पायोजी मैंने राम रतन धन पायो, वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु कृपा कर अपनायो । स्पिक मैके की कार्यशाला एवं प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम में में सजे शास्त्रीय कला के रंग, अंतरराष्ट्रीय गायिका अद्रिजा बासु ने बांधा समां l 'युवाओं के बीच भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं संस्कृति के संवर्धन के लिए समर्पित संस्था' स्पिक मैके (SPIC MACAY) के तत्वावधान में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दुर्गपुरा और सरस्वती विद्या मंदिर झालरापाटन कि छात्रों के समक्ष सूर्य मंदिर में शास्त्रीय गायन की भव्य कार्यशाला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतीकरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोलकाता से पधारीं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रख्यात गायिका अद्रिजा बासु ने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली स्वर-लहरियों से संपूर्ण वातावरण को संगीतमय कर दिया। साथ ही तबले पर संगत सुविज्ञ द्वारा की गई राग 'गुजरी तोड़ी' से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का भव्य आगाज़ गायिका अद्रिजा बासु ने राग गुजरी तोड़ी में तीन ताल में बद्ध बंदिश 'निसदिन हरि गुन गावे' से किया। इसके पश्चात उन्होंने मियाँ की तोड़ी में लयबद्ध तराना पेश कर श्रोताओं की खूब तालियाँ बटोरीं। अपनी दूसरी प्रस्तुति में उन्होंने राग 'श्री' में झपताल पर आधारित भावपूर्ण बंदिश 'हरि के चरण कमल निसदिन सुमर रारे' का गायन किया। इसके साथ ही तीन ताल में 'चलो रि मई राम सिया दर्शन को रघु नंदन रथ में आवत हे' बंदिश गाकर उन्होंने सभी को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रसिद्ध भजन 'पायो जी मैंने राम रतन धन पायो' की भावपूर्ण प्रस्तुति पर पूरा पांडाल तालियों की गूंज से गुंजायमान हो उठा। विद्यार्थियों को सिखाए संगीत के गूढ़ रहस्य सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ आयोजित कार्यशाला में अद्रिजा बासु ने छात्र-छात्राओं को भारतीय संगीत के 'सात सुरों' का व्यावहारिक परिचय दिया। उन्होंने बच्चों को सुरों को 'आकार' के रूप में गाने का रियाज़ कराया और संगीत की बुनियादी बारीकियों से अवगत कराया। सांस्कृतिक चेतना और एकाग्रता का माध्यम है संगीत स्पिक मैके की जिला संयोजक सपना सुरेंद्र जैन ने मुख्य कलाकार का परिचय देते हुए बताया कि दूरदर्शन की 'ए' ग्रेड कलाकार अद्रिजा बासु ने संगीत की शिक्षा गुरु आचार्य जयंत बोस एवं श्री अलीक सेन गुप्ता से प्राप्त की है। वे भारत के अतिरिक्त जर्मनी, इटली और यूरोप के विभिन्न देशों में अपनी सफल प्रस्तुतियाँ दे चुकी हैं। स्पिक मैके स्वयंसेवक कुलवंत बैरागी ने शास्त्रीय संगीत के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्रीय संगीत केवल कला नहीं, बल्कि ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने का सशक्त माध्यम है, जो विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन का संचार करता है। दुर्गपुरा में स्वागत प्रधानाचार्य हेमंत शर्मा ने तथा सूर्य मंदिर झालरापाटन में संजय शर्मा व परिधि शर्मा ने किया l
पायोजी मैंने राम रतन धन पायो, वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु कृपा कर अपनायो । स्पिक मैके की कार्यशाला एवं प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम में में सजे शास्त्रीय कला के रंग, अंतरराष्ट्रीय गायिका अद्रिजा बासु ने बांधा समां l 'युवाओं के बीच भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं संस्कृति के संवर्धन के लिए समर्पित संस्था' स्पिक मैके (SPIC MACAY) के तत्वावधान में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दुर्गपुरा और सरस्वती विद्या मंदिर झालरापाटन कि छात्रों के समक्ष सूर्य मंदिर में शास्त्रीय गायन की भव्य कार्यशाला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतीकरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोलकाता से पधारीं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रख्यात गायिका अद्रिजा बासु ने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली स्वर-लहरियों से संपूर्ण वातावरण को संगीतमय कर दिया। साथ ही तबले पर संगत सुविज्ञ द्वारा की गई राग 'गुजरी