*दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे पड़ी इस जमीन पर रोडवेज का अस्थाई बस स्टेशन बन सकता है बेहतर विकल्प* लखनऊ। चारबाग रोडवेज बस स्टेशन से शिफ्ट की गई कुल बसों को मिलाकर आलमबाग बस स्टेशन पर लगभग 950 बसे हो गई है आलमबाग बस स्टेशन परिसर में इतनी सारी बसों का ठहराव बहुत मुश्किल सा हो गया है , हालांकि इस दबाव को कम करने के लिए एक विकल्प नजर आ रहा है , चारबाग के निकट दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे एक बहुत बड़ी नॉर्दन रेलवे की जमीन खाली पड़ी है जो एक घने जंगल का रूप ले चुकी है। इसी जमीन पर कुछ झुग्गी-झोपड़ियों वालो ने अतिक्रमण कर रखा है , वहीं नगर निगम भी इस जमीन पर कूड़े को डंप करने का काम करता है , यदि इस जमीन को अधिग्रहीत करने की दिशा में लखनऊ कमिश्नर और परिवहन विभाग के द्वारा रेलवे से मंत्राण कर संयुक्त रूप से पहले की जाए तो चारबाग में ट्रैफिक का दबाव करने के साथ-साथ उसे कंट्रोल किया जा सकता है, रेलवे की खाली पड़ी इस जमीन को 2 वर्ष के लिए लीज पर लेकर अस्थाई रूप से चारबाग रोडवेज स्टेशन की बसों का संचालन किया जाना एक बेहतर विकल्प होगा
*दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे पड़ी इस जमीन पर रोडवेज का अस्थाई बस स्टेशन बन सकता है बेहतर विकल्प* लखनऊ। चारबाग रोडवेज बस स्टेशन से शिफ्ट की गई कुल बसों को मिलाकर आलमबाग बस स्टेशन पर लगभग 950 बसे हो गई है आलमबाग बस स्टेशन परिसर में इतनी सारी बसों का ठहराव बहुत मुश्किल सा हो गया है , हालांकि इस दबाव को कम करने के लिए एक विकल्प नजर आ रहा है , चारबाग के निकट दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे एक बहुत बड़ी नॉर्दन रेलवे की जमीन खाली पड़ी है जो एक घने जंगल का रूप ले चुकी है। इसी जमीन पर कुछ झुग्गी-झोपड़ियों वालो ने अतिक्रमण कर रखा है , वहीं नगर निगम भी इस जमीन पर कूड़े को डंप करने का काम करता है , यदि इस जमीन को अधिग्रहीत करने की दिशा में लखनऊ कमिश्नर और परिवहन विभाग के द्वारा रेलवे से मंत्राण कर संयुक्त रूप से पहले की जाए तो चारबाग में ट्रैफिक का दबाव करने के साथ-साथ उसे कंट्रोल किया जा सकता है, रेलवे की खाली पड़ी इस जमीन को 2 वर्ष के लिए लीज पर लेकर अस्थाई रूप से चारबाग रोडवेज स्टेशन की बसों का संचालन किया जाना एक बेहतर विकल्प होगा
- लखनऊ। इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा पर मामूली विवाद पर कार सवार ने टैक्सी चालक आशियाना निवासी अमरजीत सिंह की जमकर पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के।मुताबिक चालक की पीटने वाला शख्स पुलिस कर्मी था। उसकी गाड़ी में पुलिस का लोगों और अंदर पुलिस की यूनिफार्म और कैप रखा हुआ था।1
- *दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे पड़ी इस जमीन पर रोडवेज का अस्थाई बस स्टेशन बन सकता है बेहतर विकल्प* लखनऊ। चारबाग रोडवेज बस स्टेशन से शिफ्ट की गई कुल बसों को मिलाकर आलमबाग बस स्टेशन पर लगभग 950 बसे हो गई है आलमबाग बस स्टेशन परिसर में इतनी सारी बसों का ठहराव बहुत मुश्किल सा हो गया है , हालांकि इस दबाव को कम करने के लिए एक विकल्प नजर आ रहा है , चारबाग के निकट दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे एक बहुत बड़ी नॉर्दन रेलवे की जमीन खाली पड़ी है जो एक घने जंगल का रूप ले चुकी है। इसी जमीन पर कुछ झुग्गी-झोपड़ियों वालो ने अतिक्रमण कर रखा है , वहीं नगर निगम भी इस जमीन पर कूड़े को डंप करने का काम करता है , यदि इस जमीन को अधिग्रहीत करने की दिशा में लखनऊ कमिश्नर और परिवहन विभाग के द्वारा रेलवे से मंत्राण कर संयुक्त रूप से पहले की जाए तो चारबाग में ट्रैफिक का दबाव करने के साथ-साथ उसे कंट्रोल किया जा सकता है, रेलवे की खाली पड़ी इस जमीन को 2 वर्ष के लिए लीज पर लेकर अस्थाई रूप से चारबाग रोडवेज स्टेशन की बसों का संचालन किया जाना एक बेहतर विकल्प होगा1
