मथुरा में 4 जून को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ मिथुन विश्वकर्मा ने अपनी पत्नी पुख्खन की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से झांसी के आरा मशीन के पास रहने वाला मिथुन रील बनाने का बेहद शौकीन था। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से कुछ दिन पहले उसने सोशल मीडिया पर एक रील साझा की थी, जिसमें उसने खुद लिखा था— "मैं खुद अपने गुस्से से डरता हूं।" मिथुन की इंस्टाग्राम आईडी 'विश्वकर्मा ब्रांड छोरा' नाम से थी, जिस पर उसके 932 फॉलोअर्स थे, वह 179 लोगों को फॉलो करता था, और अब तक 443 पोस्ट कर चुका था। अपनी पत्नी की हत्या करने और खुदकुशी करने से ठीक पहले मिथुन ने इंस्टाग्राम पर अपनी पत्नी के साथ एक आखिरी रील अपलोड की थी। इस रील के बैकग्राउंड में उसने "क्यों हो तुम शरमाई हुई सी, लगती हो कुछ घबराई हुई सी... मेरे सवालों का जवाब दो, दो ना..." गाना लगाया था। इस आखिरी रील के कैप्शन में मिथुन ने भावुक होते हुए 'मेरी जान' लिखा था। इस आखिरी पोस्ट के ठीक बाद उसने पत्नी की जान लेकर खुद को भी खत्म कर लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
मथुरा में 4 जून को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ मिथुन विश्वकर्मा ने अपनी पत्नी पुख्खन की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से झांसी के आरा मशीन के पास रहने वाला मिथुन रील बनाने का बेहद शौकीन था। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से कुछ दिन पहले उसने सोशल मीडिया पर एक रील साझा की थी, जिसमें उसने खुद लिखा था— "मैं खुद अपने गुस्से से डरता हूं।" मिथुन की इंस्टाग्राम आईडी 'विश्वकर्मा ब्रांड छोरा' नाम से थी, जिस पर उसके 932 फॉलोअर्स थे, वह 179 लोगों को फॉलो करता था, और अब तक 443 पोस्ट कर चुका था। अपनी पत्नी की हत्या करने और खुदकुशी करने से ठीक पहले मिथुन ने इंस्टाग्राम पर अपनी पत्नी के साथ एक आखिरी रील अपलोड की थी। इस रील के बैकग्राउंड में उसने "क्यों हो तुम शरमाई हुई सी, लगती हो कुछ घबराई हुई सी... मेरे सवालों का जवाब दो, दो ना..." गाना लगाया था। इस आखिरी रील के कैप्शन में मिथुन ने भावुक होते हुए 'मेरी जान' लिखा था। इस आखिरी पोस्ट के ठीक बाद उसने पत्नी की जान लेकर खुद को भी खत्म कर लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
- पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के श्यामपुर थाना क्षेत्र के अमरदाहा गाँव में रविवार, 7 जून को स्थानीय लोगों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता संन्यासी मन्ना के बाल मुंडवा दिए और उन्हें जूतों की माला पहनाकर घुमाया। उन पर सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया गया था, जिसके कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था।1
- फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के अंतर्गत, अब हर किसान खुशहाली की ओर अग्रसर है। इस पहल के माध्यम से, किसानों की समृद्धि को विकसित भारत की एक प्रमुख पहचान के रूप में देखा जा रहा है।1
- मेरठ क्षेत्र में बढ़ते पेयजल संकट और पानी निकासी की गंभीर समस्या को लेकर भारतीय हिंदू सरकार संघ (अल्पसंख्यक मोर्चा) के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने तत्काल समाधान की मांग करते हुए कहा कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण स्थानीय लोगों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्र में लंबे समय से कोई हैंडपंप स्थापित नहीं किया गया है, जिसके कारण निवासियों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच यह पानी की समस्या लगातार गहराती जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में तीव्र असंतोष पनप रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पानी की पाइपलाइन बिछा तो दी गई है, लेकिन उसे अभी तक मुख्य जलापूर्ति लाइन से नहीं जोड़ा गया है, जिसके चलते लोग इस पाइपलाइन के लाभ से वंचित हैं। इस ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि पानी की पाइपलाइन को अविलंब मुख्य जलापूर्ति व्यवस्था से जोड़ा जाए और क्षेत्र में हैंडपंप स्थापित कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए भी तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। भारतीय हिंदू सरकार संघ (अल्पसंख्यक मोर्चा) के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें, तुरंत संज्ञान लें और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।1