तोड़ी' से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का भव्य आगाज़ गायिका अद्रिजा बासु ने राग गुजरी तोड़ी में तीन ताल में बद्ध बंदिश 'निसदिन हरि गुन गावे' से किया। इसके पश्चात उन्होंने मियाँ की तोड़ी में लयबद्ध तराना पेश कर श्रोताओं की खूब तालियाँ बटोरीं। अपनी दूसरी प्रस्तुति में उन्होंने राग 'श्री' में झपताल पर आधारित भावपूर्ण बंदिश 'हरि के चरण कमल निसदिन सुमर रारे' का गायन किया। इसके साथ ही तीन ताल में 'चलो रि मई राम सिया दर्शन को रघु नंदन रथ में आवत हे' बंदिश गाकर उन्होंने सभी को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रसिद्ध भजन 'पायो जी मैंने राम रतन धन पायो' की भावपूर्ण प्रस्तुति पर पूरा पांडाल तालियों की गूंज से गुंजायमान हो उठा। विद्यार्थियों को सिखाए संगीत के गूढ़ रहस्य सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ आयोजित कार्यशाला में अद्रिजा बासु ने छात्र-छात्राओं को भारतीय संगीत के 'सात सुरों' का व्यावहारिक परिचय दिया। उन्होंने बच्चों को सुरों को 'आकार' के रूप में गाने का रियाज़ कराया और संगीत की बुनियादी बारीकियों से अवगत कराया। सांस्कृतिक चेतना और एकाग्रता का माध्यम है संगीत स्पिक मैके की जिला संयोजक सपना सुरेंद्र जैन ने मुख्य कलाकार का परिचय देते हुए बताया कि दूरदर्शन की 'ए' ग्रेड कलाकार अद्रिजा बासु ने संगीत की शिक्षा गुरु आचार्य जयंत बोस एवं श्री अलीक सेन गुप्ता से प्राप्त की है। वे भारत के अतिरिक्त जर्मनी, इटली और यूरोप के विभिन्न देशों में अपनी सफल प्रस्तुतियाँ दे चुकी हैं। स्पिक मैके स्वयंसेवक कुलवंत बैरागी ने शास्त्रीय संगीत के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्रीय संगीत केवल कला नहीं, बल्कि ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने का सशक्त माध्यम है, जो विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन का संचार करता है। दुर्गपुरा में स्वागत प्रधानाचार्य हेमंत शर्मा ने तथा सूर्य मंदिर झालरापाटन में संजय शर्मा व परिधि शर्मा ने किया l
- एक कहानी..... जन्माष्टमी का मेला....... A story of a husband and wife and God Charbhuja.1
- रामगंजमंडी उपखण्ड क्षेत्र में कल से बारिश का सिलसिला आज भी जारी कहीं तेज़ तों कहीं रिमझिम बारिश का सिलसिला लगातार जारी, राज्य में फिर एक्टिव हुआ मानसून कोटा जिला रामगंजमंडी उपखंड क्षेत्र में एक बार फिर से शुरू हुईं बारिश दिनभर कभी तेज़ कभी रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है इसके बाद रात को भी रिमझिम बारिश होती रहीं और आज सुबह से हीं बारिश कि रफ़्तार बढ़ गई मोड़क चेचट पीपल्दा बड़ोदिया कलां ढाबादेह तमाम जगहों पर लगातार बारिश हों रहीं हैं बीच-बीच में बारिश का दौर कभी तेज़ हो जाता है तो कहीं धीमी, श्री कृष्ण जन्मउत्सव आना शुभ माना जाता है कहा जाता है कि कृष्ण जन्माष्टमी पर अगर बारिश होती है तो पूरे दिन यानी डोल ग्यारस तक पानी गिरता है, बारिश के चलते नदी नालों में पानी कि आवक बढ़ गई है गामीण क्षेत्रों में गांव के मार्गों पर पानी बहने लगा, इससे जनजीवन प्रभावित हुआ और लोग घरों में दूबके हुए हैं, वहीं श्री कृष्ण जन्माष्टमी कि तैयारियां जोरों शोरों से चल रही मन्दिरों पर आकर्षक सजावट डेकोरेशन किए जा रहे,4
- जन्माष्टमी पर जन्मा नन्हा कान्हा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल ।जन्माष्टमी के दिन जन्मे एक नवजात को प्रसव कक्ष से ही भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजाकर बाहर लाया गया। नन्हे कान्हा का मनमोहक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बच्चे को कृष्ण के रूप में देखकर परिजन और वहां मौजूद लोग भावुक नजर आए। हालांकि, वायरल वीडियो कहां का है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो में नवजात का कृष्ण रूप लोगों का ध्यान खींच रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स भी वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं।1
- लखनऊ गोमती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है #lucknow #alert #gomtiriver #news1
- तहसील गरोठ ग्राम बोलिया जैन मोहल्ला मटकी फोड़ आयोजित किया गया1
