उदाकिशुनगंज में पीसीसी सड़क पर बवाल, ग्रामीणों ने घटिया निर्माण का लगाया आरोप बिहार के मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में बन रही एक पीसीसी सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है। लोगों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उदाकिशुनगंज अनुमंडल के बिहारीगंज प्रखंड में मेन रोड से गोरपार मुस्लिम टोला वार्ड संख्या 14 तक पीसीसी ढलाई सड़क का निर्माण कार्य जारी है। यह सड़क मधुबन पंचायत के तीन टंगा हनुमान मंदिर तक बनाई जानी है। लेकिन निर्माण की शुरुआत के साथ ही ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि निम्न स्तर का बालू, कमजोर गुणवत्ता वाला सीमेंट और असंतुलित कंक्रीट मिश्रण का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती संदिग्ध हो सकती है। ग्रामीणों के मुताबिक जब इस मामले में संबंधित विभाग के जूनियर इंजीनियर से शिकायत की गई तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि सड़क निर्माण इसी प्रक्रिया से होता है और कार्य में बदलाव संभव नहीं है। इस बयान के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। वहीं, मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा है कि मामले की तथ्यात्मक जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे और अगर किसी तरह की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में सड़क क्षतिग्रस्त न हो और सरकारी धन की बर्बादी न हो।
उदाकिशुनगंज में पीसीसी सड़क पर बवाल, ग्रामीणों ने घटिया निर्माण का लगाया आरोप बिहार के मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में बन रही एक पीसीसी सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है। लोगों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उदाकिशुनगंज अनुमंडल के बिहारीगंज प्रखंड में मेन रोड से गोरपार मुस्लिम टोला वार्ड संख्या 14 तक पीसीसी ढलाई सड़क का निर्माण कार्य जारी है। यह सड़क मधुबन पंचायत के तीन टंगा हनुमान
मंदिर तक बनाई जानी है। लेकिन निर्माण की शुरुआत के साथ ही ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि निम्न स्तर का बालू, कमजोर गुणवत्ता वाला सीमेंट और असंतुलित कंक्रीट मिश्रण का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती संदिग्ध हो सकती है। ग्रामीणों के मुताबिक जब इस मामले में संबंधित विभाग के जूनियर इंजीनियर से शिकायत की गई तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि सड़क निर्माण इसी प्रक्रिया से होता है और कार्य
में बदलाव संभव नहीं है। इस बयान के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। वहीं, मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा है कि मामले की तथ्यात्मक जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे और अगर किसी तरह की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में सड़क क्षतिग्रस्त न हो और सरकारी धन की बर्बादी न हो।
- बिहार के मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में बन रही एक पीसीसी सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है। लोगों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उदाकिशुनगंज अनुमंडल के बिहारीगंज प्रखंड में मेन रोड से गोरपार मुस्लिम टोला वार्ड संख्या 14 तक पीसीसी ढलाई सड़क का निर्माण कार्य जारी है। यह सड़क मधुबन पंचायत के तीन टंगा हनुमान मंदिर तक बनाई जानी है। लेकिन निर्माण की शुरुआत के साथ ही ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि निम्न स्तर का बालू, कमजोर गुणवत्ता वाला सीमेंट और असंतुलित कंक्रीट मिश्रण का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती संदिग्ध हो सकती है। ग्रामीणों के मुताबिक जब इस मामले में संबंधित विभाग के जूनियर इंजीनियर से शिकायत की गई तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि सड़क निर्माण इसी प्रक्रिया से होता है और कार्य में बदलाव संभव नहीं है। इस बयान के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। वहीं, मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा है कि मामले की तथ्यात्मक जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे और अगर किसी तरह की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में सड़क क्षतिग्रस्त न हो और सरकारी धन की बर्बादी न हो।3
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- मधेपुरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध अवस्था में मिले महिला के शव, मृतका के गले पर काला निशान मिलने के बाद हत्या की आशंका गहरा गई है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, मृतका की छोटी बच्ची हुस्नाज ने बताया कि उसके पिता ने ही मंगलवार सुबह करीब 4 बजे उसकी मां को फंदे से लटका दिया। बच्ची के मुताबिक हत्या के बाद शव को ऑटो से लाकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया गया और आरोपी वहां से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही सहरसा जीआरपी की टीम भी मौके पर पहुंची। जीआरपी के एसआई दिलीप कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम जांच के लिए पहुंची है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। बाइट --हुस्नाज, मृतका की बेटी मेरे पापा ने मम्मी को फंदे से लटका दिया फिर ऑटो से यहां छोड़कर चले गए बाइट --एसआई दिलीप कुमार, सहरसा जीआरपी घटना की सूचना मिलते ही सहरसा से जीआरपी की टीम भी मधेपुरा पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।4