मंगलपुर-झींझक मार्ग पर गड्ढे में पलटा ई-रिक्शा, बाल-बाल बचे सवार मंगलपुर-झींझक मार्ग पर गड्ढे में पलटा ई-रिक्शा, बाल-बाल बचे सवार बारिश के बाद सड़कों पर हुए जलभराव के बीच गुरुवार को मंगलपुर-झींझक मार्ग पर मुडेरा गांव के पास सवारियों से भरा ई-रिक्शा अचानक गहरे गड्ढे में चला गया। गड्ढे में पहिया फंसने से ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। बताया गया कि ई-रिक्शा मंगलपुर से झींझक की ओर जा रहा था। मुडेरा गांव के पास सड़क पर बारिश का पानी भरा होने के कारण करीब एक मीटर गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था। ई-रिक्शा जैसे ही वहां पहुंचा, उसका पहिया गड्ढे में चला गया और वाहन सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद ई-रिक्शा में सवार लोग पानी और कीचड़ में गिर गए। गनीमत रही कि ई-रिक्शा की रफ्तार कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना का वीडियो गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे सोशल मीडिया पर भी सामने आया। स्थानीय लोगों ने सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव को लेकर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभाग से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
मंगलपुर-झींझक मार्ग पर गड्ढे में पलटा ई-रिक्शा, बाल-बाल बचे सवार मंगलपुर-झींझक मार्ग पर गड्ढे में पलटा ई-रिक्शा, बाल-बाल बचे सवार बारिश के बाद सड़कों पर हुए जलभराव के बीच गुरुवार को मंगलपुर-झींझक मार्ग पर मुडेरा गांव के पास सवारियों से भरा ई-रिक्शा अचानक गहरे गड्ढे में चला गया। गड्ढे में पहिया फंसने से ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। बताया गया कि ई-रिक्शा मंगलपुर से झींझक की ओर जा रहा था। मुडेरा गांव के पास सड़क पर बारिश का पानी भरा होने के कारण करीब एक मीटर गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था। ई-रिक्शा जैसे ही वहां पहुंचा, उसका पहिया गड्ढे में चला गया और वाहन सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद ई-रिक्शा में सवार लोग पानी और कीचड़ में गिर गए। गनीमत रही कि ई-रिक्शा की रफ्तार कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना का वीडियो गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे सोशल मीडिया पर भी सामने आया। स्थानीय लोगों ने सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव को लेकर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभाग से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
- कांधी चौकी के सामने आवारा मवेशी से टकराकर बाइक सवार मां-बेटा गंभीर घायल, CHC में कराया गया भर्ती सिकंदरा क्षेत्र में कांधी चौकी के सामने बुधवार रात करीब 9:30 बजे नेशनल हाईवे पर आवारा मवेशी से टकराकर बाइक सवार मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा में भर्ती कराया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. पूजा गोयल ने उपचार शुरू किया। जानकारी के मुताबिक औरैया जनपद के मर्दाना गांव निवासी आशीष कुमार अपनी मां संजू देवी के साथ बाइक से कानपुर जा रहे थे। जैसे ही दोनों कांधी चौकी के सामने नेशनल हाईवे पर पहुंचे, तभी अचानक सड़क पर आवारा मवेशी आ गया। बाइक मवेशी से टकरा गई, जिससे अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में आशीष कुमार और उनकी मां संजू देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलने पर नेशनल हाईवे की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा में भर्ती कराया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. पूजा गोयल ने दोनों का उपचार शुरू किया।1
- कच्ची छत गिरी, महिला मलबे में दबी ग्रामीणों ने फावड़े और हाथों से मिट्टी हटाकर बाहर निकाला कच्ची छत गिरी, महिला मलबे में दबी ग्रामीणों ने फावड़े और हाथों से मिट्टी हटाकर बाहर निकाला कानपुर देहात। राजपुर ब्लॉक क्षेत्र के वैना गांव में बुधवार को एक कच्ची छत गिरने से 32 वर्षीय महिला मलबे में दबकर घायल हो गईं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने महिला को मलबे से बाहर निकाला और उपचार के लिए राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वैना गांव निवासी हरिओम सिंह की पत्नी प्रियंका अपने घर में बिस्तर पर सो रही थीं, तभी अचानक कच्ची छत भरभराकर गिर गई। छत का मलबा गिरने से प्रियंका मिट्टी के नीचे दब गईं। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और फावड़े तथा हाथों की मदद से मिट्टी हटाकर महिला को बाहर निकालने में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने प्रियंका को मलबे से बाहर निकाला। परिजनों की सूचना पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस चालक अंशुल और ईएमटी राजवीर घायल महिला को राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सक डॉ. अनूप द्विवेदी ने उनका उपचार शुरू किया। हादसे के समय प्रियंका का 11 वर्षीय बेटा मोंटी भी अपनी मां के साथ कुछ दूरी पर लेटा हुआ था। गनीमत रही कि वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है। प्रियंका के पति हरिओम सिंह ने बताया कि वह राजपुर के एक निजी स्कूल की गाड़ी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कच्चा मकान होने के बावजूद उन्हें अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। छत गिरने के बाद अब परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। इस मामले में सिकंदरा की एसडीएम ऊषा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना की सूचना मिली है। जांच के लिए लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।4
- मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में संपन्न हुआ किसान दिवस कानपुर देहात। शासन के मंशानुरूप अन्नदाताओं की आय में वृद्धि करने, उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने तथा उन्हें आधुनिक व उन्नत कृषि तकनीकों से आच्छादित करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के तृतीय बुधवार को आयोजित होने वाले 'किसान दिवस' का आयोजन आज विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत व डॉ. खलील खान, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी तथा विभिन्न विकास खंडों से आए प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए समस्त किसान भाइयों से अपील की कि वे अपनी फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से कराएं। उन्होंने कहा कि मौसम की अनिश्चितताओं एवं प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, जलभराव, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि अथवा आकाशीय बिजली से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है और बीमित कृषकों को नियमानुसार समय पर उचित आर्थिक क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही उन्होंने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी, बीज अनुदान एवं यंत्रीकरण योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों से विभागीय योजनाओं से जुड़कर आधुनिक खेती अपनाने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी अधिकारी व कर्मचारी नियमित रूप से क्षेत्र में रहकर किसानों से जीवंत संवाद बनाए रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरक व अन्य कृषि निवेश समय से उपलब्ध कराए जाएं तथा किसी भी दशा में उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री (ओवररेटिंग) न होने पाए। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत ने वर्षा ऋतु एवं अत्यधिक उमस के मौसम में पशु स्वास्थ्य एवं प्रबंधन पर विस्तृत तकनीकी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि इस मौसम में पशुओं में पेट संबंधी विकार, बाह्य व आंतरिक परजीवी संक्रमण तथा खुरपका-मुंहपका एवं गलघोंटू जैसी संक्रामक बीमारियों की आशंका काफी बढ़ जाती है। उन्होंने पशुपालकों को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था रखने, संतुलित आहार के रूप में हरे चारे का वैज्ञानिक अनुपात में उपयोग करने तथा पशुपालन विभाग द्वारा चलाए जा रहे निःशुल्क टीकाकरण अभियानों का शत-प्रतिशत लाभ उठाने की सलाह दी। पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा भी पशुधन विकास, कृत्रिम गर्भाधान, पशु क्रेडिट कार्ड एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने किसानों को खेती की लागत घटाकर शुद्ध आय में वृद्धि करने के व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक उपाय बताए। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य परीक्षण की महत्ता पर बल देते हुए संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जैविक खादों के समावेश तथा समयबद्ध खरपतवार नियंत्रण के तरीके समझाए। खरीफ फसलों, विशेषकर धान में लगने वाले हानिकारक कीटों जैसे पत्ती लपेटक एवं तना छेदक कीट की समय पर पहचान व उनके समन्वित कीट प्रबंधन की तकनीकों पर उन्होंने विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने किसानों को असली व नकली खादों की पहचान करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। डॉ. खान ने आकस्मिक फसल योजना के अंतर्गत परामर्श दिया कि कम वर्षा अथवा मुख्य फसल की बुवाई प्रभावित होने की दशा में किसान खाली खेतों में कम समय में तैयार होने वाली तोरिया की उन्नत खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और अतिरिक्त लाभ अर्जित कर सकते हैं। इसी क्रम में उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव एवं जिला उद्यान अधिकारी सहित अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारियों द्वारा औद्यानिक फसलों, फल-सब्जी उत्पादन, मसाला एवं औषधीय फसलों की खेती, संरक्षित खेती (पॉलीहाउस) तथा सूक्ष्म सिंचाई पद्धति (ड्रिप व स्प्रिंकलर) पर उपलब्ध शासकीय अनुदान व तकनीकी लाभों की विस्तृत रूपरेखा किसानों के समक्ष रखी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने अंत में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार स्थानीय संचार माध्यमों एवं संदेश समूहों के जरिए ग्राम स्तर तक कराया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र किसान को योजनाओं का सीधा व शत-प्रतिशत लाभ प्राप्त हो सके।2
