पटना के चर्चित शिक्षक खान सर एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। छात्र नेता खुशबू पाठक ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके शिक्षण तौर-तरीकों और महिलाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण पर तीखा हमला बोला है। खुशबू पाठक ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें खान सर को 'सर' कहने में भी शर्म आती है, क्योंकि वे छात्रों को सही राह दिखाने के बजाय उन्हें पत्थर और गोली चलाने जैसी हिंसक बातें बताते हैं। छात्र नेता ने आगे आरोप लगाया कि खान सर क्लासरूम में छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। उनके अनुसार, लिपस्टिक और अन्य चीजों को लेकर महिलाओं पर भद्दी-भद्दी बातें करना उनकी आदत बन चुकी है, जो एक शिक्षक की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है और मर्यादा लांघने जैसा है। उल्लेखनीय है कि अपने अनोखे और मजाकिया अंदाज के लिए देश भर में मशहूर खान सर पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। इस नए विवाद और छात्र नेता खुशबू पाठक के इन गंभीर आरोपों पर अभी तक खान सर या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि पुलिस और प्रशासन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
पटना के चर्चित शिक्षक खान सर एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। छात्र नेता खुशबू पाठक ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके शिक्षण तौर-तरीकों और महिलाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण पर तीखा हमला बोला है। खुशबू पाठक ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें खान सर को 'सर' कहने में भी शर्म आती है, क्योंकि वे छात्रों को सही राह दिखाने के बजाय उन्हें पत्थर और गोली चलाने जैसी हिंसक बातें बताते हैं। छात्र नेता ने आगे आरोप लगाया कि खान सर क्लासरूम में छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। उनके अनुसार, लिपस्टिक और अन्य चीजों को लेकर महिलाओं पर भद्दी-भद्दी बातें करना उनकी आदत बन चुकी है, जो एक शिक्षक की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है और मर्यादा लांघने जैसा है। उल्लेखनीय है कि अपने अनोखे और मजाकिया अंदाज के लिए देश भर में मशहूर खान सर पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। इस नए विवाद और छात्र नेता खुशबू पाठक के इन गंभीर आरोपों पर अभी तक खान सर या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि पुलिस और प्रशासन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
- मुंबई से भीनमाल जा रही एक यात्री बस के भीषण दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद खबर सामने आई है। यह हादसा इतना भयानक था कि दुर्घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। बस में भारी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें से कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी मिली है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं। मौके पर एक साथ कई एम्बुलेंस भेजी गई हैं। स्थानीय लोगों और राहत कर्मियों की मदद से घायलों को तुरंत बस से बाहर निकाला गया और उन्हें एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भेजा जा रहा है। घायलों को तत्काल उपचार मिल सके, इसके लिए डॉक्टरों की टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है। यह हादसा कुछ ही समय पहले हुआ है, और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। कई घायल यात्रियों के परिजनों को अभी तक इस घटना की सूचना नहीं मिल पाई है। लोगों से अपील की गई है कि वे इस खबर और इससे जुड़े वीडियो को कम से कम 10 लोगों के साथ साझा करें, ताकि भीनमाल और मुंबई के प्रभावित परिवारों तक यह जानकारी पहुँच सके और किसी की मदद हो सके।1
- राजवाड़े रामपुर निवासी नूर मोहम्मद नामक युवक एक महिला द्वारा कथित तौर पर पीटा गया और उसे भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। महिला ने खुद को ‘बाहर का’ बताया और इस घटना को अंजाम दिया। एक वीडियो के माध्यम से यह सामने आया है कि महिला ने अकेले पुरुष को देखकर उसे चप्पल से मारने की धमकी दी। यह पूरा प्रकरण इस बात को स्पष्ट करता है कि महिला खुद को ‘दबंग’ समझ रही है।3
- अंबेडकरनगर जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मोटीरामपुर मालाधार स्थित शिव मंदिर में पूजा-पाठ और शिव चर्चा के दौरान जमकर हंगामा होने का आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था, तभी हाजी गयास, अरमान, अमरार, राजा सहित 20 से 25 अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंच गए और माहौल बिगाड़ने लगे। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपितों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की भी बात कही जा रही है, जिसके बाद मंदिर परिसर में हुए इस विवाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। पीड़ितों ने कोतवाली अकबरपुर में एक तहरीर देकर हाजी गयास, अरमान, अमरार, राजा और अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने जोर देकर कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आरोपितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। पुलिस ने तहरीर प्राप्त होने की पुष्टि की है और बताया है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- जिले में पुलिस भर्ती प्रवेश परीक्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद रखी गई है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश देने से पहले उनकी गहन जांच की गई। केंद्र के मुख्य गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों ने अभ्यर्थियों के जूते, कान को मैगनीफाइन ग्लास से और अन्य सभी आवश्यक बिंदुओं की बारीकी से पड़ताल की।