भगवान सहस्रबाहु अर्जुन को कार्तवीर्य अर्जुन के नाम से भी जाना जाता है :नरेंद्र सिंह कुशवा ह भिंड। शिवहरे समाज जिला भिंड की ओर से रविवार को कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान एवं वरिष्ठ बुजुर्गजनों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों ने भगवान सहस्रबाहु अर्जुन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव मप्र कलचुरी समवर्गीय महासभा राकेश जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष मुन्नालाल जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामस्वरूप जायसवाल, भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और उत्तरप्रदेश के आगरा विधायक एवं भाजपा प्रदेश मंत्री विजय शिवहरे मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठ बुजुर्गजनों का सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया। नवनियुक्त शिवहरे समाज जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों को पद एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों की शपथ दिलाई गई।भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कहा कि शिवहरे समाज अपनी पहचान कलचुरी परंपरा और भगवान सहस्रबाहु अर्जुन से जोड़ता है। भगवान सहस्रबाहु अर्जुन को कार्तवीर्य अर्जुन के नाम से भी जाना जाता है और वे शौर्य, पराक्रम, सामर्थ्य और धर्म के प्रतीक माने जाते हैं। कलचुरी परंपरा का मध्य भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना चाहिए, लेकिन केवल इतिहास पर गर्व करना पर्याप्त नहीं है। समाज को ऐसा वर्तमान और भविष्य बनाना होगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व से याद करें।उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें, समाज की प्रतिभाओं को उचित मंच मिले, मातृशक्ति सशक्त बने और जरूरतमंद परिवारों को समाज का सहयोग मिले, यही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मेधावी विद्यार्थियों को समाज के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बताते हुए उन्होंने विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को शुभकामनाएं दीं। वहीं वरिष्ठ बुजुर्गों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके अनुभवों से परिवार और समाज को दिशा मिली है, इसलिए उनका सम्मान करना हमारी संस्कृति और जिम्मेदारी दोनों है।
भगवान सहस्रबाहु अर्जुन को कार्तवीर्य अर्जुन के नाम से भी जाना जाता है :नरेंद्र सिंह कुशवा ह भिंड। शिवहरे समाज जिला भिंड की ओर से रविवार को कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान एवं वरिष्ठ बुजुर्गजनों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों ने भगवान सहस्रबाहु अर्जुन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव मप्र कलचुरी समवर्गीय महासभा राकेश जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष मुन्नालाल जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामस्वरूप जायसवाल, भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और उत्तरप्रदेश के आगरा विधायक एवं भाजपा प्रदेश मंत्री विजय शिवहरे मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठ बुजुर्गजनों का सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया। नवनियुक्त शिवहरे समाज जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों को पद एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों की शपथ दिलाई गई।भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कहा कि शिवहरे समाज अपनी पहचान कलचुरी परंपरा और भगवान सहस्रबाहु अर्जुन से जोड़ता है। भगवान सहस्रबाहु अर्जुन को कार्तवीर्य अर्जुन के नाम से भी जाना जाता है और वे शौर्य, पराक्रम, सामर्थ्य और धर्म के प्रतीक माने जाते हैं। कलचुरी परंपरा का मध्य भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना चाहिए, लेकिन केवल इतिहास पर गर्व करना पर्याप्त नहीं है। समाज को ऐसा वर्तमान और भविष्य बनाना होगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व से याद करें।उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें, समाज की प्रतिभाओं को उचित मंच मिले, मातृशक्ति सशक्त बने और जरूरतमंद परिवारों को समाज का सहयोग मिले, यही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मेधावी विद्यार्थियों को समाज के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बताते हुए उन्होंने विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को शुभकामनाएं दीं। वहीं वरिष्ठ बुजुर्गों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके अनुभवों से परिवार और समाज को दिशा मिली है, इसलिए उनका सम्मान करना हमारी संस्कृति और जिम्मेदारी दोनों है।
- डिप्टी रेंजर डांस कर रहा है और बाकी कर्मचारी ताली बजा रहे हैं *उत्तर प्रदेश* *डिप्टी रेंजर डांस कर रहा है और बाकी कर्मचारी ताली बजा रहे हैं*। आगरा का बताया जा रहा ये वीडियो। डिप्टी रेंजर नाच रहे हैं। साथ वाले कर्मचारी भी मजे ले रहे हैं। वर्दी में बैठा एक कर्मचारी ग्लास में क्या पी रहा है आप ख़ुद देख लीजिये।1
