ट्रांसफार्मर में फंसा मोर, करंट लगने से मौत: ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, बिजली चालू होने से गई जान। ट्रांसफार्मर में फंसा मोर, करंट लगने से मौत: ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, बिजली चालू होने से गई जान जसवंतनगर के नगला भदोरिया मलाजनी गांव में रविवार सुबह एक मोर की करंट लगने से मौत हो गई। मोर खेत में लगे ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर में फंस गया था। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली दोबारा चालू होने से उसकी जान चली गई। यह घटना गांव निवासी प्रदीप कुमार के खेत के पास सुबह करीब सात बजे हुई। प्रदीप कुमार ने मोर को ट्रांसफार्मर में फंसा और तड़पता देखा। उन्होंने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराने का प्रयास किया। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद ग्रामीण मोर को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे थे। प्रदीप कुमार ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान ट्रांसफार्मर की बिजली दोबारा चालू कर दी गई, जिससे मोर करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत से ग्रामीणों में दुख है। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद और चालू करने में बरती गई लापरवाही की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना की जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ट्रांसफार्मर में फंसा मोर, करंट लगने से मौत: ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, बिजली चालू होने से गई जान। ट्रांसफार्मर में फंसा मोर, करंट लगने से मौत: ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, बिजली चालू होने से गई जान जसवंतनगर के नगला भदोरिया मलाजनी गांव में रविवार सुबह एक मोर की करंट लगने से मौत हो गई। मोर खेत में लगे ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर में फंस गया था। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली दोबारा चालू होने से उसकी जान चली गई। यह घटना गांव निवासी प्रदीप कुमार के खेत के पास सुबह करीब सात बजे हुई। प्रदीप कुमार ने मोर को ट्रांसफार्मर में फंसा और तड़पता देखा। उन्होंने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराने का प्रयास किया। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद ग्रामीण मोर को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे थे। प्रदीप कुमार ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान ट्रांसफार्मर की बिजली दोबारा चालू कर दी गई, जिससे मोर करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत से ग्रामीणों में दुख है। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद और चालू करने में बरती गई लापरवाही की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना की जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- जसवंतनगर। कस्बा जसवंतनगर की चर्चित शिव गौर क्लीनिक एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्राम सिसहाट निवासी अरविंद यादव पुत्र सुदामा सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने क्लीनिक के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के अनुसार अरविंद यादव की तबीयत खराब होने पर उन्हें जसवंतनगर स्थित शिव गौर क्लीनिक ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान ही मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। जब परिजनों ने डॉक्टर से लगाए गए इंजेक्शन और दवाओं के बारे में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि इंजेक्शन और अन्य सामग्री कचरे में फेंक दी गई है और संभवतः पानी में बह गई होगी। परिजन मरीज को लेकर सैफई पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने करीब एक घंटे पहले ही मौत होने की बात बताई। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक पर डॉक्टर के पिता ने भी उनसे मरीज को वहां से ले जाने की बात कही और कहा कि उन्हें जो करना है, कर लें। मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका यह भी आरोप है कि शिव गौर क्लीनिक को लेकर पूर्व में भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। परिजनों का दावा है कि इस वर्ष क्लीनिक के खिलाफ यह छठा-सातवां मामला है। लगातार लगाए जा रहे आरोपों के बाद अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है। सवाल उठ रहा है कि यदि क्लीनिक के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं तो विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई। फिलहाल पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- शिव गौर क्लीनिक में मरीज की मौत, परिजनों ने लगाया गलत इलाज का आरोप सैफई ले जाने पर चिकित्सकों ने करीब एक घंटे पहले मौत होने की बात बताई, स्वास्थ्य विभाग से जांच व कार्रवाई की मांग जसवंतनगर (इटावा)। कस्बा जसवंतनगर स्थित शिव गौर क्लीनिक एक बार फिर विवादों में आ गया है। ग्राम सिसहाट निवासी अरविंद यादव पुत्र सुदामा सिंह की क्लीनिक पर इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने क्लीनिक के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के अनुसार, तबीयत खराब होने पर अरविंद यादव को इलाज के लिए शिव गौर क्लीनिक ले जाया गया था। वहां चिकित्सकों द्वारा उपचार के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन और उपचार के बाद मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन और दवाओं के संबंध में जानकारी मांगी तो उनका आरोप है कि क्लीनिक की ओर से बताया गया कि इंजेक्शन व अन्य सामग्री कचरे में फेंक दी गई है और संभवतः पानी में बह गई होगी। इसके बाद परिजन मरीज को लेकर सैफई पहुंचे। परिजनों का कहना है कि सैफई में चिकित्सकों ने जांच के बाद मरीज की करीब एक घंटे पहले ही मौत होने की जानकारी दी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि क्लीनिक पर मौजूद चिकित्सक के पिता ने उनसे मरीज को वहां से ले जाने को कहा और कथित रूप से यह भी कहा कि उन्हें जो करना है, कर लें। मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, पोस्टमार्टम तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का दावा है कि शिव गौर क्लीनिक को लेकर पूर्व में भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं और इस वर्ष यह छठा-सातवां मामला होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि क्लीनिक के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं तो विभाग ने अब तक क्या कार्रवाई की, इसकी भी जांच होनी चाहिए। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक जांच और कार्रवाई की स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।1
