सारंगपुर सिविल अस्पताल की एक और करतूत हुई उजागर सरकारी में इलाज नहीं जाओ प्राइवेट में 30 हजार दो सारंगपुर सिविल अस्पताल की एक और करतूत हुई उजागर सरकारी में इलाज नहीं जाओ प्राइवेट में 30 हजार दो जिला ब्यूरो चीफ सुमित सेन देनिक आज तक अभियान सारंगपुर सरकारी अस्पताल का मतलब होता है गरीब का सहारा। लेकिन सारंगपुर सिविल हॉस्पिटल में ये सहारा भी अब सौदेबाजी करने लगा है। एक बार फिर अस्पताल की लापरवाही सामने आई है, जहां डॉक्टर मरीजों को सीधे प्राइवेट अस्पतालों का रास्ता दिखा रहे हैं। *मामला 1: हड्डी टूटी तो इलाज" के नाम पर मिला 30 हजार का बिल* ग्राम मऊ निवासी रमेश मालवीय भैंस चराते समय गिर गए। कूल्हे की हड्डी टूट गई। 2 दिन तक सिविल अस्पताल में भर्ती रखा गया। जब इलाज की बारी आई तो डॉक्टर साहब ने साफ कह दिया - "सरकारी में ये इलाज नहीं होगा। प्राइवेट में करवाओ, 30 हजार लगेंगे।" सवाल ये है कि अगर सरकारी अस्पताल में फ्रेक्चर का इलाज ही नहीं है, तो मरीज जाएगा कहां? *मामला 2: सरकारी X-ray के बाद जबरदस्ती प्राइवेट X-ray, फिर शाजापुर का चक्कर* सलसलाई से आए एक गरीब मरीज के साथ तो हद ही हो गई। पहले सरकारी में X-ray करवाया। फिर उसी डॉक्टर ने कहा "इधर से नहीं होगा" और एक निजी सेंटर का नंबर थमा दिया। वहां 800 रुपये X-ray + 400 रुपये बाहर का सामान। जब मरीज ने पैसे न होने की बात कही तो शिकायत लेकर चिकित्सा अधिकारी के पास गया। वहां आश्वासन मिला, लेकिन वापस वार्ड में आते ही डॉक्टर ने उसे "क्रिटिकल" घोषित कर शाजापुर रेफर कर दिया। अब बेचारा मरीज शाजापुर में इलाज करवा रहा है। डॉक्टर की सफाई: "हमारा नजरिया अलग है जब इस पूरे मामले पर डॉक्टर बघेल से बात की गई तो उनका जवाब था - "एक्स-रे में कंडीशन ज्यादा खराब थी, हड्डी में तार लगने हैं। इसलिए रेफर किया। हर डॉक्टर का इलाज का नजरिया अलग होता है।" *अब सवाल जनता पूछ रही है:* क्या सारंगपुर सिविल अस्पताल सिर्फ पट्टी और पेनकिलर के लिए है? फ्रेक्चर के नाम पर सिर्फ लीपापोती होती है? सरकारी में इलाज फ्री होना चाहिए, फिर मरीजों को प्राइवेट का नंबर और 30 हजार का खर्चा क्यों बताया जा रहा है? क्या सरकारी डॉक्टर अपनी ड्यूटी के बाद मरीजों को अपने निजी क्लिनिक में बुलाने का खेल रहे हैं? गरीब मरीज इलाज के अभाव में या तो कर्ज लेकर प्राइवेट जाएगा या फिर तड़प-तड़प कर जिला अस्पताल के चक्कर काटेगा। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने CMHO राजगढ़ और कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सारंगपुर सिविल अस्पताल की एक और करतूत हुई उजागर सरकारी में इलाज नहीं जाओ प्राइवेट में 30 हजार दो सारंगपुर सिविल अस्पताल की एक और करतूत हुई उजागर सरकारी में इलाज नहीं जाओ प्राइवेट में 30 हजार दो जिला ब्यूरो चीफ सुमित सेन देनिक आज तक अभियान सारंगपुर सरकारी अस्पताल का मतलब होता है गरीब का सहारा। लेकिन सारंगपुर सिविल हॉस्पिटल में ये सहारा भी अब सौदेबाजी करने लगा है। एक बार फिर अस्पताल की लापरवाही सामने आई है, जहां डॉक्टर मरीजों को सीधे प्राइवेट अस्पतालों का रास्ता दिखा रहे हैं। *मामला 1: हड्डी टूटी तो इलाज" के नाम पर मिला 30 हजार का बिल* ग्राम मऊ निवासी रमेश मालवीय भैंस चराते समय गिर गए। कूल्हे की हड्डी टूट गई। 