Shuru
Apke Nagar Ki App…
ऐसे ही है सोसल मिडिया प्रभारी वीडियो देखो आप को भी बहुत अच्छा लगता होगा
Tohidalamansari tohidalam
ऐसे ही है सोसल मिडिया प्रभारी वीडियो देखो आप को भी बहुत अच्छा लगता होगा
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मोदीनगर खाद्य आपूर्ति विभाग की ARO स्वेज पंवार ने राशन डीलरों के यहां किया निरीक्षण। गाजियाबाद :- मोदीनगर खाद्य आपूर्ति विभाग एक्शन मोड में नजर आ रहा है। विभाग की एआरओ स्वेज पंवार ने अचानक शहर के राशन डीलरों की दुकानों पर पहुंचकर ताबड़तोड़ निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण से राशन डीलरों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान एआरओ स्वेज पंवार ने सीधे जनता से संवाद किया। उन्होंने राशन लेने आए उपभोक्ताओं से पूछताछ की कि कहीं उन्हें तय मात्रा से कम राशन तो नहीं दिया जा रहा? या राशन वितरण में किसी तरह की घटतौली तो नहीं हो रही? लेकिन, इस चेकिंग के दौरान सरकारी दावों की एक बड़ी पोल भी खुल गई। नियम के मुताबिक, राशन वितरण के समय हर दुकान पर एक नोडल अधिकारी की ड्यूटी होती है, जिनकी निगरानी में उपभोक्ताओं को राशन बांटा जाना अनिवार्य है। मगर जमीनी हकीकत यह है कि मोदीनगर शहर के किसी भी राशन डीलर के यहां नोडल अधिकारी ड्यूटी पर नजर ही नहीं आते। जनता भगवान भरोसे राशन लेने को मजबूर है। वहीं दूसरी तरफ, इस कार्रवाई के बाद मोदीनगर के राशन डीलरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। डीलरों का साफ कहना है कि मोदीनगर शहर में कुल 48 राशन डीलर हैं। अगर जांच होनी है, तो सभी 48 दुकानों की होनी चाहिए। डीलरों ने विभाग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा। सिर्फ कुछ चुनिंदा राशन डीलरों को ही टारगेट क्यों किया जा रहा है? अगर जांच का पैमाना एक है, तो कानून भी सबके लिए बराबर होना चाहिए। कुछ चुनिंदा दुकानों पर बार-बार चेकिंग करना और बाकियों को छोड़ देना, विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या खाद्य आपूर्ति विभाग सभी 48 दुकानों की निष्पक्ष जांच करेगा? और ड्यूटी से गायब रहने वाले नोडल अधिकारियों पर क्या कोई कार्रवाई होगी?3
- मुरादनगर नगर पालिका के कारनामे देखकर दंग रह जाएंगे! ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर 15 दिन से बदहाल जनता, सोशल मीडिया पर तारीफों के पुल मुरादनगर। नगर पालिका परिषद मुरादनगर के कामकाज को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है। कुछ यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की जा रही है। लेकिन दूसरी ओर धरातल पर तस्वीर कुछ अलग ही नजर आ रही है। ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब 15 दिनों से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि समस्या के बावजूद संबंधित जिम्मेदारों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। एक तरफ सोशल मीडिया पर नगर पालिका के विकास कार्यों की तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ स्थानीय जनता बुनियादी समस्याओं से जूझती दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सोशल मीडिया की चमक और जमीन पर मौजूद हकीकत में इतना बड़ा अंतर क्यों है? स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं को सामने लाना और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगना है। यदि किसी संस्था के अच्छे कार्य हैं तो उनकी सराहना होनी चाहिए, लेकिन जहां जनता परेशान हो वहां वास्तविक स्थिति भी जनता के सामने रखी जानी चाहिए। सोशल मीडिया पर नगर पालिका की लगातार प्रशंसा करने वाले कथित पत्रकारों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि किसी पत्रकार या यूट्यूबर की नीयत पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है, लेकिन यह जरूर पूछा जा सकता है कि क्या पत्रकारिता का काम सिर्फ तारीफ करना है या फिर जनता की आवाज बनकर सच्चाई सामने लाना भी है? ईदगाह के चौड़े खड़ंजे की स्थिति नगर पालिका के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर करती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि नगर पालिका परिषद मुरादनगर इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक समाधान करती है और जनता को राहत मिलती है।2
- ऐसे ही है सोसल मिडिया प्रभारी वीडियो देखो आप को भी बहुत अच्छा लगता होगा4
- 🛑 पोर्टर का सबसे बड़ा फ़र्ज़ीवाड़ा! 3-Wheeler Outstation बंद? (सच देखो) नमस्ते मेरे ड्राइवर भाइयों! मैं अरविंद कुमार, अपना कार्गो पार्टनर से। आज का वीडियो बहुत गंभीर है। पोर्टर कंपनी थ्री-व्हीलर कार्गो ड्राइवरों के साथ किस स्तर का बड़ा और खतरनाक खेल खेल रही है, आज उसका पर्दाफाश हो जाएगा। कंपनी कागजों पर तो 'Outstation Trips' का बटन चालू रखती है, लेकिन हकीकत में कस्टमर को बुकिंग का विकल्प ही नहीं मिल रहा है। जब कस्टमर लंबी दूरी की बुकिंग चेक करता है, तो थ्री-व्हीलर का विकल्प गायब हो जाता है और सिर्फ 'Eeco' का ऑप्शन आता है। और अगर कोई कोशिश करे, तो कंपनी झूठ बोलती है कि 'सरकारी नियमों की वजह से इस एरिया में गाड़ी प्रतिबंधित है'! जबकि हकीकत यह है कि हमने पहले 3-व्हीलर से आगरा और पंचकूला (हरियाणा) जैसे लंबे रूट के ट्रिप सफलतापूर्वक पूरे किए हैं! यह कंपनी की तरफ से ड्राइवरों के साथ किया जा रहा एक बहुत बड़ा छलावा है, क्योंकि उन्हें लोकल एनसीआर में ज्यादा मुनाफा चाहिए। इस वीडियो में हमने 5 पक्के सबूतों के साथ इस घोटाले का भांडाफोड़ किया है। वीडियो को पूरा देखें और सच जानें। ⚠️Disclaimer: यह वीडियो केवल ड्राइवरों की दैनिक समस्याओं, पारदर्शिता और जागरूकता के उद्देश्य से बनाई गई है। इसका मकसद किसी भी कंपनी या प्लेटफॉर्म की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि सिस्टम में सुधार और ड्राइवरों के अधिकारों की सही आवाज़ उठाना है। इस वीडियो में दी गई जानकारी व्यक्तिगत अनुभवों और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। किसी भी व्यावसायिक निर्णय से पहले कंपनी की आधिकारिक नीतियों की जांच करें। #Porter #PorterIndia #PorterScam #DriverEkta #Porter3Wheeler #PorterPartner #CargoPartner #OutstationBlocked #TruthExposed #PorterFraud #Transport #Logistics #PorterDelhi #DriverRights1
- दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में 155 वा फ्री युनानी मेडिकल कैंप लगाया गया1
- मुरादनगर नगर पालिका के दावों पर सवाल, ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर 15 दिन से बदहाल जनता। गाजियाबाद :- मुरादनगर नगर पालिका परिषद मुरादनगर की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर जहां तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं, वहीं धरातल पर तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब 15 दिनों से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। एक तरफ सोशल मीडिया पर नगर पालिका के विकास कार्यों की सराहना हो रही है, तो दूसरी तरफ जनता बुनियादी समस्याओं से जूझती नजर आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया की चमक और जमीनी हकीकत में इतना अंतर क्यों है? स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सामने लाना और जिम्मेदारों से जवाब मांगना भी है। अब देखना होगा कि नगर पालिका कब इस समस्या का समाधान कर जनता को राहत देती है।1
