उत्तर प्रदेश के संभल जनपद स्थित मांडली समसपुर गांव में एक मुस्लिम युवक ने अपनी ही बिरादरी के लोगों पर परिवार सहित मस्जिद में नमाज़ अदा करने से रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित मोहम्मद वसीम ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ित मोहम्मद वसीम का आरोप है कि धुनिया (बुन्ना) बिरादरी से होने के कारण गांव के तुर्क बिरादरी के लोग उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं। वसीम के अनुसार, मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद और उसके बेटे शाने आलम समेत कुछ लोग पिछले डेढ़ साल से उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर रहे हैं। उन्हें जकात लेने, धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने और अपनी परंपरा के अनुसार मस्जिद में नमाज़ पढ़ने से रोका जा रहा है। गांव में उनकी बिरादरी के पांच-छह परिवार रहते हैं। मामले को बेहद गंभीर बताते हुए एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने संबंधित थाना प्रभारी को पीड़ित की तहरीर लेकर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने कहा कि किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन गंभीर विषय है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ित बिना रोक-टोक अपने धार्मिक अधिकारों का पालन कर सके। उन्होंने बताया कि पहले पुलिस स्तर पर समझौते का प्रयास विफल रहा था, इसलिए अब कानूनी कार्रवाई के जरिए समाधान कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के संभल जनपद स्थित मांडली समसपुर गांव में एक मुस्लिम युवक ने अपनी ही बिरादरी के लोगों पर परिवार सहित मस्जिद में नमाज़ अदा करने से रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित मोहम्मद वसीम ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ित
मोहम्मद वसीम का आरोप है कि धुनिया (बुन्ना) बिरादरी से होने के कारण गांव के तुर्क बिरादरी के लोग उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं। वसीम के अनुसार, मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद और उसके बेटे शाने आलम समेत कुछ लोग पिछले डेढ़ साल से उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर रहे हैं। उन्हें जकात
लेने, धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने और अपनी परंपरा के अनुसार मस्जिद में नमाज़ पढ़ने से रोका जा रहा है। गांव में उनकी बिरादरी के पांच-छह परिवार रहते हैं। मामले को बेहद गंभीर बताते हुए एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने संबंधित थाना प्रभारी को पीड़ित की तहरीर लेकर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
दिए हैं। एसपी ने कहा कि किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन गंभीर विषय है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ित बिना रोक-टोक अपने धार्मिक अधिकारों का पालन कर सके। उन्होंने बताया कि पहले पुलिस स्तर पर समझौते का प्रयास विफल रहा था, इसलिए अब कानूनी कार्रवाई के जरिए समाधान कराया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के संभल जनपद स्थित मांडली समसपुर गांव में एक मुस्लिम युवक ने अपनी ही बिरादरी के लोगों पर परिवार सहित मस्जिद में नमाज़ अदा करने से रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित मोहम्मद वसीम ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ित मोहम्मद वसीम का आरोप है कि धुनिया (बुन्ना) बिरादरी से होने के कारण गांव के तुर्क बिरादरी के लोग उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं। वसीम के अनुसार, मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद और उसके बेटे शाने आलम समेत कुछ लोग पिछले डेढ़ साल से उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर रहे हैं। उन्हें जकात लेने, धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने और अपनी परंपरा के अनुसार मस्जिद में नमाज़ पढ़ने से रोका जा रहा है। गांव में उनकी बिरादरी के पांच-छह परिवार रहते हैं। मामले को बेहद गंभीर बताते हुए एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने संबंधित थाना प्रभारी को पीड़ित की तहरीर लेकर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने कहा कि किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन गंभीर विषय है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ित बिना रोक-टोक अपने धार्मिक अधिकारों का पालन कर सके। उन्होंने बताया कि पहले पुलिस स्तर पर समझौते का प्रयास विफल रहा था, इसलिए अब कानूनी कार्रवाई के जरिए समाधान कराया जाएगा।4
