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जिला अध्यक्ष फलोदी

11 hrs ago
user_TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
Social worker फलोदी, जोधपुर, राजस्थान•
11 hrs ago

जिला अध्यक्ष फलोदी

  • user_TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    फलोदी, जोधपुर, राजस्थान
    👌🏻👌🏻
    11 hrs ago
More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Sachin vyas
    1
    Post by Sachin vyas
    user_Sachin vyas
    Sachin vyas
    Journalist फलोदी, जोधपुर, राजस्थान•
    44 min ago
  • Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    1
    Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    user_TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    Social worker फलोदी, जोधपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ जैसलमेर के उपखंड फतेहगढ़ के राजस्व ग्राम भीखसर में ग्रामीण ग्रामीणों में पवन चक्की की 48 मशीनों की सिक्योरिटी को लेकर के आपसी विवाद पिछले 10 सालों से नाथू सिंह की सिक्योरिटी व फॉर्म चल रही है लेकिन किसी भी ग्रामीण भाई को ना तो सिक्योरिटी रखा नहीं फॉर्म चलने दी लेकिन अभी ग्रामीणों का कहना है कि सिक्योरिटी में या तो हमारे सभी के नाम लिखें या फिर हम हमारी फर्म चलाएंगे लगाएंगे
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    ब्रेकिंग न्यूज़ जैसलमेर के उपखंड फतेहगढ़ के राजस्व ग्राम भीखसर  में ग्रामीण ग्रामीणों में पवन चक्की की 48 मशीनों की सिक्योरिटी को लेकर के आपसी विवाद पिछले 10 सालों से नाथू सिंह की सिक्योरिटी व फॉर्म चल रही है लेकिन किसी भी ग्रामीण भाई को ना तो सिक्योरिटी रखा नहीं फॉर्म चलने दी लेकिन अभी ग्रामीणों का कहना है कि सिक्योरिटी में या तो हमारे सभी के नाम लिखें या फिर हम हमारी फर्म चलाएंगे लगाएंगे
    user_उगमसिह जसोड़ भीखसर
    उगमसिह जसोड़ भीखसर
    फतेहगढ़, जैसलमेर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • कविता और थीम मेहंदी से नारी-शक्ति का संदेश राजबाग, सूरसागर (जोधपुर) निवासी थीम मेहंदी कलाकार रेणु भदरार हर विशेष दिवस व त्योहार पर जागरूकता का संदेश देने वाली मेहंदी लगाती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने युवा कवयित्री सुरभि खीची के साथ साहित्य और कला को जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की। साहित्य लेखन का कई वर्षों से शौक रखने वाली सुरभि खीची ने अपनी ही लिखी कविता के भावों के अनुसार अपने हाथों में थीम मेहंदी रचवाई। उनकी कविता में एक स्त्री की बचपन से लेकर विवाह के बाद तक की जीवन-यात्रा, उसके सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास का संदेश व्यक्त किया गया है। इस विशेष मेहंदी को रेणु भदरार ने तैयार किया, जिसमें किताब, उड़ती चिड़िया और फूलों के माध्यम से नारी शिक्षा, स्वतंत्रता और सृजनशीलता का संदेश दर्शाया गया है। सुरभि खीची ने बताया कि मेहंदी में अंकित भाव उनकी अपनी कविता से लिए गए हैं और उसी के अनुसार रेणु भदरार ने उनके हाथों में यह थीम मेहंदी प्रदर्शित की। यह प्रयास नारी-शक्ति, शिक्षा और आत्मसम्मान का प्रेरणादायक संदेश देता है।
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    कविता और थीम मेहंदी से नारी-शक्ति का संदेश
राजबाग, सूरसागर (जोधपुर) निवासी थीम मेहंदी कलाकार रेणु भदरार हर विशेष दिवस व त्योहार पर जागरूकता का संदेश देने वाली मेहंदी लगाती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने युवा कवयित्री सुरभि खीची के साथ साहित्य और कला को जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की। साहित्य लेखन का कई वर्षों से शौक रखने वाली सुरभि खीची ने अपनी ही लिखी कविता के भावों के अनुसार अपने हाथों में थीम मेहंदी रचवाई। उनकी कविता में एक स्त्री की बचपन से लेकर विवाह के बाद तक की जीवन-यात्रा, उसके सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास का संदेश व्यक्त किया गया है। इस विशेष मेहंदी को रेणु भदरार ने तैयार किया, जिसमें किताब, उड़ती चिड़िया और फूलों के माध्यम से नारी शिक्षा, स्वतंत्रता और सृजनशीलता का संदेश दर्शाया गया है। सुरभि खीची ने बताया कि मेहंदी में अंकित भाव उनकी अपनी कविता से लिए गए हैं और उसी के अनुसार रेणु भदरार ने उनके हाथों में यह थीम मेहंदी प्रदर्शित की। यह प्रयास नारी-शक्ति, शिक्षा और आत्मसम्मान का प्रेरणादायक संदेश देता है।
    user_Pradeep soni
    Pradeep soni
    Local News Reporter जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • jodhpur :- जोधपुर से बड़ी खबर, भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद झूम उठे जोधपुर वासी, जोधपुरवासीयों ने पटाखे फोड़ कर मनाई जीत की खुशी ।
