रायबरेली में सपा नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहँस, बात चूड़ी पहनने और औकात देखने तक जा पहुँची.... रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज के गेट पर छात्र संगठनों के बीच सदस्यता अभियान के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था, सूचना मिलते ही कानून-व्यवस्था संभालने भारी पुलिस बल और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह मौके पर पहुंचे, इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां आ गए, दोनों पक्षों के बीच चल रही बहस के दौरान अचानक तल्खी बेहद बढ़ गई और बात व्यक्तिगत टिप्पणियों तक आ पहुंची, वायरल वीडियो से साफ सुना जा सकता है जिसमें सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव कथित तौर पर शहर कोतवाल से गुस्से में यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि 'चूड़ी पहन लो', इस पर शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह भी बुरी तरह भड़क गए और कोतवाल ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा, "तुम घर जाकर चूड़ी पहन लो और आगे से औकात में रहकर, लिमिट में रहकर बात करना।" सड़क पर पुलिस और सत्ता-विपक्ष के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक को वहां मौजूद लोगों ने कैमरों में कैद कर लिया, जिसके बाद यह पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।विधायकों के नेतृत्व में एसपी कार्यालय का घेराव कॉलेज गेट पर हुई इस घटना से आक्रोशित समाजवादी पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी और बछरावां विधायक श्यामसुंदर भारती के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर दिया, सपा नेताओं का आरोप है कि शहर कोतवाल ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, इसलिए उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। एसपी ऑफिस के बाहर भारी धक्का-मुक्की और तनाव सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान ही वहां पहले से मौजूद ABVP कार्यकर्ता भी धरने पर बैठ गए, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जब पुलिस ने घेरा तोड़ा, तो सपा कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। सपा विधायकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और अभद्रता की है, हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया गया था। एहतियात के तौर पर कॉलेज और एसपी कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने की निंदा इस घटना के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे पुलिसिया तानाशाही और विपक्षी कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
रायबरेली में सपा नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहँस, बात चूड़ी पहनने और औकात देखने तक जा पहुँची.... रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज के गेट पर छात्र संगठनों के बीच सदस्यता अभियान के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था, सूचना मिलते ही कानून-व्यवस्था संभालने भारी पुलिस बल और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह मौके पर पहुंचे, इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां आ गए, दोनों पक्षों के बीच चल रही बहस के दौरान अचानक तल्खी बेहद बढ़ गई और बात व्यक्तिगत टिप्पणियों तक आ पहुंची, वायरल वीडियो से साफ सुना जा सकता है जिसमें सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव कथित तौर पर शहर कोतवाल से गुस्से में यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि 'चूड़ी पहन लो', इस पर शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह भी बुरी तरह भड़क गए और कोतवाल ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा, "तुम घर जाकर चूड़ी पहन लो और आगे से औकात में रहकर, लिमिट में रहकर बात करना।" सड़क पर पुलिस और सत्ता-विपक्ष के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक को वहां मौजूद लोगों ने कैमरों में कैद कर लिया, जिसके बाद यह पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।विधायकों के नेतृत्व में एसपी कार्यालय का घेराव कॉलेज गेट पर हुई इस घटना से आक्रोशित समाजवादी पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी और बछरावां विधायक श्यामसुंदर भारती के नेतृत्व में सैकड़ों
की संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर दिया, सपा नेताओं का आरोप है कि शहर कोतवाल ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, इसलिए उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। एसपी ऑफिस के बाहर भारी धक्का-मुक्की और तनाव सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान ही वहां पहले से मौजूद ABVP कार्यकर्ता भी धरने पर बैठ गए, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जब पुलिस ने घेरा तोड़ा, तो सपा कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। सपा विधायकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और अभद्रता की है, हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया गया था। एहतियात के तौर पर कॉलेज और एसपी कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने की निंदा इस घटना के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे पुलिसिया तानाशाही और विपक्षी कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