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पोस्ट में 'जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय. महाकाल' के जयकारों को दोहराया गया है। यह उद्घोष महाकाल के प्रति भक्तिभाव व्यक्त करता है।1
- मोस्ट निदेशक शिक्षक श्यामलाल निषाद ने विधानसभा 190 लंभुआ से अपनी बात रखते हुए हुंकार भरी। उन्होंने अपनी पहचान बताते हुए कहा कि भले ही उनकी कर्मभूमि एम.जी.एस. इंटर कॉलेज, सिविल लाइन, सुल्तानपुर है, लेकिन वे लंभुआ में गोमती नदी की गोद में पले-बढ़े हैं, और इस क्षेत्र के सभी लोग उनके अपने हैं।1
- सुल्तानपुर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत शिवगढ़ पुलिस ने हत्या के एक गंभीर मामले में वांछित और लंबे समय से फरार चल रहे ₹25,000 के इनामी आरोपी मान सिंह, पुत्र बिन्देश्वर, निवासी ग्राम भिटौरा पर शिकंजा कसा है। पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर के निर्देश पर फरार अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय द्वारा धारा 84 बीएनएसएस के अंतर्गत उद्घोषणा जारी की गई थी, जिसके अनुपालन में आज दिनांक 07.06.2026 को यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा के नेतृत्व में शिवगढ़ पुलिस की पूरी टीम ने आरोपी के गांव भिटौरा में दबिश दी। इस दौरान पुलिस बल ने ढोल-नगाड़ों के साथ सार्वजनिक मुनादी करते हुए आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा की। इस कार्रवाई से पूरे गांव का माहौल बदल गया और पुलिस की सख्ती को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून से भागने वालों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, और फरार अपराधियों के लिए अब कोई राहत नहीं है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश जारी रहेगी और उसे जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर इलाके में पुलिस की सख्ती की जमकर चर्चा हो रही है।1
- चुनावी सरगर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक श्यामलाल निषाद ने मतदाताओं के रुझान पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लोग अभी भी वोट के महत्व को नहीं समझ रहे हैं और 'भौकाल वाले आदमी' को प्राथमिकता दे रहे हैं। निषाद के अनुसार, यदि 'भौकाल वाला' व्यक्ति चुनाव जीतता है, तो वह केवल अपने खर्च किए गए पैसे और संसाधनों की वसूली करेगा, जिसमें उसकी गाड़ियों का डीजल खर्च भी शामिल है, जिससे आम जनता को कोई लाभ नहीं होगा। लोकतंत्र की मूल भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें हर कोई चुनाव लड़ने और विधायक बनने का अधिकार रखता है। हालांकि, मौजूदा स्थिति यह है कि जिसके पास पैसा या 'भौकाल' नहीं है, उसे लोग गंभीरता से नहीं लेते। निषाद ने सीधे मतदाताओं से सवाल किया कि उन्हें 'भौकाली आदमी' चाहिए या 'सही आदमी', और यह तय करने की जिम्मेदारी उन्हीं पर छोड़ दी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इन चुनावी हलचलों के बीच वह स्वयं लोगों के दिलों में अपनी जगह बना पाएंगे।1
- पटना के चर्चित शिक्षक खान सर एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। छात्र नेता खुशबू पाठक ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके शिक्षण तौर-तरीकों और महिलाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण पर तीखा हमला बोला है। खुशबू पाठक ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें खान सर को 'सर' कहने में भी शर्म आती है, क्योंकि वे छात्रों को सही राह दिखाने के बजाय उन्हें पत्थर और गोली चलाने जैसी हिंसक बातें बताते हैं। छात्र नेता ने आगे आरोप लगाया कि खान सर क्लासरूम में छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। उनके अनुसार, लिपस्टिक और अन्य चीजों को लेकर महिलाओं पर भद्दी-भद्दी बातें करना उनकी आदत बन चुकी है, जो एक शिक्षक की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है और मर्यादा लांघने जैसा है। उल्लेखनीय है कि अपने अनोखे और मजाकिया अंदाज के लिए देश भर में मशहूर खान सर पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। इस नए विवाद और छात्र नेता खुशबू पाठक के इन गंभीर आरोपों पर अभी तक खान सर या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि पुलिस और प्रशासन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।1