- जसवंतनगर। कस्बा जसवंतनगर की चर्चित शिव गौर क्लीनिक एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्राम सिसहाट निवासी अरविंद यादव पुत्र सुदामा सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने क्लीनिक के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के अनुसार अरविंद यादव की तबीयत खराब होने पर उन्हें जसवंतनगर स्थित शिव गौर क्लीनिक ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान ही मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। जब परिजनों ने डॉक्टर से लगाए गए इंजेक्शन और दवाओं के बारे में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि इंजेक्शन और अन्य सामग्री कचरे में फेंक दी गई है और संभवतः पानी में बह गई होगी। परिजन मरीज को लेकर सैफई पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने करीब एक घंटे पहले ही मौत होने की बात बताई। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक पर डॉक्टर के पिता ने भी उनसे मरीज को वहां से ले जाने की बात कही और कहा कि उन्हें जो करना है, कर लें। मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका यह भी आरोप है कि शिव गौर क्लीनिक को लेकर पूर्व में भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। परिजनों का दावा है कि इस वर्ष क्लीनिक के खिलाफ यह छठा-सातवां मामला है। लगातार लगाए जा रहे आरोपों के बाद अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है। सवाल उठ रहा है कि यदि क्लीनिक के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं तो विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई। फिलहाल पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- CJI सूर्यकांत से डिग्री नहीं लेंगे NALSAR के छात्र। हैदराबाद। NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के आगामी दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का कुछ छात्रों ने विरोध किया है। विरोध कर रहे छात्रों ने ऐलान किया है कि वे दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत के हाथों डिग्री स्वीकार नहीं करेंगे। छात्रों के इस फैसले के बाद प्रतिष्ठित लॉ यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह चर्चा में आ गया है। CJI सूर्यकांत से डिग्री नहीं लेंगे NALSAR के छात्र। हैदराबाद। NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के आगामी दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का कुछ छात्रों ने विरोध किया है। विरोध कर रहे छात्रों ने ऐलान किया है कि वे दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत के हाथों डिग्री स्वीकार नहीं करेंगे। छात्रों के इस फैसले के बाद प्रतिष्ठित लॉ यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह चर्चा में आ गया है।1
- ऐतिहासिक जीत के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का सेवढ़ा में प्रथम नगर आगमन हुआ। नगर में जगह-जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। कहीं पुष्पमालाओं से स्वागत हुआ, तो कई स्थानों पर तुलादान कर शाल-श्रीफल से सम्मानित किया ऐतिहासिक जीत के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का सेवढ़ा में प्रथम नगर आगमन हुआ। नगर में जगह-जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। कहीं पुष्पमालाओं से स्वागत हुआ, तो कई स्थानों पर तुलादान कर शाल-श्रीफल से सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। वीओ-1: दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की ऐतिहासिक जीत के बाद सेवढ़ा में उनके प्रथम नगर आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह नजर आया। घनश्याम सिंह के नगर में प्रवेश करते ही जगह-जगह स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। वीओ-2: नगर के विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत स्टॉल और मंच लगाए गए थे। जैसे-जैसे घनश्याम सिंह का काफिला आगे बढ़ा, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पुष्पमालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया और जीत की बधाई दी। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ स्वागत किया गया। वीओ-3: घनश्याम सिंह के नगर आगमन के दौरान कई स्थानों पर समर्थकों द्वारा उनका तुलादान भी किया गया। इसके साथ ही शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया और कांग्रेस पार्टी के समर्थन में नारे लगाए। वीओ-4: पूरे स्वागत कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जीत की खुशी साफ तौर पर दिखाई दी। कार्यकर्ताओं ने इस जीत को जनता की जीत बताते हुए घनश्याम सिंह के प्रति अपना उत्साह और समर्थन जाहिर किया। बाइट – घनश्याम सिंह: “यह जीत जनता के आशीर्वाद और कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता की मेहनत की जीत है। जनता ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करूंगा।” वीओ-5 / समापन: नगरवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भव्य स्वागत से घनश्याम सिंह अभिभूत नजर आए। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए आभार व्यक्त किया। देर तक चले स्वागत कार्यक्रम ने सेवढ़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जीत के उत्साह को साफ तौर पर प्रदर्शित किया। एंकर आउट्रो: फिलहाल, ऐतिहासिक जीत के बाद घनश्याम सिंह के प्रथम नगर आगमन पर हुए इस भव्य स्वागत ने सेवढ़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उत्साह को एक बार फिर सामने ला दिया।1