2 दिन तक सिविल अस्पताल में भर्ती रखा गया। जब इलाज की बारी आई तो डॉक्टर साहब ने साफ कह दिया - "सरकारी में ये इलाज नहीं होगा। प्राइवेट में करवाओ, 30 हजार लगेंगे।" सवाल ये है कि अगर सरकारी अस्पताल में फ्रेक्चर का इलाज ही नहीं है, तो मरीज जाएगा कहां? *मामला 2: सरकारी X-ray के बाद जबरदस्ती प्राइवेट X-ray, फिर शाजापुर का चक्कर* सलसलाई से आए एक गरीब मरीज के साथ तो हद ही हो गई। पहले सरकारी में X-ray करवाया। फिर उसी डॉक्टर ने कहा "इधर से नहीं होगा" और एक निजी सेंटर का नंबर थमा दिया। वहां 800 रुपये X-ray + 400 रुपये बाहर का सामान। जब मरीज ने पैसे न होने की बात कही तो शिकायत लेकर चिकित्सा अधिकारी के पास गया। वहां आश्वासन मिला, लेकिन वापस वार्ड में आते ही डॉक्टर ने उसे "क्रिटिकल" घोषित कर शाजापुर रेफर कर दिया। अब बेचारा मरीज शाजापुर में इलाज करवा रहा है। डॉक्टर की सफाई: "हमारा नजरिया अलग है जब इस पूरे मामले पर डॉक्टर बघेल से बात की गई तो उनका जवाब था - "एक्स-रे में कंडीशन ज्यादा खराब थी, हड्डी में तार लगने हैं। इसलिए रेफर किया। हर डॉक्टर का इलाज का नजरिया अलग होता है।" *अब सवाल जनता पूछ रही है:* क्या सारंगपुर सिविल अस्पताल सिर्फ पट्टी और पेनकिलर के लिए है? फ्रेक्चर के नाम पर सिर्फ लीपापोती होती है? सरकारी में इलाज फ्री होना चाहिए, फिर मरीजों को प्राइवेट का नंबर और 30 हजार का खर्चा क्यों बताया जा रहा है? क्या सरकारी डॉक्टर अपनी ड्यूटी के बाद मरीजों को अपने निजी क्लिनिक में बुलाने का खेल रहे हैं? गरीब मरीज इलाज के अभाव में या तो कर्ज लेकर प्राइवेट जाएगा या फिर तड़प-तड़प कर जिला अस्पताल के चक्कर काटेगा। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने CMHO राजगढ़ और कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- दतिया:दतिया में वोटिंग के बाद छिड़ गया सियासी संग्राम,अब दामोदर ने दे दिया ये बयान। दतिया:दतिया में वोटिंग के बाद छिड़ गया सियासी संग्राम,अब दामोदर ने दे दिया ये बयान। दतिया।दतिया में हुए विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनेतिक पार्टीयो में सियासी घमासान मचा हुआ है एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना शुरू हो गया है इस दौरान दतिया से उपचुनाव प्रत्याशी रहे दामोदर सिंह यादव का एक बयान फिर से वायरल हो रहा है बता दे कि 3 अगस्त को मतदान की काउंटिंग होनी है।1
- निपानिया डेरा फस्ट से श्मशान तक 900 मीटर के रास्ते से अतिक्रमण हटाया मोहन बड़ोदिया - शुक्रवार शाम 4 बजे तक निपानिया डेरा फस्ट से गांव के श्मशान तक के रास्ते को राजस्व और ग्राम पंचायत के अमले की मौजूदगी में कुल 900 मीटर के रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया, खेत में जेसीबी की मदद से रास्ता बनाकर मार्ग के दोनों और गहरी खाई खोद दी गई ताकि अतिक्रमणकारी आगमी समय में पुनः अतिक्रमण ना कर सके, फिलहाल अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान ग्रामीणों का सहयोग रहा, इस दौरान ग्राम पंचायत निपानिया करजू के सरपंच घासीराम भिलाला,पंचायत सचिव दिनेश टेलर, सहायक सचिव सुनील मेनिया और राजस्व विभाग से पटवारी राधेश्याम मालवीय सहित अमला मौजूद रहा, सचिव ने कहा आगामी समय में बजट के आधार पर मार्ग का सीसी रोड किया जाएगा।1
