वंश कश्यप को न्याय की मांग तेज, भूख हड़ताल के बीच भीम आर्मी ने उठाई आवाज 10 महीने से न्याय की गुहार लगा रहे परिजन, प्रशासन की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे को लेकर उठे सवाल मैनपुरी। सुदिति ग्लोबल एकेडमी के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता का संघर्ष लगातार जारी है। सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, 22 नवंबर 2025 को वंश की स्कूल परिसर में मौत हुई थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद परिजन लंबे समय से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। परिजनों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 महीनों से नेताओं और अधिकारियों के दरवाजे पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने पर पुलिस ने उन्हें कई घंटे थाने में बैठाया और धमकाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसी बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विजय कुमार आजाद ने भूख हड़ताल के दूसरे दिन परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी। इसके बाद उन्होंने मैनपुरी के जिलाधिकारी से मामले में वार्ता की। विजय कुमार आजाद के अनुसार, जिलाधिकारी की ओर से दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को भूख हड़ताल के पांचवें दिन विजय कुमार आजाद अपने सहयोगियों के साथ परिजनों की मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। विजय कुमार आजाद के अनुसार, जिलाधिकारी ने ज्ञापन लेने से इनकार किया और उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। यह आरोप भी संबंधित पक्ष के बयान के रूप में दर्ज किया जा रहा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अपेक्षित है। घटना के संबंध में विजय कुमार आजाद ने राष्ट्रपति को शिकायत भेजकर पूरे मामले से अवगत कराने की बात कही। वहीं, उसी रात प्रशासन की ओर से वंश के माता-पिता की भूख हड़ताल समाप्त कराए जाने की जानकारी सामने आई। मीडिया रिपोर्टों में भी 10 सितंबर तक परिजनों की भूख हड़ताल और राजनीतिक प्रतिनिधियों द्वारा उनसे संपर्क किए जाने की पुष्टि हुई है। विजय कुमार आजाद का आरोप है कि वंश की मौत के मामले में कार्रवाई के लिए परिजनों को करीब 10 महीने तक संघर्ष करना पड़ा, जबकि न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन ने तेजी दिखाई। उनके अनुसार, 12 सितंबर को उनके सहित करीब 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने वंश कश्यप मामले में निष्पक्ष जांच, परिजनों की मांगों और प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार लगातार न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ती है। #वंश_को_न्याय_दो #JusticeForVansh #Mainpuri #भीम_आर्मी #न्याय_की_लड़ाई
वंश कश्यप को न्याय की मांग तेज, भूख हड़ताल के बीच भीम आर्मी ने उठाई आवाज 10 महीने से न्याय की गुहार लगा रहे परिजन, प्रशासन की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे को लेकर उठे सवाल मैनपुरी। सुदिति ग्लोबल एकेडमी के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता का संघर्ष लगातार जारी है। सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, 22 नवंबर 2025 को वंश की स्कूल परिसर में मौत हुई थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद परिजन लंबे समय से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। परिजनों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 महीनों से नेताओं और अधिकारियों के दरवाजे पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने पर पुलिस ने उन्हें कई घंटे थाने में बैठाया और धमकाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसी बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विजय कुमार आजाद ने भूख हड़ताल के दूसरे दिन परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी। इसके बाद उन्होंने मैनपुरी के जिलाधिकारी से मामले में वार्ता की। विजय कुमार आजाद के अनुसार, जिलाधिकारी की ओर से दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को भूख हड़ताल के पांचवें दिन विजय कुमार आजाद अपने सहयोगियों के साथ परिजनों की मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। विजय कुमार आजाद के अनुसार, जिलाधिकारी ने ज्ञापन लेने से इनकार किया और उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। यह आरोप भी संबंधित पक्ष के बयान के रूप में दर्ज किया जा रहा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अपेक्षित है। घटना के संबंध में विजय कुमार आजाद ने राष्ट्रपति को शिकायत भेजकर पूरे मामले से अवगत कराने की बात कही। वहीं, उसी रात प्रशासन की ओर से वंश के माता-पिता की भूख हड़ताल समाप्त कराए जाने की जानकारी सामने आई। मीडिया रिपोर्टों में भी 10 सितंबर तक परिजनों की भूख हड़ताल और राजनीतिक प्रतिनिधियों द्वारा उनसे संपर्क किए जाने की पुष्टि हुई है। विजय कुमार आजाद का आरोप है कि वंश की मौत के मामले में कार्रवाई के लिए परिजनों को करीब 10 महीने तक संघर्ष करना पड़ा, जबकि न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन ने तेजी दिखाई। उनके अनुसार, 12 सितंबर को उनके सहित करीब 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने वंश कश्यप मामले में निष्पक्ष जांच, परिजनों की मांगों और प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार लगातार न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ती है। #वंश_को_न्याय_दो #JusticeForVansh #Mainpuri #भीम_आर्मी #न्याय_की_लड़ाई
