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मैनपुरी जिले के दिहुली चौराहे पर जलभराव की गंभीर समस्या के कारण राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस चौराहे की स्थिति बेहद खराब बताई गई है, जहाँ एक नाला भी मौजूद है। नागरिकों ने जिलाधिकारी जी से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस समस्या का संज्ञान लें और इसका उचित समाधान निकालें।
Balveer Singh
मैनपुरी जिले के दिहुली चौराहे पर जलभराव की गंभीर समस्या के कारण राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस चौराहे की स्थिति बेहद खराब बताई गई है, जहाँ एक नाला भी मौजूद है। नागरिकों ने जिलाधिकारी जी से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस समस्या का संज्ञान लें और इसका उचित समाधान निकालें।
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- ग्राम पंचायत खजुरारा इज़्ज़तपुर में सड़कें कई दिनों से खराब पड़ी हैं, जिससे स्थानीय निवासी खासे परेशान हैं। एक ग्रामीण का आरोप है कि पिछले 10 साल से ग्राम प्रधान के पद पर बैठे रामसरन यादव उनकी शिकायतें नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने प्रधान से सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार बात की है, लेकिन उनकी गुहार को लगातार अनसुना किया जा रहा है।1
- जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम पहचान में अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) के आदेश पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने भूमि संबंधी एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद का निपटारा किया। इस कार्रवाई के तहत, टीम ने एक सह-खातेदार का कब्जा हटवाकर दूसरे सह-खातेदार को विधिवत भूमि का दखल दिलाया। यह मामला ग्राम पहचान स्थित विवादित भूमि पर दो सह-खातेदारों के बीच पिछले कई महीनों से कब्जे को लेकर चल रहा था। मामले की सुनवाई अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) न्यायालय में लंबित थी, जिसने अंततः कब्जा दखल (कुड़ाबंदी) का आदेश पारित किया। न्यायालय ने तहसील प्रशासन को इस आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में तहसीलदार अभिजीत गौरव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की एक विशेष टीम तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य राजस्व एवं पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। टीम ने न्यायालय के आदेशानुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं, जिसके बाद एक सह-खातेदार का कब्जा हटाया गया और दूसरे को भूमि का विधिवत कब्जा सौंपा गया। पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुरूप शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, और भूमि से जुड़े सभी मामलों में कानून के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है, जहाँ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को तलब किया है और उनसे पूछा है कि आखिर किस कानून और किस संवैधानिक प्रावधान के तहत गांवों में प्रशासक नियुक्त किए गए। इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी पंचायत चुनाव की निश्चित तारीख बताने को कहा है। इस मामले में हाई कोर्ट की सख्ती से पंचायत चुनाव 2026 पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- इटावा नगर पालिका क्षेत्र के मैनपुरी फाटक अंडरपास में जलभराव की समस्या के चलते सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग लगा दी गई है। राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया है, और जलभराव के कारण इस मार्ग पर यातायात को भी डायवर्ट कर दिया गया है।1
- आजमगढ़ की सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। शासन की मंशा के विपरीत, फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके त्वरित व स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के बजाय, कई अधिकारी मोबाइल फोन पर रील देखते हुए पाए गए, जिससे इस पूरी व्यवस्था पर संदेह पैदा हो रहा है। सोमवार को यूपीटीईटी परीक्षा के कारण आयोजित इस समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे। इस दौरान एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर अपनी टोपी की आड़ में मोबाइल छिपाकर चोरी-छिपे रील देखते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि जैसे ही कैमरा उनकी ओर बढ़ता है, कुछ अन्य अधिकारी और कर्मचारी अचानक सतर्क हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस व चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसका कोई खास असर दिखाई नहीं दिया है। इस मामले पर एसडीएम ने कहा है कि यदि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत या वीडियो सामने आता है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। यह घटना इस महत्वपूर्ण सवाल को जन्म देती है कि जब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित इतने अहम कार्यक्रम में ही कुछ जिम्मेदार अधिकारी मोबाइल पर रीलों में व्यस्त हों, तो फरियादियों को न्याय कितनी गंभीरता से मिल पाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा शहर में एक शादी उस समय टूट गई जब जयमाला की रस्म से ठीक पहले दुल्हन ने रोते हुए सबके सामने शादी करने से इनकार कर दिया। उसने स्पष्ट किया कि वह किसी और युवक से प्रेम करती है और उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है। यह बारात औरैया जनपद के अछल्दा से इटावा आई थी, जबकि दुल्हन कानपुर नगर के पनकी क्षेत्र की रहने वाली है। सभी वैवाहिक रस्में पूरी होने के बाद जब दूल्हा-दुल्हन जयमाला के लिए मंच पर पहुंचे, तो दुल्हन भावुक हो गई और अपनी इच्छा के विरुद्ध यह शादी किए जाने की बात कही। स्थिति बिगड़ने पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान दूल्हे ने समझदारी दिखाते हुए दुल्हन की उसके प्रेमी से वीडियो कॉल पर बात कराई। दूल्हे ने यह कहते हुए स्वयं शादी न करने का फैसला लिया कि बिना इच्छा के कोई रिश्ता निभाना सही नहीं होगा। मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच शादी में हुए खर्च और लेनदेन को लेकर सहमति बनी। इसके बाद विवाह शांतिपूर्ण तरीके से निरस्त कर दिया गया और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।1
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