घटना इस महत्वपूर्ण सवाल को जन्म देती है कि जब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित इतने अहम कार्यक्रम में ही कुछ जिम्मेदार अधिकारी मोबाइल पर रीलों में व्यस्त हों, तो फरियादियों को न्याय कितनी गंभीरता से मिल पाएगा।1
- ग्वालियर में उस समय हंगामा मच गया जब माइक बंद हो गया और भोजन के पैकेट लेने को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके परिणामस्वरूप अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई कथित दरिंदगी और उपचार के दौरान उसकी मृत्यु ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना, जिसमें कई लोगों द्वारा गैंगरेप के बाद बच्ची की दर्दनाक मौत हुई, ने समाज को शर्मसार कर दिया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। देशभर में इस घटना पर गहरा आक्रोश है और लोग दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सरकार की विफल होती सुरक्षा व्यवस्था का भयावह चेहरा बताया। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस उम्र में बच्ची को सुरक्षित जीवन जीना चाहिए था, उसे ऐसी अमानवीय क्रूरता का सामना करना पड़ा कि उसकी जान चली गई, जो पूरे देश के लिए शर्म और पीड़ा का विषय है। बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी सच्चाई इन दावों की पोल खोल रही है और अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो गया है। बघेल ने मामले में सामने आ रहे आरोपों को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि यदि बच्ची को सुनियोजित तरीके से अपराधियों के हवाले किया गया, तो यह एक बड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क का संकेत है। उन्होंने इस पूरे तंत्र की जांच और पहले से सक्रिय गिरोहों का पता लगाने की मांग की। कांग्रेस नेता ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए, यह जानने की मांग की कि क्या संबंधित एजेंसियों को ऐसी गतिविधियों की जानकारी नहीं थी या जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है और सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, आवश्यकता पड़ने पर सीबीआई जांच हो, पूरे आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए, सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करके फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों की लापरवाही या संलिप्तता सामने आए, उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाए। बघेल ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों को बचाने या मामले को दबाने का कोई प्रयास हुआ, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और एक जनआंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने इस घटना को पूरे समाज के लिए एक चेतावनी बताया और कहा कि उस मासूम बच्ची के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि देश की हर बेटी को सुरक्षित वातावरण और न्याय मिले।1
- इटावा में हुई तेज बारिश के कारण मैनपुरी फाटक अंडरपास में भारी पानी भर गया। इस जलभराव के चलते इटावा-मैनपुरी मार्ग पर चल रही एक प्राइवेट बस अंडरपास में फंस गई। काफी देर तक बस के फंसे रहने के बाद, बस चालक ने सक्रियता दिखाते हुए उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकालने में मदद की।1
- मैनपुरी जिले के दिहुली चौराहे पर जलभराव की गंभीर समस्या के कारण राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस चौराहे की स्थिति बेहद खराब बताई गई है, जहाँ एक नाला भी मौजूद है। नागरिकों ने जिलाधिकारी जी से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस समस्या का संज्ञान लें और इसका उचित समाधान निकालें।1