बारिश से धान की फसल को संजीवनी, यूरिया की किल्लत से बढ़ी चिंता मेजा, प्रयागराज। तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा के ग्रामीण इलाकों में लगातार तीन दिनों तक हुई झमाझम बारिश से धान की फसल को नया जीवन मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से फसल की बढ़वार तेज हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बारिश के चलते सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है, जिससे किसानों को राहत मिली है। किसान अब धान की फसल में यूरिया खाद डालने में जुट गए हैं। हालांकि, सरकारी केंद्रों पर यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता न होने से किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें 450 से 500 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कृषि रक्षा प्रभारी मेजा रोड प्रदीप बाबू ने बताया कि वर्तमान बारिश धान की बढ़वार और कल्ले निकलने के लिए बेहद लाभकारी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेत में पर्याप्त नमी होने पर संतुलित मात्रा में ही यूरिया का प्रयोग करें। मौसम अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद है। वहीं जिन किसानों ने अभी तक धान की रोपाई नहीं की थी, उन्होंने पानी मिलने के बाद रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी की गतिविधियां तेज हो गई हैं और किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद में जुटे हैं। बारिश से धान की फसल को संजीवनी, यूरिया की किल्लत से बढ़ी चिंता मेजा, प्रयागराज। तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा के ग्रामीण इलाकों में लगातार तीन दिनों तक हुई झमाझम बारिश से धान की फसल को नया जीवन मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से फसल की बढ़वार तेज हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बारिश के चलते सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है, जिससे किसानों को राहत मिली है। किसान अब धान की फसल में यूरिया खाद डालने में जुट गए हैं। हालांकि, सरकारी केंद्रों पर यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता न होने से किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें 450 से 500 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कृषि रक्षा प्रभारी मेजा रोड प्रदीप बाबू ने बताया कि वर्तमान बारिश धान की बढ़वार और कल्ले निकलने के लिए बेहद लाभकारी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेत में पर्याप्त नमी होने पर संतुलित मात्रा में ही यूरिया का प्रयोग करें। मौसम अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद है। वहीं जिन किसानों ने अभी तक धान की रोपाई नहीं की थी, उन्होंने पानी मिलने के बाद रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी की गतिविधियां तेज हो गई हैं और किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद में जुटे हैं।
बारिश से धान की फसल को संजीवनी, यूरिया की किल्लत से बढ़ी चिंता मेजा, प्रयागराज। तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा के ग्रामीण इलाकों में लगातार तीन दिनों तक हुई झमाझम बारिश से धान की फसल को नया जीवन मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से फसल की बढ़वार तेज हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बारिश के चलते सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है, जिससे किसानों को राहत मिली है। किसान अब धान की फसल में यूरिया खाद डालने में जुट गए हैं। हालांकि, सरकारी केंद्रों पर यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता न होने से किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें 450 से 500 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कृषि रक्षा प्रभारी मेजा रोड प्रदीप बाबू ने बताया कि वर्तमान बारिश धान की बढ़वार और कल्ले निकलने के लिए बेहद लाभकारी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेत में पर्याप्त नमी होने पर संतुलित मात्रा में ही यूरिया का प्रयोग करें। मौसम अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद है। वहीं जिन किसानों ने अभी तक धान की रोपाई नहीं की थी, उन्होंने पानी मिलने के बाद रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी की गतिविधियां तेज हो गई हैं और किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद में जुटे हैं। बारिश से धान की फसल को संजीवनी, यूरिया की किल्लत से बढ़ी चिंता मेजा, प्रयागराज। तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा के ग्रामीण इलाकों में लगातार तीन दिनों तक हुई झमाझम बारिश से धान की फसल को नया जीवन मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से फसल की बढ़वार तेज हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बारिश के चलते सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है, जिससे किसानों को राहत मिली है। किसान अब धान की फसल में यूरिया खाद डालने में जुट गए हैं। हालांकि, सरकारी केंद्रों पर यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता न होने से किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें 450 से 500 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कृषि रक्षा प्रभारी मेजा रोड प्रदीप बाबू ने बताया कि वर्तमान बारिश धान की बढ़वार और कल्ले निकलने के लिए बेहद लाभकारी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेत में पर्याप्त नमी होने पर संतुलित मात्रा में ही यूरिया का प्रयोग करें। मौसम अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद है। वहीं जिन किसानों ने अभी तक धान की रोपाई नहीं की थी, उन्होंने पानी मिलने के बाद रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी की गतिविधियां तेज हो गई हैं और किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद में जुटे हैं।
