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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है, जहाँ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को तलब किया है और उनसे पूछा है कि आखिर किस कानून और किस संवैधानिक प्रावधान के तहत गांवों में प्रशासक नियुक्त किए गए। इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी पंचायत चुनाव की निश्चित तारीख बताने को कहा है। इस मामले में हाई कोर्ट की सख्ती से पंचायत चुनाव 2026 पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

1 hr ago
user_GD NEWS NETWORK
GD NEWS NETWORK
News Anchor मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है, जहाँ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को तलब किया है और उनसे पूछा है कि आखिर किस कानून और किस संवैधानिक प्रावधान के तहत गांवों में प्रशासक नियुक्त किए गए। इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी पंचायत चुनाव की निश्चित तारीख बताने को कहा है। इस मामले में हाई कोर्ट की सख्ती से पंचायत चुनाव 2026 पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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  • उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है, जहाँ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को तलब किया है और उनसे पूछा है कि आखिर किस कानून और किस संवैधानिक प्रावधान के तहत गांवों में प्रशासक नियुक्त किए गए। इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी पंचायत चुनाव की निश्चित तारीख बताने को कहा है। इस मामले में हाई कोर्ट की सख्ती से पंचायत चुनाव 2026 पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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    उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है, जहाँ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को तलब किया है और उनसे पूछा है कि आखिर किस कानून और किस संवैधानिक प्रावधान के तहत गांवों में प्रशासक नियुक्त किए गए। इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी पंचायत चुनाव की निश्चित तारीख बताने को कहा है। इस मामले में हाई कोर्ट की सख्ती से पंचायत चुनाव 2026 पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
    user_GD NEWS NETWORK
    GD NEWS NETWORK
    News Anchor मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना के बारुईपुर में एक बच्ची के गैंगरेप और हत्या के मामले पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद उनकी पार्टी की रैली को शांतिपूर्ण ढंग से नहीं होने दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस घटना के लिए दोष नहीं दे रही हैं, बल्कि पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार मानती हैं।
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    पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना के बारुईपुर में एक बच्ची के गैंगरेप और हत्या के मामले पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ममता बनर्जी ने कहा कि हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद उनकी पार्टी की रैली को शांतिपूर्ण ढंग से नहीं होने दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस घटना के लिए दोष नहीं दे रही हैं, बल्कि पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार मानती हैं।
    user_India TV news reporter surjeet
    India TV news reporter surjeet
    Court reporter मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मैनपुरी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने डबल इंजन सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए समाज के हर वर्ग, कर्मचारी और अधिकारी को विकसित करना होगा। मंत्री ने जोर दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब युवा और बच्चे सुयोग्य, राष्ट्रभक्त, शिक्षित, दीक्षित और भारतीय परंपरा को मानने वाले होंगे, और इसमें बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों व कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों, रसोइयों, अनुदेशकों सहित सभी गरीब लोगों की चिंता के तहत माननीय मुख्यमंत्री ने कैशलेस उपचार और ₹1 करोड़ बीमा की व्यवस्था की है, जिसमें सभी के परिवारों को भी शामिल किया गया है। एसबीआई के साथ हुए एमओयू में यदि कोई छोटी-मोटी खामियां होंगी, तो उन्हें दूर किया जाएगा। मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री ने पहले ही दिन कहा था कि दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा, और कोई कितना भी बड़ा या छोटा क्यों न हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जयवीर सिंह ने उन लोगों पर निशाना साधा जिनका सनातन से कोई सरोकार नहीं और जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, आरोप लगाया कि वे अब खुद को सबसे बड़े शुभचिंतक के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने मायावती के बयान को हमेशा ईमानदारी भरा, सधा हुआ और राष्ट्रहित व सामाजिक हित में बताया। इसके विपरीत, उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर एक घटना को राजनीतिक रूप देने का काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। मंत्री ने बताया कि घटना में लोग जेल गए हैं और अन्य बचे हुए लोगों के लिए एसआईटी गठित की गई है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अखिलेश पर पूरे मामले को राजनीतिक तूल देने का आरोप लगाते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अखिलेश की निष्ठा कभी सनातन में नहीं रही। उन्होंने सवाल उठाया कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले सपा के लोग थे। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश में नज़ूल की ज़मीन या वक़्फ़ से जुड़े मामलों जैसे दूसरे मज़हब से जुड़े कई बड़े कांडों पर बोलने की हिम्मत नहीं है, लेकिन वे सनातन को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
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    मैनपुरी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने डबल इंजन सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए समाज के हर वर्ग, कर्मचारी और अधिकारी को विकसित करना होगा। मंत्री ने जोर दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब युवा और बच्चे सुयोग्य, राष्ट्रभक्त, शिक्षित, दीक्षित और भारतीय परंपरा को मानने वाले होंगे, और इसमें बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों व कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने बताया कि शिक्षकों, रसोइयों, अनुदेशकों सहित सभी गरीब लोगों की चिंता के तहत माननीय मुख्यमंत्री ने कैशलेस उपचार और ₹1 करोड़ बीमा की व्यवस्था की है, जिसमें सभी के परिवारों को भी शामिल किया गया है। एसबीआई के साथ हुए एमओयू में यदि कोई छोटी-मोटी खामियां होंगी, तो उन्हें दूर किया जाएगा। मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री ने पहले ही दिन कहा था कि दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा, और कोई कितना भी बड़ा या छोटा क्यों न हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