- हरदोई से इस वक्त की बड़ी खबर, जीरो टार्लेंस की नाक कटाती जनपद हरदोई की पाली पुलिस, कानून के रखवालों के बीच बेखौफ अपराधी कैसे होगी जनता की सुरक्षा जब थाना परिसर में दिन दहाड़े चलती गोली सनसनीखेज खबर से दहला हरदोई का पाली थाना परिसर थाने के अंदर घुसकर पति अनूप ने अपनी पत्नी सोनी के मारी गोली, महिला की हालत नाजुक, प्रेमी के साथ घर छोड़कर भागने से नाराज था पति, 5 दिन पहले भागी थी महिला, पुलिस ने रविवार को किया था बरामद घटना से थाना परिसर में मचा हड़कंप पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, पाली थाने का है पूरा मामला।2
- Post by Nadim Ansari2
- जनपद बाराबंकी के जिला सरकारी अस्पताल में मानवता और सामाजिक सौहार्द की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती एक गरीब महिला को गंभीर एनीमिया के चलते समय पर रक्त न मिलने से दो दिनों तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे संकट के समय आज़ाद समाज पार्टी के युवा नेता अशफाक उर्फ गुड्डू ने आगे बढ़कर रक्तदान कर महिला की जान बचाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर में भर्ती महिला हर्षिता सिंह, निवासी छपरा गांव, देवा शरीफ (बाराबंकी) को डॉक्टरों ने गंभीर एनीमिया से पीड़ित बताया। जांच में सामने आया कि महिला के शरीर में मात्र चार यूनिट खून शेष था और उसे तत्काल AB पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता थी। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिजन बाहर से रक्त की व्यवस्था करने में असमर्थ थे, जिससे महिला की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। इसी दौरान जिला अस्पताल में मौजूद स्थानीय पत्रकार चौधरी उस्मान अली से महिला के परिजनों की मुलाकात हुई। परिजनों ने अपनी समस्या बताते हुए मदद की गुहार लगाई। पत्रकार चौधरी उस्मान अली ने तत्काल अपने परिचितों व मित्रों से संपर्क कर रक्त की व्यवस्था कराने का प्रयास किया, लेकिन समय पर कोई उपलब्ध नहीं हो सका। जब यह जानकारी आज़ाद समाज पार्टी के युवा नेता अशफाक उर्फ गुड्डू तक पहुंची, तो उन्होंने बिना किसी देरी के रक्तदान करने की सहमति दी। वे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और महिला को एक यूनिट रक्तदान किया, जिससे उसकी हालत में सुधार आया। रक्त चढ़ते ही महिला हर्षिता सिंह भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने अशफाक उर्फ गुड्डू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर रक्त न मिलता, तो उन्हें लखनऊ से रक्त मंगवाना पड़ता, जो उनकी आर्थिक स्थिति के कारण संभव नहीं था। इस अवसर पर अशफाक उर्फ गुड्डू ने कहा कि आज़ाद समाज पार्टी बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद की मदद करती है। उन्होंने कहा कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है और जरूरतमंद की सहायता करना ही सच्ची सेवा है। वहीं पत्रकार चौधरी उस्मान अली ने बताया कि उन्होंने कई लोगों से संपर्क किया, लेकिन समय पर मदद के लिए आगे केवल अशफाक उर्फ गुड्डू ही आए। अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों व तीमारदारों ने इस कार्य की सराहना की और इसे हिंदू-मुस्लिम एकता तथा इंसानियत की सच्ची मिसाल बताया।1
- radhe radhe1
- Post by Nadim Ansari1