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    jodhpur :- जोधपुर से बड़ी खबर, भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद झूम उठे जोधपुर वासी,  जोधपुरवासीयों ने पटाखे फोड़ कर मनाई जीत की खुशी ।
    user_जनता की आवाज
    जनता की आवाज
    Local News Reporter जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • पीआईबी चंडीगढ़ द्वारा पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर में काजरी और आफरी का किया दौरा किसानों की आय दोगुनी करने में काजरी निभा रहा है महत्वपूर्ण भूमिका : श्री तंवर, निदेशक काजरी मोटे अनाज से बिस्कुट एवं कुरकुरे बनाने का काजरी प्रदान करता है प्रशिक्षण वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए आफरी की महत्वपूर्ण भूमिका : श्री त्रिपाठी, निदेशक आफरी (पीआईबी), चंडीगढ़ द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल 8 से 14 मार्च के दौरान राजस्थान के दौरे पर है। इस दौरान आज 9 मार्च को प्रतिनिधिमंडल ने काजरी और आफरी का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) से अपने दौरे की शुरुआत की। इस अवसर पर काजरी के निदेशक डॉ. सुरेशपाल सिंह तंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि काजरी थार मरुस्थल एवं लेह जैसे ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्रों में कृषि के विकास के लिए कार्य कर रहा है। संस्थान ने टिब्बा स्थिरीकरण, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, जल प्रबंधन, फलोद्यानिकी, पशुपालन आदि क्षेत्रों में शोध कार्य कर अनेक तकनीकियाँ विकसित की हैं और इन तकनीकों को गांवों और ढाणियों तक पहुँचाया है, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ा और हरियाली का विस्तार हुआ है। कम पानी, कम लागत और कम खर्च में पनपने वाली खरीफ एवं रबी की विभिन्न फसलों की किस्में विकसित की गई हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली का एक मॉडल विकसित किया गया है, जिसमें अनाज, फल, चारा, पेड़, औषधीय पौधे आदि के माध्यम से किसान को वर्ष भर आय प्राप्त होती रहती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में काजरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मोटे अनाज की ख्याति को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए काजरी मिलेट्स से विभिन्न उत्पाद जैसे बाजरा बिस्किट, कुरकुरे और चॉकलेट सहित अन्य उत्पाद तैयार कर रहा है। इसके साथ ही संस्थान की प्रयोगशाला में विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्यमियों को अपने स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ कौशल विकास के माध्यम से उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि काजरी के कृषि वैज्ञानिक एआई आधारित खेती, स्मार्ट जल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर भी कार्य कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य फसल उत्पादन बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करना है। उन्होंने संस्थान की शोध उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में बताते हुए वैकल्पिक चारा मॉडल, उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन, फसल वाटिका, पोषण तथा पशु आहार से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान के एटिक केंद्र के माध्यम से किसानों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पेड़-पौधे, बीज आदि उपलब्ध कराए जाते हैं। काजरी के प्रधान वैज्ञानिक श्री पी. आर. मेघवाल ने शुष्क क्षेत्र की बागवानी फसलों जैसे बेर, आंवला, अनार और खजूर की खेती के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि काजरी द्वारा विकसित नवीन तकनीकों के माध्यम से विभिन्न फसलों की उन्नत पैदावार हो रही है। इसके माध्यम से किसानों को अपनी कृषि आय बढ़ाने में सहायता मिल रही है और किसान काजरी से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, जिससे स्वरोजगार के साथ-साथ उद्यमियों का कौशल विकास भी हो रहा है। काजरी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र पुनिया ने सौर ऊर्जा के विभिन्न संयंत्रों तथा एग्रो-वोल्टाइक प्रणाली के बारे में जानकारी दी, जिसके माध्यम से एक ही भूमि से बिजली, पानी और फसल उत्पादन संभव हो रहा है। वैज्ञानिक डॉ. राजशेखर ने बाजरा एवं अन्य मोटे अनाज से बिस्कुट और कुरकुरे बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) का भी दौरा किया। इस अवसर पर आफरी के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आफरी वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए विभिन्न कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में भी वनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग इसके लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए भी आफरी कई महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। उन्होंने बताया कि आफरी विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों के माध्यम से नई तकनीकों का उपयोग कर वन संरक्षण और विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। मृदा संरक्षण के तहत आफरी द्वारा राजस्थान, गुजरात एवं दादरा और नगर हवेली क्षेत्र के लिए जारी किए गए वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बारे में भी जानकारी दी गई। आफरी द्वारा विस्तार कार्यक्रमों के तहत किसानों, आमजन और विद्यालयों में पर्यावरण जागरूकता के लिए प्रकृति, विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा वृक्ष उत्पादक मेले जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों में वृक्षारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आफरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ. तरुण कांत ने पीआईबी के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आफरी द्वारा वृक्ष सुधार कार्यक्रम के तहत उत्तम गुणवत्ता के शीशम क्लोन विकसित किए गए हैं। उन्होंने खेजड़ी वृक्ष की मृत्यता पर आफरी द्वारा किए गए अनुसंधान एवं उसके समाधान के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही अवक्रमित पहाड़ियों के पुनर्वास, लवणीय भूमि के पुनर्वास और टिब्बा स्थिरीकरण के क्षेत्र में आफरी द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया। भारतीय वन सेवा के अधिकारी श्री रमेश विश्नोई ने मंच संचालन करते हुए विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। पत्रकार दल ने काजरी और आफरी के विभिन्न शोध क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा वैज्ञानिकों से कृषि तकनीकों और नवाचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अंत में मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री आशीष वर्मा और श्री अहमद खान ने संस्थानों के निदेशक एवं समस्त स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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    पीआईबी चंडीगढ़ द्वारा पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर में काजरी और आफरी का किया दौरा
किसानों की आय दोगुनी करने में काजरी निभा रहा है महत्वपूर्ण भूमिका : श्री तंवर, निदेशक काजरी
मोटे अनाज से बिस्कुट एवं कुरकुरे बनाने का काजरी प्रदान करता है प्रशिक्षण
वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए आफरी की महत्वपूर्ण भूमिका : श्री त्रिपाठी, निदेशक आफरी
(पीआईबी), चंडीगढ़ द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल 8 से 14 मार्च के दौरान राजस्थान के दौरे पर है। इस दौरान आज 9 मार्च को प्रतिनिधिमंडल ने काजरी और आफरी का दौरा किया।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) से अपने दौरे की शुरुआत की। इस अवसर पर काजरी के निदेशक डॉ. सुरेशपाल सिंह तंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि काजरी थार मरुस्थल एवं लेह जैसे ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्रों में कृषि के विकास के लिए कार्य कर रहा है। संस्थान ने टिब्बा स्थिरीकरण, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, जल प्रबंधन, फलोद्यानिकी, पशुपालन आदि क्षेत्रों में शोध कार्य कर अनेक तकनीकियाँ विकसित की हैं और इन तकनीकों को गांवों और ढाणियों तक पहुँचाया है, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ा और हरियाली का विस्तार हुआ है।
कम पानी, कम लागत और कम खर्च में पनपने वाली खरीफ एवं रबी की विभिन्न फसलों की किस्में विकसित की गई हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली का एक मॉडल विकसित किया गया है, जिसमें अनाज, फल, चारा, पेड़, औषधीय पौधे आदि के माध्यम से किसान को वर्ष भर आय प्राप्त होती रहती है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में काजरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मोटे अनाज की ख्याति को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए काजरी मिलेट्स से विभिन्न उत्पाद जैसे बाजरा बिस्किट, कुरकुरे और चॉकलेट सहित अन्य उत्पाद तैयार कर रहा है। इसके साथ ही संस्थान की प्रयोगशाला में विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्यमियों को अपने स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ कौशल विकास के माध्यम से उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