जयवीर सिंह ने उन लोगों पर निशाना साधा जिनका सनातन से कोई सरोकार नहीं और जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, आरोप लगाया कि वे अब खुद को सबसे बड़े शुभचिंतक के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने मायावती के बयान को हमेशा ईमानदारी भरा, सधा हुआ और राष्ट्रहित व सामाजिक हित में बताया। इसके विपरीत, उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर एक घटना को राजनीतिक रूप देने का काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। मंत्री ने बताया कि घटना में लोग जेल गए हैं और अन्य बचे हुए लोगों के लिए एसआईटी गठित की गई है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

अखिलेश पर पूरे मामले को राजनीतिक तूल देने का आरोप लगाते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अखिलेश की निष्ठा कभी सनातन में नहीं रही। उन्होंने सवाल उठाया कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले सपा के लोग थे। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश में नज़ूल की ज़मीन या वक़्फ़ से जुड़े मामलों जैसे दूसरे मज़हब से जुड़े कई बड़े कांडों पर बोलने की हिम्मत नहीं है, लेकिन वे सनातन को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
    user_Mainpuri explorer
    Mainpuri explorer
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने मैनपुरी में शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए हैं। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने इन कार्डों का वितरण किया।
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    उत्तर प्रदेश सरकार ने मैनपुरी में शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए हैं। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने इन कार्डों का वितरण किया।
    user_मुकेश कुमार पत्रकार मैनपुरी
    मुकेश कुमार पत्रकार मैनपुरी
    Photographer मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ग्राम पंचायत खजुरारा इज़्ज़तपुर में सड़कें कई दिनों से खराब पड़ी हैं, जिससे स्थानीय निवासी खासे परेशान हैं। एक ग्रामीण का आरोप है कि पिछले 10 साल से ग्राम प्रधान के पद पर बैठे रामसरन यादव उनकी शिकायतें नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने प्रधान से सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार बात की है, लेकिन उनकी गुहार को लगातार अनसुना किया जा रहा है।
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    ग्राम पंचायत खजुरारा इज़्ज़तपुर में सड़कें कई दिनों से खराब पड़ी हैं, जिससे स्थानीय निवासी खासे परेशान हैं। एक ग्रामीण का आरोप है कि पिछले 10 साल से ग्राम प्रधान के पद पर बैठे रामसरन यादव उनकी शिकायतें नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने प्रधान से सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार बात की है, लेकिन उनकी गुहार को लगातार अनसुना किया जा रहा है।
    user_बबलू पाल
    बबलू पाल
    करहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के इटावा शहर में एक शादी उस समय टूट गई जब जयमाला की रस्म से ठीक पहले दुल्हन ने रोते हुए सबके सामने शादी करने से इनकार कर दिया। उसने स्पष्ट किया कि वह किसी और युवक से प्रेम करती है और उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है। यह बारात औरैया जनपद के अछल्दा से इटावा आई थी, जबकि दुल्हन कानपुर नगर के पनकी क्षेत्र की रहने वाली है। सभी वैवाहिक रस्में पूरी होने के बाद जब दूल्हा-दुल्हन जयमाला के लिए मंच पर पहुंचे, तो दुल्हन भावुक हो गई और अपनी इच्छा के विरुद्ध यह शादी किए जाने की बात कही। स्थिति बिगड़ने पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान दूल्हे ने समझदारी दिखाते हुए दुल्हन की उसके प्रेमी से वीडियो कॉल पर बात कराई। दूल्हे ने यह कहते हुए स्वयं शादी न करने का फैसला लिया कि बिना इच्छा के कोई रिश्ता निभाना सही नहीं होगा। मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच शादी में हुए खर्च और लेनदेन को लेकर सहमति बनी। इसके बाद विवाह शांतिपूर्ण तरीके से निरस्त कर दिया गया और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
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    उत्तर प्रदेश के इटावा शहर में एक शादी उस समय टूट गई जब जयमाला की रस्म से ठीक पहले दुल्हन ने रोते हुए सबके सामने शादी करने से इनकार कर दिया। उसने स्पष्ट किया कि वह किसी और युवक से प्रेम करती है और उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है।

यह बारात औरैया जनपद के अछल्दा से इटावा आई थी, जबकि दुल्हन कानपुर नगर के पनकी क्षेत्र की रहने वाली है। सभी वैवाहिक रस्में पूरी होने के बाद जब दूल्हा-दुल्हन जयमाला के लिए मंच पर पहुंचे, तो दुल्हन भावुक हो गई और अपनी इच्छा के विरुद्ध यह शादी किए जाने की बात कही।

स्थिति बिगड़ने पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान दूल्हे ने समझदारी दिखाते हुए दुल्हन की उसके प्रेमी से वीडियो कॉल पर बात कराई। दूल्हे ने यह कहते हुए स्वयं शादी न करने का फैसला लिया कि बिना इच्छा के कोई रिश्ता निभाना सही नहीं होगा। मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच शादी में हुए खर्च और लेनदेन को लेकर सहमति बनी। इसके बाद विवाह शांतिपूर्ण तरीके से निरस्त कर दिया गया और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आयोजित महापंचायत के दौरान भारी हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में जमा हुए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी छात्रा को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े हुए थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सड़क जाम हटाने और ज्ञापन सौंपने की अपील की थी, लेकिन सहमति न बन पाने के कारण उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी। इस घटना के बाद आरोप लगा कि हिरासत में लिए गए एक वकील के साथ अभद्रता हुई। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर निष्पक्ष और तेज़ जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
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    उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आयोजित महापंचायत के दौरान भारी हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में जमा हुए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी छात्रा को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े हुए थे।

पुलिस का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सड़क जाम हटाने और ज्ञापन सौंपने की अपील की थी, लेकिन सहमति न बन पाने के कारण उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी। इस घटना के बाद आरोप लगा कि हिरासत में लिए गए एक वकील के साथ अभद्रता हुई। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

इस पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर निष्पक्ष और तेज़ जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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