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जमुई में एक आंदोलन से पहले प्रशासन ने खुशबू पाठक को जेल भेज दिया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम खुलासे किए, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई।
Nandan Kumar Paswan
जमुई में एक आंदोलन से पहले प्रशासन ने खुशबू पाठक को जेल भेज दिया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम खुलासे किए, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई।
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- बिहार में आज राजनीतिक बयानबाजी और अपराध से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आईं। सम्राट चौधरी के बयान पर सियासी बवाल, बॉयफ्रेंड पर गैंगरेप और बुलेट बाइक के लिए पत्नी की हत्या जैसे मामले सुर्खियों में रहे। राज्य की राजनीति और अपराध के ताज़ा अपडेट्स के लिए देखें दिनभर की खबरें।1
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने मनरेगा मजदूरों के लिए 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी की गारंटी की मांग की है। यह मांग ग्रामीण श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें पर्याप्त आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। सरकार पर इस प्रमुख ग्रामीण रोजगार योजना में बदलाव के लिए दबाव बढ़ रहा है।1
- जमुई में एक आंदोलन से पहले प्रशासन ने खुशबू पाठक को जेल भेज दिया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम खुलासे किए, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई।1
- जन सुराज पार्टी के जमुई जिला अध्यक्ष रुबे न सिंह ने वर्तमान सरकार पर तीखा बयान दिया है। उनके इस बयान से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।1
- बिहार में सहरसा विधायक आईपी गुप्ता साइकिल से दिखे, जिससे लोगों में उत्सुकता बढ़ गई. उनकी यह साइकिल सवारी प्रधानमंत्री मोदी के विपक्ष पर बढ़ते असर के रूप में देखी जा रही है.1
- ज्योतिषमति, जिसे मालकांगनी भी कहते हैं, एक बेहद गुणकारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। यह याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति देने, सिरदर्द, जोड़ों के दर्द और सर्दी-जुकाम जैसी कई समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है। इसके सही उपयोग के लिए विशेषज्ञ आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना उचित होगा।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक पीएचसी में 30 गर्भवती महिलाओं की जांच में 10 को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में चिन्हित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खान-पान की अनदेखी के कारण ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। अब आशा कार्यकर्ताओं को इन महिलाओं की विशेष निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।1
- बिहार के जामूई जिले में महिलाएं अपने पतियों से शराब छोड़ने की मार्मिक अपील कर रही हैं। 'सैंया छोड़ दो ना दारू हमारे लिए' जैसे गीतों के माध्यम से वे समाज में जागरूकता फैला रही हैं और परिवार बचाने का संदेश दे रही हैं।1