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मानसून की पहली बारिश ने फरुखनगर-सुल्तानपुर मोड़ से पावर हाउस तक जाने वाली पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़क की बदहाली को उजागर कर दिया है, जिसके चलते विकास के दावों की पोल खुल गई है। पिछले एक साल से अधिक समय से खराब पड़ी यह सड़क अब राहगीरों के लिए 'सफर नहीं, सजा' बन चुकी है। बारिश के बाद पूरी मुख्य सड़क गहरे पानी भरे गड्ढों से लबालब हो गई है, जिनकी गहराई का अंदाजा न मिल पाने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क में बने दो-दो फीट के गड्ढों से हजारों नौकरीपेशा लोग, स्कूली बच्चे और स्थानीय निवासी रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि करीब एक साल पहले इस सड़क का टेंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी एसडीओ दीपा ने स्वीकार किया है कि टेंडर पहले ही हो चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो सका था। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने और जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया है ताकि लोगों को राहत मिल सके। हालांकि, ठेकेदार और अधिकारियों की इस 'ढुलमुल नीति' और 'विभागीय सुस्ती' से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने रोष जताते हुए सरकार और उच्च अधिकारियों से ऐसे गंभीर मामलों में तुरंत सख्त संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल कागजी आश्वासन देने के बजाय समय पर कार्य पूरा करवाना आवश्यक है ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके।

4 hrs ago
user_Anil Yadav
Anil Yadav
Local News Reporter फर्रुखनगर, गुरुग्राम, हरियाणा•
4 hrs ago

मानसून की पहली बारिश ने फरुखनगर-सुल्तानपुर मोड़ से पावर हाउस तक जाने वाली पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़क की बदहाली को उजागर कर दिया है, जिसके चलते विकास के दावों की पोल खुल गई है। पिछले एक साल से अधिक समय से खराब पड़ी यह सड़क अब राहगीरों के लिए 'सफर नहीं, सजा' बन चुकी है। बारिश के बाद पूरी मुख्य सड़क गहरे पानी भरे गड्ढों से लबालब हो गई है, जिनकी गहराई का अंदाजा न मिल पाने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क में बने दो-दो फीट के गड्ढों से हजारों नौकरीपेशा लोग, स्कूली बच्चे और स्थानीय निवासी रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि करीब एक साल पहले इस सड़क का टेंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी एसडीओ दीपा ने स्वीकार किया है कि टेंडर पहले ही हो चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो सका था। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने और जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया है ताकि लोगों को राहत मिल सके। हालांकि, ठेकेदार और अधिकारियों की इस 'ढुलमुल नीति' और 'विभागीय सुस्ती' से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने रोष जताते हुए सरकार और उच्च अधिकारियों से ऐसे गंभीर मामलों में तुरंत सख्त संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल कागजी आश्वासन देने के बजाय समय पर कार्य पूरा करवाना आवश्यक है ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके।