- सौरों से गंगाजल लेकर पोरसा पहुंचे सैकड़ों कांवड़िए, आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर भोलेनाथ को अर्पित करेंगे पवित्र जल हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा पोरसा, श्रद्धा और आस्था के साथ कांवड़ यात्रा पूरी कर लौटे शिवभक्त पोरसा,,,,,,,,,श्रावण माह के दूसरे सोमवार को लेकर शहर पोरसा और आसपास के क्षेत्र में भगवान शिव की भक्ति का माहौल बना हुआ है। सैकड़ों कांवड़िए दूर-दराज से पवित्र गंगाजल लेकर पोरसा पहुंचे हैं। शिवभक्त सोमवार की सुबह अपने-अपने मनचाहे एवं चिन्हित भोले बाबा के मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से गंगाजल अर्पित करेंगे और भगवान शिव से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगेंगे। पोरसा के कई दर्जन कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेने के लिए गुरुवार शाम करीब 5 बजे सौरों के लिए रवाना हुए थे। कांवड़िए देर रात करीब 2 बजे सौरों पहुंचे। शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजे पवित्र गंगाजल से कांवड़ भरकर शिवभक्त वापस पोरसा के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा करते हुए सौरों से शिकोहाबाद, बटेश्वर तथा उत्तर प्रदेश के नगरा घाट सहित विभिन्न मार्गों से होकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। रविवार दोपहर कांवड़िए पोरसा पहुंच गए। यात्रा के दौरान शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रास्ते भर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "जय भोलेनाथ" के जयघोष गूंजते रहे। कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान के बजाय भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति का भाव दिखाई दिया। इन शिवभक्तों ने पूरी की कांवड़ यात्रा पोरसा के कांवड़ियों में सोनू बंसल, रमन गर्ग, दीपू बंसल, सैंकी गुप्ता, मनोज नामदेव, भागीरथ, दिलीप, आकाश गोयल, आशीष गुप्ता, मोनू गुप्ता, विराट राजपूत, वरुण सिंह सहित अन्य शिवभक्त शामिल रहे। सभी कांवड़िए सोमवार को अपने-अपने चिन्हित महादेव मंदिरों में पहुंचकर पवित्र गंगाजल अर्पित करेंगे। कांवड़ लाने की परंपरा में छिपा है गहरा आध्यात्मिक संदेश हिंदू धार्मिक परंपरा में कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति समर्पण, श्रद्धा और तपस्या का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र नदी से जल लेकर उसे कांवड़ में धारण करते हैं और पैदल यात्रा कर अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। इस पूरी यात्रा का उद्देश्य केवल जल चढ़ाना नहीं, बल्कि शरीर, मन और वाणी को संयमित रखते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण प्रकट करना भी है। मान्यता है कि जिस पवित्र जल को श्रद्धालु आस्था के साथ लाते हैं, उसे शिवलिंग पर अर्पित करना भगवान शिव की आराधना का विशेष स्वरूप है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु कठिन रास्तों, मौसम और शारीरिक थकान का सामना करते हुए भी अपनी आस्था को बनाए रखते हैं। यही कठिनाई इस यात्रा को तपस्या और साधना का स्वरूप प्रदान करती है। कांवड़ को पवित्रता और नियमों के साथ लाना माना जाता है महत्वपूर्ण कांवड़ यात्रा में पवित्रता और अनुशासन का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु गंगाजल भरने से लेकर उसे भोलेनाथ को अर्पित करने तक कांवड़ की शुचिता बनाए रखने का प्रयास करते हैं। कांवड़ को जमीन पर रखने से बचना, जल को अपवित्र न होने देना, यात्रा के दौरान संयम रखना और भगवान शिव का स्मरण करते हुए यात्रा करना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कांवड़ यात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि संयम, सेवा, त्याग और श्रद्धा का संदेश भी देती है। शिवभक्त रास्ते में एक-दूसरे की सहायता करते हुए आगे बढ़ते हैं। यही भावना भगवान शिव के प्रति भक्ति के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करती है। भोलेनाथ को गंगाजल चढ़ाने का क्या है महत्व? श्रावण मास में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने की परंपरा अत्यंत प्राचीन और श्रद्धा से जुड़ी हुई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर गंगा के अवतरण को संभव बनाया