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Kailash Rathour
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- पलवल में ट्रैफिक नियमों की धज्जियां, एग्रीकल्चर वाहनों से हो रहा कमर्शियल काम; कार्रवाई की मांग तेज1
- पलवल सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठï ने बताया कि छांयसा गांव में 11 साल के हुफैज, 14 साल की सारिका, 16 साल की हुमा, 20 साल के दिलशाद, 42 साल के शमसुद्दीन, 67 साल की जमीला, 8 साल की पायल की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि हुफैज,शमसुद्दीन,जमिला,दिलशाद की मौत हेपेटाइटिस की वजह से हुई है। अन्य लोगों की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में बीमारी फैलने के कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है। घरों में जाकर खून के सैंपल लिए जा रहे है। उन्होंने बताया कि टीम द्वारा 31 घरों के पानी के सैंपल लिए गए है। जांच में भी कई घरों में गंदा पानी मिला। जांच रिपोर्ट में छह घरों के पानी में बैक्टीरिया मिला। गांव के पांच पानी के सोर्स में भी बैक्टीरिया कन्फर्म हुआ। जांच में गांव के पानी में क्लोरीन की कमी भी सामने आई। हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने गांव वालों को साफ पानी पीने की सलाह दी है। गांव में एक टेस्टिंग कैंप भी लगाया गया, और संभावित मरीजों को इलाज के लिए जिला सिविल अस्पताल भेजा गया। सिविल सर्जन ने एडवाइजारी जारी करते हुए कहा कि खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से धोये। शौच के बाद हाथों को अवश्य साफ करें। पानी को उबालकर पिए। पीने के पानी को साफ जगह पर स्टोर करें। सफाई का विशेष ध्यान रखें। बुखार आने पर डॉक्टर से संम्र्पक करें।1
- Post by Kailash Rathour3
- Post by Om kumar1
- फरीदाबाद के 39वा अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुण्ड मेला में डांस करती हूई महिलाये और लोगो ने उठाया लुप्त...1
- Post by MSK VOLG1
- प्रधानमंत्री का सेवा तीर्थ में प्रवेश बोले, नाम में ही बड़ा संदेश, नरेंद्र"सरेंदर" ने किसानों के साथ विश्वासघात किया-राहुल, अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य नहीं बोले योगी, मंत्री और एसपी के बीच बहस हरियाणा में और जेल से निकले पप्पू यादव.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....1
- पलवल मुख्य वक्ता के रूप में राज बिहारी जी, केंद्रीय मंत्री, विश्व हिंदू परिषद ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “भजन, भोजन, भाषा और भूषा—सब स्वदेशी होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपने धर्मग्रंथों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। अन्य धर्मों के अनुयायी अपने धर्मग्रंथों के विषय में स्पष्ट रहते हैं, इसलिए सनातन समाज को भी वेद, उपनिषद, श्रीमद्भगवद्गीता और रामायण जैसे ग्रंथों का अध्ययन कर नई पीढ़ी को शिक्षित करना चाहिए। व्यास पीठ से कृष्णानंद भार्गव जी ने भी सनातन संस्कृति की महिमा और उसकी वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना से ओत-प्रोत है, जो विश्व को एक परिवार मानने का संदेश देती है। सम्मेलन के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक नारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। उपस्थित जनसमूह ने हिंदू समाज की एकता, संस्कारों की रक्षा और सांस्कृतिक जागरण का संकल्प लिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। सैकड़ों लोगों की भागीदारी और उत्साह ने इस सम्मेलन को सफल एवं ऐतिहासिक बना दिया।1