- जसापुर में लाखों की चोरी: नगदी और जेवरात लेकर फरार हुए चोर, CCTV खंगाल रही पुलिस कानपुरदेहात,मंगलपुर थाना क्षेत्र के जसापुर गांव में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए नगदी समेत लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पीड़ित रामजी पुत्र रामनरेश ने मंगलपुर थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि घटना की रात उनके पिता रामनरेश और भाई सूरजन घर के बाहर सो रहे थे, जबकि वह अपनी पत्नी कीर्ति के साथ बरामदे में सो रहे थे। बिजली न होने के कारण घर का पिछला दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं हो सका, जिसका फायदा उठाकर चोर घर में घुस गए। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़कर मंगलसूत्र, ब्रजबाला, बेसर, हाफ पेटी, पायल और 65 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए। सुबह करीब पांच बजे जब परिवार की आंख खुली तो कमरे का सामान बिखरा पड़ा था। बाहर जाकर देखा तो पास स्थित मंदिर के चबूतरे पर एक बैग और कुछ सामान पड़ा मिला, जिससे चोरी की घटना का पता चला। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद थाना मंगलपुर को मामले की जानकारी दी। इसके बाद एसएसआई कमलेश यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और जांच शुरू की। एसएसआई कमलेश यादव ने मंगलवार साढ़े 12 बजे बताया कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है।3
- अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर ने थाना कोतवाली औरैया में “अनुपम वाटिका” का शुभारम्भ अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, कानपुर महोदया द्वारा पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र,कानपुर की गरिमामयी उपस्थिति एवं पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन में थाना कोतवाली औरैया परिसर में नवनिर्मित “अनुपम वाटिका” का फीता काटकर विधिवत शुभारम्भ किया गया। “अनुपम वाटिका” का उद्देश्य पुलिस परिसर को स्वच्छ, हरा-भरा एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान करना तथा पुलिस कर्मियों के लिए शांतिपूर्ण एवं सुखद माहौल उपलब्ध कराना है।2
- काधी चौकी के पास आवारा पशु से टकराई बाइक, मां-बेटे घायल काधी चौकी के पास आवारा पशु से टकराई बाइक, मां-बेटे घायल डेरापुर थाना क्षेत्र में काधी चौकी के समीप बुधवार देर रात सड़क पर घूम रहे आवारा पशु की चपेट में आने से बाइक सवार मां-बेटे हादसे का शिकार हो गए। हादसे में युवक को मामूली चोटें आईं, जबकि पुलिस ने दोनों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया। जानकारी के अनुसार, औरैया जनपद के मर्दाना निवासी आशीष कुमार पुत्र शिवप्रसाद (लगभग 20 वर्ष) अपनी मां संजू देवी (42 वर्ष) के साथ बाइक से औरैया से कानपुर जा रहे थे। इसी दौरान काधी चौकी के पास अचानक सड़क पर घूम रहा गाय का बछड़ा उनकी बाइक से टकरा गया। टक्कर लगते ही बाइक अनियंत्रित हो गई और आशीष कुमार को मामूली चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल एंबुलेंस की मदद से मां-बेटे को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। काधी चौकी इंचार्ज मलोक चंद्र ने गुरुवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे बताया कि मां-बेटे को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया गया था, जहां उनका उपचार किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने से आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से आवारा पशुओं को पकड़वाकर सड़कों से हटाने की मांग की है।1
- मंगलपुर-झींझक मार्ग पर गड्ढे में पलटा ई-रिक्शा, बाल-बाल बचे सवार मंगलपुर-झींझक मार्ग पर गड्ढे में पलटा ई-रिक्शा, बाल-बाल बचे सवार बारिश के बाद सड़कों पर हुए जलभराव के बीच गुरुवार को मंगलपुर-झींझक मार्ग पर मुडेरा गांव के पास सवारियों से भरा ई-रिक्शा अचानक गहरे गड्ढे में चला गया। गड्ढे में पहिया फंसने से ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। बताया गया कि ई-रिक्शा मंगलपुर से झींझक की ओर जा रहा था। मुडेरा गांव के पास सड़क पर बारिश का पानी भरा होने के कारण करीब एक मीटर गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था। ई-रिक्शा जैसे ही वहां पहुंचा, उसका पहिया गड्ढे में चला गया और वाहन सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद ई-रिक्शा में सवार लोग पानी और कीचड़ में गिर गए। गनीमत रही कि ई-रिक्शा की रफ्तार कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना का वीडियो गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे सोशल मीडिया पर भी सामने आया। स्थानीय लोगों ने सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव को लेकर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभाग से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।1
- कानपुर देहात के कांधी में आवारा पशु की चपेट में आए मां-बेटे, बाइक से टकराया बछड़ा पत्रकार आशू श्रीवास्तव कानपुर देहात के डेरापुर क्षेत्र के कांधी में आवारा पशु की चपेट में आने से बाइक सवार मां-बेटे हादसे का शिकार हो गए। हादसे में युवक को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, औरैया जनपद के मर्दाना निवासी आशीष कुमार पुत्र शिवप्रसाद (लगभग 20 वर्ष) अपनी मां संजू देवी (42 वर्ष) के साथ बाइक से औरैया से कानपुर जा रहे थे। इसी दौरान काधी चौकी के समीप सड़क पर घूम रहा गाय कानपुर बछड़ा अचानक उनकी बाइक से टकरा गया। टक्कर लगने से बाइक अनियंत्रित हो गई और आशीष कुमार को मामूली चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल एंबुलेंस बुलाकर मां-बेटे को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा में भर्ती किया अस्पताल में मौजूद चिकित्सक पूजा गोयल ने दोनों का उपचार शुरू किया स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में आवारा पशुओं के सड़कों पर घूमने से हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से आवारा पशुओं को पकड़वाने और सड़क पर उनकी आवाजाही रोकने की मांग की है।1