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राजस्थान दर्शन मीडिया पर बाली और फालना, राजस्थान क्षेत्र से जुड़ी खबरें देखी जा सकती हैं।

2 hrs ago
user_जमाल खान बाली
जमाल खान बाली
बाली, पाली, राजस्थान•
2 hrs ago
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राजस्थान दर्शन मीडिया पर बाली और फालना, राजस्थान क्षेत्र से जुड़ी खबरें देखी जा सकती हैं।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • पाली जिले के फालना और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार देर शाम करीब 9 बजे तेज आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। इस दौरान कई स्थानों पर घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर गए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। खास बात यह रही कि आंधी आने से लगभग एक घंटा पहले फालना और उसके आसपास के सभी लोगों के फोन पर एक अलर्ट बज उठा था। इस पूर्व चेतावनी के बाद कई लोग सतर्क हो गए और फोन के माध्यम से एक-दूसरे को संभावित खतरे की जानकारी देते भी देखे गए। हालांकि, इसके बावजूद देर शाम आई इस तेज आंधी ने कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया।
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    पाली जिले के फालना और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार देर शाम करीब 9 बजे तेज आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। इस दौरान कई स्थानों पर घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर गए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

खास बात यह रही कि आंधी आने से लगभग एक घंटा पहले फालना और उसके आसपास के सभी लोगों के फोन पर एक अलर्ट बज उठा था। इस पूर्व चेतावनी के बाद कई लोग सतर्क हो गए और फोन के माध्यम से एक-दूसरे को संभावित खतरे की जानकारी देते भी देखे गए। हालांकि, इसके बावजूद देर शाम आई इस तेज आंधी ने कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • सुमेरपुर, सांडेराव और तखतगढ़ क्षेत्रों में 30 मई शनिवार अलसुबह हुई बारिश के कारण समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिसके बाद प्रशासन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) हरकत में आ गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एफसीआई अजमेर मंडल प्रबंधक राकेश कुमार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। यह टीम शनिवार शाम करीब 7 बजे तखतगढ़ स्थित खरीद केंद्र पहुंची, जिसमें एफसीआई प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना, प्रबंधक रींकूजी खटूमरा और गोविंदराम गोसाईवाल शामिल थे। अधिकारियों ने बारिश से प्रभावित गेहूं के कट्टों का गहन निरीक्षण किया और बूम्बी का उपयोग कर विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया। यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के डाक बंगले परिसर में संचालित अस्थायी खरीद केंद्र पर गेहूं का समय पर उठाव न होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक खुले में पड़ा था। शनिवार सुबह हुई बारिश से कई कट्टे भीग गए, जिससे किसानों और संबंधित एजेंसियों में भारी चिंता बढ़ गई थी। एफसीआई अधिकारियों ने प्रभावित गेहूं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना ने बताया कि बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। गुणवत्ता निरीक्षक दिलीप गोस्वामी ने भी पुष्टि की कि बारिश के कारण कुछ गेहूं के बैग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    सुमेरपुर, सांडेराव और तखतगढ़ क्षेत्रों में 30 मई शनिवार अलसुबह हुई बारिश के कारण समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिसके बाद प्रशासन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) हरकत में आ गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एफसीआई अजमेर मंडल प्रबंधक राकेश कुमार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई।

यह टीम शनिवार शाम करीब 7 बजे तखतगढ़ स्थित खरीद केंद्र पहुंची, जिसमें एफसीआई प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना, प्रबंधक रींकूजी खटूमरा और गोविंदराम गोसाईवाल शामिल थे। अधिकारियों ने बारिश से प्रभावित गेहूं के कट्टों का गहन निरीक्षण किया और बूम्बी का उपयोग कर विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया।

यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के डाक बंगले परिसर में संचालित अस्थायी खरीद केंद्र पर गेहूं का समय पर उठाव न होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक खुले में पड़ा था। शनिवार सुबह हुई बारिश से कई कट्टे भीग गए, जिससे किसानों और संबंधित एजेंसियों में भारी चिंता बढ़ गई थी।

एफसीआई अधिकारियों ने प्रभावित गेहूं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना ने बताया कि बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। गुणवत्ता निरीक्षक दिलीप गोस्वामी ने भी पुष्टि की कि बारिश के कारण कुछ गेहूं के बैग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में बिरामी गांव के पास 1400 एमएम व्यास की जवाई-पाली जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस सूचना के तुरंत बाद, संबंधित विभाग ने पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक भंडारण और उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तकनीकी कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आगामी दो दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जल का संयमित उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह करके रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियमित जलापूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।
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    पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में बिरामी गांव के पास 1400 एमएम व्यास की जवाई-पाली जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस सूचना के तुरंत बाद, संबंधित विभाग ने पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक भंडारण और उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तकनीकी कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आगामी दो दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है।

विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जल का संयमित उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह करके रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियमित जलापूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।
    user_Naresh kumar Malviya
    Naresh kumar Malviya
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सिरोही जिले के गोयली गाँव में, कुत्तों के हमले से घायल हुए एक बंदर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। टीम को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, सिरोही रेस्क्यू टीम और निरमा फाउंडेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने मिलकर घायल बंदर को सुरक्षित बचा लिया।
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    सिरोही जिले के गोयली गाँव में, कुत्तों के हमले से घायल हुए एक बंदर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। टीम को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, सिरोही रेस्क्यू टीम और निरमा फाउंडेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने मिलकर घायल बंदर को सुरक्षित बचा लिया।
    user_Mahesh arya
    Mahesh arya
    Video Creator सिरोही, सिरोही, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • राजसमंद के कांकरोली स्थित तृतीय पीठ प्रन्यास के द्वारकाधीश मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर विशेष झांकियों के तहत 'भूल भुलैया में सावन भादो महोत्सव' का आयोजन किया गया। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के प्रसिद्ध डायरेक्टर आसित मोदी द्वारा यह मनोरथ करवाया गया था, जिसमें आसित मोदी भी अपने परिवार सहित मंदिर में मौजूद रहे। मंदिर के तिलकायत डॉक्टर वागीश कुमार के निर्देशन में यह मनोरथ करीब तीन घंटे तक चला। इसके लिए मंदिर के मुख्य द्वार से ही जंगल, अंधेरा, तूफान और बारिश जैसा कृत्रिम नज़ारा तैयार किया गया था, जिसमें पक्षियों की कलरव और जानवरों की आवाज़ों से इसे और भी डरावना रूप दिया गया। पुष्टिमार्ग की परंपरा के अनुसार, यह महोत्सव ठाकुर जी को समय-समय पर शीतोपचार (ठंडक प्रदान करने) के लिए आयोजित किया जाता है। इस अनोखे आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस दौरान सबसे ताज्जुब की बात यह रही कि दर्शनों के बीच ही वास्तव में मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे श्रद्धालुओं ने दर्शनों का भरपूर आनंद लिया।
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    राजसमंद के कांकरोली स्थित तृतीय पीठ प्रन्यास के द्वारकाधीश मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर विशेष झांकियों के तहत 'भूल भुलैया में सावन भादो महोत्सव' का आयोजन किया गया। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के प्रसिद्ध डायरेक्टर आसित मोदी द्वारा यह मनोरथ करवाया गया था, जिसमें आसित मोदी भी अपने परिवार सहित मंदिर में मौजूद रहे।

मंदिर के तिलकायत डॉक्टर वागीश कुमार के निर्देशन में यह मनोरथ करीब तीन घंटे तक चला। इसके लिए मंदिर के मुख्य द्वार से ही जंगल, अंधेरा, तूफान और बारिश जैसा कृत्रिम नज़ारा तैयार किया गया था, जिसमें पक्षियों की कलरव और जानवरों की आवाज़ों से इसे और भी डरावना रूप दिया गया। पुष्टिमार्ग की परंपरा के अनुसार, यह महोत्सव ठाकुर जी को समय-समय पर शीतोपचार (ठंडक प्रदान करने) के लिए आयोजित किया जाता है।

इस अनोखे आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस दौरान सबसे ताज्जुब की बात यह रही कि दर्शनों के बीच ही वास्तव में मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे श्रद्धालुओं ने दर्शनों का भरपूर आनंद लिया।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    17 min ago
  • एक धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली के ख्यातनाम झांकी कलाकारों (मनोज रिया एंड पार्टी) द्वारा महाकाल भस्म आरती और राम दरबार की शानदार झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस आयोजन में राजू माली ने कुशल मंच संचालन किया, जिसके तहत मशहूर भजन गायक प्रकाश माली, भगवत सुथार, श्याम पालीवाल और गायिका मधुबाला राव ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राजू माली ने मंच से सभी दानदाताओं और प्रवासियों का सम्मान भी किया।
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    एक धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली के ख्यातनाम झांकी कलाकारों (मनोज रिया एंड पार्टी) द्वारा महाकाल भस्म आरती और राम दरबार की शानदार झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस आयोजन में राजू माली ने कुशल मंच संचालन किया, जिसके तहत मशहूर भजन गायक प्रकाश माली, भगवत सुथार, श्याम पालीवाल और गायिका मधुबाला राव ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राजू माली ने मंच से सभी दानदाताओं और प्रवासियों का सम्मान भी किया।
    user_दीपान्शु चौहान
    दीपान्शु चौहान
    Singer पाली, पाली, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।
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    पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।
    user_Hadamant singh Singh
    Hadamant singh Singh
    पाली, पाली, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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    राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी।

जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है।

यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    11 hrs ago
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