501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण बनकर मनाया कृष्ण जन्मोत्सव,“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी” — बालमन में संस्कृति और संस्कारों का हुआ जीवंत संचार... गोविन्द कृष्ण शास्त्री 501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण बनकर मनाया कृष्ण जन्मोत्सव,“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी” — बालमन में संस्कृति और संस्कारों का हुआ जीवंत संचार... गोविन्द कृष्ण शास्त्री छीपाबड़ौद / बारां विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित आदर्श विद्या मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय केलखेड़ी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास और भारतीय संस्कृति के रंगों के साथ मनाया गया। विद्यालय का वातावरण उस समय कृष्णमय हो उठा, जब *501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण का मनोहारी स्वरूप धारण* कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जीवंत कर दिया। विद्यालय के उत्सव जयंती प्रमुख *शानू प्रकाश चक्रधारी* ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में वृन्दावन धाम के सुप्रसिद्ध कथा वाचक *गोविन्द कृष्ण शास्त्री*, उज्जैन महाकालेश्वर से *अभिषेक व्यास*, टांचा के खाद-बीज विक्रेता *ब्रह्म प्रकाश नागर*, सेतकोलू के प्रधानाचार्य *कन्हैया लाल नागर*, तहसील अध्यक्ष *रामकरण गुर्जर*, अध्यापक *त्रिलोक चन्द मालव*, बरावदा वाले *राजेश गुर्जर* एवं *मधुसूदन नागर* अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में श्रीकृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंगों को अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित जनसमुदाय भाव-विभोर हो उठा। नन्हे भैया-बहिनों द्वारा राधा-कृष्ण का रूप धारण कर दी गई प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। *गोविन्द कृष्ण शास्त्री ने कहा - बालमन में संस्कारों का बीजारोपण* कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परम्परा और संस्कारों को बालमन तक पहुँचाना रहा। *“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी”* के संदेश के साथ विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सत्य, धर्म, कर्तव्य, प्रेम, मित्रता, साहस और राष्ट्रभक्ति जैसे जीवन-मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी गई। अतिथियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली भारतीय परम्पराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। जब बच्चे स्वयं राधा-कृष्ण, बाल गोपाल एवं अन्य पात्रों की भूमिका निभाते हैं, तो संस्कार केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यवहार और जीवन का हिस्सा बनते हैं। विद्यालय परिसर में *“नन्द के घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की”* के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। भैया-बहिनों की आकर्षक वेशभूषा, श्रीकृष्ण जन्म की झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार मिलें तो वही संस्कार उनके व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाकर समाज और राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला रखते हैं।
501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण बनकर मनाया कृष्ण जन्मोत्सव,“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी” — बालमन में संस्कृति और संस्कारों का हुआ जीवंत संचार... गोविन्द कृष्ण शास्त्री 501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण बनकर मनाया कृष्ण जन्मोत्सव,“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी” — बालमन में संस्कृति और संस्कारों का हुआ जीवंत संचार... गोविन्द कृष्ण शास्त्री छीपाबड़ौद / बारां विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित आदर्श विद्या मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय केलखेड़ी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास और भारतीय संस्कृति के रंगों के साथ मनाया गया। विद्यालय का वातावरण उस समय कृष्णमय हो उठा, जब *501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण का मनोहारी
स्वरूप धारण* कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जीवंत कर दिया। विद्यालय के उत्सव जयंती प्रमुख *शानू प्रकाश चक्रधारी* ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में वृन्दावन धाम के सुप्रसिद्ध कथा वाचक *गोविन्द कृष्ण शास्त्री*, उज्जैन महाकालेश्वर से *अभिषेक व्यास*, टांचा के खाद-बीज विक्रेता *ब्रह्म प्रकाश नागर*, सेतकोलू के प्रधानाचार्य *कन्हैया लाल नागर*, तहसील अध्यक्ष *रामकरण गुर्जर*, अध्यापक *त्रिलोक चन्द मालव*, बरावदा वाले *राजेश गुर्जर* एवं *मधुसूदन नागर* अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में श्रीकृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंगों को अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया
