नर्सरी शिक्षक प्रशिक्षण (NTT) पर विधानसभा में गूंजा मुद्दा: भर्ती, पात्रता और युवाओं के भविष्य पर उठे अहम सवाल हिम संदेश शिमला, 2 अप्रैल 2026: भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. जनक राज ने नर्सरी शिक्षक प्रशिक्षण (NTT) से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया। प्रश्न संख्या 4270 के माध्यम से उन्होंने भर्ती प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। विधानसभा में उठाए गए इस प्रश्न में खासतौर पर यह मुद्दा प्रमुख रहा कि क्या एनटीटी भर्ती प्रक्रिया में डिप्लोमा धारकों को बाहर रखा जा रहा है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या सरकार भविष्य में पात्रता शर्तों की समीक्षा करने के लिए कोई समिति गठित करने का विचार रखती है। सरकार की ओर से दिए गए जवाब में स्पष्ट किया गया कि नर्सरी शिक्षक प्रशिक्षण (NTT) के लिए पात्रता मानदंड राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं और राज्य सरकार इन्हीं दिशा-निर्देशों का पालन करती है। एनसीटीई के नियमों के अनुसार केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों से दो वर्षीय डिप्लोमा अथवा संबंधित डिग्री धारक ही नियुक्ति के पात्र हैं। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि एनटीटी भर्ती के तहत कुल 6,297 पद विज्ञापित किए गए हैं, जिनके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 50% अंकों के साथ 12वीं तथा दो वर्षीय डिप्लोमा (NTT/Pre-School Education) या समकक्ष डिग्री निर्धारित की गई है। इसके अलावा प्रदेश में वर्तमान में 6,409 प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इन कक्षाओं के संचालन के लिए चार जिलों—हमीरपुर, मंडी, ऊना और सिरमौर—में 334 आया पदों को भरा गया है, जबकि एनटीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के माध्यम से प्रचलन में है। महत्वपूर्ण बात यह रही कि योग्य उम्मीदवारों की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद से पात्रता में शिथिलता (relaxation) देने का अनुरोध किया है, हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अनुमति प्राप्त नहीं हुई है। भविष्य में DIET संस्थानों के माध्यम से एनटीटी प्रशिक्षण शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। यह मुद्दा प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो नर्सरी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। विधायक द्वारा इस विषय को विधानसभा में उठाए जाने से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया और पात्रता शर्तों में आवश्यक सुधार हो सकते हैं।
नर्सरी शिक्षक प्रशिक्षण (NTT) पर विधानसभा में गूंजा मुद्दा: भर्ती, पात्रता और युवाओं के भविष्य पर उठे अहम सवाल हिम संदेश शिमला, 2 अप्रैल 2026: भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. जनक राज ने नर्सरी शिक्षक प्रशिक्षण (NTT) से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया। प्रश्न संख्या 4270 के माध्यम से उन्होंने भर्ती प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। विधानसभा में उठाए गए इस प्रश्न में खासतौर पर यह मुद्दा प्रमुख रहा कि क्या एनटीटी भर्ती प्रक्रिया में डिप्लोमा धारकों को बाहर रखा जा रहा है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या सरकार भविष्य में पात्रता शर्तों की समीक्षा करने के लिए कोई समिति गठित करने का विचार रखती
है। सरकार की ओर से दिए गए जवाब में स्पष्ट किया गया कि नर्सरी शिक्षक प्रशिक्षण (NTT) के लिए पात्रता मानदंड राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं और राज्य सरकार इन्हीं दिशा-निर्देशों का पालन करती है। एनसीटीई के नियमों के अनुसार केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों से दो वर्षीय डिप्लोमा अथवा संबंधित डिग्री धारक ही नियुक्ति के पात्र हैं। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि एनटीटी भर्ती के तहत कुल 6,297 पद विज्ञापित किए गए हैं, जिनके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 50% अंकों के साथ 12वीं तथा दो वर्षीय डिप्लोमा (NTT/Pre-School Education) या समकक्ष डिग्री निर्धारित की गई है। इसके अलावा प्रदेश में वर्तमान में 6,409 प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इन कक्षाओं के संचालन के लिए चार जिलों—हमीरपुर, मंडी, ऊना और सिरमौर—में 334
