*बोरी घाट में अनियंत्रित DJ वाहन 150 फीट लुढ़का, बाल-बाल बचे सवार* *ढलान पर बिगड़ा संतुलन, अफरा-तफरी के बीच टला बड़ा हादसा* आमला। बोरी घाट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक DJ वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 150 फुट पीछे की ओर लुढ़क गया। घटना के दौरान वाहन में सवार लोगों की सांसें थम गईं, लेकिन गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाट के खतरनाक ढलान पर वाहन चालक का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया, जिससे वाहन तेजी से पीछे की ओर खिसकने लगा। इस अप्रत्याशित स्थिति से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और वाहन को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया और वाहन को सुरक्षित करने में मदद की। इस घटना में वाहन को आंशिक नुकसान पहुंचा है। वहीं, पुलिस को सूचना दे दी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि वाहन की रफ्तार और अधिक होती या समय पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह घटना एक गंभीर हादसे में बदल सकती थी।
*बोरी घाट में अनियंत्रित DJ वाहन 150 फीट लुढ़का, बाल-बाल बचे सवार* *ढलान पर बिगड़ा संतुलन, अफरा-तफरी के बीच टला बड़ा हादसा* आमला। बोरी घाट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक DJ वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 150 फुट पीछे की ओर लुढ़क गया। घटना के दौरान वाहन में सवार लोगों की सांसें थम गईं, लेकिन गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाट के खतरनाक ढलान पर वाहन चालक का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया, जिससे वाहन तेजी से पीछे की ओर खिसकने लगा। इस अप्रत्याशित स्थिति से मौके पर मौजूद लोगों
में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और वाहन को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया और वाहन को सुरक्षित करने में मदद की। इस घटना में वाहन को आंशिक नुकसान पहुंचा है। वहीं, पुलिस को सूचना दे दी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि वाहन की रफ्तार और अधिक होती या समय पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह घटना एक गंभीर हादसे में बदल सकती थी।
- आमला। बोरी घाट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक DJ वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 150 फुट पीछे की ओर लुढ़क गया। घटना के दौरान वाहन में सवार लोगों की सांसें थम गईं, लेकिन गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाट के खतरनाक ढलान पर वाहन चालक का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया, जिससे वाहन तेजी से पीछे की ओर खिसकने लगा। इस अप्रत्याशित स्थिति से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और वाहन को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया और वाहन को सुरक्षित करने में मदद की। इस घटना में वाहन को आंशिक नुकसान पहुंचा है। वहीं, पुलिस को सूचना दे दी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि वाहन की रफ्तार और अधिक होती या समय पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह घटना एक गंभीर हादसे में बदल सकती थी।2
- Post by Kashinath Sahu1
- भीषण गर्मी के चलते स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित बैतूल। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और मौसम की अत्यधिक प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए बालाजी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, खंजनपुर द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार 19 अप्रैल 2026 से 14 जून 2026 तक स्कूल पूर्णतः बंद रहेगा। इसके बाद विद्यालय 15 जून 2026 से पुनः नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। विद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे गर्मी के इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें। बच्चों को अधिक से अधिक पानी पीने, पौष्टिक फल एवं संतुलित भोजन लेने की सलाह दी गई है, ताकि वे स्वस्थ रह सकें। साथ ही छुट्टियों के दौरान परिवार के साथ समय बिताने और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया गया है। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को दिए गए हॉलिडे होमवर्क को समय पर पूरा करना अनिवार्य होगा, ताकि पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे। विद्यालय की ओर से सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित और आनंदमय छुट्टियों की शुभकामनाएं दी गई हैं।2
- Post by Mukesh. uikey2