था। इसी कारण गंगा जल को भगवान शिव की पूजा में विशेष पवित्र माना जाता है। श्रावण सोमवार के दिन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया जलाभिषेक मन को शांति प्रदान करता है तथा भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। हालांकि धार्मिक फल की प्राप्ति आस्था और मान्यता का विषय है, लेकिन इस परंपरा का मूल संदेश भक्ति, विनम्रता और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण है। आज सुबह मंदिरों में होगा जलाभिषेक श्रावण के दूसरे सोमवार की सुबह पोरसा के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। कांवड़िए अपनी-अपनी कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। जलाभिषेक के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से शिवालय गूंज उठेंगे। कांवड़ियों के लिए यह यात्रा केवल कई किलोमीटर की दूरी तय करने का अवसर नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था को समर्पित करने वाली एक आध्यात्मिक यात्रा है। सौरों से पवित्र गंगाजल लेकर पोरसा तक पहुंचे इन शिवभक्तों की यात्रा ने एक बार फिर क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति, सेवा और सनातन परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की है। हर-हर महादेव। बोल बम बम1
- मनावर में धूमधाम से मनाया गया आदिवासी दिवस , हजारों की संख्या में उमड़ा जन सैलाब मनावर में धूमधाम से मनाया गया आदिवासी दिवस , हजारों की संख्या में उमड़ा जन सैलाब2
- एसपी ने अंबाह अनुभाग के थाना प्रभारियों की ली समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश अंबाह। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना ने रविवार को अंबाह अनुभाग के थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। एसडीओपी अंबाह कार्यालय में आयोजित बैठक में अंबाह, पोरसा, नगरा एवं महुआ थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की थाना-वार समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर शिकायतकर्ताओं को संतुष्टिपूर्ण एवं तथ्यात्मक निराकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अनावश्यक रूप से शिकायतों को लंबित नहीं रखने पर भी जोर दिया। एसपी ने लंबित अपराध, विवेचनाओं एवं अन्य प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए। अपराधों की रोकथाम के लिए थाना क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग और प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाए रखने को कहा। उन्होंने आदतन एवं सक्रिय अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने और आगामी आयोजनों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार संचालित जनविश्वास अभियान के तहत कार्रवाई, फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निराकरण, थाना स्तर पर जनसुनवाई को प्रभावी बनाने, अपराध की सूचना पर तत्काल कार्रवाई, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार तथा पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय एवं विश्वास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध की प्रवृत्तियों और स्थानीय समस्याओं का नियमित विश्लेषण कर प्रभावी एवं परिणामपरक पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, अपराध नियंत्रण और आमजन की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।4
- पोरसा में स्वच्छता पखवाड़े के तहत चला व्यापक अभियान, युवाओं ने दिया स्वच्छता और जागरूकता का संदेश मुक्तिधाम, गौशाला और नागाजी तालाब परिसर में किया स्वच्छता श्रमदान, घर-घर पहुंचकर लोगों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक पोरसा,,,,,,,,,,युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित मेरा युवा भारत युवा केंद्र, मुरैना के मार्गदर्शन में ब्लॉक पोरसा एवं मुरैना क्षेत्र में स्वच्छता पखवाड़ा मनाया गया। अभियान के दौरान पोरसा क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को स्वच्छता, साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। जिला युवा अधिकारी आशुतोष साहू के मार्गदर्शन में आयोजित स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत मेरा युवा भारत केंद्र एवं जन सहयोग युवा मंडल, पोरसा के युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य केवल सार्वजनिक स्थानों की सफाई करना ही नहीं, बल्कि आमजन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए जागरूकता पैदा करना भी रहा। मुक्तिधाम परिसर में किया स्वच्छता श्रमदान अभियान के तहत पोरसा स्थित मुक्तिधाम परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान युवाओं ने परिसर में साफ-सफाई करते हुए कचरा एकत्रित किया तथा आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। घर-घर जाकर दिया स्वच्छता का संदेश स्वच्छता अभियान को जन-जागरूकता से जोड़ते हुए युवाओं ने गली-मोहल्लों में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया। लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ घर, गली और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि स्वच्छता केवल किसी एक अभियान या दिवस तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे नियमित आदत के रूप में अपनाना आवश्यक है। घरों से निकलने वाले कचरे को इधर-उधर न फेंकने, गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, नालियों में कचरा नहीं डालने तथा आसपास पानी जमा न होने देने के लिए भी जागरूक किया गया। गौशाला और नागाजी तालाब परिसर में भी चला अभियान स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत गौशाला परिसर में भी स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। युवाओं ने परिसर में सफाई कर स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। इसके साथ ही नागाजी तालाब परिसर में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। युवाओं ने तालाब एवं उसके आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई करते हुए लोगों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और उनमें कचरा न डालने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों की स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। स्कूलों में आयोजित हुई स्वच्छता प्रतियोगिताएं स्वच्छता के प्रति विद्यार्थियों और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोरसा एवं मुरैना के स्कूलों में स्वच्छता विषय पर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्वच्छता से संबंधित अपने विचारों और संदेशों को प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को स्वच्छता के महत्व, पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ समाज के निर्माण में नागरिकों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने अपने संदेशों के माध्यम से लोगों से स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। स्वच्छता के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने कहा कि स्वच्छ भारत और स्वच्छ समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, गली, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो समाज में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है। स्वच्छता से न केवल वातावरण सुंदर और स्वच्छ रहता है, बल्कि गंदगी से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम में भी मदद मिलती है। इसलिए लोगों से अपील की गई कि वे कचरा खुले में न फेंकें, सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करें, जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएं और अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें। इनकी रही सहभागिता स्वच्छता पखवाड़े के विभिन्न कार्यक्रमों में जन सहयोग युवा मंडल पोरसा के अध्यक्ष अमन भदौरिया, समाजसेवी हरिओम गुप्ता, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेविकाएं रोशनी एवं रितिका शर्मा, समाजसेविकाएं शहनाज बानो एवं इकरा बानो तथा कोचिंग संचालक कुलदीप सर सहित युवाओं और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं ने स्वच्छता को लेकर समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाते हुए लोगों से अपील की कि वे स्वयं स्वच्छता अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान आयोजित इन गतिविधियों से पोरसा क्षेत्र में स्वच्छता, जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने काशं2
- ट्रांसफार्मर में फंसा मोर, करंट लगने से मौत: ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, बिजली चालू होने से गई जान। ट्रांसफार्मर में फंसा मोर, करंट लगने से मौत: ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, बिजली चालू होने से गई जान जसवंतनगर के नगला भदोरिया मलाजनी गांव में रविवार सुबह एक मोर की करंट लगने से मौत हो गई। मोर खेत में लगे ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर में फंस गया था। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली दोबारा चालू होने से उसकी जान चली गई। यह घटना गांव निवासी प्रदीप कुमार के खेत के पास सुबह करीब सात बजे हुई। प्रदीप कुमार ने मोर को ट्रांसफार्मर में फंसा और तड़पता देखा। उन्होंने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराने का प्रयास किया। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद ग्रामीण मोर को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे थे। प्रदीप कुमार ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान ट्रांसफार्मर की बिजली दोबारा चालू कर दी गई, जिससे मोर करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत से ग्रामीणों में दुख है। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद और चालू करने में बरती गई लापरवाही की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना की जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1