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भूमि रिकॉर्ड और दाखिल-खारिज (नामांतरण) प्रक्रिया से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन नए प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और विवाद-मुक्त बनाना बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन परिवर्तनों के कारण अब कई मामलों में दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और भूमि संबंधी मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। ज़मीन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे इन नए नियमों की पूरी जानकारी प्राप्त करें और अपने संबंधित दस्तावेजों को समय रहते अपडेट करा लें।

2 hrs ago
user_Sunita Jain
Sunita Jain
Vasant Vihar, New Delhi•
2 hrs ago

भूमि रिकॉर्ड और दाखिल-खारिज (नामांतरण) प्रक्रिया से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन नए प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और विवाद-मुक्त बनाना बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन परिवर्तनों के कारण अब कई मामलों में दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और भूमि संबंधी मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। ज़मीन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे इन नए नियमों की पूरी जानकारी प्राप्त करें और अपने संबंधित दस्तावेजों को समय रहते अपडेट करा लें।

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  • तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने अपने पहले के तीखे हमलों और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को दिए गए अल्टीमेटम के बाद, अब राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के प्रति सुलह भरा रुख अपना लिया है। कल्याण बनर्जी ने अभिषेक को अपने बेटे जैसा बताया है और कहा है कि बेटे की गलतियों को माफ करना एक पिता का कर्तव्य है। उन्होंने शनिवार को एक समाचार एजेंसी से बातचीत में यह बात कही, जहां उन्होंने कहा, "वह मेरे बेटे जैसा है। बेटे की सभी गलतियों को माफ करना पिता का काम है।" यह टिप्पणी कल्याण बनर्जी द्वारा इस हफ्ते की शुरुआत में की गई सख्त बातों से बिल्कुल अलग है। पहले उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर अहंकार का आरोप लगाया था और उन्हें पार्टी की मौजूदा परेशानियों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि उनकी वजह से पार्टी "बर्बाद" हो गई है। उस समय, कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि उन्हें "हमें या अभिषेक को" चुनना होगा, और चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने अपने भतीजे का साथ दिया, तो वे "कोई दूसरा फैसला" लेने पर मजबूर हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया जहां विपक्ष "खत्म हो गया हो", और दावा किया कि मुख्यमंत्री "प्रतिशोधी" हैं, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस के साथ संभावित विलय की अटकलों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने उन खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें बागी सांसदों के एक समूह द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क करने की बात कही जा रही थी, इसे एक "चाल" बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांसदों को बीजेपी की शरण में जाना होगा और दावा किया कि बीजेपी उन "19 सांसद" को स्वीकार नहीं करेगी जो कथित तौर पर उसमें शामिल हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी और पुलिस उन्हें परेशान कर रहे हैं।
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    तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने अपने पहले के तीखे हमलों और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को दिए गए अल्टीमेटम के बाद, अब राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के प्रति सुलह भरा रुख अपना लिया है। कल्याण बनर्जी ने अभिषेक को अपने बेटे जैसा बताया है और कहा है कि बेटे की गलतियों को माफ करना एक पिता का कर्तव्य है। उन्होंने शनिवार को एक समाचार एजेंसी से बातचीत में यह बात कही, जहां उन्होंने कहा, "वह मेरे बेटे जैसा है। बेटे की सभी गलतियों को माफ करना पिता का काम है।"

यह टिप्पणी कल्याण बनर्जी द्वारा इस हफ्ते की शुरुआत में की गई सख्त बातों से बिल्कुल अलग है। पहले उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर अहंकार का आरोप लगाया था और उन्हें पार्टी की मौजूदा परेशानियों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि उनकी वजह से पार्टी "बर्बाद" हो गई है। उस समय, कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि उन्हें "हमें या अभिषेक को" चुनना होगा, और चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने अपने भतीजे का साथ दिया, तो वे "कोई दूसरा फैसला" लेने पर मजबूर हो जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया जहां विपक्ष "खत्म हो गया हो", और दावा किया कि मुख्यमंत्री "प्रतिशोधी" हैं, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस के साथ संभावित विलय की अटकलों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने उन खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें बागी सांसदों के एक समूह द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क करने की बात कही जा रही थी, इसे एक "चाल" बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांसदों को बीजेपी की शरण में जाना होगा और दावा किया कि बीजेपी उन "19 सांसद" को स्वीकार नहीं करेगी जो कथित तौर पर उसमें शामिल हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी और पुलिस उन्हें परेशान कर रहे हैं।
    user_Vipin Singh
    Vipin Singh
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    18 min ago
  • अक्सर गर्मी में ठंडे पानी की बोतल या अन्य पैक्ड सामान खरीदते समय दुकानदार MRP से ज़्यादा पैसे मांग लेते हैं, जिसका एक सामान्य बहाना 'पानी ठंडा करने के अतिरिक्त शुल्क' होता है। उदाहरण के तौर पर, 20 रुपये MRP वाली बोतल के लिए 40 रुपये मांगना एक आम स्थिति है। कई उपभोक्ता ऐसी स्थिति में बहस करते हैं, जबकि कई लोग बिना कुछ कहे ज़्यादा पैसे देकर चले जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पैक्ड सामान पर लिखी MRP से ज़्यादा पैसे वसूलना नियमों के खिलाफ है। अगर कोई दुकानदार ऐसा करता है, तो उसकी शिकायत की जा सकती है। सबसे पहले, ऐसे दुकानदार से शांतिपूर्वक बात करके उसे पैकेट पर लिखी MRP दिखाएँ और सही कीमत लेने को कहें। कई बार यह गलती से भी हो सकता है और मामला वहीं सुलझ जाता है। हालाँकि, यदि दुकानदार बात मानने से इनकार करे और ज़्यादा पैसे लेने पर अड़ा रहे, तो आप उपभोक्ता मामलों के विभाग (Department of Consumer Affairs) के अनुसार National Consumer Helpline (NCH) 1915 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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    अक्सर गर्मी में ठंडे पानी की बोतल या अन्य पैक्ड सामान खरीदते समय दुकानदार MRP से ज़्यादा पैसे मांग लेते हैं, जिसका एक सामान्य बहाना 'पानी ठंडा करने के अतिरिक्त शुल्क' होता है। उदाहरण के तौर पर, 20 रुपये MRP वाली बोतल के लिए 40 रुपये मांगना एक आम स्थिति है।

