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शाहजहांपुर में हुए एक सड़क हादसे के बाद, एक दादा और उनके पोते के शवों का अंतिम संस्कार बीते 38 घंटे से भी अधिक समय से नहीं किया गया है।
द कहर न्यूज़ एजेंसी
शाहजहांपुर में हुए एक सड़क हादसे के बाद, एक दादा और उनके पोते के शवों का अंतिम संस्कार बीते 38 घंटे से भी अधिक समय से नहीं किया गया है।
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- जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने फर्रुखाबाद जिले में एक व्यापक सदस्यता अभियान शुरू किया है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति को एक होटल में किसी दूसरी महिला के साथ देख लिया। इस घटना के बाद मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिसका वीडियो इंटरनेट पर खूब साझा किया जा रहा है। इस वायरल वीडियो ने रिश्तों, विश्वास और पारिवारिक मूल्यों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। आजकल एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, शक, बेवफाई और आपसी विवाद जैसी घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामले सिर्फ दो लोगों को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर गहरा असर डालते हैं। दरअसल, किसी भी रिश्ते की नींव विश्वास, सम्मान और संवाद पर टिकी होती है। जब बातचीत और आपसी भरोसा कमजोर पड़ने लगता है, तो विवाद और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं। इसी संदर्भ में, यह सवाल उठता है कि एक मजबूत रिश्ते के लिए सबसे जरूरी क्या है — प्यार, विश्वास, सम्मान या संवाद।1
- बिहार के क्रांतिकारी भारत सिंह तिवारी जी का फर्जी एनकाउंटर किए जाने का दावा किया गया है। इस मामले को लेकर लोगों से समर्थन की आवश्यकता जताई गई है।1
- फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के चालक और परिचालक पर शराब के नशे में एक यात्री के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित धीरज दीक्षित पुत्र राकेश दीक्षित, जो सवाजपुर हरदोई के निवासी हैं, ने बताया कि जब वे घर वापस जाने के लिए बस की तलाश कर रहे थे, तभी फर्रुखाबाद डिपो की बस संख्या UP 78 KT 1543 के चालक अनुज कुमार, परिचालक राजीव कुमार और उनके साथ मौजूद दो अन्य साथियों ने कथित तौर पर शराब के नशे में उनके साथ अभद्रता की और मारपीट की। इस मारपीट के दौरान धीरज दीक्षित के मुंह में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि चालक और परिचालक ने अपनी दबंगई दिखाते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद धीरज दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में ARM का कहना है कि आरोपी चालक और परिचालक को रूट से हटा दिया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब पीड़ित धीरज दीक्षित की निगाहें इस कार्रवाई के परिणाम पर टिकी हुई हैं, जबकि रिपोर्ट में फर्रुखाबाद रोडवेज के चालक और परिचालक की दबंगई पर सक्षम अधिकारियों को निष्क्रिय बताया गया है।1
- फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर तहसील क्षेत्र के राजेपुर कस्बे में स्थित डॉ. सुनीता हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर विवादों में आ गया है। डांडीपुर निवासी मुनीष ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी पत्नी पायल की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेने के लिए डायल-112 पुलिस की मदद लेनी पड़ी, जिसके बाद ही अस्पताल प्रशासन ने रिपोर्ट उपलब्ध कराई। मुनीष के अनुसार, वह 20 जून 2026 को अपनी पत्नी को अल्ट्रासाउंड कराने अस्पताल ले गए थे, लेकिन उस दिन उन्हें स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिली और अस्थायी रिपोर्ट देकर अगले दिन बुलाया गया। 21 जून को जब वे दोबारा अस्पताल पहुंचे, तो उनसे पहले वाली रिपोर्ट जमा करने को कहा गया और नई रिपोर्ट देने में काफी देरी की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पूरा शुल्क जमा होने के बावजूद उन्हें सुबह से अस्पताल परिसर में बैठाए रखा गया। काफी देर तक रिपोर्ट न मिलने पर मुनीष ने डायल-112 पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दे दी। इस घटना के दौरान अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए, और स्थानीय स्तर पर अस्पताल की रिपोर्टिंग व्यवस्था तथा दोबारा अल्ट्रासाउंड कराए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे। इस पूरे मामले में अभी तक डॉ. सुनीता हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।4
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- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद कोतवाली क्षेत्र के बाग कूचा में दबंगई की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, दबंगों ने एक कार को रोककर दो लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर जान से मारने की नीयत से दो बार फायर भी किया। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया था, लेकिन हद तो तब हो गई जब दबंगों के परिजनों ने पुलिस के साथ हाथापाई कर उसे गिरफ्त से छुड़ा लिया और भगा दिया। पुलिस से आरोपी को छुड़ाने का यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया, और अब यह वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।1