फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर तहसील क्षेत्र के राजेपुर कस्बे में स्थित डॉ. सुनीता हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर विवादों में आ गया है। डांडीपुर निवासी मुनीष ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी पत्नी पायल की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेने के लिए डायल-112 पुलिस की मदद लेनी पड़ी, जिसके बाद ही अस्पताल प्रशासन ने रिपोर्ट उपलब्ध कराई। मुनीष के अनुसार, वह 20 जून 2026 को अपनी पत्नी को अल्ट्रासाउंड कराने अस्पताल ले गए थे, लेकिन उस दिन उन्हें स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिली और अस्थायी रिपोर्ट देकर अगले दिन बुलाया गया। 21 जून को जब वे दोबारा अस्पताल पहुंचे, तो उनसे पहले वाली रिपोर्ट जमा करने को कहा गया और नई रिपोर्ट देने में काफी देरी की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पूरा शुल्क जमा होने के बावजूद उन्हें सुबह से अस्पताल परिसर में बैठाए रखा गया। काफी देर तक रिपोर्ट न मिलने पर मुनीष ने डायल-112 पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दे दी। इस घटना के दौरान अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए, और स्थानीय स्तर पर अस्पताल की रिपोर्टिंग व्यवस्था तथा दोबारा अल्ट्रासाउंड कराए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे। इस पूरे मामले में अभी तक डॉ. सुनीता हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर तहसील क्षेत्र के राजेपुर कस्बे में स्थित डॉ. सुनीता हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर विवादों में आ गया है। डांडीपुर निवासी मुनीष ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी पत्नी पायल की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेने के लिए डायल-112 पुलिस की मदद लेनी पड़ी, जिसके बाद ही अस्पताल प्रशासन ने
रिपोर्ट उपलब्ध कराई। मुनीष के अनुसार, वह 20 जून 2026 को अपनी पत्नी को अल्ट्रासाउंड कराने अस्पताल ले गए थे, लेकिन उस दिन उन्हें स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिली और अस्थायी रिपोर्ट देकर अगले दिन बुलाया गया। 21 जून को जब वे दोबारा अस्पताल पहुंचे, तो उनसे पहले वाली रिपोर्ट जमा करने को कहा गया और नई रिपोर्ट देने
में काफी देरी की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पूरा शुल्क जमा होने के बावजूद उन्हें सुबह से अस्पताल परिसर में बैठाए रखा गया। काफी देर तक रिपोर्ट न मिलने पर मुनीष ने डायल-112 पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दे दी। इस
घटना के दौरान अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए, और स्थानीय स्तर पर अस्पताल की रिपोर्टिंग व्यवस्था तथा दोबारा अल्ट्रासाउंड कराए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे। इस पूरे मामले में अभी तक डॉ. सुनीता हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर तहसील क्षेत्र के राजेपुर कस्बे में स्थित डॉ. सुनीता हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर विवादों में आ गया है। डांडीपुर निवासी मुनीष ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी पत्नी पायल की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेने के लिए डायल-112 पुलिस की मदद लेनी पड़ी, जिसके बाद ही अस्पताल प्रशासन ने रिपोर्ट उपलब्ध कराई। मुनीष के अनुसार, वह 20 जून 2026 को अपनी पत्नी को अल्ट्रासाउंड कराने अस्पताल ले गए थे, लेकिन उस दिन उन्हें स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिली और अस्थायी रिपोर्ट देकर अगले दिन बुलाया गया। 21 जून को जब वे दोबारा अस्पताल पहुंचे, तो उनसे पहले वाली रिपोर्ट जमा करने को कहा गया और नई रिपोर्ट देने में काफी देरी की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पूरा शुल्क जमा होने के बावजूद उन्हें सुबह से अस्पताल परिसर में बैठाए रखा गया। काफी देर तक रिपोर्ट न मिलने पर मुनीष ने डायल-112 पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दे दी। इस घटना के दौरान अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए, और स्थानीय स्तर पर अस्पताल की रिपोर्टिंग व्यवस्था तथा दोबारा अल्ट्रासाउंड कराए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे। इस पूरे मामले में अभी तक डॉ. सुनीता हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।4
- फर्रुखाबाद में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद में कई लोग घायल हो गए।1
- फर्रुखाबाद के थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र के पचपुखरा इलाके में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बिजली के पोल में जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद एक के बाद एक कुल आठ बिजली के पोल टूटकर सड़क पर गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली में डीजे साउंड सिस्टम बंधा हुआ था और उसका चालक तेज आवाज में डीजे बजाते हुए वाहन चला रहा था। इसी दौरान उसने बिजली के पोलों में टक्कर मार दी। इस हादसे में मौके पर खड़ी एक कार और एक बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि बाइक सवार को मामूली चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय बिजली के तारों में करंट दौड़ रहा था, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी; हालांकि, गनीमत रही कि कोई बड़ा जनहानि नहीं हुई। हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची, जिन्होंने अब मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- रोडवेज के चालक और परिचालकों की दबंगई लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ती हुई दबंगई के संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की गई थी, लेकिन शिकायत मिलने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- शूरू ऐप ने उपयोगकर्ताओं से हर छोटी-बड़ी खबर पर लगातार नज़र बनाए रखने का आग्रह किया है। ऐप का कहना है कि वे मोदी जी की विदेश यात्रा पर 'बैन' जैसी महत्वपूर्ण ख़बरों सहित सभी नवीनतम अपडेट्स के लिए ऐप पर देखते रहें।1
- डीएम अंकुर लाधर ने 20 जून, 2026 को फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में संपूर्ण दिवस का स्वयं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मौके पर जाकर निरीक्षण कार्य संपन्न किया।1
- फर्रुखाबाद में ताजिया रखे जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। इस विरोध के तहत, एक संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ताजिया नहीं हटाए गए, तो वे सड़क जाम करेंगे और हनुमान चालीसा का पाठ भी आयोजित करेंगे। संगठन ने इस मामले पर आगे की गतिविधियों पर नज़र रखने का संकेत दिया है।1
- फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के सीढे चकरपुर गांव में एक पुरानी रंजिश ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि नाबालिग बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश में दबिश दे रही है। पीड़ित पक्ष के रामखिलावन पुत्र कालीचरन ने तहरीर में बताया कि 20 जून की शाम उनकी करीब 16 वर्षीय पुत्री घर पर थी, तभी गांव निवासी विन्द्रपाल पुत्र पूरनलाल घर में घुस आया और किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने लगा, जिसका परिवार के लोगों ने विरोध किया। तहरीर के अनुसार, यह विवाद पुरानी रंजिश से जुड़ा है, जो तब शुरू हुआ जब पीड़ित पक्ष ने विपक्षी पक्ष की मासूम भाजी को अपने घर खाना खिलाया, जिसका विरोध विपक्षी पक्ष पीड़ित के दरवाजे पर गाली-गलौज करके कर रहे थे। विवाद बढ़ने के बाद, जब पीड़ित पक्ष के भाई रामू पुत्र कालीचरन खेत की ओर जा रहे थे, तभी आरोप है कि इंद्रपाल, विन्द्रपाल और धर्मेंद्र पुत्रगण पूरनलाल ने उन्हें घेर लिया। इन तीनों ने जान से मारने की नीयत से रामू पर चाकू से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल रामू को बचाया, जिसके बाद आरोपी कथित तौर पर धमकी देते हुए फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल रामू को राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया और फिर हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर भेज दिया। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि चाकू मारकर एक व्यक्ति को घायल करने का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस आरोपियों की तलाश तथा मामले की जांच में जुटी है।2