कई उपभोक्ता ऐसी स्थिति में बहस करते हैं, जबकि कई लोग बिना कुछ कहे ज़्यादा पैसे देकर चले जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पैक्ड सामान पर लिखी MRP से ज़्यादा पैसे वसूलना नियमों के खिलाफ है। अगर कोई दुकानदार ऐसा करता है, तो उसकी शिकायत की जा सकती है।

सबसे पहले, ऐसे दुकानदार से शांतिपूर्वक बात करके उसे पैकेट पर लिखी MRP दिखाएँ और सही कीमत लेने को कहें। कई बार यह गलती से भी हो सकता है और मामला वहीं सुलझ जाता है। हालाँकि, यदि दुकानदार बात मानने से इनकार करे और ज़्यादा पैसे लेने पर अड़ा रहे, तो आप उपभोक्ता मामलों के विभाग (Department of Consumer Affairs) के अनुसार National Consumer Helpline (NCH) 1915 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
    user_Rekha Panchal
    Rekha Panchal
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    55 min ago
  • उत्तर प्रदेश में 'कॉकरोच का जादू' पूरी तरह विफल हो गया है, क्योंकि राज्य की पुलिस का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, योगीराज में उत्तर प्रदेश पुलिस के सामने सभी 'कॉकरोच' भागते हुए नज़र आए, जिससे यह सिद्ध हुआ कि उनका कथित जादू अब काम नहीं कर रहा है और यूपी पुलिस का जादू चल गया।
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    उत्तर प्रदेश में 'कॉकरोच का जादू' पूरी तरह विफल हो गया है, क्योंकि राज्य की पुलिस का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, योगीराज में उत्तर प्रदेश पुलिस के सामने सभी 'कॉकरोच' भागते हुए नज़र आए, जिससे यह सिद्ध हुआ कि उनका कथित जादू अब काम नहीं कर रहा है और यूपी पुलिस का जादू चल गया।
    user_Vinod Rastogi
    Vinod Rastogi
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • भूमि रिकॉर्ड और दाखिल-खारिज (नामांतरण) प्रक्रिया से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन नए प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और विवाद-मुक्त बनाना बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन परिवर्तनों के कारण अब कई मामलों में दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और भूमि संबंधी मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। ज़मीन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे इन नए नियमों की पूरी जानकारी प्राप्त करें और अपने संबंधित दस्तावेजों को समय रहते अपडेट करा लें।
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    भूमि रिकॉर्ड और दाखिल-खारिज (नामांतरण) प्रक्रिया से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन नए प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और विवाद-मुक्त बनाना बताया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इन परिवर्तनों के कारण अब कई मामलों में दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और भूमि संबंधी मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। ज़मीन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे इन नए नियमों की पूरी जानकारी प्राप्त करें और अपने संबंधित दस्तावेजों को समय रहते अपडेट करा लें।
    user_Sunita Jain
    Sunita Jain
    Vasant Vihar, New Delhi•
    2 hrs ago
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 'कड़ा संदेश' देने के आह्वान के साथ, आज अमृतसर गेट पर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी शाम 4 बजे एकत्र होकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे।
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    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 'कड़ा संदेश' देने के आह्वान के साथ, आज अमृतसर गेट पर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी शाम 4 बजे एकत्र होकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे।
    user_Kishanveer Rajput
    Kishanveer Rajput
    Auto parts store महरौली, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    6 hrs ago
  • आयुष के छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को 45 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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    आयुष के छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को 45 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
    user_Raaz
    Raaz
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    8 hrs ago
  • असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए ई-श्रम कार्ड एक बेहद महत्वपूर्ण पहचान पत्र है। इसके ज़रिए सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और बीमा संबंधी सुविधाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा उन सभी लोगों के लिए है जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है और जो असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। ऐसे श्रमिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने अधिकारों और सरकारी सुविधाओं से जुड़ने के लिए आज ही ई-श्रम कार्ड बनवाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं, बीमा और सामाजिक सुरक्षा के कई बड़े लाभ मिल सकें।
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    असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए ई-श्रम कार्ड एक बेहद महत्वपूर्ण पहचान पत्र है। इसके ज़रिए सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और बीमा संबंधी सुविधाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा उन सभी लोगों के लिए है जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है और जो असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। ऐसे श्रमिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने अधिकारों और सरकारी सुविधाओं से जुड़ने के लिए आज ही ई-श्रम कार्ड बनवाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं, बीमा और सामाजिक सुरक्षा के कई बड़े लाभ मिल सकें।
    user_Sunita Jain
    Sunita Jain
    Vasant Vihar, New Delhi•
    4 hrs ago
  • कल रात करीब 10 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लोहिया पुल के पास एक चलती कार में आग लग गई। यह घटना इको पार्क के ठीक सामने हुई।
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    कल रात करीब 10 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लोहिया पुल के पास एक चलती कार में आग लग गई। यह घटना इको पार्क के ठीक सामने हुई।
    user_सनसनी ऑफ़ इंडिया SANSANI
    सनसनी ऑफ़ इंडिया SANSANI
    Media house कालकाजी, दक्षिण पूर्व दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
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