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यह पोस्ट माजीसा मां बालोतरा जसोल के प्रति गहरी भक्ति और असीम श्रद्धा को व्यक्त करती है। इसमें मां के प्रति हृदय से प्रणाम और स्नेह की भावना दर्शाई गई है।
Tulsi Devi
यह पोस्ट माजीसा मां बालोतरा जसोल के प्रति गहरी भक्ति और असीम श्रद्धा को व्यक्त करती है। इसमें मां के प्रति हृदय से प्रणाम और स्नेह की भावना दर्शाई गई है।
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- बारां जिले के छबड़ा-छीपाबड़ौद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरावदा में मूलभूत समस्याओं के समाधान और समाज में वैचारिक चेतना जगाने के उद्देश्य से एक विशेष सेमिनार का शानदार आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक युवा मंच बारां और राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, जिला बारां के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। सेमिनार में जिले और ब्लॉक स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों ने शिरकत कर अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए। इनमें छीपाबड़ौद तहसील अध्यक्ष अमृतलाल बागड़ी, सामाजिक युवा मंच जिला बारां अध्यक्ष कमल बेरवा, जिला प्रभारी रामप्रसाद मेघवाल, संरक्षक धर्मवीर साहब, जिला महामंत्री राधेश्याम बदरिया, जिला महासचिव बृजमोहन आचार्य व आसाराम बेरवा, जिला सचिव दयाराम, जिला मीडिया प्रभारी योगेंद्र बेरवा, मांगरोल ब्लॉक अध्यक्ष लाल सिंह रेगर, अंता ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र बेरवा, राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के तहसील अध्यक्ष पप्पू लाल बेरवा, छबड़ा ब्लॉक अध्यक्ष हरिराम मीना और महासचिव बनवारी लाल बेरवा प्रमुख रूप से शामिल रहे। वक्ताओं ने क्षेत्र की जनता से जुड़े कई संवेदनशील और मूलभूत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता, प्रधानमंत्री आवास और शौचालय की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके समाधान के लिए रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारत के संविधान को अक्षुण्ण बनाए रखने और समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया गया। सेमिनार में बाबा साहेब के ऐतिहासिक संदेश "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगा वह दहाड़ेगा" को दोहराते हुए कहा गया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है और हमें जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानव कल्याण के लिए काम करना होगा। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रगतिशील विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक सुधार के लिए निरंतर संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया। यह संकल्प सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों की उपस्थिति में लिया गया।4
- बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र में रावा से रतनपुरा जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे उगी झाड़ियों और बढ़ते अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ गया है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन है। सड़क किनारे फैली झाड़ियों के कारण वाहन चालकों के लिए सामने से आने वाले वाहनों को देख पाना मुश्किल हो गया है, जिससे दृश्यता कम हो गई है। वहीं, कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। इन समस्याओं के चलते इस मार्ग पर अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा ने तत्काल सड़क किनारे की झाड़ियों को कटवाने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं। इस मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़क किनारे उगी झाड़ियों को जल्द ही कटवाया जाएगा। अतिक्रमण की समस्या के समाधान के लिए उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को पत्र भेजा जाएगा और आवश्यक निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने आश्वस्त किया कि पीडब्ल्यूडी के साथ समन्वय स्थापित कर इस समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।4
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- यह जानकारी पूरे शरीर को मजबूत बनाने से संबंधित है।1
- सरकार की जन-कल्याणकारी और फ्लैगशिप योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से हरनावदाशाहजी के ग्राम पंचायत सारथल और देवरीजोध में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को योजनाओं की जानकारी दी, मौके पर ही प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया और पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाया। शिविर में राजस्व विभाग के अतिरिक्त 21 अन्य विभागों, कुल 22 विभागों, से संबंधित कार्य किए गए। इनमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायती राज, आयोजना, ग्रामीण विकास, पशुपालन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल, श्रम, कृषि, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति, जनजाति क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, ऊर्जा, सार्वजनिक निर्माण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता, सैनिक कल्याण, वन, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण, और परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। देवरीजोध शिविर में उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुन्तल, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, कानूनगो सुरेन्द्र शर्मा और ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश पारेता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, सारथल में प्रशासक लोकेन्द्र सिंह, विकास अधिकारी रामबिलास मीणा, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह हाड़ा, अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव, पटवारी बलराम जाट और ग्राम विकास अधिकारी दुर्गाप्रसाद गौत्तम के साथ कंप्यूटर सहायक राकेश शर्मा आदि मौजूद थे। सारथल शिविर में गौशाला हेतु भूमि आवंटन का एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया। सारथल गौ सेवा समिति ने ग्राम पंचायत को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर गौशाला के लिए भूमि आवंटन की मांग की। ग्राम पंचायत ने तुरंत शिविर में उपस्थित तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर को पत्र लिखकर चारागाह भूमि में से 5 बीघा भूमि गौशाला हेतु आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया। तहसीलदार द्वारा भूमि की जानकारी लेने पर पटवारी ने बताया कि खसरा नंबर 565 में 24 बीघा भूमि अतिक्रमित है। तहसीलदार ने मौके पर ही पटवारी बलराम जाट, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह हाड़ा और अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव को तत्काल चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। विकास अधिकारी रामबिला मीणा ने ग्राम विकास अधिकारी को अतिक्रमण हटवाने के लिए जेसीबी जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद प्रशासक/ग्राम विकास अधिकारी ने तुरंत जेसीबी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराकर पुलिस बल भी बुलाया। विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो और प्रशासक स्वयं पूरी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और खसरा नंबर 565 में प्रस्तावित गौशाला हेतु 5 बीघा चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया। इस कार्रवाई से गाँव में गौशाला निर्माण का रास्ता साफ हो गया, जिस पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 की सराहना की। देवरीजोध तहसील छीपाबड़ौद में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर की एक अन्य सफलता में, एक दशक पुरानी राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि को मौके पर ही सुधारा गया। ग्राम भगवतपुरा निवासी कालू की पुत्रियां नंदू बाई और जुल्फी बाई (जाति कैथोडिया) के नाम सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में पिछले 20-25 वर्षों से गलत दर्ज थे। शिविर में उपस्थित न्यायालय उपखंड अधिकारी ने मामले की सुनवाई करते हुए मौके पर ही नाम शुद्धिकरण का निर्णय पारित किया। इसमें नंदू बाई का नाम बदलकर नंदू उर्फ मोतिया और चम्पा बाई का नाम बदलकर जुल्फी उर्फ चम्पा बाई किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद पटवारी राजस्व टीम द्वारा नामांतरण तुरंत दर्ज कर रिकॉर्ड को अपडेट कर दिया गया। इसी तरह, सारथल शिविर में भवानीपुरा निवासी गिरराज सिंह पुत्र रामसिंह (जाति राजपूत) की 20-22 वर्ष पुरानी कृषि भूमि के खाते में दर्ज गलत नाम का संशोधन किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम भवानीपुरा में खाता संख्या 07 में उनकी माताजी का नाम फूॅलकंवर की जगह मूलकंवर दर्ज हो गया था, जिसके कारण उन्हें बैंकों से केसीसी और मुआवजे में परेशानी हो रही थी। गिरराज सिंह द्वारा सारथल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में नाम संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर, शिविर प्रभारी ने मौके पर उपस्थित राजस्व टीम को नाम संशोधन करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच के उपरांत उनके खाते में नाम संशोधित कर दिया। यह ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत आयोजित हुआ।4
- गुना शहर के इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलवार देर रात प्लास्टिक पाइप निर्माण करने वाली हरीश रत्रा की एक फैक्ट्री में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री परिसर में रखा प्लास्टिक का कच्चा माल, तैयार पाइप तथा अन्य सामग्री उसकी चपेट में आ गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर स्थित विंध्याचल कॉलोनी से भी धुएं के गुबार और ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। इस अग्निकांड में प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग ₹70 से ₹80 लाख के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह इकाई कृषि और सिंचाई कार्यों में उपयोग होने वाले पाइप तैयार करती है, जहाँ बड़ी मात्रा में प्लास्टिक दाने, रॉ मटेरियल और तैयार माल का भंडारण किया जाता था। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8:30 बजे रोजाना की तरह कार्य समाप्त होने के बाद यूनिट बंद कर दी गई थी और उस समय परिसर में कोई असामान्य स्थिति नहीं थी। हालांकि, रात लगभग 11 बजे आसपास के लोगों ने फैक्ट्री से धुआं उठता देखा और तत्काल नगरपालिका तथा प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। आग की गंभीरता को देखते हुए चार फायर ब्रिगेड वाहनों को मौके पर बुलाया गया। प्लास्टिक सामग्री अधिक होने के कारण आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे राहत कार्य में भारी कठिनाई आ रही थी। फायर ब्रिगेड के सामने सबसे बड़ी चुनौती फैक्ट्री की मजबूत पक्की दीवारें थीं, क्योंकि आग अंदर धधक रही थी और बाहर से पानी पहुंचाना आसान नहीं था। स्थिति को देखते हुए, सबसे पहले फैक्ट्री के गेट का ताला तोड़कर टीम अंदर पहुंची। इसके बाद भी आग तक सीधी पहुंच न बन पाने के कारण दीवारों में कई स्थानों पर छेद कर पानी की बौछारें अंदर पहुंचाई गईं। आग बुझाने के लिए लगातार टैंकरों से पानी मंगवाया गया ताकि अभियान बिना रुके चलता रहे। नगरपालिका, फायर ब्रिगेड और अन्य कर्मचारियों ने पूरी रात मोर्चा संभाले रखा। नगरपालिका अध्यक्ष पति अरविंद गुप्ता सहित नगरपालिका का अमला मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी करता रहा। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तड़के आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक फैक्ट्री में रखा बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कच्चा माल, तैयार पाइप और अन्य सामग्री जलकर खाक हो चुकी थी। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का अंतिम आकलन भी किया जा रहा है।1
- आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के क्रम में सेतुबंध आसन का अभ्यास किया जा रहा है।1
- गुना के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक पाइप निर्माण फैक्ट्री में बीती देर रात करीब 11:30 बजे भीषण आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। फैक्ट्री परिसर में खेती में उपयोग होने वाले प्लास्टिक पाइपों का बड़ा स्टॉक रखा हुआ था, जो आग की चपेट में आने के बाद तेजी से जलने लगा। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें और घना धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस भीषण अग्निकांड में पाइप फैक्ट्री का लाखों का माल जलकर खाक हो गया।1