बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र में रावा से रतनपुरा जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे उगी झाड़ियों और बढ़ते अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ गया है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन है। सड़क किनारे फैली झाड़ियों के कारण वाहन चालकों के लिए सामने से आने वाले वाहनों को देख पाना मुश्किल हो गया है, जिससे दृश्यता कम हो गई है। वहीं, कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। इन समस्याओं के चलते इस मार्ग पर अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा ने तत्काल सड़क किनारे की झाड़ियों को कटवाने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं। इस मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़क किनारे उगी झाड़ियों को जल्द ही कटवाया जाएगा। अतिक्रमण की समस्या के समाधान के लिए उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को पत्र भेजा जाएगा और आवश्यक निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने आश्वस्त किया कि पीडब्ल्यूडी के साथ समन्वय स्थापित कर इस समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र में रावा से रतनपुरा जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे उगी झाड़ियों और बढ़ते अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ गया है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन है। सड़क
किनारे फैली झाड़ियों के कारण वाहन चालकों के लिए सामने से आने वाले वाहनों को देख पाना मुश्किल हो गया है, जिससे दृश्यता कम हो गई है। वहीं, कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। इन समस्याओं के चलते इस मार्ग पर अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा
ने तत्काल सड़क किनारे की झाड़ियों को कटवाने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं। इस मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़क किनारे उगी झाड़ियों को जल्द ही कटवाया जाएगा। अतिक्रमण की समस्या
के समाधान के लिए उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को पत्र भेजा जाएगा और आवश्यक निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने आश्वस्त किया कि पीडब्ल्यूडी के साथ समन्वय स्थापित कर इस समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
- बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र में रावा से रतनपुरा जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे उगी झाड़ियों और बढ़ते अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ गया है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन है। सड़क किनारे फैली झाड़ियों के कारण वाहन चालकों के लिए सामने से आने वाले वाहनों को देख पाना मुश्किल हो गया है, जिससे दृश्यता कम हो गई है। वहीं, कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। इन समस्याओं के चलते इस मार्ग पर अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा ने तत्काल सड़क किनारे की झाड़ियों को कटवाने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं। इस मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़क किनारे उगी झाड़ियों को जल्द ही कटवाया जाएगा। अतिक्रमण की समस्या के समाधान के लिए उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को पत्र भेजा जाएगा और आवश्यक निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने आश्वस्त किया कि पीडब्ल्यूडी के साथ समन्वय स्थापित कर इस समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।4
- Khatu Shyam Baba ki aartigfdagrskyyrhr bfjrshzhkf hdjuyec Krishna baba Darbar mein umari Bhari bheed Mandir mein aurhycdntfjek ke fitgenchty kfjhagveish kshdghf hi1
- यह जानकारी पूरे शरीर को मजबूत बनाने से संबंधित है।1
- सरकार की जन-कल्याणकारी और फ्लैगशिप योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से हरनावदाशाहजी के ग्राम पंचायत सारथल और देवरीजोध में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को योजनाओं की जानकारी दी, मौके पर ही प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया और पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाया। शिविर में राजस्व विभाग के अतिरिक्त 21 अन्य विभागों, कुल 22 विभागों, से संबंधित कार्य किए गए। इनमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायती राज, आयोजना, ग्रामीण विकास, पशुपालन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल, श्रम, कृषि, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति, जनजाति क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, ऊर्जा, सार्वजनिक निर्माण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता, सैनिक कल्याण, वन, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण, और परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। देवरीजोध शिविर में उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुन्तल, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, कानूनगो सुरेन्द्र शर्मा और ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश पारेता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, सारथल में प्रशासक लोकेन्द्र सिंह, विकास अधिकारी रामबिलास मीणा, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह हाड़ा, अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव, पटवारी बलराम जाट और ग्राम विकास अधिकारी दुर्गाप्रसाद गौत्तम के साथ कंप्यूटर सहायक राकेश शर्मा आदि मौजूद थे। सारथल शिविर में गौशाला हेतु भूमि आवंटन का एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया। सारथल गौ सेवा समिति ने ग्राम पंचायत को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर गौशाला के लिए भूमि आवंटन की मांग की। ग्राम पंचायत ने तुरंत शिविर में उपस्थित तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर को पत्र लिखकर चारागाह भूमि में से 5 बीघा भूमि गौशाला हेतु आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया। तहसीलदार द्वारा भूमि की जानकारी लेने पर पटवारी ने बताया कि खसरा नंबर 565 में 24 बीघा भूमि अतिक्रमित है। तहसीलदार ने मौके पर ही पटवारी बलराम जाट, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह हाड़ा और अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव को तत्काल चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। विकास अधिकारी रामबिला मीणा ने ग्राम विकास अधिकारी