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 के तहत सुल्तानपुर जिले में परीक्षा अत्यंत शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो रही है। सूबे में नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। शासन की नीति के अनुसार, इस बार अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद के बजाय गैर-जनपदों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। सुल्तानपुर में यह परीक्षा प्रक्रिया 7, 8 और 9 जून तक विभिन्न पालियों में संचालित की जा रही है। इसी क्रम में, कटका खानपुर स्थित राम रति कॉलेज परीक्षा केंद्र का जायजा लिया गया, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच अभ्यर्थियों ने बड़े ही शांत वातावरण में अपनी परीक्षा दी, और परीक्षा केंद्र के बाहर व भीतर सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क नजर आए। बाराबंकी, अमेठी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अंबेडकर नगर और अयोध्या आदि जिलों के अभ्यर्थियों ने अनौपचारिक बातचीत में प्रशासन की व्यवस्थाओं को बेहतर बताया। कड़ी सुरक्षा और निष्पक्ष माहौल को देखते हुए, अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई है कि इस बार परीक्षा का परिणाम बेहद सकारात्मक और अच्छा रहेगा।1
- अंबेडकर नगर जिले के सम्मनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लेहड़ी माजीसा गांव में तालाब में नहाने को लेकर हुए विवाद के कारण एक युवक की मृत्यु हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के शव को बीच सड़क पर रखकर यातायात जाम कर दिया। पुलिस को कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- मथुरा में 4 जून को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ मिथुन विश्वकर्मा ने अपनी पत्नी पुख्खन की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से झांसी के आरा मशीन के पास रहने वाला मिथुन रील बनाने का बेहद शौकीन था। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से कुछ दिन पहले उसने सोशल मीडिया पर एक रील साझा की थी, जिसमें उसने खुद लिखा था— "मैं खुद अपने गुस्से से डरता हूं।" मिथुन की इंस्टाग्राम आईडी 'विश्वकर्मा ब्रांड छोरा' नाम से थी, जिस पर उसके 932 फॉलोअर्स थे, वह 179 लोगों को फॉलो करता था, और अब तक 443 पोस्ट कर चुका था। अपनी पत्नी की हत्या करने और खुदकुशी करने से ठीक पहले मिथुन ने इंस्टाग्राम पर अपनी पत्नी के साथ एक आखिरी रील अपलोड की थी। इस रील के बैकग्राउंड में उसने "क्यों हो तुम शरमाई हुई सी, लगती हो कुछ घबराई हुई सी... मेरे सवालों का जवाब दो, दो ना..." गाना लगाया था। इस आखिरी रील के कैप्शन में मिथुन ने भावुक होते हुए 'मेरी जान' लिखा था। इस आखिरी पोस्ट के ठीक बाद उसने पत्नी की जान लेकर खुद को भी खत्म कर लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।1
- अंबेडकरनगर में पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर और माफिया खान मुबारक के परिवार पर बड़ी कार्रवाई की है। बसखारी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मकोइया गांव स्थित उनके घर से खान मुबारक की बहन, भांजे और भांजी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके घर से 43 लाख रुपये से अधिक के चोरी के जेवरात और नकदी बरामद की। पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए सामान में 1 लाख रुपये नकद, सोने और हीरे के जेवरात, रानी हार, झुमके, डायमंड नेकलेस और अंगूठियां शामिल हैं। इसके साथ ही, तीन ज्वेलर्स रिपोर्ट कार्ड भी मिले हैं। पुलिस ने बताया कि कुल बरामद माल की कीमत 43 लाख 8 हजार 800 रुपये है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आफताब उमर खान, नाजमीन अख्तर और अरीन फातमा के रूप में हुई है। बसखारी पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है।5
- अपना दल (एस) के 276 विधानसभा गोसाईंगंज क्षेत्र के लोकप्रिय नेता प्रमोद सिंह की प्रशंसा करते हुए, जिन्होंने निरंतर लोगों के बीच पहुँचकर उनके सुख-दुःख में अपनी पहचान बनाई है, लेखक ने एक हृदय विदारक घटना साझा की है। लेखक ने बताया कि वे अक्सर लोगों के दुःख-दर्द में शामिल होते रहते हैं, लेकिन ग्यासपुर के एक गौड़ परिवार की बेबसी, बदनसीबी, गरीबी और लाचारी ने उन्हें बहुत पीड़ा दी। इस परिवार के इकलौते युवा कमाऊ बेटे का हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया था। जब लेखक शोक संवेदना व्यक्त करने गए, तो दिवंगत बेटे की पत्नी ने अपनी तीन महीने की अबोध बेटी को उनकी गोद में रख दिया। उसने बताया कि उसके सास-ससुर वृद्ध हैं, उसके दोनों देवर आँखों से दिव्यांग हैं, और उसके पास खेती की कोई जमीन भी नहीं है। महिला ने लेखक को अपने पिता समान बताते हुए यह मार्मिक प्रश्न किया, “मेरा क्या होगा?” वहाँ से आने के बाद भी महिला के सवाल लेखक के मन में लगातार गूँजते रहे। इसके तीसरे दिन, लेखक फिर उस परिवार के पास गए और पूरे परिवार को अपनाया। उन्होंने यह वचन दिया कि वे हर संकट में अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ सदैव उनके साथ खड़े रहेंगे। (ब्यूरो रिपोर्ट, दुर्गा सिंह)1