हरदोई की शहर कोतवाली पुलिस ने चोरी के एक मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के आभूषण और नकदी भी बरामद की है। यह मामला 1 जुलाई 2026 को तब सामने आया था जब बिरिहाना निवासी योगेन्द्र प्रताप सिंह ने अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी थी। शिकायत में उनके घर से आभूषण, नकदी और अन्य सामान चोरी होने का जिक्र था, जिसके आधार पर कोतवाली शहर में बीएनएस की धारा 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान प्रकाश में आए तीन आरोपियों रवि गुप्ता, शिवम सिंह और अनीश को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से तीन जोड़ी पायल, 12 बिछिया, दो अंगूठियां और 2,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे खुलासे में उपनिरीक्षक वासु कुमार और कोतवाली शहर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
हरदोई की शहर कोतवाली पुलिस ने चोरी के एक मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के आभूषण और नकदी भी बरामद की है। यह मामला 1 जुलाई 2026 को तब सामने आया था जब बिरिहाना निवासी योगेन्द्र प्रताप सिंह ने अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी थी। शिकायत में उनके घर से आभूषण, नकदी और अन्य सामान चोरी होने का जिक्र था, जिसके आधार पर कोतवाली शहर में
बीएनएस की धारा 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान प्रकाश में आए तीन आरोपियों रवि गुप्ता, शिवम सिंह और अनीश को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से तीन जोड़ी पायल, 12 बिछिया, दो अंगूठियां और 2,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे खुलासे में उपनिरीक्षक वासु कुमार और कोतवाली शहर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- हरदोई जिले के पाली कस्बे के मोहल्ला पटियानीम से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक सांप को एक छिपकली को अपना निवाला बनाते हुए और धीरे-धीरे उसे जिंदा निगलते हुए देखा जा सकता है। छिपकली को निगलने वाला यह सर्प एक 'कॉमन बुल्फ़ स्नैक' है, जो दीवारों पर आसानी से चढ़ने में माहिर होता है। यह सर्प आमतौर पर छिपकलियों को अपना भोजन बनाता है और इसमें किसी प्रकार का जहर नहीं होता है।3
- हरदोई की शहर कोतवाली पुलिस ने चोरी के एक मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के आभूषण और नकदी भी बरामद की है। यह मामला 1 जुलाई 2026 को तब सामने आया था जब बिरिहाना निवासी योगेन्द्र प्रताप सिंह ने अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी थी। शिकायत में उनके घर से आभूषण, नकदी और अन्य सामान चोरी होने का जिक्र था, जिसके आधार पर कोतवाली शहर में बीएनएस की धारा 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान प्रकाश में आए तीन आरोपियों रवि गुप्ता, शिवम सिंह और अनीश को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से तीन जोड़ी पायल, 12 बिछिया, दो अंगूठियां और 2,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे खुलासे में उपनिरीक्षक वासु कुमार और कोतवाली शहर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- पचदेवरा पुलिस ने मैकपुर में महिला से कुंडल ठगी के मामले में कुछ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जहाँ एक महिला और उसके बेटे को धागे से बेहोश करके सोने के कुंडल लूट लिए गए थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने खुलासा किया है कि मैकपुर की पीड़ित माया देवी से भंडारे के नाम पर अभियुक्त शोभित द्वारा ₹100 की पर्ची काटी गई थी। इसके बाद शोभित ने महिला माया देवी और उसके पुत्र के सिर पर धागा घुमाकर उन्हें बेहोश कर दिया और माया देवी के कान से सोने के दोनों कुंडल निकाल लिए थे। इस वारदात के समय अभियुक्त अरविंद पीड़ित महिला के मकान के उत्तर दिशा में कुछ दूरी पर खड़ा था, जबकि अभियुक्त करन और रणदीप अपनी मोटरसाइकिल पर महिला के मकान की दक्षिण दिशा में मौजूद थे। काम पूरा हो जाने पर पवन और शोभित ने अपने साथियों को इशारा करके बताया कि काम हो गया है। इसके बाद शोभित एक मोटरसाइकिल पर, और करन, रणदीप व अरविंद दूसरी मोटरसाइकिल पर अलग-अलग दिशाओं में चले गए थे। प्रभारी निरीक्षक पचदेवरा राकेश यादव ने बताया कि पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आज दो अभियुक्तों पवन और करन, निवासी शाहाबाद, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मैकपुर में महिला से कुंडल ठगी की इस साजिश में कुल पाँच अभियुक्त शामिल थे, जिनमें से अब तक तीन अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं। मुख्य अभियुक्त शोभित और रणदीप अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।1