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में भ्रष्टाचार उखड़ने लगी सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में भारी भ्रष्टाचार कार्य पूरा नहीं हुआ और उखड़ने लगी सड़क1
- गांधी चौक पेवर्स कार्य विवाद: फ़र्ज़ी रिपोर्टिंग या भ्रष्टाचार? जानिए क्या निकला गांधी चौक पेवर्स कार्य विवाद: फ़र्ज़ी रिपोर्टिंग या भ्रष्टाचार? जानिए क्या निकला ग्राउंड रिपोर्टिंग में सच! 200-500 रुपये वाले पत्रकारों से फर्क नहीं पड़ता!" – गांधी चौक विवाद पर ठेकेदार श्याम जी वातरे का करारा जवाब!1
- मंडी टेक्स बढ़ाने पर कांग्रेस , व्यापारी ने सीएम के नाम सचिव को दिया ज्ञापन मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियो मे मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के विरोध में सारंगपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसान नेताओं और व्यापारियों ने शुक्रवार को उप मंडी संडावता में प्रदर्शन किया। उन्होंने शुल्क वृद्धि को वापस लेने की मांग की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम मंडी प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मंडी परिसर में मंडी अधिकारी राजेंद्र गुप्ता के सामने नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि मंडी शुल्क में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सीधा असर किसानो और व्यापारियों पर पड़ेगा। इससे कृषि उपज के व्यापार की लागत बढ़ेगी, जिसका नुकसान अंततः किसानों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानो और व्यापारियों से बिना चर्चा किए यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने चार मांगें रखीं। इनमे मंडी शुल्क को अंतिम निर्णय होने तक तत्काल प्रभाव से 1.5 प्रतिशत से वापस लेकर पूर्व की दर 1 प्रतिशत पर लागू रखने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, किसान एवं व्यापारी प्रतिनिधियो के साथ बैठक कर व्यापक किसान हितैषी नीति तैयार करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की शुल्क वृद्धि से पहले किसानो और व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देने की भी मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया, तो प्रदेशभर मे आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने इस निर्णय को किसान और व्यापारी विरोधी बताते हुए सरकार से पुनर्विचार की अपील की। इस मौके पर व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव देवीसिंह धाकड़, किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मुरलीधर खाती, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी महेश मालवीय, जनपद सदस्य बनवारीलाल मालवीय, युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राहुलसिंह चौहान सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे।1
- मोहन बड़ोदिया पुलिस ने किया गैस गोदाम में चोरी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार 📡 *_साधना प्लस न्यूज_* *मोहन बड़ोदिया पुलिस ने किया गैस गोदाम में चोरी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार* *गोविंद कुम्भकार की रिपोर्ट* 📱 *9584097180*1