- खबर का हुआ असर: वायरल खबर के बाद हरकत में आई नगर पालिका परिषद मुरादनगर, रातों-रात चला सफाई अभियान मुरादनगर (गाजियाबाद)। नगर पालिका परिषद मुरादनगर की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र में गंदगी और सफाई व्यवस्था को लेकर खबरें वायरल होने के बाद नगर पालिका परिषद ने देर रात तक सफाई अभियान चलाया और कई स्थानों पर सफाई कर्मियों को तैनात किया गया। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, जिन इलाकों में लंबे समय से नियमित सफाई नहीं हो रही थी, वहां अचानक सफाई कार्य शुरू कराया गया। लोगों का कहना है कि यदि यही सक्रियता पहले दिखाई जाती, तो नागरिकों को अपनी समस्याएं उजागर करने के लिए सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों का सहारा नहीं लेना पड़ता। इस घटनाक्रम के बाद नगर पालिका परिषद की कार्यशैली को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक सोशल मीडिया पर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली की खुलकर प्रशंसा करने वाले लोग अब इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि व्यवस्था पहले से संतोषजनक थी, तो खबर वायरल होने के बाद तत्काल सफाई अभियान चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। स्थानीय लोगों का मानना है कि किसी भी सरकारी संस्था की सफलता केवल प्रचार से नहीं, बल्कि नियमित, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यशैली से तय होती है। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि यह सक्रियता केवल खबरों तक सीमित न रहे, बल्कि भविष्य में भी नगर पालिका परिषद पूरे नगर में नियमित सफाई व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे।3
- सीएम योगी ने दंगा करने वालों के लिए कही एक बात,वीडियो हुआ वायरल! सीएम योगी ने दंगा करने वालों के लिए कही एक बात,वीडियो हुआ वायरल!1
- कांवड़ियों को लेकर मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान पर यति नरसिंहानंद की तीखी प्रतिक्रिया गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कांवड़ियों को लेकर मौलाना साजिद रशीदी के कथित विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। यति नरसिंहानंद ने रशीदी के बयान को गलत बताया की कावड़िया आतंकवादी नहीं है आतंकवादी तो वह है जो कलमा पढ़वाते है और अल्ला हु अकबर करते है और निर्दोष लोगों को मारते है आतंकवादी तो वह होते हैं जो सुरों की तरह जनसंख्या बढ़ाते हैं। और दूसरे देशों में जाकर भिखारी बनकर शरण मांगते हैं फिर उस देश पर कब्जा कर लेते हैं यति नरसिंहनन्द गिरि ने कहा कि मुझे सच्चा दुख है की कांवड़ियों को आतंकवादी होना चाहिए था वास्तव में अगर कांवरिया आतंकवादी होते तो मक्का में हमारा मंदिर नहीं टूटा होता आज भी मक्का के मंदिर मे गंगा जल चढ़ रहा होता कावड़ वहां भी चढ़ रही होती कांवरिया अगर आतंकवादी होते तो इस मौलाना का नाम साजिद रशदी नहीं होता इस का नाम श्याम सिंह अगर कांवरिया वास्तव में आतंकवादी होते तो मौलाना तुम्हारे 57 देश मुस्लिम नहीं होते सब जगह सनातन होता मैं तो महादेव से यह प्रार्थना करता हूं कि मौलाना रशीदी की बात सही निकल जाए कवदित हत्यार उठाएं और आतंकवादी बन जाए जिससे कि सनातन बच सके। अपने बयान के दौरान यति नरसिंहानंद ने भी बेहद आपत्तिजनक और उकसाऊ टिप्पणियां कीं उन्होंने आतंकवाद को लेकर धार्मिक समुदायों के विषय में कई विवादित व आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और यहां तक कहा कि कांवड़ियों को आतंकवादी होना चाहिए था। उन्होंने आगे धार्मिक वर्चस्व से जुड़ी बातें भी कहीं और हथियार उठाने की बात का उल्लेख किया।1