गया, जिससे उपस्थित जनसमुदाय भाव-विभोर हो उठा। नन्हे भैया-बहिनों द्वारा राधा-कृष्ण का रूप धारण कर दी गई प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। *गोविन्द कृष्ण शास्त्री ने कहा - बालमन में संस्कारों का बीजारोपण* कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परम्परा और संस्कारों को बालमन तक पहुँचाना रहा। *“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी”* के संदेश के साथ विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सत्य, धर्म, कर्तव्य, प्रेम, मित्रता, साहस और राष्ट्रभक्ति जैसे जीवन-मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी गई। अतिथियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली भारतीय परम्पराओं से जोड़ने
का सशक्त माध्यम हैं। जब बच्चे स्वयं राधा-कृष्ण, बाल गोपाल एवं अन्य पात्रों की भूमिका निभाते हैं, तो संस्कार केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यवहार और जीवन का हिस्सा बनते हैं। विद्यालय परिसर में *“नन्द के घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की”* के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। भैया-बहिनों की आकर्षक वेशभूषा, श्रीकृष्ण जन्म की झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार मिलें तो वही संस्कार उनके व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाकर समाज और राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला रखते हैं।
- 501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण बनकर मनाया कृष्ण जन्मोत्सव,“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी” — बालमन में संस्कृति और संस्कारों का हुआ जीवंत संचार... गोविन्द कृष्ण शास्त्री 501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण बनकर मनाया कृष्ण जन्मोत्सव,“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी” — बालमन में संस्कृति और संस्कारों का हुआ जीवंत संचार... गोविन्द कृष्ण शास्त्री छीपाबड़ौद / बारां विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित आदर्श विद्या मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय केलखेड़ी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास और भारतीय संस्कृति के रंगों के साथ मनाया गया। विद्यालय का वातावरण उस समय कृष्णमय हो उठा, जब *501 भैया-बहिनों ने राधा-कृष्ण का मनोहारी स्वरूप धारण* कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जीवंत कर दिया। विद्यालय के उत्सव जयंती प्रमुख *शानू प्रकाश चक्रधारी* ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में वृन्दावन धाम के सुप्रसिद्ध कथा वाचक *गोविन्द कृष्ण शास्त्री*, उज्जैन महाकालेश्वर से *अभिषेक व्यास*, टांचा के खाद-बीज विक्रेता *ब्रह्म प्रकाश नागर*, सेतकोलू के प्रधानाचार्य *कन्हैया लाल नागर*, तहसील अध्यक्ष *रामकरण गुर्जर*, अध्यापक *त्रिलोक चन्द मालव*, बरावदा वाले *राजेश गुर्जर* एवं *मधुसूदन नागर* अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में श्रीकृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंगों को अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित जनसमुदाय भाव-विभोर हो उठा। नन्हे भैया-बहिनों द्वारा राधा-कृष्ण का रूप धारण कर दी गई प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। *गोविन्द कृष्ण शास्त्री ने कहा - बालमन में संस्कारों का बीजारोपण* कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परम्परा और संस्कारों को बालमन तक पहुँचाना रहा। *“संस्कार ही मानव जीवन की कुंजी”* के संदेश के साथ विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सत्य, धर्म, कर्तव्य, प्रेम, मित्रता, साहस और राष्ट्रभक्ति जैसे जीवन-मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी गई। अतिथियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली भारतीय परम्पराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। जब बच्चे स्वयं राधा-कृष्ण, बाल गोपाल एवं अन्य पात्रों की भूमिका निभाते हैं, तो संस्कार केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यवहार और जीवन का हिस्सा बनते हैं। विद्यालय परिसर में *“नन्द के घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की”* के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। भैया-बहिनों की आकर्षक वेशभूषा, श्रीकृष्ण जन्म की झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार मिलें तो वही संस्कार उनके व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाकर समाज और राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला रखते हैं।4
