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दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद व अन्य भाजपा नेताओं का वोट क्यों नहीं काटा गया? हमारा चुनाव आयोग से सवाल है कि SIR प्रक्रिया में जिस नियम के हिसाब से दिल्ली के लाखों वोट काटे गए, तो फिर वो नियम रेखा गुप्ता जी पर लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने भी तो अपने पुराने घर से शिफ्ट करके एक नया आलीशान घर बनवाया। इसी तरह दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद व अन्य भाजपा नेताओं का वोट क्यों नहीं काटा गया?
हिंदी मंच ख़बर
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद व अन्य भाजपा नेताओं का वोट क्यों नहीं काटा गया? हमारा चुनाव आयोग से सवाल है कि SIR प्रक्रिया में जिस नियम के हिसाब से दिल्ली के लाखों वोट काटे गए, तो फिर वो नियम रेखा गुप्ता जी पर लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने भी तो अपने पुराने घर से शिफ्ट करके एक नया आलीशान घर बनवाया। इसी तरह दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद व अन्य भाजपा नेताओं का वोट क्यों नहीं काटा गया?
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- विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश): Mega DSC-2025 शिक्षक भर्ती में खेल कोटा धांधली के खिलाफ YSRCP का SAAP दफ्तर पर जोरदार प्रदर्शन; CBI जांच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग। पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता हिरासत में। #Vijayawada आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित 'स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ आंध्र प्रदेश' (SAAP) कार्यालय के बाहर सोमवार (21 सितंबर 2026) को YSRCP कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा भारी विरोध-प्रदर्शन किया गया। YSRCP का मुख्य आरोप है कि राज्य सरकार की 'मेगा DSC-2025' शिक्षक भर्ती परीक्षा के तहत स्पोर्ट्स कोटा (खेल कोटा) की नियुक्तियों में फर्जी खेल प्रमाणपत्रों और अनियमितताओं के माध्यम से भारी धांधली की गई है। CBI जांच की मांग: YSRCP और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने पूरे मामले और फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के आधार पर दी गई नियुक्तियों की निष्पक्ष CBI जांच कराने की मांग की है। इस्तीफे की मांग: YSRCP नेताओं ने भर्ती में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की है। हिंसा एवं पुलिस बल प्रयोग का आरोप: लब्बीपेट इलाके में पुलिस द्वारा बैरिकेड्स लगाने पर विरोध बढ़ा, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। YSRCP का दावा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे उनके नेताओं और छात्र पंख कार्यकर्ताओं पर पुलिस बल प्रयोग के साथ-साथ सत्ताधारी टीडीपी समर्थित लोगों ने लाठियों से हमला किया। वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया जाना: विजयवाड़ा की ओर आ रहे और प्रदर्शन में शामिल पूर्व मंत्रियों एवं वरिष्ठ YSRCP नेताओं (अंबाती रामबाबू, जक्कंपुड़ी राजा, बोल्ला ब्रह्मा नायडू, पेर्नी कृष्णा मूर्ति, नूरी फातिमा आदि) को काज़ा टोल प्लाजा और कृष्णालंका सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिस ने हिरासत में लिया।1
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- वंश कश्यप को न्याय की मांग तेज, भूख हड़ताल के बीच भीम आर्मी ने उठाई आवाज 10 महीने से न्याय की गुहार लगा रहे परिजन, प्रशासन की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे को लेकर उठे सवाल मैनपुरी। सुदिति ग्लोबल एकेडमी के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता का संघर्ष लगातार जारी है। सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, 22 नवंबर 2025 को वंश की स्कूल परिसर में मौत हुई थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद परिजन लंबे समय से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। परिजनों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 महीनों से नेताओं और अधिकारियों के दरवाजे पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने पर पुलिस ने उन्हें कई घंटे थाने में बैठाया और धमकाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसी बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विजय कुमार आजाद ने भूख हड़ताल के दूसरे दिन परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी। इसके बाद उन्होंने मैनपुरी के जिलाधिकारी से मामले में वार्ता की। विजय कुमार आजाद के अनुसार, जिलाधिकारी की ओर से दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को भूख हड़ताल के पांचवें दिन विजय कुमार आजाद अपने सहयोगियों के साथ परिजनों की मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। विजय कुमार आजाद के अनुसार, जिलाधिकारी ने ज्ञापन लेने से इनकार किया और उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। यह आरोप भी संबंधित पक्ष के बयान के रूप में दर्ज किया जा रहा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अपेक्षित है। घटना के संबंध में विजय कुमार आजाद ने राष्ट्रपति को शिकायत भेजकर पूरे मामले से अवगत कराने की बात कही। वहीं, उसी रात प्रशासन की ओर से वंश के माता-पिता की भूख हड़ताल समाप्त कराए जाने की जानकारी सामने आई। मीडिया रिपोर्टों में भी 10 सितंबर तक परिजनों की भूख हड़ताल और राजनीतिक प्रतिनिधियों द्वारा उनसे संपर्क किए जाने की पुष्टि हुई है। विजय कुमार आजाद का आरोप है कि वंश की मौत के मामले में कार्रवाई के लिए परिजनों को करीब 10 महीने तक संघर्ष करना पड़ा, जबकि न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन ने तेजी दिखाई। उनके अनुसार, 12 सितंबर को उनके सहित करीब 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने वंश कश्यप मामले में निष्पक्ष जांच, परिजनों की मांगों और प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार लगातार न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ती है। #वंश_को_न्याय_दो #JusticeForVansh #Mainpuri #भीम_आर्मी #न्याय_की_लड़ाई1