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Tanki ka paani Gram bhawaniya Post Chandra Purva Tanki ka pani
Ajay Jatav
Tanki ka paani Gram bhawaniya Post Chandra Purva Tanki ka pani
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- *हमीरपुर-* बारिश के बाद बिजली विभाग की केबिल कई जगह सुलगती नजर आयी, विभाग की जर्जर हो चुकी केबल में उतरा करंट, स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल, कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नही, बिजली विभाग बड़े हादसे का कर रहा इंतजार, मामला हमीरपुर मुख्यालय के मेरापुर मोहल्ले का।2
- gram bhoniya jila Hamirpur post Chand Purva Pani Na aane ke Karan bahut Si pareshaniyon ka Samna uthana pad raha hai something something 2-3 sal Ho Gaye Pani abhi aane ka naam hi nahin le raha1
- हमीरपुर - जनपद में शीतलहर का बढ़ा प्रकोप, सुबह-सुबह तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश, सुबह से आसमान में छाए हुए हैं काले बादल व कोहरा, मौसम ने बदला अचानक रुख, गड़गड़ाहट के साथ हुई झमाझम बारिश, गलन भरीसर्दी से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त,4
- हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने कूका विद्रोह के सूत्रधार रामसिंह कूका की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि रामसिंह वास्तव में मातृभूमि के सच्चे देशभक्त थे। इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इनका जन्म पंजाब के लुधियाना भैणी गांव में 3 फरवरी 1816 को जस्सा सिंह और सदा कौर के घर हुआ था। ये प्रारम्भ से ही देशसेवी सोच के थे। इन्होंने बहुत पहले असहयोग आंदोलन को चलाया था। विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार तथा स्वदेशी के अपनाने जैसे कई कार्यक्रमों का अभियान गांधी जी से पहले ही चला रखे थे। कालांतर में इनका 1885 में निधन हो गया था। इस कार्यक्रम में सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिन्स, रिचा, महावीर प्रजापति, पंकज सिंह, रामनरायन सोनकर, विकास, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।2
- रिपोर्टर शुभम साहू सोशल मीडिया पर सामने आया ग्राम पंचायत गढ़ाथा का मामला, जिम्मेदार मौन घाटमपुर (कानपुर नगर)। घाटमपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गढ़ाथा स्थित गौ आश्रय स्थल से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गौशाला परिसर के अंदर गौवंश मृत अवस्था में पड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया है। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि गौ आश्रय स्थल के भीतर एक गौवंश मृत अवस्था में पड़ा हुआ है, जबकि आसपास किसी भी प्रकार की देखरेख या उपचार की व्यवस्था नजर नहीं आ रही। इस घटना ने सरकार द्वारा संचालित गौ संरक्षण योजनाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौ आश्रय स्थल में समुचित देखभाल, चारा, पानी और चिकित्सकीय सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते गौवंशों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जिम्मेदारों को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी ग्राम पंचायत स्तर से लेकर संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गौ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर कब तक कार्रवाई करता है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।1
- ghatampur pulic nahi karrhi ha karvahi2
- पर्यवेक्षक ने एस आई आर कार्य का किया निरीक्षण सभी अधिकारी गण रहे मौजूद मौदहा नगर के ब्लॉक संसाधन केंद्र बीआरसी में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एस आई आर कार्य का चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष रोल पर्यवेक्षक ने निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी कार्य में पूरी निष्ठा से जूटे दिखाई दिए इस मौके पर उप जिलाधिकारी राजकुमार गुप्ता,कर्मवीर सिंह, एबीएसए सुनील कुमार कमल, रामगोपाल,नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता, कानून गो सुरेश कुमार, लेखपाल मौदहा अवनीश कुमार,और मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी वह बड़ी संख्या में बूथ लेवल ऑफिसर्स उपस्थित रहे1
- हमीरपुर जनपद में उस समय हंगामा मच गया जब एक दर्जन से अधिक लोगों ने पुलिस प्रशासन हाय हाय और एसडीएम मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाए। पीड़ित राजेन्द्र कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर क्षेत्र के कुछ लोगों ने सरकारी बंजर जमीन पर राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से प्लाटिंग कर महंगे दामों में बेच दी है। आरोप है कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर भूमाफियाओं पर कार्यवाही न करके शिकायतकर्ता को ही परेशान किया जा रहा है तथा उन्हें धमकियां दी जा रही है। पूरा मामला जनपद हमीरपुर की राठ तहसील परिसर का है।कोतवाली राठ कस्बे के पठानपुरा मोहल्ला निवासी राजेंद्र कुमार पुत्र रामकृपाल ने बीते 29 जनवरी 2026 को एक दर्जन से अधिक लोगों के साथ राठ तहसील परिसर में प्रदर्शन और प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए बताया कि स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन को कई बार शिकायत की गई इसके बावजूद नगर क्षेत्र के कुछ कथित भूमाफियाओं द्वारा सरकारी बंजर भूमि मौजा राठ पूरब, गाटा संख्या 664 पर राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से प्लाटिंग कर महंगे दामों में बेच दी गई। जिसकी कई बार शिकायत की गई लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उक्त शिकायत का विधिक निस्तारण नही किया। बल्कि सरकारी जमीन की प्लाटिंग करने वाले भूमाफियाओं को शिकायत करने सम्बन्धी जानकारी दे दी। जिससे सरकारी जमीन में अवैध प्लाटिंग करने वाले लोग उसे निजी रंजिश मानने लगे हैं। और उसे धमकाया जाने लगा। साथ ही उसकी ही निजी कृषि भूमि में कब्जा करने का षड्यंत्र रचने लगे हैं। बताया कि उसने इससे पहले कमिश्नर, जिलाधिकारी, कोतवाली सहित उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर न्यायोचित कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे भूमाफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि हमारी सत्ता संपर्क वाली पार्टी में पकड़ है कोई अधिकारी तुम्हारी मदद नहीं कर सकता। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राजस्व विभाग द्वारा मौके पर नाप जोख कर बंजर भूमि की पहचान तो की गई और सीमांकन भी हुआ लेकिन कथित भूमाफियाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे अवैध प्लाटिंग का काम बदस्तूर जारी है। पीड़ित का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और अवैध कब्जे के प्रयासों के चलते वह और उसका परिवार मानसिक तनाव में है उसने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। और बंजर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उक्त मामले में उपजिलाधिकारी अभिमन्यु कुमार ने बताया कि नारेबाजी कर रहे लोग स्वयं ही ट्रैक्टर रखकर अतिक्रमण कर रहे थे जिसे बीते 28 जनवरी को पुलिस ने हटवाया है। तथा उक्त जगह आबादी क्षेत्र की है जिसमें एक पक्ष ने 1972 में बैनामा कराया था। तथा दूसरे पक्ष ने 1988 में बैनामा एवं दाखिलखारिज कराया था। बताया कि उन्होंने दोनों पक्ष को सिविल कोर्ट जाने की सलाह दी गई है।1