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  • हरियाणा के फरुखनगर में 16 जून मंगलवार को ऑल हरियाणा कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने एग्रो डिस्कॉम निगम बनाने और सब-डिविजनों के निजीकरण के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया। रोष से भरे इन कर्मचारियों ने मानेसर यूनिट की सभी सब-डिविजनों पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथों पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारी नेताओं ने इस निर्णय को गुरुग्राम और नूंह की सभी सब-डिविजनों को निजी हाथों में सौंपने वाला कदम बताया, जिसे उन्होंने पूरी तरह कर्मचारी और जनता विरोधी करार दिया। अपने आक्रोश को व्यक्त करते हुए, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार द्वारा जारी एग्रो डिस्कॉम के नोटिफिकेशन की प्रतियों को भी आग के हवाले कर दिया। मानेसर यूनिट के प्रधान सत्येन्द्र यादव की अध्यक्षता में हुए इस प्रदर्शन में संगठन के कई मुख्य पदाधिकारी शामिल थे, जिनमें दीनदयाल (सेक्रेटरी), अशोक लाम्बाह (पूर्व नेगोशिएशन मेम्बर), विद्या सागर (प्रधान, फर्रुखनगर), पवन (प्रधान, मानेसर), वीरेन्द्र (प्रधान, दिल्ली-मंडी), ललित (प्रधान, चौमा), और मुकेश (प्रधान, भोड़ा कलां) प्रमुख रहे। कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण के इस फैसले और एग्रो डिस्कॉम के नोटिफिकेशन को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक उग्र किया जाएगा।
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    हरियाणा के फरुखनगर में 16 जून मंगलवार को ऑल हरियाणा कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने एग्रो डिस्कॉम निगम बनाने और सब-डिविजनों के निजीकरण के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया। रोष से भरे इन कर्मचारियों ने मानेसर यूनिट की सभी सब-डिविजनों पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथों पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारी नेताओं ने इस निर्णय को गुरुग्राम और नूंह की सभी सब-डिविजनों को निजी हाथों में सौंपने वाला कदम बताया, जिसे उन्होंने पूरी तरह कर्मचारी और जनता विरोधी करार दिया। अपने आक्रोश को व्यक्त करते हुए, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार द्वारा जारी एग्रो डिस्कॉम के नोटिफिकेशन की प्रतियों को भी आग के हवाले कर दिया।

मानेसर यूनिट के प्रधान सत्येन्द्र यादव की अध्यक्षता में हुए इस प्रदर्शन में संगठन के कई मुख्य पदाधिकारी शामिल थे, जिनमें दीनदयाल (सेक्रेटरी), अशोक लाम्बाह (पूर्व नेगोशिएशन मेम्बर), विद्या सागर (प्रधान, फर्रुखनगर), पवन (प्रधान, मानेसर), वीरेन्द्र (प्रधान, दिल्ली-मंडी), ललित (प्रधान, चौमा), और मुकेश (प्रधान, भोड़ा कलां) प्रमुख रहे। कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण के इस फैसले और एग्रो डिस्कॉम के नोटिफिकेशन को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक उग्र किया जाएगा।
    user_Anil Yadav
    Anil Yadav
    Local News Reporter फर्रुखनगर, गुरुग्राम, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की पीठ थपथपाई। इस बीच, 'राय' नामक व्यक्ति ने राम के नाम पर पहले 'चंदाचोरी' और अब 'चढ़ावा चोरी' होने का आरोप लगाया है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, तेजस ने सुरक्षा गार्ड छोड़े हैं। राजनीतिक गलियारों से मिली खबर के अनुसार, पाल ने बयान दिया है कि राउत 'मुंगेरी लाल के सपने' देख रहे हैं। इसके अतिरिक्त, यह भी बताया गया है कि बागी सांसदों का भविष्य स्पीकर द्वारा तय किया जाएगा।
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    G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की पीठ थपथपाई। इस बीच, 'राय' नामक व्यक्ति ने राम के नाम पर पहले 'चंदाचोरी' और अब 'चढ़ावा चोरी' होने का आरोप लगाया है।

महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, तेजस ने सुरक्षा गार्ड छोड़े हैं। राजनीतिक गलियारों से मिली खबर के अनुसार, पाल ने बयान दिया है कि राउत 'मुंगेरी लाल के सपने' देख रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, यह भी बताया गया है कि बागी सांसदों का भविष्य स्पीकर द्वारा तय किया जाएगा।
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    South West Delhi, Delhi•
    10 min ago
  • राजधानी दिल्ली में सुबह हुई बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति देखने को मिली, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से, द्वारका ककरोला मेट्रो स्टेशन के आसपास की सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गईं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, महज आधे घंटे की बारिश ने ही सड़कों को पानी से लबालब भर दिया और पूरे इलाके का हाल बेहाल हो गया। इसके साथ ही, द्वारका ककरोला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 के पास स्थित पार्किंग क्षेत्र में भी पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस स्थिति ने इलाके की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके मद्देनजर प्रभावित लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
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    राजधानी दिल्ली में सुबह हुई बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति देखने को मिली, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से, द्वारका ककरोला मेट्रो स्टेशन के आसपास की सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गईं।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, महज आधे घंटे की बारिश ने ही सड़कों को पानी से लबालब भर दिया और पूरे इलाके का हाल बेहाल हो गया। इसके साथ ही, द्वारका ककरोला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 के पास स्थित पार्किंग क्षेत्र में भी पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इस स्थिति ने इलाके की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके मद्देनजर प्रभावित लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
    user_Nitesh kumar (Janta Connect)
    Nitesh kumar (Janta Connect)
    Video Creator द्वारका, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • दिल्ली के एक भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित पानी प्लांट पर दर्जनों गोलियां चलाई गईं। इस घटना में प्लांट को निशाना बनाकर गोलियों की बौछार की गई।
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    दिल्ली के एक भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित पानी प्लांट पर दर्जनों गोलियां चलाई गईं। इस घटना में प्लांट को निशाना बनाकर गोलियों की बौछार की गई।
    user_अनुभवी आंखें न्यूज़
    अनुभवी आंखें न्यूज़
    Media house कापसहेड़ा, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    11 hrs ago
  • मुरादाबाद के SHO का महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर केंद्रित एक सख्त संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस संदेश में उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, और यह कार्रवाई सीधी व निर्णायक होगी, मात्र चेतावनी नहीं। यह कदम बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए SHO के सख्त रुख और त्वरित एक्शन को दर्शाता है।
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    मुरादाबाद के SHO का महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर केंद्रित एक सख्त संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस संदेश में उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, और यह कार्रवाई सीधी व निर्णायक होगी, मात्र चेतावनी नहीं। यह कदम बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए SHO के सख्त रुख और त्वरित एक्शन को दर्शाता है।
    user_S BHARAT
    S BHARAT
    Local News Reporter द्वारका, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    16 hrs ago
  • एक व्यक्ति पिछले सात वर्षों से लगातार अपनी यात्रा पर है। इस यात्रा के दौरान उसका मुख्य नारा 'भिक्षा नहीं, शिक्षा चाहिए' है, जिसके माध्यम से वह शिक्षा की मांग को प्रमुखता से उठा रहा है।
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    एक व्यक्ति पिछले सात वर्षों से लगातार अपनी यात्रा पर है। इस यात्रा के दौरान उसका मुख्य नारा 'भिक्षा नहीं, शिक्षा चाहिए' है, जिसके माध्यम से वह शिक्षा की मांग को प्रमुखता से उठा रहा है।
    user_Raaz
    Raaz
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    38 min ago
  • मानसून की पहली बारिश ने फरुखनगर-सुल्तानपुर मोड़ से पावर हाउस तक जाने वाली पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़क की बदहाली को उजागर कर दिया है, जिसके चलते विकास के दावों की पोल खुल गई है। पिछले एक साल से अधिक समय से खराब पड़ी यह सड़क अब राहगीरों के लिए 'सफर नहीं, सजा' बन चुकी है। बारिश के बाद पूरी मुख्य सड़क गहरे पानी भरे गड्ढों से लबालब हो गई है, जिनकी गहराई का अंदाजा न मिल पाने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क में बने दो-दो फीट के गड्ढों से हजारों नौकरीपेशा लोग, स्कूली बच्चे और स्थानीय निवासी रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि करीब एक साल पहले इस सड़क का टेंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी एसडीओ दीपा ने स्वीकार किया है कि टेंडर पहले ही हो चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो सका था। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने और जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया है ताकि लोगों को राहत मिल सके। हालांकि, ठेकेदार और अधिकारियों की इस 'ढुलमुल नीति' और 'विभागीय सुस्ती' से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने रोष जताते हुए सरकार और उच्च अधिकारियों से ऐसे गंभीर मामलों में तुरंत सख्त संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल कागजी आश्वासन देने के बजाय समय पर कार्य पूरा करवाना आवश्यक है ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके।
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    मानसून की पहली बारिश ने फरुखनगर-सुल्तानपुर मोड़ से पावर हाउस तक जाने वाली पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़क की बदहाली को उजागर कर दिया है, जिसके चलते विकास के दावों की पोल खुल गई है। पिछले एक साल से अधिक समय से खराब पड़ी यह सड़क अब राहगीरों के लिए 'सफर नहीं, सजा' बन चुकी है।