- Post by RAMESH CHANDRA VARMA4
- एक साल में दूसरी बड़ी चोरी, 20 लाख की गुत्थी सुलझी नहीं, फिर पांच लाख पार जसरा प्रयागराज घूरपुर थाना क्षेत्र के जसरा स्थित विश्वनाथ नगर कॉलोनी में चोरों ने बंद मकान का ताला तोड़कर करीब पांच लाख रुपये की चोरी कर ली। चोर कमरे में रखे अटैची, बक्से और अन्य सामान खंगालने के बाद सोने-चांदी के जेवर और 20 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई वारदात से कॉलोनी में हड़कंप मच गया। चिल्ला गौहनी निवासी प्रदीप कुमार मिश्र पुत्र चंद्रिका प्रसाद मिश्र वर्तमान में शिव कुटी गीता भवन, विश्वनाथ नगर में ब्रजेश कुमार पाण्डेय के मकान में किराए पर रहते हैं। प्रदीप कुमार गुरुवार को बच्चे का जन्मदिन मनाने परिवार सहित अपने पैतृक गांव गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जब वह वापस लौटे तो मुख्य दरवाजे और कमरे का ताला टूटा मिला। घर के अंदर पहुंचने पर सामान बिखरा पड़ा था। अटैची, बक्से, कपड़े और बिस्तर तक चोरों ने खंगाल डाले थे। पीड़ित के अनुसार, पत्नी के सोने-चांदी के जेवर और 20 हजार रुपये नकद गायब थे। जेवर और नकदी की कुल कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पीड़ित ने घूरपुर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर मिलने के बाद गौहनिया चौकी प्रभारी अनुराग सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों का सुराग तलाश रही है। चौकी प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को सूचना दे दी गई है और घटना की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चोरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में पुलिस की नियमित गश्त नहीं होने से चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। लोगों ने क्षेत्र में रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब एक वर्ष पूर्व भी इसी कॉलोनी में लगभग 20 लाख रुपये की चोरी हुई थी, जिसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।4
- सीओडी गेट के चकराना तिवारी मोहल्ले में 32 वर्षीय दिलीप कुमार की हार्ट अटैक से मौत, परिवार पर टूटा आर्थिक संकट --- प्रेस विज्ञप्ति / समाचार सीओडी गेट के चकराना तिवारी मोहल्ले में 32 वर्षीय दिलीप कुमार की हार्ट अटैक से मौत, परिवार पर टूटा आर्थिक संकट प्रकाशित: 18 सितम्बर 2026 • स्थान: नैनी, प्रयागराज नैनी, प्रयागराज। सीओडी गेट क्षेत्र के चकराना तिवारी मोहल्ला निवासी 32 वर्षीय दिलीप कुमार की अचानक हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिलीप कुमार सब्जी का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। बेहद सीमित आमदनी में वह अपनी पत्नी, तीन छोटे-छोटे बच्चों और अपनी माता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। परिवार में पहले से ही उनके पिता का साया नहीं था। अब दिलीप की असमय मृत्यु के बाद परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी बड़ी चुनौती आ गई है। परिजनों के मुताबिक, दिलीप ही परिवार की आय का प्रमुख सहारा थे। उनके निधन से पत्नी, तीन मासूम बच्चों और वृद्ध माता के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। स्थानीय मोहल्लेवासियों ने समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। अपील: पीड़ित परिवार की मदद हेतु समाजसेवी/संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं दानदाताओं से अनुरोध है कि वे संवेदना के साथ आर्थिक सहायता हेतु आगे आएं। सहायता हेतु परिवार की देखरेख हेतु स्थानीय प्रशासन एवं समाजसेवी समूह समन्वय कर रहे हैं। नोट: यह सूचना स्थानीय स्रोतों एवं परिजनों के कथन पर आधारित है। संवाददाता — सौरभ यादव AIMA NEWS, नैनी, प्रयागराज ---3
- Available for Sale Locality : भीरपुर एनटीपीसी Area (dimensions) : 36 विघा 12 विस्वा Property Type : Commercial Plot प्लाटिंग के लिए स्कूल विद्यालय के लिए अस्पताल के लिए1
- सिविल लाइंस इलाके में रेस्टोरेंट के बाहर से लाखो का सामान चोरी, वारदात सीसीटीवी में कैद सिविल लाइंस इलाके में रेस्टोरेंट के बाहर से लाखो का सामान चोरी, वारदात सीसीटीवी में कैद प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके के वार्ड नंबर 26 में चोरों के हौसले बुलंद हैं। कानपुर रोड स्थित एक प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट के बाहर से देर रात अज्ञात चोरों ने लाखो रुपये मूल्य की व्यावसायिक सामग्री पर हाथ साफ कर दिया। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पीड़ित रेस्टोरेंट संचालक राजेश जयसवाल ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर कार्रवाई और सामान बरामदगी की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, पी. डी. टंडन मार्ग (कानपुर रोड) पर राजेश जयसवाल का 'अमृतसर रेस्टोरेंट' स्थित है। देर रात करीब 1:00 बजे के बाद, जब बाजार पूरी तरह बंद था, तीन से चार अज्ञात असामाजिक तत्व रेस्टोरेंट के बाहर पहुंचे। सन्नाटे का फायदा उठाकर चोरों ने बाहर रखा मुख्य डिस्प्ले बोर्ड, प्लास्टिक की कुर्सियां व कंटेनर, लोहे का ढांचा तथा बांस आदि समेट लिया और मौके से फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग लाखो आंकी गई है। सुबह जब संचालक प्रतिष्ठान पर पहुंचे तो सामान गायब देखकर घटना की जानकारी हुई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर अज्ञात व्यक्ति सामान ले जाते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत सिविल लाइंस पुलिस को सौंपते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने और क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। पुलिस तहरीर और फुटेज के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।1