- संभल हिंसा के मुख्य आरोपी एडवोकेट जफर अली ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ज्वाइन कर ली है। ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा के इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए एडवोकेट जफर अली अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ जुड़ गए हैं।1
- एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुरादाबाद के ऐतिहासिक जामा मस्जिद पार्क में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। बहराइच और सहारनपुर के दौरों के बाद मुरादाबाद पहुंचे ओवैसी ने हजारों समर्थकों की मौजूदगी में चुनावी तैयारियों का शंखनाद किया। अपने संबोधन में ओवैसी ने वर्ष 1980 में मुरादाबाद ईदगाह में हुए दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना में बड़ी संख्या में मुसलमानों की जान गई थी और आज भी न्याय की मांग कायम है। उन्होंने ऐलान किया कि एआईएमआईएम पूरी मजबूती के साथ 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी। ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई दल समान विचारधारा के साथ गठबंधन करना चाहता है, तो उनकी पार्टी बातचीत के लिए तैयार है। जनसभा में बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने एआईएमआईएम की राजनीतिक सक्रियता का संकेत दिया है।1
- Post by Neeraj Mariya1
- बदायूं जिले के बिसौली स्थित एक गांव में मुख्य रास्ते पर अतिक्रमण के कारण राज्य विद्यालय जाने वाले बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के मुख्य मार्ग पर लोग अपने मवेशी बांध देते हैं और अपने वाहन खड़े कर देते हैं। आम रास्ते पर मवेशियों को बांधने और गाड़ियों के खड़े रहने से रास्ता बाधित हो जाता है, जिससे रोज स्कूल जाने वाले बच्चों को वहां से गुजरने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।2
- महाप्रभु के दिव्य राजराजेश्वरी वेश ने सभी का मन मोह लिया है। उनके इस अलौकिक और भव्य स्वरूप को देखकर लोग पूरी तरह भाव-विभोर हो गए।1
- मोहल्ला सराय गेट घोउसियां, वार्ड नंबर 10 में 10 से 15 आवारा कुत्ते मौजूद हैं, जिससे स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। कुत्तों के कारण हो रही समस्या को देखते हुए लोगों ने अधिकारियों को सूचित करते हुए निवेदन किया है कि इन आवारा कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़ने का प्रयास किया जाए।1
- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 10 सांसदों और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष समेत सपा का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने रामपुर के जिलाधिकारी से मुलाकात कर जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा है। रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश पारित किए जाने के बाद से समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इससे दो दिन पहले भी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 45 विधायकों, पूर्व विधायकों और जिलाध्यक्षों का एक प्रतिनिधिमंडल रामपुर आया था। आज कलेक्ट्रेट पहुँचे प्रतिनिधिमंडल में रामपुर जिलाध्यक्ष अजय सागर, सांसद जावेद अली खान, महाराष्ट्र सपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अबू आसिम आजमी, सांसद हरेंद्र सिंह मलिक, रुचि वीरा, इकरा हसन, राजीव राय, मोहिबुल्लाह, नीरज मौर्य, जियाउर्रहमान बर्क, देवेश शाक्य और राम शिरोमणि वर्मा शामिल रहे। कलेक्ट्रेट में मीडिया से बातचीत करते हुए कैराना सांसद इकरा हसन ने सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे "अनपढ़ जाहिलों की सरकार" बताते हुए कहा कि इस सरकार ने कोई शिक्षण संस्थान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि देश के छात्र अहंकारी सरकार का अहंकार तोड़ रहे हैं और जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने के नोटिस पर कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्णय होना चाहिए। मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने जनहित व छात्रों के हित में इस नोटिस को अवैध बताते हुए इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की। संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए और नया निर्माण करने की जगह बनी हुई इमारतों को तोड़ना सरासर गलत है। साथ ही उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए इसे देश के युवाओं के संघर्ष की जीत करार दिया।1