कोटा में बारां-छजावा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित यूनिट नंबर 12 का टूल कम ट्रैकमैन रेस्ट रूम मात्र तीन साल में ही जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। यह अब देखने में कई वर्षों पुराना भवन प्रतीत होता है। इस पूरी इमारत में तीन साल के भीतर ही बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जबकि कोटा स्टोन से बनी सीढ़ियाँ, फर्श और चारों तरफ की नींव उखड़ चुकी है। रेस्ट रूम में बाथरूम तो बना है, लेकिन पिछले तीन साल से उसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है, और न ही यहाँ पेयजल का कोई प्रबंध है। ट्रैकमैनों ने इस घटिया निर्माण कार्य के लिए किसी ठेकेदार या अधिकारी को जिम्मेदार न ठहराए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि जब दरा अंडर ब्रिज के नियम विरुद्ध हुए काम में दो रेल इंजीनियरों की मौत के लिए भी अभी तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया, तो यह तो एक मामूली काम है। ट्रैकमैनों को यह आशंका है कि यदि भविष्य में नींव की दरारों के कारण यह रेस्ट रूम गिर जाता है और कोई ट्रैकमैन इसका शिकार बनता है, तो उस स्थिति में भी किसी को जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा।
कोटा में बारां-छजावा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित यूनिट नंबर 12 का टूल कम ट्रैकमैन रेस्ट रूम मात्र तीन साल में ही जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। यह अब देखने में कई वर्षों पुराना भवन प्रतीत होता है। इस पूरी इमारत में तीन साल के भीतर ही बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जबकि कोटा स्टोन से बनी सीढ़ियाँ, फर्श और चारों तरफ की नींव उखड़ चुकी है। रेस्ट रूम में बाथरूम तो बना है, लेकिन पिछले तीन साल से उसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है, और न ही यहाँ पेयजल का कोई प्रबंध है। ट्रैकमैनों ने इस घटिया निर्माण कार्य के लिए किसी ठेकेदार या अधिकारी को जिम्मेदार न ठहराए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि जब दरा अंडर ब्रिज के नियम विरुद्ध हुए काम में दो रेल इंजीनियरों की मौत के लिए भी अभी तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया, तो यह तो एक मामूली काम है। ट्रैकमैनों को यह आशंका है कि यदि भविष्य में नींव की दरारों के कारण यह रेस्ट रूम गिर जाता है और कोई ट्रैकमैन इसका शिकार बनता है, तो उस स्थिति में भी किसी को जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा।
- कर्मचारियों की लगातार आ रही समस्याओं को देखते हुए, मैकेनिकल इंजीनियर प्रवीण कुमार ने सोमवार को झालावाड़ और अकलेरा स्टेशनों का दौरा किया। इस दौरान प्रवीण ने स्वयं कर्मचारियों की शिकायतों को सुना और उनकी समस्याओं से अवगत हुए। कर्मचारियों ने मुख्य रूप से बारिश के मौसम में रेलवे कॉलोनी में पानी भरने, ठेकेदार द्वारा जगह-जगह भवन निर्माण सामग्री छोड़े जाने, बार-बार बिजली गुल होने, पीने के शुद्ध पानी की कमी और रेलवे क्वार्टर में अवैध रूप से रह रहे लोगों के बारे में शिकायतें दर्ज कराईं। अपने निरीक्षण के दौरान, प्रवीण को स्टेशन पर ही नए बने वाटर बूथ की टाइलें भी उखड़ी हुई मिलीं।1
- कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र के बोरिना गाँव में सोमवार शाम करीब 5 बजे आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान बेनीराम मेहता (47) की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सुमित्रा बेहोश हो गईं। यह हादसा उस समय हुआ जब बेनीराम अपनी पत्नी के साथ खेत से घर लौट रहे थे। वे अपने घर से लगभग 600 मीटर दूर किराए के खेत में धान की फसल देखने गए थे और बारिश शुरू होने पर वापस लौट रहे थे। लौटते समय खेत की मेड़ पर अचानक बेनीराम पर बिजली गिरी। बिजली गिरने से मौके पर करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया और उनकी दाहिनी जांघ बुरी तरह झुलस गई। तेज गर्जना से घबराकर बेनीराम के पीछे चल रही उनकी पत्नी सुमित्रा अचेत होकर गिर पड़ीं। पास से गुजर रहे बिजली लाइन के मजदूरों ने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद दोनों को सांगोद अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बेनीराम मेहता को मृत घोषित कर दिया, जबकि उपचार के बाद सुमित्रा को होश आ गया। मृतक बेनीराम के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 20 और 17 वर्ष बताई गई है।2
- कोटा जिले के दरा क्षेत्र में प्री-मानसून की बारिश हुई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इसी बारिश के कारण हुई बिजली कटौती से स्थानीय लोग परेशान भी रहे। वहीं, कोटा शहर में बारिश के लिए अभी भी लंबा इंतजार बना हुआ है।1
- राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर का शव जेल परिसर में फंदे से लटका हुआ मिला, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) टीम को भी जाँच के लिए बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जगन गुर्जर राजस्थान के चर्चित डकैतों में गिना जाता था और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। उसकी मौत के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है; फिलहाल जाँच एजेंसियाँ सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जाँच के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से इनकार किया है, और आधिकारिक जाँच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।1
- भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह ने राजस्थान सरकार में केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने 'गंगा समझौते' देकर यह आभार जताया।1
- लोक सभा स्पीकर श्री ओम बिरला जी ने कोटा शहर को एक और सौगात दी है। यह भेंट श्रीनाथपुरम स्टेडियम में प्रदान की गई है।1
- कोटा में पशुपालकों और किसानों के प्रदर्शनों के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच कोटा में वार-पलटवार की गर्मी बरकरार है। पिछले दिनों, एक पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने बिना किसी का नाम लिए प्रहलाद गुंजल पर कटाक्ष किया था। अब इस पर पलटवार करते हुए गुंजल ने भी जवाबी हमला बोला है।1
- कोटा में बारां-छजावा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित यूनिट नंबर 12 का टूल कम ट्रैकमैन रेस्ट रूम मात्र तीन साल में ही जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। यह अब देखने में कई वर्षों पुराना भवन प्रतीत होता है। इस पूरी इमारत में तीन साल के भीतर ही बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जबकि कोटा स्टोन से बनी सीढ़ियाँ, फर्श और चारों तरफ की नींव उखड़ चुकी है। रेस्ट रूम में बाथरूम तो बना है, लेकिन पिछले तीन साल से उसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है, और न ही यहाँ पेयजल का कोई प्रबंध है। ट्रैकमैनों ने इस घटिया निर्माण कार्य के लिए किसी ठेकेदार या अधिकारी को जिम्मेदार न ठहराए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि जब दरा अंडर ब्रिज के नियम विरुद्ध हुए काम में दो रेल इंजीनियरों की मौत के लिए भी अभी तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया, तो यह तो एक मामूली काम है। ट्रैकमैनों को यह आशंका है कि यदि भविष्य में नींव की दरारों के कारण यह रेस्ट रूम गिर जाता है और कोई ट्रैकमैन इसका शिकार बनता है, तो उस स्थिति में भी किसी को जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा।1