- बाराबंकी शहर के जाने-माने कारोबारी और कृष्णा स्वीट्स के संचालक अनूप गुप्ता का सोमवार सुबह जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के बनवा रेलवे क्रॉसिंग के पास फरक्का एक्सप्रेस की चपेट में आने से दुखद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि अनूप गुप्ता सुबह अपने 9 वर्षीय बेटे मनन गुप्ता को सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल छोड़ने गए थे, जिसके लिए उन्होंने पड़ोसी की बाइक ली थी। बेटे को स्कूल छोड़ने के बाद वह घर नहीं लौटे और कुछ देर बाद ही उनकी मृत्यु की सूचना मिली। अनूप गुप्ता पहले किराना व्यवसाय से जुड़े थे और बाद में बड़े चौराहे पर कृष्णा स्वीट्स के नाम से अपनी पहचान बनाई थी। उनकी 18 वर्षीय बड़ी बेटी भव्या गुप्ता इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश के टॉपर्स की सूची में शामिल रही थीं और वर्तमान में विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं। इस दुखद घटना के पीछे व्यापार में घाटे से अनूप गुप्ता के परेशान होने की बात सामने आ रही है। कुछ लोगों ने लेन-देन या आर्थिक तनाव की भी चर्चा की है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस घटना से पूरे व्यापारिक वर्ग में गहरा शोक छा गया है, और कई व्यापारियों ने बताया है कि अनूप गुप्ता पिछले कुछ दिनों से परेशान नजर आ रहे थे। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। इस दुख की घड़ी में ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति।1
- हरदोई जनपद की शाहाबाद तहसील में उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला लेखपाल ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शाहाबाद सुशील कुमार मिश्रा पर अभद्र व्यवहार, आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए। महिला लेखपाल ने इस संबंध में कोतवाली शाहाबाद में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अपनी शिकायत में, तहसील शाहाबाद में कार्यरत पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उन्हें 6 जुलाई 2026 को शाम करीब 5:10 बजे एसडीएम कार्यालय बुलाया गया था। आरोप है कि चेंबर के अंदर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और आपत्तिजनक बातें कही गईं। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें नौकरी से हटाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। महिला का कहना है कि इस घटना के बाद उन्होंने अपने पिता और अधिवक्ताओं को मौके पर बुलाया, जिनके पहुंचने पर भी कथित तौर पर विवाद की स्थिति बनी रही और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा गया। पीड़िता ने कोतवाली शाहाबाद में दी गई तहरीर में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, घटना से संबंधित जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है, उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही यह वीडियो आरोपों को स्वतः सिद्ध करता है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक, एसडीएम शाहाबाद की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप फिलहाल केवल आरोप हैं; वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता पुलिस एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।1
- चंदे के बहाने लोगों के घरों में घुसकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये अपराधी भक्ति का चोला पहनकर घरों में दाखिल होते थे, लेकिन उनका असली मकसद भीतर से लूटना था।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद स्थित मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में ग्राम समाज की करीब एक बीघा जमीन को लेकर चला आ रहा विवाद रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में एक युवक को गोली लगी और कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस की लापरवाही और समय रहते प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण ही दो ग्राम प्रधान पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे यह हिंसक झड़प हुई। जानकारी के अनुसार, निसाई गांव के प्रधान पति सतेंद्र अपने बेटे अमन और साथियों राहुल, मनोज तथा अभय के साथ कार से शहर की ओर जा रहे थे। आरोप है कि गैसिंगपुर गैस प्लांट के पास मुडगांव के ग्राम प्रधान रामनारायण और उनके समर्थकों ने उनकी कार को रोककर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों से मारपीट की और अंधाधुंध फायरिंग भी की, जिसमें रतनपुर निवासी राहुल पुत्र नीरज गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मारपीट में अमन, मनोज, सतेंद्र और अभय भी गंभीर रूप से जख्मी हुए। घायलों को तत्काल लोहिया अस्पताल और निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहुल सहित तीन घायलों का उपचार डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा है, जबकि सतेंद्र और अभय को डॉ. के.एम. द्विवेदी के द केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पीड़ित पक्ष ने फिर दोहराया है कि दोनों पक्षों के बीच ग्राम समाज की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को पहले से थी, बावजूद इसके कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।1