- 501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण बनकर मनाया कृष्ण जन्मोत्सव,“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी” — बालमन में संस्कृति और संस्कारों का हुआ जीवंत संचार... गोविन्द कृष्ण शास्त्री 501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण बनकर मनाया कृष्ण जन्मोत्सव,“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी” — बालमन में संस्कृति और संस्कारों का हुआ जीवंत संचार... गोविन्द कृष्ण शास्त्री छीपाबड़ौद / बारां विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित आदर्श विद्या मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय केलखेड़ी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास और भारतीय संस्कृति के रंगों के साथ मनाया गया। विद्यालय का वातावरण उस समय कृष्णमय हो उठा, जब *501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण का मनोहारी स्वरूप धारण* कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जीवंत कर दिया। विद्यालय के उत्सव जयंती प्रमुख *शानू प्रकाश चक्रधारी* ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में वृन्दावन धाम के सुप्रसिद्ध कथा वाचक *गोविन्द कृष्ण शास्त्री*, उज्जैन महाकालेश्वर से *अभिषेक व्यास*, टांचा के खाद-बीज विक्रेता *ब्रह्म प्रकाश नागर*, सेतकोलू के प्रधानाचार्य *कन्हैया लाल नागर*, तहसील अध्यक्ष *रामकरण गुर्जर*, अध्यापक *त्रिलोक चन्द मालव*, बरावदा वाले *राजेश गुर्जर* एवं *मधुसूदन नागर* अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में श्रीकृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंगों को अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित जनसमुदाय भाव-विभोर हो उठा। नन्हे भैया-बहिनों द्वारा राधा-कृष्ण का रूप धारण कर दी गई प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। *गोविन्द कृष्ण शास्त्री ने कहा - बालमन में संस्कारों का बीजारोपण* कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परम्परा और संस्कारों को बालमन तक पहुँचाना रहा। *“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी”* के संदेश के साथ विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सत्य, धर्म, कर्तव्य, प्रेम, मित्रता, साहस और राष्ट्रभक्ति जैसे जीवन-मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी गई। अतिथियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली भारतीय परम्पराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। जब बच्चे स्वयं राधा-कृष्ण, बाल गोपाल एवं अन्य पात्रों की भूमिका निभाते हैं, तो संस्कार केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यवहार और जीवन का हिस्सा बनते हैं। विद्यालय परिसर में *“नन्द के घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की”* के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। भैया-बहिनों की आकर्षक वेशभूषा, श्रीकृष्ण जन्म की झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार मिलें तो वही संस्कार उनके व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाकर समाज और राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला रखते हैं।4
- पौधारोपण अभियान के तहत लगाये पोधों की समय-समय पर,बड़े होनें तक सार-संभाल करें,एक पौधा मरता है तो एक जीवन का होता है अंत। छबड़ा:क्षेत्र में सरकारी और निजी अभियानों के तहत,पौधारोपण किया गया जिनकी बहुत सी जगह टेगिग भी की गयीं ओर बहुत से लोगों ने 15 अगस्त ओर 26 जनवरी पर उच्चाधिकारियों से अच्छे कार्य के लिए पुरुस्कार भी लिए,कार्य अच्छा है,लेकिन क्या हम पौधारोपण के बाद उन स्थानों पर जाते है कि हमारा लगाया पौधा जीवित भी है या नही।यदि हम देखने के लिए नही जाते तो यह मानकर चलिए की असुरक्षा के बीच लगे पौधे कभी बड़े नही होते,यदि हम ऐसा करते तो अब तक हम हरियाला अभियान पूर्ण कर लिए होते। हम गलत हो सकते है लेकिन खुद कभी नही सुधरते बल्कि हम स्वयं सुधार की जगह,दूसरों की कमियां देखते है। हमेशा यह सोच ठीक नही होती।आज के कार्य क्षेत्र में वैसे तो हर कोई इंसाफ की बात करता है लेकिन जब खुद की बारी आती है यो सिद्धान्त ओर न्याय बदल जाता है। कर्म ऐसा करो जिससे न चित्र पर ना चरित्र पर दाग लगें।4
- सूमर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मटकी फोड़ आयोजन में उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह, जयकारों से गूंजा परिसर2