को अतिक्रमण हटवाने के लिए जेसीबी जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद प्रशासक/ग्राम विकास अधिकारी ने तुरंत जेसीबी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराकर पुलिस बल भी बुलाया। विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो और प्रशासक स्वयं पूरी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और खसरा नंबर 565 में प्रस्तावित गौशाला हेतु 5 बीघा चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया। इस कार्रवाई से गाँव में गौशाला निर्माण का रास्ता साफ हो गया, जिस पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 की सराहना की। देवरीजोध तहसील छीपाबड़ौद में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर की एक अन्य सफलता में, एक दशक पुरानी राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि को मौके पर ही सुधारा गया। ग्राम भगवतपुरा निवासी कालू की पुत्रियां नंदू बाई और जुल्फी बाई (जाति कैथोडिया) के नाम सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में पिछले 20-25 वर्षों से गलत दर्ज थे। शिविर में उपस्थित न्यायालय उपखंड अधिकारी ने मामले की सुनवाई करते हुए मौके पर ही नाम शुद्धिकरण का निर्णय पारित किया। इसमें नंदू बाई का नाम बदलकर नंदू उर्फ मोतिया और चम्पा बाई का नाम बदलकर जुल्फी उर्फ चम्पा बाई किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद पटवारी राजस्व टीम द्वारा नामांतरण तुरंत दर्ज कर रिकॉर्ड को अपडेट कर दिया गया। इसी तरह, सारथल शिविर में भवानीपुरा निवासी गिरराज सिंह पुत्र रामसिंह (जाति राजपूत) की 20-22 वर्ष पुरानी कृषि भूमि के खाते में दर्ज गलत नाम का संशोधन किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम भवानीपुरा में खाता संख्या 07 में उनकी माताजी का नाम फूॅलकंवर की जगह मूलकंवर दर्ज हो गया था, जिसके कारण उन्हें बैंकों से केसीसी और मुआवजे में परेशानी हो रही थी। गिरराज सिंह द्वारा सारथल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में नाम संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर, शिविर प्रभारी ने मौके पर उपस्थित राजस्व टीम को नाम संशोधन करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच के उपरांत उनके खाते में नाम संशोधित कर दिया। यह ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत आयोजित हुआ।4
- बारां जिले के छबड़ा-छीपाबड़ौद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरावदा में मूलभूत समस्याओं के समाधान और समाज में वैचारिक चेतना जगाने के उद्देश्य से एक विशेष सेमिनार का शानदार आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक युवा मंच बारां और राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, जिला बारां के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। सेमिनार में जिले और ब्लॉक स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों ने शिरकत कर अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए। इनमें छीपाबड़ौद तहसील अध्यक्ष अमृतलाल बागड़ी, सामाजिक युवा मंच जिला बारां अध्यक्ष कमल बेरवा, जिला प्रभारी रामप्रसाद मेघवाल, संरक्षक धर्मवीर साहब, जिला महामंत्री राधेश्याम बदरिया, जिला महासचिव बृजमोहन आचार्य व आसाराम बेरवा, जिला सचिव दयाराम, जिला मीडिया प्रभारी योगेंद्र बेरवा, मांगरोल ब्लॉक अध्यक्ष लाल सिंह रेगर, अंता ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र बेरवा, राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के तहसील अध्यक्ष पप्पू लाल बेरवा, छबड़ा ब्लॉक अध्यक्ष हरिराम मीना और महासचिव बनवारी लाल बेरवा प्रमुख रूप से शामिल रहे। वक्ताओं ने क्षेत्र की जनता से जुड़े कई संवेदनशील और मूलभूत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता, प्रधानमंत्री आवास और शौचालय की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके समाधान के लिए रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारत के संविधान को अक्षुण्ण बनाए रखने और समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया गया। सेमिनार में बाबा साहेब के ऐतिहासिक संदेश "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगा वह दहाड़ेगा" को दोहराते हुए कहा गया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है और हमें जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानव कल्याण के लिए काम करना होगा। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रगतिशील विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक सुधार के लिए निरंतर संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया। यह संकल्प सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों की उपस्थिति में लिया गया।4
- कोटा में चंद्रसेल मठ की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक वकील ने कथित तौर पर ₹1 लाख की सुपारी देकर एक महंत की हत्या करवा दी थी। इस मामले के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था, और इसी विवाद के चलते आरोपी वकील ने महंत को रास्ते से हटाने की पूरी साजिश रची, जिसके बाद सुपारी देकर हत्या को अंजाम दिया गया। घटना को अंजाम देने के बाद खुद पर किसी तरह का शक न हो, इसके लिए आरोपी वकील ने कथित तौर पर एक अस्पताल में भर्ती होने का नाटक भी किया। पुलिस ने इस पहलू की भी गहराई से जांच की और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए इस गंभीर मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग इस घटना पर अपनी हैरानी व्यक्त कर रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि इस मामले में जल्द ही और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।2
- कोटा में गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले में चल रही जांच के दौरान, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित इंजेक्शन का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया है और अधिकारियों ने इससे जुड़े संस्थानों में गहन जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिलाओं की मौत के बाद उपयोग में लिए गए इंजेक्शन को जांच के दायरे में लाया गया है। एहतियातन, इस इंजेक्शन का पूरा स्टॉक जब्त करके उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम इस मामले की विस्तृत जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर विशेष नजर बनाए हुए है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।1
- आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के क्रम में सेतुबंध आसन का अभ्यास किया जा रहा है।1