- वंश कश्यप को न्याय की मांग तेज, भूख हड़ताल के बीच भीम आर्मी ने उठाई आवाज 10 महीने से न्याय की गुहार लगा रहे परिजन, प्रशासन की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे को लेकर उठे सवाल मैनपुरी। सुदिति ग्लोबल एकेडमी के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता का संघर्ष लगातार जारी है। सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, 22 नवंबर 2025 को वंश की स्कूल परिसर में मौत हुई थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद परिजन लंबे समय से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। परिजनों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 महीनों से नेताओं और अधिकारियों के दरवाजे पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने पर पुलिस ने उन्हें कई घंटे थाने में बैठाया और धमकाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसी बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विजय कुमार आजाद ने भूख हड़ताल के दूसरे दिन परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी। इसके बाद उन्होंने मैनपुरी के जिलाधिकारी से मामले में वार्ता की। विजय कुमार आजाद के अनुसार, जिलाधिकारी की ओर से दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को भूख हड़ताल के पांचवें दिन विजय कुमार आजाद अपने सहयोगियों के साथ परिजनों की मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। विजय कुमार आजाद के अनुसार, जिलाधिकारी ने ज्ञापन लेने से इनकार किया और उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। यह आरोप भी संबंधित पक्ष के बयान के रूप में दर्ज किया जा रहा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अपेक्षित है। घटना के संबंध में विजय कुमार आजाद ने राष्ट्रपति को शिकायत भेजकर पूरे मामले से अवगत कराने की बात कही। वहीं, उसी रात प्रशासन की ओर से वंश के माता-पिता की भूख हड़ताल समाप्त कराए जाने की जानकारी सामने आई। मीडिया रिपोर्टों में भी 10 सितंबर तक परिजनों की भूख हड़ताल और राजनीतिक प्रतिनिधियों द्वारा उनसे संपर्क किए जाने की पुष्टि हुई है। विजय कुमार आजाद का आरोप है कि वंश की मौत के मामले में कार्रवाई के लिए परिजनों को करीब 10 महीने तक संघर्ष करना पड़ा, जबकि न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन ने तेजी दिखाई। उनके अनुसार, 12 सितंबर को उनके सहित करीब 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने वंश कश्यप मामले में निष्पक्ष जांच, परिजनों की मांगों और प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार लगातार न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ती है। #वंश_को_न्याय_दो #JusticeForVansh #Mainpuri #भीम_आर्मी #न्याय_की_लड़ाई1
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- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण के समर्थन में महाआंदोलन की घोषणा की थी 24 सितंबर को नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण के समर्थन में महाआंदोलन की घोषणा की थी जिसे लेकर अब पूरे देश में हलचल तेज हो चुकी है, गांव-गांव तक इस आंदोलन की आहट पहुंच चुकी है। देश के कोने-कोने से 24 सितंबर को लोग जंतर-मंतर पहुंचने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं पूरा देश इस दिन चन्द्रशेखर आजाद की ताकत को देखेगा क्योंकि यह पूरा आंदोलन भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी द्वारा किया जा रहा है। अन्य सभी दल इससे दूर हैं, वो इसका समर्थन नहीं कर रहे1
- दिल्ली पुलिस DCPCentralDelhi की टीम ने घर से पर्स और 2 मोबाइल चोरी करने वाले अपराधी को 2 दिन के अंदर किया गिरफ्तार। दिल्ली पुलिस DCPCentralDelhi की टीम ने घर से पर्स और 2 मोबाइल चोरी करने वाले अपराधी को 2 दिन के अंदर किया गिरफ्तार। पुलिस टीम की सटीक कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करता शिकायतकर्ता।1
- कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है और यह धूमधाम के साथ चलेगी। हमने कहा था कि कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है और यह धूमधाम के साथ चलेगी। मैं स्वयं कांवड़ यात्रा में भाग लेता हूं, पुष्प वर्षा भी करता हूं। अब कोई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक नहीं लगा सकता, कोई मेरठ की क्रांति धरा को अपमानित नहीं कर सकता...1
- ऑपरेशन शास्त्र के तहत 20 अवैध पिस्टल 31 जिंदा कारतूस बरामद किये रोहिणी दिल्ली जिला पुलिस ने ऑपरेशन शास्त्र के तहत 20 अवैध पिस्टल 31 जिंदा कारतूस व 2 खाली कारतूस 6 चाकू और अवैध ड्रग्स बरामद कि रोहिणी दिल्ली जिला पुलिस ने1
- हड़ताल के मुख्य कारण: वेतन और भत्ते (Salary & Allowance): मजदूरों की मांग थी कि उनकी मजदूरी बढ़ाई जाए और ओवरटाइम का सही भुगतान किया जाए। अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement) फैक्ट्री की धार (मध्य प्रदेश) यूनिट में मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। हड़ताल के मुख्य कारण: वेतन और भत्ते (Salary & Allowance): मजदूरों की मांग थी कि उनकी मजदूरी बढ़ाई जाए और ओवरटाइम का सही भुगतान किया जाए। काम की स्थितियां (Working Conditions): सुरक्षा उपकरण (safety gear) और फैक्ट्री में काम करने के सुरक्षित वातावरण की मांग। ठेका मजदूर (Contract Workers): कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे मजदूरों को परमानेंट करने और उन्हें भी बराबर सुविधाएं देने की मांग। स्थानीय लोगों को रोजगार (Local Employment): स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग। यह हड़ताल श्रमिक संगठनों (Trade Unions) और फैक्ट्री प्रबंधन (Management) के बीच बातचीत और समझौते के जरिए सुलझाई जाती है।1
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