- पौधारोपण अभियान के तहत लगाये पोधों की समय-समय पर,बड़े होनें तक सार-संभाल करें,एक पौधा मरता है तो एक जीवन का होता है अंत। छबड़ा:क्षेत्र में सरकारी और निजी अभियानों के तहत,पौधारोपण किया गया जिनकी बहुत सी जगह टेगिग भी की गयीं ओर बहुत से लोगों ने 15 अगस्त ओर 26 जनवरी पर उच्चाधिकारियों से अच्छे कार्य के लिए पुरुस्कार भी लिए,कार्य अच्छा है,लेकिन क्या हम पौधारोपण के बाद उन स्थानों पर जाते है कि हमारा लगाया पौधा जीवित भी है या नही।यदि हम देखने के लिए नही जाते तो यह मानकर चलिए की असुरक्षा के बीच लगे पौधे कभी बड़े नही होते,यदि हम ऐसा करते तो अब तक हम हरियाला अभियान पूर्ण कर लिए होते। हम गलत हो सकते है लेकिन खुद कभी नही सुधरते बल्कि हम स्वयं सुधार की जगह,दूसरों की कमियां देखते है। हमेशा यह सोच ठीक नही होती।आज के कार्य क्षेत्र में वैसे तो हर कोई इंसाफ की बात करता है लेकिन जब खुद की बारी आती है यो सिद्धान्त ओर न्याय बदल जाता है। कर्म ऐसा करो जिससे न चित्र पर ना चरित्र पर दाग लगें।4
- जन्माष्टमी पर जन्मा नन्हा कान्हा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल ।जन्माष्टमी के दिन जन्मे एक नवजात को प्रसव कक्ष से ही भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजाकर बाहर लाया गया। नन्हे कान्हा का मनमोहक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बच्चे को कृष्ण के रूप में देखकर परिजन और वहां मौजूद लोग भावुक नजर आए। हालांकि, वायरल वीडियो कहां का है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो में नवजात का कृष्ण रूप लोगों का ध्यान खींच रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स भी वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं।1
- लगातार बारिश में कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा सिंगवासा तालाब से गोपीकृष्ण सागर बांध तक किया निरीक्षण, नागरिकों को जलस्रोतों से दूर रहने की अपील गुना, 04 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सिंगवासा तालाब, नानाखेड़ी पुलिया, मणिधारी गार्डन पुलिया, दो खंभा, भुजरिया तालाब सहित गोपीकृष्ण सागर बांध पहुंचकर जलस्तर एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गोपीकृष्ण सागर बांध में लगातार बढ़ रही पानी की आवक के कारण गेट क्रमांक 2 को 0.50 मीटर एवं गेट क्रमांक 3 को 1 मीटर खोला गया है, जिससे लगभग 164.44 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने चोपट नदी किनारे बसे रूठियाई, अजरोड़ा, ब्रसंगपुरा, दावतपुरा, बालाभेंट, कोटरा एवं भुलाय सहित आसपास के गांवों के लोगों को सतर्क रहने और मवेशियों को नदी किनारे से दूर रखने की अपील की है। कलेक्टर ने तेज बारिश के दौरान डैम क्षेत्र में लोगों एवं वाहनों की आवाजाही तथा बोटिंग पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए हैं।1
- आगामी 48 घंटे में अधिक वर्षा की संभावना, आमजन से सावधानी बरतने की अपील गुना जिले में आगामी 48 घंटों के दौरान अधिक वर्षा की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से सतर्कता एवं सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तेज वर्षा के दौरान अनावश्यक आवागमन से बचें तथा नदी-नालों,पुल-पुलियाओं एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रहें। जर्जर भवनों के आसपास न जाएं और विद्युत तारों एवं खंभों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। जिले में कहीं भी जलभराव, मकान गिरने अथवा किसी अन्य अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल संबंधित कंट्रोल रूम को सूचित करें। जिला कंट्रोल रूम, गुना: 07542250415 नगरपालिका कंट्रोल रूम गुना:9754507311, 9039815644,7697252077 होमगार्ड कंट्रोल रूम: 07542252266,9425762487, महाराज सिंह (दरोगा) वार्ड क्रमांक 1-18 मो. 9754507311 शकील खान मो. 9039815644 डिफेन्स जादौन (संविदाकर्मी) मो. 7697252077 जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देकर प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।2
- गुना नगर में भगवान श्री धरणीधर बलराम जन्मोत्सव का आयोजन किया गया1
- लखनऊ गोमती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है #lucknow #alert #gomtiriver #news1
- सूमर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मटकी फोड़ आयोजन में उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह, जयकारों से गूंजा परिसर2