बिलासपुर में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शनिवार को तहसील परिसर में एकत्र हुए और निजी स्कूलों की मनमानी तथा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बावजूद सीबीएसई कक्षा 9 की किताबें अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। यूनियन ने सभी निजी विद्यालयों की कक्षावार फीस सार्वजनिक करने, उसे सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदर्शित करने और स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से कॉपी-किताब, ड्रेस, बैग तथा जूते खरीदने की कथित अनिवार्यता व कमीशनखोरी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही, निजी विद्यालयों में कम वेतन पर कार्यरत शिक्षकों की योग्यता की जांच कर शिक्षण के मानक तय करने की भी बात कही गई। भाकियू ने अपार सैनी नहर, कुंडलपुर, पुरानी गल्ला मंडी, डाकघर के पीछे, सम मैरिज हॉल से हिरणखेड़ा सहित अन्य स्थानों पर नहरों और माइनरों पर किए गए कथित अवैध कब्जों को हटाने तथा जल प्रवाह बहाल कराने की भी मांग उठाई। बिजली विभाग पर बिना मीटर रीडिंग लिए मनमाने बिजली बिल जारी करने का आरोप लगाते हुए, यूनियन ने गलत बिलों को तुरंत संशोधित करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उनका आंदोलन और भी तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में सतनाम सिंह, रईस अहमद, आरिफ अली, साबिर अली, सादिक अहमद, कुलदीप सिंह, लियाकत, मधु फसल, गुफरान अली, जोगिंदर सिंह, इमरान राजा, मोहम्मद अहकम मिर्जा, सर्वजीत सिंह सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
बिलासपुर में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शनिवार को तहसील परिसर में एकत्र हुए और निजी स्कूलों की मनमानी तथा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बावजूद सीबीएसई कक्षा 9 की किताबें अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। यूनियन ने सभी निजी विद्यालयों की कक्षावार फीस सार्वजनिक करने, उसे सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदर्शित करने और स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से कॉपी-किताब, ड्रेस, बैग तथा जूते खरीदने की कथित अनिवार्यता व कमीशनखोरी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही, निजी विद्यालयों में कम वेतन पर कार्यरत शिक्षकों की
योग्यता की जांच कर शिक्षण के मानक तय करने की भी बात कही गई। भाकियू ने अपार सैनी नहर, कुंडलपुर, पुरानी गल्ला मंडी, डाकघर के पीछे, सम मैरिज हॉल से हिरणखेड़ा सहित अन्य स्थानों पर नहरों और माइनरों पर किए गए कथित अवैध कब्जों को हटाने तथा जल प्रवाह बहाल कराने की भी मांग उठाई। बिजली विभाग पर बिना मीटर रीडिंग लिए मनमाने बिजली बिल जारी करने का आरोप लगाते हुए, यूनियन ने गलत बिलों को तुरंत संशोधित करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उनका आंदोलन और भी तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में सतनाम सिंह, रईस अहमद, आरिफ अली, साबिर अली, सादिक अहमद, कुलदीप सिंह, लियाकत, मधु फसल, गुफरान अली, जोगिंदर सिंह, इमरान राजा, मोहम्मद अहकम मिर्जा, सर्वजीत सिंह सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
- बिलासपुर में शनिवार से ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में वकीलों, स्टांप वेंडरों और डीड राइटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान सभी ने अपने चैंबर बंद रखे और तहसील कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। सुबह तहसील कार्यालय पहुंचे अधिवक्ता, स्टांप विक्रेता, दस्तावेज लेखक, मुंशी और टाइपकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्र होकर धरना पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश में 'ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024' के तहत लाई गई इस ई-पंजीकरण व्यवस्था को अलोकतांत्रिक और जनविरोधी बताया, आरोप लगाया कि सरकार निजी हाथों में खेल रही है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बयनामा, इकरारनामा और रहननामा जैसे दस्तावेजों के पंजीकरण से वकीलों समेत लाखों लोगों को रोजगार मिलता है, और नई व्यवस्था उनके तथा उनके परिवारों के जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालेगी। उन्होंने नए पंजीकरण कानून को किसी भी कीमत पर स्वीकार न करने की बात दोहराई। आंदोलनकारियों ने सरकार से इस नई पंजीकरण व्यवस्था को तत्काल निरस्त करने और कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेश भर में सड़कों पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बार अध्यक्ष राजेंद्र सक्सेना और सचिव राकेश शर्मा, साथ ही लायर्स अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और सचिव प्रवेश चौहान ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को भी धरना-प्रदर्शन के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया था, लेकिन सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के बाद अब यह अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है।4
- मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि सपा नेता आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा ने किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के छात्रों, शिक्षण स्टाफ और रामपुर के स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की निगरानी में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सभी रक्तदाताओं को तकनीकी व चिकित्सीय सहयोग प्रदान किया गया। स्वास्थ्य टीम ने सुरक्षित प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए युवाओं का उत्साहवर्धन भी किया।1
- रामपुर जिले के स्वार कोतवाली क्षेत्र के नरपत नगर में एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ एक बहनोई अपनी ससुराल पहुँचा। उसने पहले अपनी कार से घर के गेट में टक्कर मारी और तुरंत बाद पिस्टन से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में सात साल के जीशान को गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। इस पूरे मामले की जानकारी रामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने शनिवार दोपहर 2 बजे विस्तार से दी। उन्होंने बताया कि नरपत नगर गोलीकांड के संबंध में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।1
- रामपुर के बिलासपुर गेट से आगे बाबा हाउस के बराबर में स्थित मोहम्मद नाज़िम के यहां अब किराए पर गाड़ियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां Audi, Scorpio N, Thar और Swift Dzire सहित कई लग्जरी एवं SUV गाड़ियां उचित तथा किफायती दरों पर मिल सकेंगी। शादी, पार्टी, टूर, बिजनेस ट्रिप या किसी भी खास मौके के लिए गाड़ी की आवश्यकता होने पर यहां संपर्क किया जा सकता है।1
- बरेली पुलिस के थाना भमोरा ने ₹25,000 के इनामिया वांछित अभियुक्त सुरकेश शर्मा सहित कुल 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी आंवला, बरेली, श्री नितिन कुमार ने एक बाइट दी।2
- उत्तर प्रदेश के बरेली से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ परिवारों के विरोध और अपने रिश्ते पर लगी पाबंदियों से परेशान एक प्रेमी युगल ने ऐसा कदम उठा लिया जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। प्रेमी युगल ने ज़हर खा लिया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि किस तरह परिवारों के विरोध ने दो जिंदगियां छीन लीं।1
- बिजनौर के धामपुर स्थित नासिर बाबा मजार पर देर रात हुई एक कार्रवाई के बाद सांसद चंद्रशेखर आजाद मौके पर पहुँचे। वहाँ पहुँचने पर उनका रौद्र रूप देखने को मिला। आरोप है कि एक CO ने आजाद पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ तानाशाही दिखाई, जिसका दृश्य एक वीडियो में देखा जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ (रजि. 4845) की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को बिलासपुर के मोहल्ला लक्ष्मी नगर में नगर अध्यक्ष कुलदीप वाल्मीकि के आवास पर आयोजित हुई। इस बैठक में प्रदेश सचिव प्रेम नरेश वाल्मीकि और जिला अध्यक्ष अनिल राज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जिनका फूल-मालाओं और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को उठाना और इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से शीघ्र मुलाकात करना रहा। प्रदेश सचिव प्रेम नरेश वाल्मीकि ने घोषणा की कि प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर एसआई कार्ड जारी कराने, ठेका कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन दिलाने और सभी सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि संगठन कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। जिला अध्यक्ष अनिल राज ने अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी भी सफाई कर्मचारी का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन हर परिस्थिति में कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। इसी बैठक के दौरान प्रदेश सचिव प्रेम नरेश वाल्मीकि के नेतृत्व और जिला अध्यक्ष अनिल राज की संस्तुति पर बिलासपुर नगर कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें अनिल वाल्मीकि को संरक्षक, मुनीश चन्द्र को सह संरक्षक, अरुण राही को नगर उपाध्यक्ष, विकास चौधरी को नगर महामंत्री, बब्लू वाल्मीकि को महासचिव, राजीव राज को नगर प्रभारी, अनुज राज को मुख्य सचिव, कृष्णा श्रीवास्तव को कानूनी सलाहकार, अंकित वाल्मीकि को मीडिया प्रभारी और शिवा रत्नाकर को सोशल मीडिया प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। नवनियुक्त पदाधिकारियों को भी फूल-मालाओं और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया, साथ ही उन्हें संगठन के प्रति निष्ठा और जिम्मेदारी से कार्य करने की शपथ दिलाई गई। बैठक में नवीन कुमार सोनू, परवेश वाल्मीकि, सईद खान, मनोज कुमार, राजू नरेश वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन ने इस दौरान कर्मचारियों के हितों की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया।2