उन्होंने बताया कि काजरी के कृषि वैज्ञानिक एआई आधारित खेती, स्मार्ट जल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर भी कार्य कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य फसल उत्पादन बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करना है।
उन्होंने संस्थान की शोध उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में बताते हुए वैकल्पिक चारा मॉडल, उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन, फसल वाटिका, पोषण तथा पशु आहार से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान के एटिक केंद्र के माध्यम से किसानों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पेड़-पौधे, बीज आदि उपलब्ध कराए जाते हैं।
काजरी के प्रधान वैज्ञानिक श्री पी. आर. मेघवाल ने शुष्क क्षेत्र की बागवानी फसलों जैसे बेर, आंवला, अनार और खजूर की खेती के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि काजरी द्वारा विकसित नवीन तकनीकों के माध्यम से विभिन्न फसलों की उन्नत पैदावार हो रही है। इसके माध्यम से किसानों को अपनी कृषि आय बढ़ाने में सहायता मिल रही है और किसान काजरी से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, जिससे स्वरोजगार के साथ-साथ उद्यमियों का कौशल विकास भी हो रहा है।
काजरी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र पुनिया ने सौर ऊर्जा के विभिन्न संयंत्रों तथा एग्रो-वोल्टाइक प्रणाली के बारे में जानकारी दी, जिसके माध्यम से एक ही भूमि से बिजली, पानी और फसल उत्पादन संभव हो रहा है। वैज्ञानिक डॉ. राजशेखर ने बाजरा एवं अन्य मोटे अनाज से बिस्कुट और कुरकुरे बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) का भी दौरा किया। इस अवसर पर आफरी के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आफरी वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए विभिन्न कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में भी वनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग इसके लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए भी आफरी कई महत्वपूर्ण पहल कर रहा है।
उन्होंने बताया कि आफरी विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों के माध्यम से नई तकनीकों का उपयोग कर वन संरक्षण और विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। मृदा संरक्षण के तहत आफरी द्वारा राजस्थान, गुजरात एवं दादरा और नगर हवेली क्षेत्र के लिए जारी किए गए वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बारे में भी जानकारी दी गई।
आफरी द्वारा विस्तार कार्यक्रमों के तहत किसानों, आमजन और विद्यालयों में पर्यावरण जागरूकता के लिए प्रकृति, विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा वृक्ष उत्पादक मेले जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों में वृक्षारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
आफरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ. तरुण कांत ने पीआईबी के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आफरी द्वारा वृक्ष सुधार कार्यक्रम के तहत उत्तम गुणवत्ता के शीशम क्लोन विकसित किए गए हैं। उन्होंने खेजड़ी वृक्ष की मृत्यता पर आफरी द्वारा किए गए अनुसंधान एवं उसके समाधान के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही अवक्रमित पहाड़ियों के पुनर्वास, लवणीय भूमि के पुनर्वास और टिब्बा स्थिरीकरण के क्षेत्र में आफरी द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया।
भारतीय वन सेवा के अधिकारी श्री रमेश विश्नोई ने मंच संचालन करते हुए विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
पत्रकार दल ने काजरी और आफरी के विभिन्न शोध क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा वैज्ञानिकों से कृषि तकनीकों और नवाचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अंत में मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री आशीष वर्मा और श्री अहमद खान ने संस्थानों के निदेशक एवं समस्त स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित किया।
    user_Jitendra dave
    Jitendra dave
    Journalist Jodhpur, Rajasthan•
    14 hrs ago
  • Post by Govind Singj
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    Post by Govind Singj
    user_Govind Singj
    Govind Singj
    समाजसेवी Jodhpur, Rajasthan•
    16 hrs ago
  • Post by Sachin vyas
    1
    Post by Sachin vyas
    user_Sachin vyas
    Sachin vyas
    Journalist फलोदी, जोधपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
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