आया पदों को भरा गया है, जबकि एनटीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के माध्यम से प्रचलन में है। महत्वपूर्ण बात यह रही कि योग्य उम्मीदवारों की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद से पात्रता में शिथिलता (relaxation) देने का अनुरोध किया है, हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अनुमति प्राप्त नहीं हुई है। भविष्य में DIET संस्थानों के माध्यम से एनटीटी प्रशिक्षण शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। यह मुद्दा प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो नर्सरी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। विधायक द्वारा इस विषय को विधानसभा में उठाए जाने से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया और पात्रता शर्तों में आवश्यक सुधार हो सकते हैं।
- जनजातीय क्षेत्र पांगी में पुर्थी–किलाड़ बस रूट बंद होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत पुर्थी की वार्ड पंच गीता कुमारी सहित स्थानीय महिलाओं ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन से जल्द बस सेवा बहाल करने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) द्वारा गत वर्ष दिसंबर-जनवरी माह तक इस रूट पर नियमित बस सेवा संचालित की जा रही थी, लेकिन बर्फबारी के कारण इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। अब मौसम साफ होने के बावजूद इस रूट पर बस सेवा शुरू नहीं की गई है, जबकि अन्य रूटों पर बसें चल रही हैं। पुर्थी पंचायत के अंतर्गत थांदल, पुर्थी, आजोग, छऊ समेत कई गांवों के लोगों को रोजमर्रा के काम, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मिंधल, पुर्थी और शौर पंचायतों के लिए केवल एक ही बस चलाई जा रही है, जो शौर-सुगलवास से ही यात्रियों से भर जाती है, जिससे पुर्थी, मिंधल, चैरी और बंगलू क्षेत्रों के यात्री बस में सवार नहीं हो पाते। स्थानीय महिलाओं के बयान प्रियंका ने बताया कि बस सेवा बंद होने से उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए भी घंटों पैदल चलना पड़ रहा है। “सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। निगमजैसे पहले तीनों पंचायतों के लिए अलग अलग बसे चलाता था उसी तरह से बसे शुरू करें। बावली ने कहा कि एक ही बस होने के कारण अक्सर उन्हें सफर से वंचित रहना पड़ता है। “बस पहले ही भर जाती है, हमारे गांव तक पहुंचते-पहुंचते उसमें जगह नहीं बचती है जिसके कारण नौकरी पेशा लोग, कॉलेज जाने वाले छात्र और आई टी आई करने वाले व अन्य काम से जाने वाले रह जाते हैं। रंजना का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समय पर किलाड़ पहुंचना मुश्किल हो गया है। “बीमार लोगों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाते, जिससे खतरा बढ़ जाता है बीमार व्यक्ति का समय पर ईलाज नहीं हो पाता हैं। वहीं वार्ड पंच गीता कुमारी ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि पहले तीनों पंचायतों के लिए अलग-अलग बसें चलाई जाती थीं, जिससे लोगों को काफी सुविधा रहती थी। “अब एक ही बस से काम नहीं चल रहा है, इसलिए पुर्थी–किलाड़ बस सेवा को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और एचआरटीसी से मांग की है कि क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए शीघ्र इस रूट पर बस सेवा शुरू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। आवासीय आयुक्त पांगी अमन दीप सिंह ने बताया पुर्थी पंचायत की वार्ड पंच गीता कुमारी ने बस सेवा चालू करने को लेकर पत्र दिया अड्डा प्रभारी पांगी को बस सेवा शुरू करने के लिए लिख दिया है जल्द बस सेवा शुरू कर दी जाऐगी।1
- हिमकोफेड बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का कार्यकाल बढ़ा विक्रम शर्मा को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स चेयरमैन नियुक्त ll नहीं बने हैं हिमकोफेड के अध्यक्ष सिर्फ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के रहेंगे अध्यक्ष1
- Post by Varun Slathia1
- जोगिंदर नगर मेले की सांस्कृतिक संध्या में ईशांत भारद्वाज के गानों SP, SDM, तहसीलदार सहित थिरका पूरा पंडाल।1
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- Post by Himachal Update 24 News3
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