- इटावा में चोरों का आतंक प्राथमिक विद्यालय की रसोई का गेट तोड़कर दो गैस सिलेंडर चोरी *ब्रेकिंग:-* *चोरों ने बच्चों पर भी नहीं खाया रहम कैसे बनेगा बच्चों के लिए खाना* *आखिर क्यों नहीं थम पा रहा है चोरों का आतंक* *जनपद में लगातार बढ़ रही हैं चोरी की घटनाएं* *शासन की सख्ती के बाद भी चोरी जैसी घटनाएं बढ़ रही आखिर प्रशासन क्यों आंखे बंद किए है* *सुबह रसोइया के विद्यालय पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।* *मामले में मोहल्ले के ही एक व्यक्ति को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है।* *प्राथमिक विद्यालय टोला भूरा में शुक्रवार रात चोरों ने रसोई को निशाना बनाया।* *चोरों ने किचन में लगे लोहे के गेट की चादर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां रखे दो गैस सिलेंडर चोरी कर लिए।* *शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे रसोइया विद्यालय पहुंचा तो रसोई के गेट की चादर टूटी मिली। अंदर जाकर देखा तो दोनों गैस सिलेंडर गायब थे। उसने तत्काल विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाचार्य अंजना को घटना की जानकारी दी।* *प्रधानाचार्य ने मामले की सूचना डायल 112 पर दी। इसके बाद थाना कोतवाली पुलिस को भी घटना की लिखित तहरीर दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और आसपास के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस ने संदेह के आधार पर मोहल्ले के ही एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।* *पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि चोरी करने वालों का सुराग लगाया जा सके। घटना के बाद विद्यालय स्टाफ में भी नाराजगी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।*1
- विकास खंड जैतपुर कला में कार्यरत एक महिला एफ एल सी आर पी ने ब्लॉक मिशन मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की तहसीलदार सम्पूर्ण कुलश्रेष्ठ को ज्ञापन सौंपा विकास खंड जैतपुर कला में कार्यरत एक महिला एफ एल सी आर पी ने ब्लॉक मिशन मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता प्रेमलता, उर्मिला , नीतू, शालिनी, आशा, संगीता , तुलसी देवी, नीलम कुमारी आदि आधा दर्जन से अधिक महिलाओं ने जिलाधिकारी आगरा के नाम दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि ब्लॉक मिशन मैनेजर अमित गुप्ता द्वारा उनके सहित कई महिला कैडरों का लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जाता है। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और मानदेय में अवैध धनराशि की मांग की जाती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मानदेय मिलने पर आधी राशि देने का दबाव बनाया जाता है। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है। प्रेमलता का आरोप है कि एक बैठक के दौरान उनके साथ सभी के सामने अभद्र व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे 30 हजार रुपये की मांग की गई, जिसे देने से उन्होंने इनकार कर दिया। महिला कर्मचारी का कहना है कि ऐसा व्यवहार केवल उनके साथ ही नहीं बल्कि अन्य महिला कैडरों के साथ भी किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया है कि आवश्यकता पड़ने पर वह अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य और गवाह भी प्रस्तुत करेंगी। फिलहाल यह सभी आरोप शिकायत पत्र में लगाए गए हैं। मामले की जांच अभी होना बाकी है। संबंधित अधिकारी या ब्लॉक मिशन मैनेजर का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। ऐसी ही ताज़ा और निष्पक्ष खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें, वीडियो को लाइक और शेयर करें धन्यवाद1
- ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल, जनता पर डबल मार भिण्ड । ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल बूथ को लेकर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने शासन - प्रशासन और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) से पूरे मामले की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है । बघेल ने कहा कि जब इसी मार्ग पर पहले से टोल शुल्क लिया जा रहा है,तो उसी क्षेत्र में नया टोल लगाने का औचित्य क्या है । उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित टोल की परियोजना,सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति,टोल वसूली का वैधानिक आधार और शुल्क निर्धारण से संबंधित दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं। उन्होंने कहा कि उमरी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित आवागमन करना पड़ता है। इसलिए स्थानीय ग्रामीणों,किसानों, विद्यार्थियों,कर्मचारियों और नियमित यात्रियों के लिए प्रस्तावित टोल में छूट अथवा राहत का क्या प्रावधान है,यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि संबंधित विभाग से प्रस्तावित टोल की वैधानिकता,स्वीकृति, परियोजना दस्तावेज और शुल्क निर्धारण के आधार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सात दिन के भीतर नियमानुसार कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) जनता के हित में शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। भिण्ड की जनता पर दोहरा टोल भार किसी भी कीमत पर उचित नहीं है। जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ के खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ेगी।1
- ट्रांसफार्मर में फंसा मोर, करंट लगने से मौत: ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, बिजली चालू होने से गई जान। ट्रांसफार्मर में फंसा मोर, करंट लगने से मौत: ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, बिजली चालू होने से गई जान जसवंतनगर के नगला भदोरिया मलाजनी गांव में रविवार सुबह एक मोर की करंट लगने से मौत हो गई। मोर खेत में लगे ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर में फंस गया था। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली दोबारा चालू होने से उसकी जान चली गई। यह घटना गांव निवासी प्रदीप कुमार के खेत के पास सुबह करीब सात बजे हुई। प्रदीप कुमार ने मोर को ट्रांसफार्मर में फंसा और तड़पता देखा। उन्होंने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराने का प्रयास किया। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद ग्रामीण मोर को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे थे। प्रदीप कुमार ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान ट्रांसफार्मर की बिजली दोबारा चालू कर दी गई, जिससे मोर करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत से ग्रामीणों में दुख है। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद और चालू करने में बरती गई लापरवाही की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना की जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1