- प्रयागराज: पुश्तैनी जमीन के पास आबादी की जमीन पर अवैध कब्जे और दबंगई का आरोप, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार प्रयागराज: पुश्तैनी जमीन के पास आबादी की जमीन पर अवैध कब्जे और दबंगई का आरोप, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार प्रयागराज:के हंडिया तहसील अंतर्गत सराय ममरेज थाना क्षेत्र के बाबूपुर बेलहा निवासी एक परिवार ने अपनी पुश्तैनी जमीन के पास आबादी के जमीन पर अवैध कब्जे और दबंगों द्वारा दी जा रही जान से मारने की धमकियों का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित चंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दिसंबर 2022 से उनकी पैतृक भूमि के बगल में आजा बाबाओ के जमाने से काबिज आबादी की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जिसे लेकर विपक्षियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित के अनुसार, विपक्षी पक्ष किसान यूनियन से जुड़े होने की धौंस दिखाकर जमीन पर जबरन कंडे और उपले एवं जानवर बांधकर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। विरोध करने पर गाली-गलौज करने, रास्ते में रोककर मारपीट करने और फर्जी एससी-एसटी मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भतीजे के साथ बीच चौराहे पर मारपीट कर मोबाइल भी छीन लिया गया था।चंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत स्थानीय थाने से लेकर तहसील दिवस और जिलाधिकारी तक की है। एसडीएम और डीएम स्तर से पैमाइश व निस्तारण के लिए संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश भी जारी हुए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लेखपाल द्वारा केवल खानापूर्ति की गई, जिससे विपक्षियों के हौसले बुलंद हैं।पीड़ित ने बताया कि विपक्षियों ने निर्माण सामग्री (ईंट, सीमेंट, बालू) गिरा ली है और वे जल्द ही पक्का निर्माण कर कब्जा करने की फिराक में हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर भी शिकायत दर्ज कराई है, मगर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। परिवार ने जान-माल का खतरा जताते हुए उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।4
- सफाई के नाम पर खोला नाला, दो दिन से व्यापारी परेशान मेडिकल स्टोर समेत कई दुकानें नाले के सामने, रात में हादसे का डर; ग्राहकों को रोककर रास्ता बता रहे व्यापारी मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे के पास राजमार्ग के दोनों ओर बने नाले की सफाई का काम अधूरा छोड़ दिए जाने से व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। दो दिन पहले एनएचएआई की ओर से जेसीबी लगाकर नाले की सफाई शुरू कराई गई थी। कुछ घंटे काम करने के बाद नाले को खुला छोड़ दिया गया। अब नाले के सामने मेडिकल स्टोर समेत कई दुकानें संचालित हो रही हैं। खुले नाले के कारण दिन में तो किसी तरह लोग बचकर निकल रहे हैं, लेकिन रात के अंधेरे में हादसे का खतरा और बढ़ गया है। व्यापारियों का कहना है कि नाला खुला होने के साथ ही उसमें गंदा पानी और कीचड़ जमा है। इससे उठने वाली दुर्गंध से दुकानों पर बैठना मुश्किल हो गया है। ग्राहक भी दुकान तक पहुंचने में असहज महसूस कर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी रात में हो रही है। अंधेरा होने पर व्यापारी स्वयं दुकानों के सामने खड़े होकर राहगीरों और ग्राहकों को आवाज देकर समझाते हैं कि इधर न आएं, सामने नाला खुला है। इसके बावजूद कई बार लोग अंधेरे में नाले के पास पहुंच जाते हैं। स्थानीय व्यापारी साधु पटेल ने बताया कि वह नाले के किनारे सब्जी की दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सफाई के लिए दो दिन पहले दुकान हटवाई गई थी। दुकान हटाने के बाद कुछ घंटे तक जेसीबी से काम हुआ, लेकिन इसके बाद कर्मचारी चले गए और नाला खुला छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि सफाई अधूरी रहने से व्यापार भी प्रभावित हो रहा है और दुर्गंध के कारण दुकान पर बैठना तक मुश्किल है। मेजारोड व्यापार मंडल के महामंत्री ओपी पांडेय ने कहा कि सफाई के नाम पर नाला खोलकर छोड़ देना व्यापारियों और राहगीरों के लिए नई मुसीबत बन गया है। नाले के सामने मेडिकल स्टोर सहित कई दुकानें हैं, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। रात में अंधेरा होने पर खुले नाले का पता नहीं चलता, ऐसे में किसी के गिरने से गंभीर हादसा हो सकता है। व्यापारी खुद खड़े होकर ग्राहकों और राहगीरों को रास्ता बता रहे हैं कि नाले की तरफ न जाएं। उन्होंने कहा कि यदि सफाई का काम शुरू किया गया था तो उसे पूरा भी कराया जाना चाहिए। नाले की तत्काल सफाई कर उसे सुरक्षित ढंग से ढकने की व्यवस्था की जाए, ताकि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित न हो और किसी राहगीर के साथ दुर्घटना न हो।1
- हंडिया के सपा नेता पवन यादव को गोली मारकर हत्या करने वाले का एनकाउंटर का वीडियो1