- स्वच्छता सर्वेक्षण कार्य में लीपापोती नगर पालिका परिषद है मौन.... खबर बैतूल मध्य प्रदेश से बैतूल नगर पालिका परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के तहत नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने हेतु विभिन्न प्रकार के कार्य चल रहे है। जिसमें से शहर के भीतर विभिन्न मार्ग से लगी दीवारों पर रंगरोगन और स्वच्छता का संदेश देती कलाकृतियां उकेरी जा रही है। साथ ही स्लोगन तथा स्वच्छता सर्वेक्षण का वर्ष भी अंकित किया जा रहा है। इस कार्य में लीपापोती नजर आ रही है एक ओर तो मुख्य मार्गो व शासकीय विभागों की दीवारों पर नया काम दिखाया जा रहा है ।वहीं अन्य मार्गो से लगी दीवारों पे बनी पुरानी पेंटिंग को ही नयी बताकर के उसमें अंकित दिनांक को मिटाकर नई दिनांक नया वर्ष एडिट कर लीपापोती की जा रही है।इस कारस्तानी की हकीगत जानने की कोशिश हमारी टीम ने की । जब पेंटर से जवाब मांगा तो उन्होंने हमे बताया कि हम तो मजदूर हैं हमे ये करने का ठेकेदार ने कहा हैं। और वहां से वे भाग खड़े हुए तब हमने ठेकेदार से संपर्क कर जवाब तलब किया तो उन्होंने नगर पालिका परिषद के अधिकारियों का हवाला देकर कहा कि ये उनके कहने से कर रहे है उन्होंने किसी भी अधिकारी का नाम नहीं लिया पर यह सब नगर पालिका परिषद की कार्य प्रणाली व आधिकारियों के कार्य पर प्रश्नचिन्ह है। की किस प्रकार पुराने कार्य को नया बताकर और ठेकेदार से मिलीभगत कर जिले की आम जनता का टैक्स का पैसा अपनी जेबों में भर रहे हैं। बता दे कि यह पुताई का यह ठेका गंजबासौदा की शर्मा आर्ट नामक फर्म को मिला है जो पिछले १५दिनों से दीवारों पे रंगरोगन का कार्य कर रहे हैं। यहां स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 को मिटा कर 2025 कर दिया गया है साथ ही पुरानी ठेका कंपनी का नाम भी मिटा दिया गया हैबता दे की ठेकेदार शर्मा से जब हमने के उक्त विषय में बात करनी चाही तो वो हमें अपनी राजनीतिक पकड़ की धौंस दिखाने लगा। तथा इस मामले में नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार लोग भी बात करने से कतराते नजर आए। खुले आम इस प्रकार की भ्रष्टाचारी मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल के गृह जिले में चल रही है। और इसपर कोई अंकुश नहीं है।4
- पांढुर्णा:-संविधान के मूल्यों को अपनाने का लिया संकल्प, सामाजिक समरसता पर हुआ मंथन पांढुर्णा स्थित भाजपा जिला कार्यालय में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके महान विचारों एवं सामाजिक समरसता के लिए दिए गए अतुलनीय योगदान पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में सभी ने यह संकल्प लिया कि संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय एवं अधिकार पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि समाज के प्रति कर्तव्यों का भी बोध कराते हैं। इस दौरान एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष खेमराज सोनेकर, जिला पंचायत सदस्य सुनंदा ताई डोंगरे सहित लक्ष्मीकांत बोरकर, विनोद वस्त्राणे, माधोराव पाटील, सुखदेव सोमकुवर, दिवाकर बागड़े, निलीमा शैंडे एवं अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।।1
- 🚨 जुन्नारदेव में भड़की भीषण आग, पुलिस थाने के पास मचा हड़कंप 🔥 मार्केट दुकान में लगी आग ने ली विकराल रूप 🚒 दमकल की टीम मौके पर, आग बुझाने का जारी है प्रयास1
- आमला। आमला नगर पालिका परिषद के इंजीनियर की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर के सबसे व्यस्त मेन मार्केट क्षेत्र में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि नाली का निर्माण सुनियोजित तरीके से न होकर अव्यवस्थित ढंग से किया जा रहा है। फुटपाथ की जगह नाली बनाए जाने से जहां पैदल चलने वालों के लिए जगह खत्म हो रही है, वहीं दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच भी प्रभावित हो रही है। इससे व्यापार पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि नगर पालिका को अधूरी और असुविधाजनक व्यवस्था बनाने के बजाय पूरे मार्ग का व्यवस्थित सड़क निर्माण करना चाहिए, जिससे लंबे समय तक समस्या का समाधान हो सके। निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। व्यापारियों ने ठेकेदार पर “पेटी सिस्टम” के तहत काम देने का आरोप लगाया है, जिससे जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही और काम की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री, विशेषकर एम-सेंड (M-Sand), की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए। व्यापारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्य में सुधार नहीं किया गया और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, इस पूरे मामले में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी लोगों के गुस्से को और भड़का रही है। नागरिकों का कहना है कि समय रहते यदि प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। जब इस संबंध में उपयंती को कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल नहीं उठाया।3