बारिश के बाद पूरी मुख्य सड़क गहरे पानी भरे गड्ढों से लबालब हो गई है, जिनकी गहराई का अंदाजा न मिल पाने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क में बने दो-दो फीट के गड्ढों से हजारों नौकरीपेशा लोग, स्कूली बच्चे और स्थानीय निवासी रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि करीब एक साल पहले इस सड़क का टेंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी एसडीओ दीपा ने स्वीकार किया है कि टेंडर पहले ही हो चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो सका था। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने और जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया है ताकि लोगों को राहत मिल सके।

हालांकि, ठेकेदार और अधिकारियों की इस 'ढुलमुल नीति' और 'विभागीय सुस्ती' से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने रोष जताते हुए सरकार और उच्च अधिकारियों से ऐसे गंभीर मामलों में तुरंत सख्त संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल कागजी आश्वासन देने के बजाय समय पर कार्य पूरा करवाना आवश्यक है ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके।
    user_Anil Yadav
    Anil Yadav
    Local News Reporter फर्रुखनगर, गुरुग्राम, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • फरुखनगर नगर पालिका क्षेत्र में बस स्टैंड से लेकर बिजली दफ्तर तक का मुख्य मार्ग पिछले पाँच सालों से बेहद जर्जर हालत में है। इस खस्ताहाल सड़क पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान नहीं है, जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। क्षेत्र में न तो उचित प्रकाश व्यवस्था है, न ही सफाई का कोई प्रबंध, और गड्ढों को भरने का भी कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। आश्चर्यजनक रूप से, बड़े-बड़े अधिकारी और नेता रोजाना इसी मार्ग से आते-जाते हैं, लेकिन किसी की भी नजर इन खतरनाक गड्ढों पर नहीं पड़ती। एक साल पहले इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर भी लगाया गया था, लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते सड़क निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं हो सका। इन सब के बीच, फरुखनगर के अधिकारियों पर सीधा आरोप है कि उन्होंने पिछले 12 सालों में पूरे शहर को ही गड्ढों में तब्दील कर दिया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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    फरुखनगर नगर पालिका क्षेत्र में बस स्टैंड से लेकर बिजली दफ्तर तक का मुख्य मार्ग पिछले पाँच सालों से बेहद जर्जर हालत में है। इस खस्ताहाल सड़क पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान नहीं है, जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। क्षेत्र में न तो उचित प्रकाश व्यवस्था है, न ही सफाई का कोई प्रबंध, और गड्ढों को भरने का भी कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

आश्चर्यजनक रूप से, बड़े-बड़े अधिकारी और नेता रोजाना इसी मार्ग से आते-जाते हैं, लेकिन किसी की भी नजर इन खतरनाक गड्ढों पर नहीं पड़ती। एक साल पहले इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर भी लगाया गया था, लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते सड़क निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं हो सका।

इन सब के बीच, फरुखनगर के अधिकारियों पर सीधा आरोप है कि उन्होंने पिछले 12 सालों में पूरे शहर को ही गड्ढों में तब्दील कर दिया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Gauri shankar
    Gauri shankar
    Voice of people फर्रुखनगर, गुरुग्राम, हरियाणा•
    4 hrs ago
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