- जहरीली गैस से दो की मौत मामला: यमुनानगर में परिजनों ने शव रख किया चक्काजाम सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने के लिए उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस से कल हुई थी मौत प्रयागराज। प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र के मुंगारी टोल प्लाजा पर शनिवार को दोपहर बाद जहरीली गैस से हुई मौत के मामले में पीड़ित परिजनों ने दोनों शवों को प्रयागराज-मिर्जापुर सड़क पर रखकर का चक्का जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची इलाकाई पुलिस ने रोते-बिलखते परिजनों को समझाने की काफी कोशिश की। लेकिन माहौल गरम दिखा। फिलहाल पुलिस मामले को सुलझाने की कोशिश में जुटी हुई है। क्या था मामला औद्योगिक थाना क्षेत्र के गणेशगंज डेरी नेवादा समोगर के पास जहरीली गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई। शुक्रवार को दोनों मजदूर धर्मेंद्र केसरवानी के मकान के अंदर बने सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के लिए उतरे थे। टैंक में जहरीली गैस होने के कारण दोनों की हालत बिगड़ गई। तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दोनों की मौत हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसीपी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। एसीपी सुनाल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 10 बजे शटरिंग खोलने के लिए दोनों मजदूर सेप्टिक टैंक में उतरे थे। टैंक में गैस होने के कारण दोनों अचेत हो गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों की मौत हो गई। मजदूरों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। जहरीली गैस से दो की मौत मामला: यमुनानगर में परिजनों ने शव रख किया चक्काजाम सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने के लिए उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस से कल हुई थी मौत प्रयागराज। प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र के मुंगारी टोल प्लाजा पर शनिवार को दोपहर बाद जहरीली गैस से हुई मौत के मामले में पीड़ित परिजनों ने दोनों शवों को प्रयागराज-मिर्जापुर सड़क पर रखकर का चक्का जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची इलाकाई पुलिस ने रोते-बिलखते परिजनों को समझाने की काफी कोशिश की। लेकिन माहौल गरम दिखा। फिलहाल पुलिस मामले को सुलझाने की कोशिश में जुटी हुई है। क्या था मामला औद्योगिक थाना क्षेत्र के गणेशगंज डेरी नेवादा समोगर के पास जहरीली गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई। शुक्रवार को दोनों मजदूर धर्मेंद्र केसरवानी के मकान के अंदर बने सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के लिए उतरे थे। टैंक में जहरीली गैस होने के कारण दोनों की हालत बिगड़ गई। तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दोनों की मौत हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसीपी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। एसीपी सुनाल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 10 बजे शटरिंग खोलने के लिए दोनों मजदूर सेप्टिक टैंक में उतरे थे। टैंक में गैस होने के कारण दोनों अचेत हो गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों की मौत हो गई। मजदूरों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।1
- प्रयागराज के केपी ग्राउंड में राहुल गांधी के पहुंचने से पहले एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल ने पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। प्रयागराज के केपी ग्राउंड में राहुल गांधी के पहुंचने से पहले एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल ने पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।1
- छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज पंहुचा बड़ा भाई उमर अहमद* *छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज पंहुचा बड़ा भाई उमर अहमद* प्रयागराज। प्रयागराज के चर्चित माफिया का परिवार एक बार फिर सुर्खियों मे है। अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान की सडक हादसे मे हुयी मौत के बाद उसे मिट्टी देने के लिए अतीक का बड़ा बेटा उमर अहमद लखनऊ जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज पहुंचा । उमर को कसारी मसारी कब्रिस्तान लाया गया, जहां वह अपने छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे और मिट्टी की रस्म में शामिल होगा । उमर के पहुंचते ही कब्रिस्तान के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे,जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित करना शुरू किया। कसारी मसारी कब्रिस्तान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उमर के पहुंचने के बाद आबान अहमद के जनाजे और मिट्टी की प्रक्रिया की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।1
- कौंधियारा थाना परिसर में समाधान दिवस में शिकायतों की भरमार, फरियादियों को मिला कार्रवाई का आश्वासन..? कौंधियारा थाना परिसर में समाधान दिवस में शिकायतों की भरमार, फरियादियों को मिला कार्रवाई का आश्वासन..!1
- दो लोगों की हत्या को लेकर परिजनो ने किया चक्का जाम मुगारी टोल प्लाजा के पास पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद।2