Shuru
Apke Nagar Ki App…
टीकमगढ़ जिले की दिगौड़ा तहसील के अंतर्गत बेदोरा गांव में बिजली की केबिलें महीनों से खतरनाक तरीके से बिल्कुल नीचे लटक रही हैं, जबकि उनमें बिजली की सप्लाई लगातार चालू है। गांव के निवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार लिधौरा पावर हाउस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन बिजली विभाग ने अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों ने बताया है कि इन नीचे लटक रही बिजली की केबिलों की वजह से अब तक दो से तीन गौवंश करेंट की चपेट में आ चुके हैं। उनकी चिंता है कि गांव में किसी भी वक्त कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है, और अब बारिश का मौसम शुरू होने से यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए, स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से इन केबिलों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की तत्काल मांग की है।
ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)
टीकमगढ़ जिले की दिगौड़ा तहसील के अंतर्गत बेदोरा गांव में बिजली की केबिलें महीनों से खतरनाक तरीके से बिल्कुल नीचे लटक रही हैं, जबकि उनमें बिजली की सप्लाई लगातार चालू है। गांव के निवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार लिधौरा पावर हाउस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन बिजली विभाग ने अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों ने बताया है कि इन नीचे लटक रही बिजली की केबिलों की वजह से अब तक दो से तीन गौवंश करेंट की चपेट में आ चुके हैं। उनकी चिंता है कि गांव में किसी भी वक्त कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है, और अब बारिश का मौसम शुरू होने से यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए, स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से इन केबिलों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की तत्काल मांग की है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- एक चुने हुए सांसद ने घोषणा की है कि वे संसद के आगामी सत्र के दौरान वही फटी हुई टी-शर्ट पहनकर सदन में जाएंगे, जिसे हरिद्वार पुलिस ने फाड़ दिया था। सांसद ने कहा कि वे माननीय अध्यक्ष जी को दिखाएंगे कि हरिद्वार पुलिस ने एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ किस प्रकार का अनुचित व्यवहार किया है। सांसद ने इस घटना को केवल अपने साथ हुआ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के जनादेश का भी अपमान बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे इस पूरे मामले को सदन में पूरी मजबूती से उठाएंगे और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।1
- जतारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरिशंकर खटीक ने मंगलवार को जतारा तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर विधायक ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय बड़ी संख्या में मौजूद किसानों और आम लोगों ने विधायक के सामने अपनी विभिन्न समस्याओं को रखा। उन्होंने जमीन से जुड़े मामलों के लंबित रहने, राजस्व संबंधी प्रकरणों में देरी होने और अन्य कार्यालयीन कार्यों में आ रही परेशानियों की शिकायत की। विधायक हरिशंकर खटीक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता और किसानों के सभी कार्य समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सरकारी कार्यालयों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को परेशान करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान विधायक ने तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली के बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान करने के आदेश दिए।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल में ठेकेदार द्वारा पिछले 10-15 साल से सेवा दे रहे 13 सफाईकर्मियों को बिना किसी पूर्व सूचना और ठोस कारण बताए काम से हटाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इन कर्मचारियों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि उन्हें दोबारा काम पर रखा जाए, क्योंकि भीषण महंगाई के इस दौर में उनसे उनके रोजगार का एकमात्र साधन छीन लिया गया है, जबकि वे कम वेतन पर भी ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रहे थे। कर्मचारियों ने अपने आवेदन में बताया कि वे वर्षों से पूरी लगन के साथ जिला अस्पताल में सफाई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुछ समय पहले भी ठेकेदार ने कुछ कर्मचारियों को बिना सूचना हटा दिया था, जिसके विरोध में सभी कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया था। तब ठेकेदार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को बिना सूचना या ठोस कारण के नहीं निकाला जाएगा। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद सुरेन्द्र, रविकांत बाल्मीक, किशोरी, अभिजीत, रोहित, मयूर, राम, विमल, अक्षय, रूपेश, निहाल, संतोषी और गोपालकृष्ण सहित कुल 13 पुराने कर्मचारियों को फिर से काम से हटा दिया गया, जबकि अन्य कर्मचारियों को काम पर रखा गया। उन्होंने इस कार्रवाई को अपने साथ अन्याय बताया है और कहा कि कम वेतन व सुविधाओं के अभाव में भी उन्होंने कठिन समय में अस्पताल की सेवा की थी, लेकिन अब नौकरी जाने से उनके परिवारों पर संकट आ गया है। सफाईकर्मियों ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि इस भीषण महंगाई के समय में नौकरी चले जाने से उनके परिवारों की माली हालत और भी खस्ताहाल हो जाएगी, क्योंकि यह उनका एकमात्र रोजगार का साधन था। हरिजन बस्ती, बाहरकोट निवासी इन कर्मचारियों ने 30 जून को कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए उनसे विनम्र निवेदन किया है कि उनके और उनके परिवारों के भविष्य को देखते हुए ठेकेदार को उन्हें पुनः काम पर रखने का निर्देश दिया जाए, जिसके लिए वे जीवनभर आभारी रहेंगे। इस घटना के बाद जिला अस्पताल में संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।3
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ नगर स्थित बम्हौरी तिगैला पर एक युवक के साथ हुई मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है।1