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यमुनानगर में 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' संदेश के साथ आयोजित नशा विरोधी मैराथन को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाई। इस मैराथन के लिए 1.16 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए, जिसके साथ ही नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है।
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यमुनानगर में 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' संदेश के साथ आयोजित नशा विरोधी मैराथन को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाई। इस मैराथन के लिए 1.16 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए, जिसके साथ ही नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है।
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- यमुनानगर में 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' संदेश के साथ आयोजित नशा विरोधी मैराथन को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाई। इस मैराथन के लिए 1.16 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए, जिसके साथ ही नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है।1
- हरियाणा के यमुनानगर में आयोजित 'नशे से जंग यमुनानगर के संग' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खुद दौड़ लगाई। नशे के खिलाफ आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान CM नायब सैनी के साथ हजारों बच्चों ने भी एक साथ दौड़ में हिस्सा लिया।1
- अगर आपसे कोई यह सवाल पूछे कि बीजेपी ने आखिर क्या किया है, तो उन्हें जवाब के तौर पर यह वीडियो भेजने के लिए कहा गया है।1
- 14 साल के लंबे अंतराल के बाद मोदी जी से खास मुलाकात हुई है। इस मुलाकात के दौरान मोदी जी ने 300 मिलियन के आंकड़े के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है और सभी को थैंक्स बोला है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सहारनपुर के हकीकत नगर स्थित रामलीला ग्राउंड में शनिवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता शामिल हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस द्वारा संगठन के कई पदाधिकारियों को उनके घरों पर नजरबंद किए जाने के बावजूद कार्यकर्ता रामलीला ग्राउंड पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ही ज्ञापन सौंपने की मांग रखी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच, पुलिस कार्रवाई की समीक्षा, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, पेपर लीक मामलों की जांच और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग की गई। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा।1
- सांसद चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत शनिवार को सहारनपुर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सचिन खुराना एवं राव केसर सलीम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हकीकत नगर स्थित रामलीला मैदान में एकत्र हुए। इसके बाद कार्यकर्ता हाथों में बैनर और झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में जिला मुख्यालय पहुंचे और नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई मारपीट को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि डीएम कार्यालय में बनी मस्जिद पर कार्रवाई न की जाए और कहा कि यदि मस्जिद या मंदिर पर ऐसी कार्रवाई होगी तो आजाद समाज पार्टी उन लोगों के साथ खड़ी है। नेताओं ने साफ किया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लेती है, तो आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी संयुक्त रूप से व्यापक जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।1
- यमुनानगर के वर्कशॉप रोड स्थित गिरी मंदिर वाली गली में राजिन्द्र सैनी द्वारा पिछले 25 सालों से टूटी हड्डियों, मोच और सटिका पेन का इलाज मालिश व देशी तरीके से किया जा रहा है। वे टूटी हड्डियों के साथ-साथ घुटनों में दर्द, जोड़ों में दर्द और शरीर के किसी भी अन्य दर्द का तसल्ली से इलाज करते हैं। राजिन्द्र सैनी ने बताया कि वे बीते 25 वर्षों से मालिश का काम कर रहे हैं और शरीर में किसी भी प्रकार की तकलीफ या दर्द का देशी पद्धति से उपचार करते हैं। इलाज कराने के लिए इच्छुक लोग उनसे संपर्क नंबर 9315152670 पर बात कर सकते हैं।1
- असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस भीषण आपदा के कारण 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और कई गाँव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। हालात को देखते हुए हजारों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बाढ़ के पानी से सड़कें, पुल और बड़े पैमाने पर खेती की जमीन जलमग्न हो गई है, जिससे यातायात और कृषि को भारी नुकसान पहुँचा है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस तबाही में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जमीनी स्तर पर प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मुस्तैदी से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं, हालांकि कई जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँचना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।1