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चंद्रपुरा में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर 2024) के तहत कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में, चंद्रपुरा के बीडीओ ईश्वर दयाल महतो ने शुक्रवार को तेलो पंचायत का दौरा किया। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को एसआईआर फॉर्म वितरित किए और साथ ही फॉर्म भरने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
Churaman Thakur Press
चंद्रपुरा में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर 2024) के तहत कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में, चंद्रपुरा के बीडीओ ईश्वर दयाल महतो ने शुक्रवार को तेलो पंचायत का दौरा किया। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को एसआईआर फॉर्म वितरित किए और साथ ही फॉर्म भरने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
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- चंद्रपुरा में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर 2024) के तहत कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में, चंद्रपुरा के बीडीओ ईश्वर दयाल महतो ने शुक्रवार को तेलो पंचायत का दौरा किया। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को एसआईआर फॉर्म वितरित किए और साथ ही फॉर्म भरने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।4
- सपन कुमार गोस्वामी जी ने अपने प्रिय भाइयों और बहनों को शुभ रात्रि की शुभकामनाएं दी हैं।1
- धनबाद में होमगार्ड बहाली प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को सफल अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद समाहरणालय पहुँचकर उपायुक्त आदित्य रंजन से मुलाकात की। इस दौरान अभ्यर्थियों ने उपायुक्त को बहाली प्रक्रिया में हो रही देरी से अवगत कराया और तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की गुहार लगाई। अभ्यर्थियों ने उपायुक्त को जानकारी दी कि धनबाद जिले में होमगार्ड बहाली की प्रक्रिया 6 अप्रैल को शुरू होकर 27 अप्रैल तक चली थी, जिसमें कुल 1190 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। इसके बाद 8 जून को मेरिट सूची भी जारी कर दी गई थी। हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आगे की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे सफल अभ्यर्थियों में गहरा असमंजस और चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है और कई अभ्यर्थियों ने तो अन्य रोजगार के अवसर भी छोड़ दिए हैं। इसलिए वे प्रशासन से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे हैं। उपायुक्त आदित्य रंजन ने अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि बहाली प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त के इस आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है और उन्होंने विश्वास जताया है कि प्रशासन जल्द ही शेष औपचारिकताएं पूरी कर नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा।1
- KCNTVINDIA की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, साइबर क्राइम का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन अपराधों के लगातार जारी रहने के बावजूद, लोग अब भी इनके प्रति बेखबर बने हुए हैं।1
- धनबाद, झारखंड में स्थित डॉ. मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल ने सफलतापूर्वक अपनी स्थापना का एक वर्ष पूरा कर लिया है। यह हॉस्पिटल झारखंड में 'साइलेंट किलर' क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के खिलाफ सक्रिय रूप से लड़ाई लड़ रहा है। धनबाद का यह एकमात्र किडनी हॉस्पिटल है, जो पिछले एक साल से झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के मरीजों को विशेषज्ञ किडनी देखभाल प्रदान कर रहा है। भारत एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है, जहाँ 13.8 करोड़ से अधिक वयस्क CKD से प्रभावित हैं, जिससे यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा किडनी रोग वाला देश बन गया है। प्रति वर्ष 2.2 लाख नए मरीजों को डायलिसिस की आवश्यकता पड़ती है। भारतीयों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में CKD की प्रवृत्ति में वृद्धि देखी गई है, जो 2011-2017 की अवधि में 11.12% से बढ़कर 2018-2023 के बीच 16.38% हो गई है। इनमें से 90% से अधिक लोगों का निदान तब होता है जब बीमारी अंतिम अवस्था में पहुँच चुकी होती है। इसी गंभीर चुनौती से निपटने के उद्देश्य से डॉ. मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल ने अपनी सेवाएं दी हैं। यह हॉस्पिटल आपातकाल में मरीजों को तुरंत मदद प्रदान करने के लिए 24x7 डायलिसिस यूनिट और 24x7 आईसीयू केयर की सुविधा उपलब्ध कराता है। यह नियमित रूप से शुगर, बीपी और किडनी स्क्रीनिंग शिविर भी आयोजित करता है, क्योंकि समय पर पकड़ी गई CKD को दशकों तक स्थिर रखा जा सकता है। डॉ. मिहिर कुमार, एम.डी., डी.एम. नेफ्रोलॉजी के नेतृत्व में प्रशिक्षित नेफ्रोलॉजिस्ट, डायलिसिस तकनीशियन और नर्सिंग स्टाफ की एक विशेषज्ञ टीम यहाँ कार्यरत है। हॉस्पिटल गुणवत्तापूर्ण इलाज को आधुनिक तकनीक के साथ किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आर्थिक बोझ के कारण कोई मरीज इलाज से वंचित न रहे। डॉ. मिहिर कुमार, प्रबंध निदेशक, ने बताया कि CKD को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि शुरुआती स्टेज में इसके कोई लक्षण नहीं होते। मरीजों को तब पता चलता है जब डायलिसिस या ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचता है। उनका मिशन है कि हर व्यक्ति, खासकर डायबिटीज और बीपी के मरीज, हर साल अपना eGFR और यूरिन टेस्ट अवश्य कराएं। पिछले एक वर्ष में, इस हॉस्पिटल ने धनबाद के साथ-साथ पूरे झारखंड, बंगाल और बिहार से आने वाले हजारों किडनी मरीजों को किडनी रोग से निजात दिलाई है।1
- गिरिडीह के बगोदर स्थित आरकेबी कॉलेज ऑफ एजुकेशन की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-1 ने शुक्रवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से एक जागरूकता रैली निकाली। इस रैली में कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और बीएड-डीएलएड के प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कॉलेज परिसर से शुरू होकर यह रैली बगोदर बाजार का भ्रमण करते हुए वापस कॉलेज पहुंची, जहां "जन-जन तक पहुंचाना है, एसआईआर को सफल बनाना है" और "छोड़ो अपना सारा काम, चलो करें पहले मतदान" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार दूबे ने इस अभियान का लक्ष्य त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य 18 वर्ष के पात्र युवाओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना और यह सुनिश्चित करना है कि एक भी योग्य मतदाता का नाम छूटने न पाए। प्राचार्य ने इस महत्वपूर्ण कार्य में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील भी की।1
- बोकारो में ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से एक सघन वाहन जांच अभियान चलाया है। यह कार्रवाई सेक्टर-4 स्थित एलआईसी मोड़ और गांधी चौक पर की गई, जहाँ ट्रैफिक पुलिस ने करीब 150 वाहनों की गहन जांच की। इस अभियान के दौरान, नियमों का उल्लंघन करते पाए गए 29 ऑटो को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है।1
- कतरास थाना क्षेत्र के फुलवार बस्ती में दो समुदाय के युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना के बाद फुलवार बस्ती को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है, जहाँ पुलिस बल की भारी तैनाती है। गाँव के लोगों ने एक युवक को पुलिस के हवाले भी किया है।1